₹07 हजार के लेन-देन में प्रीतम उर्फ गोलू की हत्या, 72 घंटे में फलका पुलिस ने किया खुलासा; तीन आरोपी गिरफ्तार कटिहार के फलका थाना क्षेत्र के गोपालपट्टी गांव निवासी ई-रिक्शा चालक किशोर प्रीतम कुमार उर्फ गोलू हत्याकांड का फलका पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर दिया है। पुलिस ने मामले में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की वजह पूर्व के करीब 07 हजार रुपये के लेन-देन का विवाद सामने आया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही और पूछताछ के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। मामले की जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2, कटिहार सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि 7 अगस्त की देर रात गोपालपट्टी निवासी नीलम देवी के पुत्र प्रीतम कुमार उर्फ गोलू के घर वापस नहीं लौटने की सूचना फलका पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल खोजबीन शुरू की। इस दौरान मांगनपट्टी जाने वाली पक्की सड़क के किनारे प्रीतम का ई-रिक्शा लावारिस हालत में बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस टीम ने आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया। खोजबीन के दौरान बभनी बहियार स्थित धान के खेत से प्रीतम उर्फ गोलू का शव बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, शव के हाथ-पैर बंधे हुए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और परिजनों में मातम का माहौल था। मृतक की मां नीलम देवी के आवेदन पर फलका थाना कांड संख्या 198/26, दिनांक 07 अगस्त 2026 को बीएनएस की धारा 103(1)/238 के तहत अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कटिहार पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2 सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने एफएसएल टीम, डॉग स्क्वायड, एसटीएफ एसओजी-2 और जिला डीआईयू के तकनीकी सहयोग से जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से अनुसंधान करते हुए तीन संदिग्धों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने दिलीप कुमार, दीपक कुमार, दोनों पिता वीरो मंडल, तथा साजन कुमार पिता छट्टु मंडल, सभी निवासी सोहथा, थाना फलका, जिला कटिहार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने पूर्व के पैसे के लेन-देन के विवाद को लेकर अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर प्रीतम की हत्या करने तथा शव को छिपाने की नीयत से धान के खेत में फेंकने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान के लिए पूछताछ जारी है और उनकी गिरफ्तारी को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी दिलीप कुमार का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके खिलाफ फलका थाना कांड संख्या 95/25, दिनांक 12 अगस्त 2025, बीएनएस की धारा 140(2) के तहत मामला दर्ज है। हत्या के पीछे महज 07 हजार रुपये के लेन-देन का विवाद सामने आने से इलाके के लोग भी स्तब्ध हैं। वहीं, पुलिस द्वारा घटना के 72 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।।
₹07 हजार के लेन-देन में प्रीतम उर्फ गोलू की हत्या, 72 घंटे में फलका पुलिस ने किया खुलासा; तीन आरोपी गिरफ्तार कटिहार के फलका थाना क्षेत्र के गोपालपट्टी गांव निवासी ई-रिक्शा चालक किशोर प्रीतम कुमार उर्फ गोलू हत्याकांड का फलका पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर दिया है। पुलिस ने मामले में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की वजह पूर्व के करीब 07 हजार रुपये के लेन-देन का विवाद सामने आया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही और पूछताछ के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। मामले की जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2, कटिहार सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि 7 अगस्त की देर रात गोपालपट्टी निवासी नीलम देवी के पुत्र प्रीतम कुमार उर्फ गोलू के घर वापस नहीं लौटने की सूचना फलका पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल खोजबीन शुरू की। इस दौरान मांगनपट्टी जाने वाली पक्की सड़क के किनारे प्रीतम का ई-रिक्शा लावारिस हालत में बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस टीम ने आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया। खोजबीन के दौरान बभनी बहियार स्थित धान के खेत से प्रीतम उर्फ गोलू का शव बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, शव के हाथ-पैर बंधे हुए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और परिजनों में मातम का माहौल था। मृतक की मां नीलम देवी के आवेदन पर फलका थाना कांड संख्या 198/26, दिनांक 07 अगस्त 2026 को बीएनएस की धारा 103(1)/238 के तहत अज्ञात
आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कटिहार पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2 सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने एफएसएल टीम, डॉग स्क्वायड, एसटीएफ एसओजी-2 और जिला डीआईयू के तकनीकी सहयोग से जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से अनुसंधान करते हुए तीन संदिग्धों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने दिलीप कुमार, दीपक कुमार, दोनों पिता वीरो मंडल, तथा साजन कुमार पिता छट्टु मंडल, सभी निवासी सोहथा, थाना फलका, जिला कटिहार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने पूर्व के पैसे के लेन-देन के विवाद को लेकर अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर प्रीतम की हत्या करने तथा शव को छिपाने की नीयत से धान के खेत में फेंकने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान के लिए पूछताछ जारी है और उनकी गिरफ्तारी को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी दिलीप कुमार का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके खिलाफ फलका थाना कांड संख्या 95/25, दिनांक 12 अगस्त 2025, बीएनएस की धारा 140(2) के तहत मामला दर्ज है। हत्या के पीछे महज 07 हजार रुपये के लेन-देन का विवाद सामने आने से इलाके के लोग भी स्तब्ध हैं। वहीं, पुलिस द्वारा घटना के 72 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।।
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898 गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- कटिहार सदर अस्पताल: सुपरवाइजर ईशा कुमारी की नाक के नीचे जीविका कर्मियों की खुली मनमानी, ड्यूटी छोड़कर सोने और वीडियो कॉल में मगन दिनांक: 12 अगस्त 2026 दिन: बुधवार समय: दोपहर 3:00 बजे स्थान: कंगारू रूम के अंदर, कटिहार सदर अस्पताल "इस वक्त हम सीधे ग्राउंड जीरो यानी कटिहार सदर अस्पताल के कंगारू रूम के अंदर मौजूद हैं। तस्वीरों में आप साफ देख सकते हैं कि किस तरह जीविका कर्मी ड्यूटी टाइम में अपने काम को ताक पर रखकर आराम से सो रही हैं और मोबाइल पर वीडियो कॉल में मगन हैं। जब इन्हें काम के लिए कहा गया, तब भी ये घंटों अपनी जगह से नहीं हिलीं, जिससे आम जनता का काम पूरी तरह ठप पड़ा रहा।" सबसे बड़ा सवाल: सुपरवाइजर ईशा कुमारी के रहते इतनी बड़ी लापरवाही कैसे? अस्पताल परिसर में जीविका कर्मियों की यह करतूत हैरान करने वाली है। सबसे बड़ा और कड़ा सवाल यह उठता है कि जब विभाग की सुपरवाइजर ईशा कुमारी खुद मौजूद हैं, तो उनकी देखरेख और मौजूदगी के बावजूद जीविका कर्मचारी इतनी बड़ी गलती और लापरवाही कैसे कर रही हैं? क्या सुपरवाइजर महोदया की अनदेखी के कारण इन कर्मियों के हौ इतने बुलंद हो चुके हैं कि इन्हें किसी का डर नहीं रहा? हमारा सीधा सवाल सुपरवाइजर ईशा कुमारी और प्रशासन से है—आखिरी इन लापरवाह कर्मियों पर कब और क्या कड़ा एक्शन लिया जाएगा1
- भाई प्रशांत किशोर ने बांकीपुर में अपने विधानसभा इलाके के युवाओं को नौकरी देने की जो घोषणा की है वह आने वाले समय में एक मिसाल बनेगी! जिस तरह विधायक बनने के बाद ऐसी घोषणा कर नया पैमाना सेट करने की कोशिश की है वह उनके लिए भी आसान नहीं होगा लेकिन यह आने वाले समय में तमाम एमपी और विधायकों के लिए भी नया मानक बनेगा जो फिलहाल स्वागत समारोह में शामिल होकर माला पहनने भर को अपनी जिमेदारी समझते हैं! उम्मीद कीजिये की प्रशांत किशोर अपने मिशन में सफल हो! क्योंकि अगर यह सफल हुए तो इसका पॉजिटिव असर सभी जगह दिखेगा! . . . . . #viralvideo #shortsvideo #yt #foryou #ErAbdulHannanShorts #ErAbdulHannan #ErAbdulHannanVlogs #realAbdulHannan #shorts #short #trending1
- आप साथ आप सभी का विकास जय हिन्द जय भारत क्यों कि सरकार कोई काम नहीं कर रहा है आप सभी लोग हमारे साथ दीजिये हमारी मांगे पूरी करो बटेश्वर स्थान से बाखरपुर तक रिंगबंध आंदोलन चलाया जाए जय हिन्द जय भारत1
- मध्य विद्यालय बेनेली स्कूल प्रखंड कस्बा जिला एंजेला पूर्णिया मध्य विद्यालय बेनेली स्कूल प्रखंड कस्बा जिला पूर्णिया1
- दोनो हाथ नहीं लेकिन पैरों से लिखकर करती है पढ़ाई,अनोखी मिशाल बनी लक्ष्मी कटिहार से हौसले और जज्बे की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो हर किसी को प्रेरणा देने वाली है। जन्म से ही दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद 13 वर्षीय लक्ष्मी ने पढ़ाई के लिए अपनी शारीरिक चुनौतियों को कभी आड़े नहीं आने दिया। पैरों की उंगलियों के बीच पेन पकड़कर लिखना सीखा और अब वह पढ़-लिखकर शिक्षक बनने का सपना देख रही है। कटिहार के हसनगंज प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय भतोरिया की कक्षा चार में पढ़ने वाली लक्ष्मी अपनी मेहनत और लगन से स्कूल के दूसरे बच्चों के लिए भी मिसाल बन गई है। दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद लक्ष्मी नियमित रूप से स्कूल आती है और दूसरे बच्चों की तरह पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी हिस्सा लेती है। लक्ष्मी ने अपने पैरों को ही अपने हाथों का सहारा बनाया है। वह पैरों की उंगलियों के बीच पेन पकड़कर लिखती है और स्कूल में दिए जाने वाले पढ़ाई के कार्य को पूरा करने की पूरी कोशिश करती है। लक्ष्मी का कहना है कि उसे पढ़ने का बहुत शौक है और वह पढ़-लिखकर भविष्य में शिक्षक बनना चाहती है। स्कूल की शिक्षिका रिंकू कुमारी के मुताबिक, लक्ष्मी दूसरे बच्चों की तरह ही पढ़ाई करती है। उसे जो भी टास्क दिया जाता है, वह उसे पूरा करने का प्रयास करती है। शिक्षकों का कहना है कि सरकार की ओर से लक्ष्मी को जरूरी सहायता और सुविधाएं मिलें, तो उसका भविष्य और बेहतर हो सकता है। वहीं, विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल में सभी बच्चों को समान रूप से शिक्षा दी जाती है। लक्ष्मी के दोनों हाथ नहीं हैं, लेकिन उसकी पढ़ाई के प्रति लगन काबिल-ए-तारीफ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी स्कूल पहुंचकर उसकी जांच की थी और उसे 100 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाणपत्र दिया गया है। लक्ष्मी की मां रेणु देवी बताती हैं कि जब बेटी का जन्म हुआ था, तब कुछ लोगों ने उसे छोड़ देने तक की सलाह दी थी। लेकिन परिवार ने ऐसा नहीं किया। मजदूरी करके परिवार बेटी की पढ़ाई का खर्च उठा रहा है और चाहता है कि लक्ष्मी पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ी हो सके। मामले को लेकर हसनगंज के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आयुष भारद्वाज ने बताया कि सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूल पहुंचकर बच्ची की जांच की है। विभाग की ओर से जो भी संभव सहायता होगी, उसे उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। कटिहार की लक्ष्मी ने यह साबित कर दिया है कि मंजिल पाने का जज्बा हो तो शारीरिक चुनौतियां भी हौसले को नहीं रोक सकतीं। दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद पैरों से लिखकर पढ़ाई कर रही लक्ष्मी आज उन तमाम बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो छोटी-छोटी मुश्किलों के सामने हार मान लेते हैं।1
- खुदना गांव में अवैध हथियार के साथ एक आरोपी गिरफ्तार, देशी कट्टा व जिंदा कारतूस बरामद1