बच्चों के व्यवहार और विकास संबंधी समस्याओं के उपचार के क्षेत्र में कार्यरत बटरफ्लाई लर्निंग्स ने गुरुग्राम में अपना पहला एनसीआर सेंटर शुरू किया है। इस नए सेंटर के माध्यम से ऑटिज्म, स्पीच एवं लैंग्वेज डिले, डेवलपमेंटल डिले और लर्निंग डिसएबिलिटी से जूझ रहे बच्चों को एक ही स्थान पर थेरेपी, शिक्षा और शुरुआती स्क्रीनिंग की सुविधा दी जाएगी। यह केंद्र विशेष रूप से 2 से 10 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें बोलने में देरी, संवाद स्थापित करने में कठिनाई, आँखों से संपर्क न बनाना, सामाजिक व्यवहार में कमी, अत्यधिक सक्रियता, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी या बार-बार एक जैसा व्यवहार करने जैसी समस्याएं होती हैं। इस केंद्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को अलग-अलग विशेषज्ञों और थेरेपी सेंटरों के चक्कर लगाने से बचाना है, ताकि बच्चों के उपचार की निरंतरता प्रभावित न हो। यहाँ बच्चों के लिए एप्लाइड बिहेवियर एनालिसिस (ABA) थेरेपी, स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, डेवलपमेंटल असेसमेंट और एकीकृत स्कूली शिक्षा (BLISS) जैसी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी। BLISS मॉडल के तहत थेरेपी और स्कूली शिक्षा को एक साथ जोड़कर बच्चों के संचार कौशल, व्यवहार, शैक्षणिक विकास, खेलकूद और दैनिक जीवन के कौशलों पर समग्र रूप से काम किया जाएगा। बटरफ्लाई लर्निंग्स की संस्थापक एवं क्लीनिकल डायरेक्टर डॉ. सोनम कोठारी ने बताया कि प्रत्येक बच्चे का मूल्यांकन मानकीकृत परीक्षणों के आधार पर किया जाता है और उसकी जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है। अभिभावकों को मोबाइल ऐप के माध्यम से बच्चे की प्रगति की नियमित जानकारी भी दी जाती है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम केंद्र के माध्यम से संस्था ने एनसीआर में शुरुआत की है और भविष्य में इस नेटवर्क का विस्तार करने की योजना है। वर्तमान में बटरफ्लाई लर्निंग्स देश के 10 से अधिक शहरों में 80 से अधिक केंद्रों का संचालन कर रही है और अब तक 10,000 से अधिक बच्चों को सेवाएं प्रदान कर चुकी है।
बच्चों के व्यवहार और विकास संबंधी समस्याओं के उपचार के क्षेत्र में कार्यरत बटरफ्लाई लर्निंग्स ने गुरुग्राम में अपना पहला एनसीआर सेंटर शुरू किया है। इस नए सेंटर के माध्यम से ऑटिज्म, स्पीच एवं लैंग्वेज डिले, डेवलपमेंटल डिले और लर्निंग डिसएबिलिटी से जूझ रहे बच्चों को एक ही स्थान पर थेरेपी, शिक्षा और शुरुआती स्क्रीनिंग की सुविधा दी जाएगी। यह केंद्र विशेष रूप से 2 से 10 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें बोलने में देरी, संवाद स्थापित करने में कठिनाई, आँखों से संपर्क न बनाना, सामाजिक व्यवहार में कमी, अत्यधिक सक्रियता, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी या बार-बार एक जैसा व्यवहार करने जैसी समस्याएं होती हैं। इस केंद्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को अलग-अलग विशेषज्ञों और थेरेपी सेंटरों के चक्कर लगाने से बचाना है, ताकि बच्चों के उपचार की निरंतरता प्रभावित न हो। यहाँ बच्चों के लिए एप्लाइड बिहेवियर एनालिसिस (ABA) थेरेपी, स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, डेवलपमेंटल असेसमेंट और एकीकृत स्कूली शिक्षा (BLISS) जैसी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी। BLISS मॉडल के तहत थेरेपी और स्कूली शिक्षा को एक साथ जोड़कर बच्चों के संचार कौशल, व्यवहार, शैक्षणिक विकास, खेलकूद और दैनिक जीवन के कौशलों पर समग्र रूप से काम किया जाएगा। बटरफ्लाई लर्निंग्स की संस्थापक एवं क्लीनिकल डायरेक्टर डॉ. सोनम कोठारी ने बताया कि प्रत्येक बच्चे का मूल्यांकन मानकीकृत परीक्षणों के आधार पर किया जाता है और उसकी जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है। अभिभावकों को मोबाइल ऐप के माध्यम से बच्चे की प्रगति की नियमित जानकारी भी दी जाती है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम केंद्र के माध्यम से संस्था ने एनसीआर में शुरुआत की है और भविष्य में इस नेटवर्क का विस्तार करने की योजना है। वर्तमान में बटरफ्लाई लर्निंग्स देश के 10 से अधिक शहरों में 80 से अधिक केंद्रों का संचालन कर रही है और अब तक 10,000 से अधिक बच्चों को सेवाएं प्रदान कर चुकी है।
- गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर स्थित मोहम्मदपुर के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार (आईपीएस) के दिशा-निर्देशों तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त फरीदाबाद एवं ब्यूरो के पुलिस उप-महानिरीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा (आईपीएस) के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। विद्यालय के प्राचार्य राधाकृष्ण पंवार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उपनिरीक्षक डॉक्टर अशोक कुमार वर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। संबोधन के दौरान मुख्य वक्ता डॉक्टर अशोक कुमार वर्मा ने अत्यंत संवेदनशील और प्रभावी लहजे में विद्यार्थियों से कहा कि यदि नशा अच्छा होता, तो माता-पिता खुद इसे लेने की सलाह देते। युवाओं को सचेत करते हुए उन्होंने कहा कि नशा शौक से आरम्भ होता है और इसका अंत शोक पर होता है, इन दोनों शब्दों में केवल एक मात्रा का ही अंतर है। उन्होंने आगे कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए भारतीय बल पूरी तरह सक्षम हैं, लेकिन जागरूकता के अभाव में नशा कारोबारी अपने स्वार्थ के लिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं, जिसे बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता। विद्यालय के प्राचार्य राधाकृष्ण पंवार और उप-प्राचार्य पवन कुमार ने ब्यूरो के इस जनहितकारी अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करते हैं। इस कार्यक्रम में विद्यालय के 451 छात्र-छात्राओं और 30 शिक्षकों ने हिस्सा लिया और अंत में नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि नशे की बिक्री, तस्करी या सेवन से जुड़ी किसी भी सूचना के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1933 या 9050891508 पर संपर्क करें, जहां सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।1
- दिल्ली के सदर बाजार में अखाड़े के पास थोड़ी सी बारिश के बाद ही भारी जलजमाव हो गया है, जिससे वहां बेहद बुरा हाल है। बारिश का पानी गलियों और लोगों की दुकानों के भीतर तक पहुंच गया है। इस समस्या को देखते हुए प्रशासन की टीम मौके पर सक्रिय है और मोटर लगाकर पानी को बाहर निकालने के काम में जुटी हुई है।1
- दिल्ली में करीब 30 साल से लंबित एक बड़े फैसले को हमारी भाजपा सरकार ने आगे बढ़ाया है। इसके तहत, 5,000 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को संरक्षित वन (Protected Forest) घोषित किया गया है। भाजपा सरकार के इस फैसले के बाद, अब अगले तीन वर्षों में इस रिज को और अधिक हरा-भरा बनाकर दिल्ली के ‘ग्रीन लंग्स’ के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि #ViksitDelhi का संकल्प पूरा हो सके।1
- अयोध्या और श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर देश की सियासत एक बार फिर से गर्मा गई है। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में अखिलेश यादव के बयान, उस पर उठ रहे सवालों और विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को लेकर बहस तेज हो गई है। झूठ के खिलाफ जंग का दावा करने वाले चैनल 'एसभारतन्यूज' ने इस मुद्दे पर सीधे तौर पर अखिलेश यादव को घेरते हुए सवाल उठाया है कि अगर वे धर्म की बात करते हैं, तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि के गंभीर विषय पर चुप्पी क्यों साध लेते हैं?1
- साउथ दिल्ली के महरौली में योद्धा और युद्ध की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण बात कही गई है। इसके अनुसार, युद्ध के मैदान में कोई भी योद्धा असल में युद्ध से नहीं हारता, बल्कि वह अपने भीतर के डर के कारण हार जाता है। इसलिए, युद्ध में विजय पाने के लिए सबसे पहले अपने मन से डर को बाहर निकालना आवश्यक है; डर खत्म होते ही युद्ध में जीत तय हो जाती है।1
- दक्षिण पश्चिम दिल्ली के कापसहेड़ा में पूर्व नगर निगम पार्षद प्रदीप दहिया का 40वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया है।1
- दिल्ली के द्वारका में बेहतर शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी की उपस्थिति में दिल्ली सरकार, आईजीएल (IGL) और एहसास (EHSAAS) के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत दिल्ली के CM SHRI स्कूलों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम (Rainwater Harvesting Systems) स्थापित किए जाएंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जल संरक्षण, पर्यावरण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) के प्रति जागरूक बनाना है। इस प्रयास के जरिए आने वाली पीढ़ी को जिम्मेदार और पर्यावरण के प्रति सचेत नागरिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।1
- गुरुग्राम के अशोक विहार में नियमों को ताक पर रखकर बिना एनओसी (NOC) के 6-7 मंजिला इमारत का धड़ल्ले से निर्माण किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की जान खतरे में पड़ गई है। इस लापरवाही का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि निर्माण स्थल से किस तरह भारी ईंटें और कंस्ट्रक्शन का सामान नीचे गिर रहा है। इस खतरनाक हादसे में वहाँ रह रहे लोग बेहद बाल-बाल बचे हैं। इलाके के लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इस बहुमंजिला इमारत में पहले भी आग लगने की घटना हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन पूरी तरह मौन साधे बैठा है। गुरुग्राम प्रशासन पर सीधे तौर पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं कि वह दिल्ली जैसे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। लोगों का पूछना है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही अधिकारियों की नींद खुलेगी? इस असुरक्षित निर्माण के खिलाफ आवाज उठाने और इसे रोकने के लिए अधिकारियों तक बात पहुँचाने की माँग की जा रही है।1