5 अगस्त तक तैयार करें छात्रवृत्ति योजनाओं का मास्टर डाटा : जिला समाज कल्याण अधिकारी कुशीनगर समाज कल्याण अधिकारी रामाशंकर यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष/शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के पूर्वदशम (कक्षा 9-10) एवं दशमोत्तर (कक्षा 11-12) छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भुगतान के लिए समय-सारिणी निर्धारित की गई है। उन्होंने जनपद के समस्त विद्यालयों एवं छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार 05 अगस्त 2026 तक छात्रवृत्ति योजनाओं का मास्टर डाटा तैयार करना प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करें, जिससे छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण कर पात्र छात्र-छात्राओं को निर्धारित समय पर छात्रवृत्ति का लाभ उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विद्यालयों से अपील की है कि निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करते हुए आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन एवं मास्टर डाटा तैयार करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें, ताकि किसी भी पात्र छात्र-छात्रा को छात्रवृत्ति से वंचित न होना पड़े। 5 अगस्त तक तैयार करें छात्रवृत्ति योजनाओं का मास्टर डाटा : जिला समाज कल्याण अधिकारी कुशीनगर समाज कल्याण अधिकारी रामाशंकर यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष/शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के पूर्वदशम (कक्षा 9-10) एवं दशमोत्तर (कक्षा 11-12) छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भुगतान के लिए समय-सारिणी निर्धारित की गई है। उन्होंने जनपद के समस्त विद्यालयों एवं छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार 05 अगस्त 2026 तक छात्रवृत्ति योजनाओं का मास्टर डाटा तैयार करना प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करें, जिससे छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण कर पात्र छात्र-छात्राओं को निर्धारित समय पर छात्रवृत्ति का लाभ उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विद्यालयों से अपील की है कि निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करते हुए आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन एवं मास्टर डाटा तैयार करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें, ताकि किसी भी पात्र छात्र-छात्रा को छात्रवृत्ति से वंचित न होना पड़े।
5 अगस्त तक तैयार करें छात्रवृत्ति योजनाओं का मास्टर डाटा : जिला समाज कल्याण अधिकारी कुशीनगर समाज कल्याण अधिकारी रामाशंकर यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष/शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के पूर्वदशम (कक्षा 9-10) एवं दशमोत्तर (कक्षा 11-12) छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भुगतान के लिए समय-सारिणी निर्धारित की गई है। उन्होंने जनपद के समस्त विद्यालयों एवं छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार 05 अगस्त 2026 तक छात्रवृत्ति योजनाओं का मास्टर डाटा तैयार करना प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करें, जिससे छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण कर पात्र छात्र-छात्राओं को निर्धारित समय पर छात्रवृत्ति का लाभ उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विद्यालयों से अपील की है कि निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करते हुए आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन एवं मास्टर डाटा तैयार करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें, ताकि किसी भी पात्र छात्र-छात्रा को छात्रवृत्ति से वंचित न होना पड़े। 5 अगस्त तक तैयार करें छात्रवृत्ति योजनाओं का मास्टर डाटा : जिला समाज कल्याण अधिकारी कुशीनगर समाज कल्याण अधिकारी रामाशंकर यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष/शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के पूर्वदशम (कक्षा 9-10) एवं दशमोत्तर (कक्षा 11-12) छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भुगतान के लिए समय-सारिणी निर्धारित की गई है। उन्होंने जनपद के समस्त विद्यालयों एवं छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार 05 अगस्त 2026 तक छात्रवृत्ति योजनाओं का मास्टर डाटा तैयार करना प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करें, जिससे छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण कर पात्र छात्र-छात्राओं को निर्धारित समय पर छात्रवृत्ति का लाभ उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विद्यालयों से अपील की है कि निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करते हुए आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन एवं मास्टर डाटा तैयार करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें, ताकि किसी भी पात्र छात्र-छात्रा को छात्रवृत्ति से वंचित न होना पड़े।
- *हाटा तहसील में लगभग 100 एकड़ सरकारी भूमि चिन्हित, फर्जी इंद्राज हटाकर विकास परियोजनाओं के लिए होगा उपयोग* कुशीनगर*हाटा तहसील में लगभग 100 एकड़ सरकारी भूमि चिन्हित, फर्जी इंद्राज हटाकर विकास परियोजनाओं के लिए होगा उपयोग* *जिलाधिकारी ने ग्राम पट्टन व सोनबरसा में संभावित परियोजना स्थल का किया निरीक्षण, अभिलेखों की जांच एवं सीमांकन के दिए निर्देश* जनपद के विकास को गति देने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए तहसील हाटा के ग्राम पट्टन एवं ग्राम सोनबरसा में लगभग 100 एकड़ सरकारी भूमि चिन्हित की है। इस भूमि से फर्जी इंद्राज हटाकर पुनः सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे भविष्य में शासन की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के लिए इसका उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इसी क्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने आज ग्राम पट्टन स्थित गाटा संख्या-59मि एवं गाटा संख्या-8 (कुल लगभग 78 एकड़) तथा ग्राम सोनबरसा स्थित गाटा संख्या-156 (लगभग 21 एकड़) का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अवगत कराया गया कि पूर्व में एक प्रकरण की जांच में यह तथ्य सामने आया था कि ग्राम पट्टन की उक्त भूमि का अधिकांश भाग वर्तमान में भूमिधरी के रूप में प्रयोग किया जा रहा है, जबकि वर्ष 1323 फसली बंदोबस्त के अभिलेखों में दोनों गाटे धूस (सरकारी भूमि) के रूप में दर्ज थे। वहीं ग्राम सोनबरसा का गाटा संख्या-156 वर्तमान में खाली है तथा अभिलेखों में धूस के नाम से दर्ज है। मामले की विस्तृत जांच कर फर्जी इंद्राज निरस्त कराने तथा भूमि को पुनः धूस के रूप में दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान भूमि की वर्तमान स्थिति, ड्रोन सर्वे, सीमांकन, अभिलेखीय विवरण एवं उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि से जुड़े सभी राजस्व अभिलेखों का गहन परीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाए, ताकि शासन स्तर पर प्रस्तावित विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि यह भूमि प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए उपयुक्त पाई जाती है, तो इससे क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी तथा स्थानीय नागरिकों को रोजगार, आधारभूत सुविधाओं एवं अन्य विकासात्मक योजनाओं का व्यापक लाभ प्राप्त होगा। निरीक्षण के दौरान राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।3
- आई कैन न्यूज /पडरौना, कुशीनगर l अंदर-अंदर जाना है, खूबसूरत अंडरपास हमारा है, यह धरती पडरौना की है, विकास का गुणगान करना हमारा है। जिस देश में गंगा बहती है, वह पडरौना का अंडरपास हमारा है! विकास दिखे या न दिखे, उसकी तस्वीर दिखाना हमारा काम है; पडरौना की मिट्टी से जुड़े हैं हम, विकास की गाथा गाना हमारा पैदाइशी काम है! 😄 पडरौना बढ़े, आगे बढ़े— यही हमारा सपना, यही हमारा अभिमान है। 🙏1
- देवरिया में निपुण संकल्प कार्यशाला, शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण देवरिया। बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिले में निपुण संकल्प कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों और NIPUN Plus App के उपयोग की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि कैच-अप शिक्षण और पठन संस्कृति को बढ़ावा देकर बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार किया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों से हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों ने प्रत्येक बच्चे को बेहतर शिक्षा देने का संकल्प लिया।1
- एक ही परिवार की तीन मासूम बच्चियों की डूबने से मौत करीब 12 घंटे तक चले तलाश अभियान एक ही परिवार की तीन मासूम बच्चियों की डूबने से मौत कुशीनगर थाना नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के दुबौली गांव के समीप सिधरिया ड्रेन में शुक्रवार शाम हुए दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार की तीन मासूम बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। करीब 12 घंटे तक चले तलाश अभियान के बाद शनिवार सुबह ग्रामीणों ने तीनों के शव बरामद किए। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार दुबौली गांव निवासी शंभू की पुत्रियां सपना (10) और छोटी (8) तथा रंजीत की पुत्री कुंचन (12) शुक्रवार शाम खेत से घास काटकर घर लौट रही थीं। रास्ते में बभनौली गांव के समीप स्थित सिधरिया ड्रेन की पुलिया पर तीनों कुछ देर के लिए रुकीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और तीनों पुलिया से नीचे तेज बहाव वाली ड्रेन में जा गिरीं। देखते ही देखते तीनों पानी की तेज धारा में समा गईं। घटना के समय साथ मौजूद सपना का छोटा भाई कलुआ (10) शोर मचाते हुए गांव की ओर दौड़ा और ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण, मछुआरे और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए।रातभर चला एनडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन, सुबह ग्रामीणों ने बरामद किए शव सूचना मिलने पर सदर एसडीएम राजीव निगम, तहसीलदार अभिषेक मिश्र, क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह तथा सदर विधायक मनीष जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि घटनास्थल पर पहुंचे। करीब तीन घंटे बाद एनडीआरएफ की दो टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थानीय पुलिस व ग्रामीणों के सहयोग से देर रात करीब एक बजे तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद अभियान रोक दिया गया।शनिवार सुबह एनडीआरएफ टीम के पहुंचने से पहले ही दर्जनों ग्रामीण स्वयं ड्रेन में उतर गए और करीब एक घंटे की खोजबीन के बाद तीनों बच्चियों के शव बरामद कर लिए। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की।एक साथ तीन बेटियों की मौत से गांव में पसरा मातम शव मिलने के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घर पर चीख-पुकार मच गई और परिजनों को सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार से मिलकर हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया।1