एक जिला एक उत्पादन नीति - राजस्थान के उत्पाद विश्व पटल पर बना रहे विशिष्ट पहचान *उद्यमिता को मिल रहा बढ़ावा, गांवों में रोजगार के नए अवसर* जयपुर, 31 मार्च। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार स्थानीय विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में एक जिला एक उत्पाद नीति-2024 के माध्यम से राजस्थान के प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया जा रहा है। यह नीति स्थानीय उत्पादों, कारीगरों और उद्यमियों को सशक्त बनाते हुए प्रदेश में रोजगार और आर्थिक विकास को नई गति दे रही है। *स्थानीय विकास से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार* प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए हर गाँव, तहसील और जिले के समग्र स्थानीय विकास पर जोर दिया है। उनके अनुसार वोकल फॉर लोकल, सबका साथ-सबका विकास से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। ओडीओपी नीति के माध्यम से लोकल से ग्लोबल का सपना साकार हो रहा है और राजस्थान के उत्पाद विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। इस नीति के तहत राज्य के प्रत्येक जिले में उत्पाद का चयन किया गया है, जिससे स्थानीय संसाधनों और कौशल का बेहतर उपयोग हो सके। साथ ही, प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान को संरक्षित रखते हुए प्रमुख उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाएं। इस नीति के माध्यम से गांवों में उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है तथा उद्यमियों को तकनीकी सहयोग, वित्तीय सहायता और बाजार तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। नीति के अंतर्गत उद्योगों को मार्जिन मनी अनुदान, एडवांस टेक्नोलोजी और सॉफ्टवेयर खरीदने, क्वालिटी सर्टिफिकेशन व आईपीआर, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने पर पुनर्भरण सहायता प्राप्त होगी। *उद्यमियों को दी जा रही व्यापक वित्तीय एवं तकनीकी सहायता* राज्य सरकार द्वारा उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए व्यापक वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में इस नीति के तहत नए लघु एवं सूक्ष्म ओडीओपी उद्यम स्थापित करने के लिए परियोजना लागत का अधिकतम 25 प्रतिशत (अधिकतम 25 लाख रुपये) तक मार्जिन मनी सब्सिडी देय है। साथ ही, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के तकनीकी उन्नयन के लिए नवीनतम तकनीक एवं सॉफ्टवेयर के अधिग्रहण पर 50 प्रतिशत तक (अधिकतम 5 लाख रुपये) की वित्तीय सहायता का प्रावधान है। एक जिला-एक उत्पाद नीति में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्रों और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर किए गए खर्चों के लिए 3 लाख रुपये तक 75 प्रतिशत पुनर्भरण का प्रावधान है। साथ ही, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर शामिल होने के लिए दो साल तक प्रति वर्ष 1 लाख रुपये तक 75 प्रतिशत पुनर्भरण भी देय है। टेक्नोलॉजिकल अपग्रेडेशन को बढ़ावा देने के लिए मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय संस्थानों से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी या सॉफ्टवेयर खरीद पर 5 लाख रुपये तक 50 प्रतिशत सब्सिडी मुहैया कराई जाती है। इस नीति के तहत उद्यमियों को कैटलॉगिंग सेवाओं और ई-कॉमर्स वेबसाइटों के डवलपमेंट के लिए 60 प्रतिशत और अधिकतम 75 हजार तक सहायता देकर डिजिटल मार्केट के विस्तार में सहयोग दिया जा रहा है। जिससे उत्पादों की ब्रांडिंग हो सके, साथ ही, बाजार तक बहुत सुनिश्चित हो। वित्तीय प्रोत्साहन, टेक्नोलॉजिकल सपोर्ट और मार्केट विस्तार जैसे पहलों के माध्यम से यह नीति जिला स्तर के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। इस नीति के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश में उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है। अब तक अनेक लाभार्थियों सहायता राशि वितरित की जा चुकी है, जिससे उद्यमों की स्थापना, विपणन सुदृढ़ीकरण एवं उत्पादक इकाइयों के उन्नयन को प्रोत्साहन मिला है। नीति के तहत मार्जिन मनी सहायता में सर्वाधिक निवेश हुआ है, वहीं मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, गुणवत्ता प्रमाणन एवं तकनीकी उन्नयन जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक सहयोग दिया जा रहा है। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा ओडीओपी उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन, विभिन्न प्रदर्शनियों का आयोजन तथा उद्यमियों को प्रशिक्षण एवं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से जोड़ने जैसे कदम उठाए गए हैं, जिससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान और व्यापक बाजार उपलब्ध हो रहा है। ------
एक जिला एक उत्पादन नीति - राजस्थान के उत्पाद विश्व पटल पर बना रहे विशिष्ट पहचान *उद्यमिता को मिल रहा बढ़ावा, गांवों में रोजगार के नए अवसर* जयपुर, 31 मार्च। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार स्थानीय विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में एक जिला एक उत्पाद नीति-2024 के माध्यम से राजस्थान के प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया जा रहा है। यह नीति स्थानीय उत्पादों, कारीगरों और उद्यमियों को सशक्त बनाते हुए प्रदेश में रोजगार और आर्थिक विकास को नई गति दे रही है। *स्थानीय विकास से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार* प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए हर गाँव, तहसील और जिले के समग्र स्थानीय विकास पर जोर दिया है। उनके अनुसार वोकल फॉर लोकल, सबका साथ-सबका विकास से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। ओडीओपी नीति के माध्यम से लोकल से ग्लोबल का सपना साकार हो रहा है और राजस्थान के उत्पाद विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। इस नीति के तहत राज्य के प्रत्येक जिले में उत्पाद का चयन किया गया है, जिससे स्थानीय संसाधनों और कौशल का बेहतर उपयोग हो सके। साथ ही, प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान को संरक्षित रखते हुए प्रमुख उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाएं। इस नीति के माध्यम से गांवों में उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है तथा उद्यमियों को तकनीकी सहयोग, वित्तीय सहायता और बाजार तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। नीति के अंतर्गत उद्योगों को मार्जिन मनी अनुदान, एडवांस टेक्नोलोजी और सॉफ्टवेयर खरीदने, क्वालिटी सर्टिफिकेशन व आईपीआर, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने पर पुनर्भरण सहायता प्राप्त होगी। *उद्यमियों को दी जा रही व्यापक वित्तीय एवं तकनीकी सहायता* राज्य सरकार द्वारा उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए व्यापक वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में इस नीति के तहत नए लघु एवं सूक्ष्म ओडीओपी उद्यम स्थापित करने के लिए परियोजना लागत का अधिकतम 25 प्रतिशत (अधिकतम 25 लाख रुपये) तक मार्जिन मनी सब्सिडी देय है। साथ ही, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के तकनीकी उन्नयन के लिए नवीनतम तकनीक एवं सॉफ्टवेयर के अधिग्रहण पर 50 प्रतिशत तक (अधिकतम 5 लाख रुपये) की वित्तीय सहायता का प्रावधान है। एक जिला-एक उत्पाद नीति में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्रों और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर किए गए खर्चों के लिए 3 लाख रुपये तक 75 प्रतिशत पुनर्भरण का प्रावधान है। साथ ही, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर शामिल होने के लिए दो साल तक प्रति वर्ष 1 लाख रुपये तक 75 प्रतिशत पुनर्भरण भी देय है। टेक्नोलॉजिकल अपग्रेडेशन को बढ़ावा देने के लिए मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय संस्थानों से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी या सॉफ्टवेयर खरीद पर 5 लाख रुपये तक 50 प्रतिशत सब्सिडी मुहैया कराई जाती है। इस नीति के तहत उद्यमियों को कैटलॉगिंग सेवाओं और ई-कॉमर्स वेबसाइटों के डवलपमेंट के लिए 60 प्रतिशत और अधिकतम 75 हजार तक सहायता देकर डिजिटल मार्केट के विस्तार में सहयोग दिया जा रहा है। जिससे उत्पादों की ब्रांडिंग हो सके, साथ ही, बाजार तक बहुत सुनिश्चित हो। वित्तीय प्रोत्साहन, टेक्नोलॉजिकल सपोर्ट और मार्केट विस्तार जैसे पहलों के माध्यम से यह नीति जिला स्तर के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। इस नीति के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश में उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है। अब तक अनेक लाभार्थियों सहायता राशि वितरित की जा चुकी है, जिससे उद्यमों की स्थापना, विपणन सुदृढ़ीकरण एवं उत्पादक इकाइयों के उन्नयन को प्रोत्साहन मिला है। नीति के तहत मार्जिन मनी सहायता में सर्वाधिक निवेश हुआ है, वहीं मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, गुणवत्ता प्रमाणन एवं तकनीकी उन्नयन जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक सहयोग दिया जा रहा है। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा ओडीओपी उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन, विभिन्न प्रदर्शनियों का आयोजन तथा उद्यमियों को प्रशिक्षण एवं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से जोड़ने जैसे कदम उठाए गए हैं, जिससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान और व्यापक बाजार उपलब्ध हो रहा है। ------
- 2 अप्रैल 2026 को श्री हनुमान जन्मोत्सव सीताराम जी का मंदिर करतारपुरा में भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है दिनांक 31 अप्रैल 2026 को सीताराम जी के मंदिर से से वाहन रैली निकाली गई काफी संख्या में श्रद्धालु आए और जय जय सियाराम के नारे लगाते हुए नाचते गए हर कॉलोनीयो में वाहन रैली निकाली गई है4
- ट्रेन में मचा बवाल! लड़कियों की लड़ाई छुड़ाने गया युवक, खुद ही पिट गया 😳 सोशल मीडिया पर एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ट्रेन के अंदर दो लड़कियों के बीच मामूली कहासुनी अचानक जबरदस्त झगड़े में बदल जाती है। देखते ही देखते दोनों के बीच बाल खींचना, थप्पड़ और धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है, जिससे पूरा डिब्बा अफरा-तफरी में बदल जाता है। स्थिति को संभालने के लिए एक युवक बीच-बचाव करने पहुंचता है, लेकिन हालात ऐसे बिगड़ते हैं कि वह खुद ही इस लड़ाई का शिकार बन जाता है। वीडियो देखकर लोग हैरान हैं और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। 📌 यह वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। #Deshtak #TrainFight #ViralVideo #GirlsFight #BreakingNews #TrendingNow #PublicFight #IndianViral #ShockingVideo #SocialMediaViral #EntertainmentNews #OMGVideo #MustWatch 📢 नोटः यह जानकारी वायरल रिपोर्ट्स और मीडिया सूत्रों पर आधारित है, हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं1
- जयपुर के आर्मी कैंट एरिया के सुनसान और जंगलनुमा इलाके में देर रात एक अज्ञात युवक का शव मिलने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बनीपार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। बनीपार्क थाना प्रभारी अंजु कुमारी ने बताया रेलवे ट्रैक के पास शव मिलने की जीआरपी पुलिस ने सूचना दी। मौके पर देखा कि एक शव मिला,जो पूरी तरह से सड़ चुका था। शव पर कीड़े लगे हुए थे। शव करीब 15 दिन पुराना बताया जा रहा है। काफी हद तक पूरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिला है। लंबे समय तक खुले जंगल क्षेत्र में पड़े रहने के कारण बॉडी की हालत बेहद खराब हो चुकी है।1
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- जयपुर: युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देने और सिंधी समाज की एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से पूज्य पंचायत शिकारपुर (सिंध) जयपुर एवं राइजिंग शिकारपुर ग्रुप द्वारा 29 मार्च 2026 को “शिकारपुर प्रीमियर लीग (SPL)” और “स्नेह मिलन” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य पंचायत के अध्यक्ष नरेंद्र लखी, उपाध्यक्ष बलदेव लालवानी, महासचिव महेश भाटिया सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन की जिम्मेदारी अमित गुरेजानी, कपिल गुरेजानी, चेतन छाबरिया और गौरव लालवानी की टीम ने सफलतापूर्वक निभाई। लीग में शिकारपुरी समाज की 6 टीमों—ग्रे ग्लैडिएटर्स, ब्लैक डायमंड्स, गोल्डन ईगल्स, ब्लेजिंग ब्लास्टर्स, डिवाइन और जयपुर सुपरकिंग्स—ने पूरे जोश और खेल भावना के साथ हिस्सा लिया। करीब 250 लोगों की उपस्थिति में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने क्रिकेट मुकाबलों का भरपूर आनंद उठाया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत सिंगिंग और डांस परफॉर्मेंस ने स्नेह मिलन की शाम को और भी यादगार बना दिया। फाइनल मुकाबले में कप्तान हिमांशु तलरेजा के नेतृत्व में ग्रे ग्लैडिएटर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया, जबकि ब्लैक डायमंड्स उपविजेता रही। हिमांशु तलरेजा को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए “मैन ऑफ द सीरीज” चुना गया। विजेता टीम को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया, वहीं सभी खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में लकी ड्रा के जरिए 31 विशेष उपहार और अन्य आकर्षक गिफ्ट्स भी वितरित किए गए। आयोजन के दौरान सभी अतिथियों के लिए स्वादिष्ट स्नैक्स और भव्य डिनर की विशेष व्यवस्था की गई थी। राइजिंग शिकारपुर ग्रुप ने भविष्य में इस आयोजन को और बड़े स्तर पर करने का संकल्प भी व्यक्त किया।1
- Post by Rakesh Kumar Swami1
- ये आंखों से निकलते आंसू एक दिन श्रृष्टि के विनाश का कारण बनेगे जब हिंदुस्तान में धारा 370 हट सकती है तो गोमाता के हत्यारो की गर्दन भी कट सकती हैं जय गोमाता 🙏🙏🙏🙏 हाइवे तो बनवा दी गवर्नमेंट ने लाखों गोमाता के लिए आज भी घर नहीं बनवा सकी गवर्नमेंट एक बार एक योजना गोमाता के लिए भी निकालो मोदी जी 🌹🌹🌹🌹🌹2
- उत्तर प्रदेश में धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने गौमाता और योगी आदित्यनाथ की माताजी पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में मौलाना को गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी मौलाना अब्दुल्ला सलीम को यूपी पुलिस ने बिहार के पूर्णिया से दबोचा। इसके लिए यूपी एसटीएफ की टीम विशेष अभियान चलाकर बिहार पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि मौलाना अब्दुल सालिम चतुर्वेदी अररिया जिले के जोकीहाट का निवासी है। इस मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और जांच जारी है। #CMYogi #Maulana #UPSTF #UPPolice #BreakingNews #IndiaNews #DeshTak1