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समाचार उत्तरप्रदेश में नकली फॉर्चून तेल की फैक्ट्री पकड़ी गई है, भारत में कभी नकली घी तो कभी नकली दूध,
आईरा समाचार बीकानेर
समाचार उत्तरप्रदेश में नकली फॉर्चून तेल की फैक्ट्री पकड़ी गई है, भारत में कभी नकली घी तो कभी नकली दूध,
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- ईरान स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह को लेकर भारत का भविष्य एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। भारत अपने हितों की रक्षा के लिए ईरान के साथ तेजी से बातचीत कर रहा है। यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि अमेरिका द्वारा दी गई प्रतिबंध छूट 26 अप्रैल को समाप्त होने वाली है और माना जा रहा है कि इसे आगे बढ़ाया नहीं जाएगा।अमेरिकी प्रतिबंधों के संभावित जोखिम से बचने के लिए भारत सरकार अपनी कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (आईपीजीएल) की हिस्सेदारी को अस्थायी रूप से एक स्थानीय ईरानी संस्था को स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है।सूत्रों के अनुसार बातचीत के तहत एक ऐसा तंत्र बनाने की कोशिश हो रही है जिसमें बंदरगाह का प्रबंधन फिलहाल स्थानीय ईरानी अधिकारियों के पास रहेगा, लेकिन यह शर्त होगी कि प्रतिबंध हटने पर परिचालन अधिकार वापस भारत को मिल जाएंगे। फिलहाल इस रणनीतिक समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और अंतिम निर्णय पर नजरें टिकी हुई हैं।1
- ईरान स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह को लेकर भारत का भविष्य एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। भारत अपने हितों की रक्षा के लिए ईरान के साथ तेजी से बातचीत कर रहा है। यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि अमेरिका द्वारा दी गई प्रतिबंध छूट 26 अप्रैल को समाप्त होने वाली है और माना जा रहा है कि इसे आगे बढ़ाया नहीं जाएगा।अमेरिकी प्रतिबंधों के संभावित जोखिम से बचने के लिए भारत सरकार अपनी कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (आईपीजीएल) की हिस्सेदारी को अस्थायी रूप से एक स्थानीय ईरानी संस्था को स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है।सूत्रों के अनुसार बातचीत के तहत एक ऐसा तंत्र बनाने की कोशिश हो रही है जिसमें बंदरगाह का प्रबंधन फिलहाल स्थानीय ईरानी अधिकारियों के पास रहेगा, लेकिन यह शर्त होगी कि प्रतिबंध हटने पर परिचालन अधिकार वापस भारत को मिल जाएंगे। फिलहाल इस रणनीतिक समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और अंतिम निर्णय पर नजरें टिकी हुई हैं।1
- नियमों को ताक पर रखकर सुबह 6 बजे से ही खुल रही मनिकवार की शराब दुकान, प्रशासन मौन रीवा जिले के गुढ़ समूह के अंतर्गत आने वाली शासकीय कंपोजिट शराब की दुकान मनिकवार में आबकारी नियमों और प्रशासन के निर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिले में शराब बिक्री के लिए निर्धारित समय सीमा को दरकिनार करते हुए यह दुकान सुबह 6:00 बजे से ही संचालित की जा रही है, जबकि नियमतः इसे निर्धारित समय के पूर्व खोलना पूरी तरह प्रतिबंधित है। *ठेकेदार के हौसले बुलंद, प्रशासन का खौफ नहीं* स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ठेकेदार के हौसले इतने बुलंद हैं कि उसे प्रशासन की कार्रवाई का रत्ती भर भी डर नहीं है। सुबह तड़के दुकान खुल जाने से क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। *मैनेजमेंट के खेल की चर्चाएँ तेज* शराब कारोबारी द्वारा बेखौफ होकर किए जा रहे इस अवैध संचालन ने स्थानीय प्रशासन से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ साठगांठ के चलते ही नियमों का यह खुला उल्लंघन हो रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर इस ओर से आंखें मूंदे हुए हैं *स्थानीय लोगो की मांग सख्त हो कार्रवाई* मनिकवार के नागरिकों ने जिला कलेक्टर और आबकारी आयुक्त से मांग की है कि इस मामले की तत्काल जांच कराई जाए। यदि दुकान निर्धारित समय से पहले खुल रही है, तो ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित किया जाए और उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो जो इस अवैध गतिविधि को मूक सहमति दे रहे हैं।1
- Hanuman Beniwal 💪💯🙏🔰👍💯1
- रियाँबड़ी (नागौर )विद्युत विभाग की लापरवाही आई सामने रात भर अंधेरे में डुबा रहा आधा शहर FRT टीम व अधिकारियों से संपर्क करने पर भी अधिकारियों ने नहीं उठाए ग्रामीणों के फोन उपभोक्ता होते रहे रात भर परेशान विद्युत विभाग के उच्चअधिकारी नहीं दे रहे हैं ध्यान।अगर कोई हादसा हो जाता है तो रात मे मौके पर नहीं रहते है अधिकारी व कर्मचारी मौजूद ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकतर अधिकारियों के मोबाइल रहते हैं स्विच ऑफ या रिंग जाने पर भी नहीं उठाते हैं फोन।1
- Post by मनोहरजी तवंर1
- पंजाब की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि आम आदमी पार्टी के 35 से 40 विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं। हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी में वापसी कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि हालिया राजनीतिक परिस्थितियों के चलते उनके सामने नए विकल्प खुले हैं, लेकिन इस पर भी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं राघव चड्ढा को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं और उनकी भूमिका को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि युवा चेहरों और नई रणनीति के जरिए पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भाजपा की रणनीति को लेकर भी चर्चाएं गर्म हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़ और रवनीत सिंह बिट्टू जैसे नेताओं के सहारे पार्टी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। फिलहाल यह सभी बातें सियासी चर्चाओं और कयासों तक सीमित हैं। आने वाले समय में ही साफ होगा कि पंजाब की राजनीति में कौन सा बड़ा बदलाव देखने को मिलता है।1
- समाचार आईरा बीकानेर शुरू ऐप अब बताओ राघव चड्डा वाली पोस्ट में राहुल की रील कैसे अपलोड कर दी, मतलब किसी भी खबर में कोई भी वीडियो उठाकर अपलोड कर देते हो, कमाल है,1
- असम के मुख्य मंत्री का बयान1