प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी कर दी है, जिससे 9 करोड़ 44 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। यह किस्त पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से जारी की गई। इसी अवसर पर, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) शिकोहपुर और गुरुग्राम के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने इस दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण, कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में किसानों के हित में कई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ सीधे उन तक पहुँच रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य खेती को और अधिक लाभकारी बनाना तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों, बेहतर बीजों, मृदा परीक्षण, फसल बीमा जैसी सुविधाओं से जुड़ने और नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया, साथ ही कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी जानकारी का लाभ उठाने पर जोर दिया। गुरुग्राम में आयोजित इस कार्यक्रम में एक किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जहाँ किसानों को बीज एवं मृदा उपचार, फसलों में रोग एवं कीट प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, ड्रोन तकनीक, किसान संगठनों के लाभ और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों को मृदा परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कंपोस्ट निर्माण और संतुलित उर्वरकों के उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया, साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चलाए जा रहे खेत बचाओ अभियान की जानकारी भी दी गई। इस कार्यक्रम में 400 से अधिक किसानों, महिलाओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर एडीसी सोनू भट्ट, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के संयुक्त निदेशक (प्रसार) डॉ. आर.एन. पडारिया, उप निदेशक कृषि डॉ. अनिल तंवर, कृषि विज्ञान केंद्र शिकोहपुर के अध्यक्ष डॉ. बिजय कुमार नंदा, कीट रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत सिंह, कृषि प्रसार विशेषज्ञ डॉ. गौरव पपनै, किसान मोर्चा के पदाधिकारी तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी कर दी है, जिससे 9 करोड़ 44 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। यह किस्त पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से जारी की गई। इसी अवसर पर, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) शिकोहपुर और गुरुग्राम के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने इस दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण, कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में किसानों के हित में कई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ सीधे उन तक पहुँच रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य खेती को और अधिक लाभकारी बनाना तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों, बेहतर बीजों, मृदा परीक्षण, फसल बीमा जैसी सुविधाओं से जुड़ने और नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया, साथ ही कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी जानकारी का लाभ उठाने पर जोर दिया। गुरुग्राम में आयोजित इस कार्यक्रम में एक किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जहाँ किसानों को बीज एवं मृदा उपचार, फसलों में रोग एवं कीट प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, ड्रोन तकनीक, किसान संगठनों के लाभ और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों को मृदा परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कंपोस्ट निर्माण और संतुलित उर्वरकों के उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया, साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चलाए जा रहे खेत बचाओ अभियान की जानकारी भी दी गई। इस कार्यक्रम में 400 से अधिक किसानों, महिलाओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर एडीसी सोनू भट्ट, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के संयुक्त निदेशक (प्रसार) डॉ. आर.एन. पडारिया, उप निदेशक कृषि डॉ. अनिल तंवर, कृषि विज्ञान केंद्र शिकोहपुर के अध्यक्ष डॉ. बिजय कुमार नंदा, कीट रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत सिंह, कृषि प्रसार विशेषज्ञ डॉ. गौरव पपनै, किसान मोर्चा के पदाधिकारी तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- आज जंतर-मंतर पर 'काॅक्रोच जनता पार्टी' का शांतिपूर्ण प्रदर्शन दूसरी बार देखा गया। इस प्रदर्शन में सोनम वानचुंग भी शामिल हुए।1
- दक्षिण दिल्ली के दक्षिणपुरी इलाके में एक घटना सामने आई है, जहाँ एक पत्नी ने अपने पति पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- गुरुग्राम में 20 जून को सोहना रोड से राजीव चौक की ओर जा रहे एक व्यक्ति को रोड रेज का शिकार होना पड़ा, जिसमें उसकी गाड़ी के शीशे तोड़े गए और उसे जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने पुलिस चौकी नाहरपुर रूपा, थाना सदर, गुरुग्राम की टीम को बताया कि एक स्कॉर्पियो में सवार दो युवक लापरवाही से गाड़ी चला रहे थे, जिससे उनकी टक्कर होते-होते बची। इसके बाद उन युवकों ने उसकी गाड़ी का रास्ता रोककर उसे गाली दी, हालांकि वह वहां से बच निकला। बाद में, राजीव चौक के पास उन युवकों ने शिकायतकर्ता की गाड़ी के आगे अपनी स्कॉर्पियो लगाकर उसे फिर रोका। उन्होंने डंडे से उसकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए, जिससे डंडा उसके कंधे पर लगा और शीशे टूटकर उसके चेहरे पर भी लगे। इस दौरान युवकों ने उसे गाली देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। इस शिकायत के आधार पर थाना सदर, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया। पुलिस चौकी नाहरपुर रूपा की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसी दिन, 20 जून को, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान पार्थ और पारस के रूप में हुई है, जो विपुल वर्ल्ड सेक्टर-48, फाजिलपुर, गुरुग्राम के निवासी हैं। दोनों आरोपी 22 वर्ष के हैं और उन्होंने बीबीए की शिक्षा प्राप्त की है। पुलिस पूछताछ में यह ज्ञात हुआ कि शिकायतकर्ता द्वारा आरोपियों की गाड़ी को साइड न दिए जाने पर उनके बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयोग की गई स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद कर ली है। इस मामले में नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जाएगी और अभियोग अभी अनुसंधानाधीन है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज देशभर में लोगों ने योग किया और अपने शरीर को स्वस्थ व निरोगी रखने का संकल्प लिया। राजधानी दिल्ली में भी दिल्ली सरकार ने कई स्थानों पर योग शिविरों का आयोजन किया, जहाँ सरकार के मंत्री और विभिन्न पदाधिकारी योग करते दिखाई दिए। इसी कड़ी में, बाहरी दिल्ली से सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने प्रीतमपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सैकड़ों लोगों के साथ योगाभ्यास किया। योग सत्र के बाद, सभी प्रतिभागियों ने अपनी थकान मिटाने और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का जश्न मनाने के लिए मधुर गानों की धुन पर खुलकर नाच-गाना किया। इस अवसर पर सांसद योगेंद्र चंदोलिया और दिल्ली प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता सुवेंदु अवस्थी ने दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित योगा शिविरों पर अपनी बात रखी।1
- भरत भूषण तिवारी से जुड़े एक एनकाउंटर की सत्यता पर सीधे सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसमें इसे 'फर्जी' करार दिए जाने की आशंका जताई गई है। इस मामले में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा इस केस की जांच की जाती है, तो इसमें गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों को तीन विशिष्ट वजहों से उम्रकैद की सजा हो सकती है।1
- गुरुग्राम के सेक्टर-4 स्थित वैश्य समाज धर्मशाला में संत शिरोमणि कबीर जयंती समारोह को बड़े ही धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नवीन गोयल थे, जिन्होंने समारोह में अपनी बात रखी। इस अवसर पर नवीन गोयल के संबोधन से संबंधित एक वीडियो भी उपलब्ध है।1
- दक्षिण दिल्ली के साकेत में एक गली में रात 12:00 बजे एक चुड़ैल दिखाई देने की बात सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस चुड़ैल के पैर उलटे थे और वह अजीब सी आवाजें निकाल रही थी।1
- आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे देश और दुनिया में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। भारत की पहल पर योग को वैश्विक पहचान मिली है और अब इसका आयोजन दुनिया के कई देशों में व्यापक स्तर पर हो रहा है। राजधानी दिल्ली में भी विभिन्न स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता में योग कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष और मेयर प्रवेश वाही भी दिल्ली में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जनकपुरी इलाके में योग किया।1
- दिल्ली एनसीआर के एक एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट के कर्मचारियों द्वारा एक यात्री के साथ किए गए बेहद शर्मनाक व्यवहार का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, स्पाइसजेट के स्टाफ ने एक यात्री को खुलेआम गालियाँ दीं, जिनकी आवाज़ साफ़ तौर पर सुनी जा सकती थी। इस स्थिति को संभालने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा। इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या यात्रियों के साथ इस तरह के सुलूक को बर्दाश्त किया जाएगा। इस पूरे मामले पर स्पाइसजेट ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और चुप्पी साधे हुए है, जिससे यह चिंता भी व्यक्त की जा रही है कि यदि एयरलाइन के कर्मचारी ऐसा बर्ताव करेंगे, तो कौन उनकी उड़ानों में सफर करेगा।1