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एसडीएम ऑफिस में एक अधिवक्ता और एक बाबू के बीच तीखी बहस हुई। इस घटना के कारण कार्यालय परिसर बहस के अखाड़े में तब्दील हो गया, जहाँ दोनों के बीच जमकर तकरार देखने को मिली।
ABBTAK NEWS Dewangnj
एसडीएम ऑफिस में एक अधिवक्ता और एक बाबू के बीच तीखी बहस हुई। इस घटना के कारण कार्यालय परिसर बहस के अखाड़े में तब्दील हो गया, जहाँ दोनों के बीच जमकर तकरार देखने को मिली।
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- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रेणुकूट नगर में एक हैरान करने वाला हादसा सामने आया है, जहाँ आइसक्रीम खरीदने की चाहत में पहली मंजिल की छत पर खड़ा एक युवक अचानक संतुलन बिगड़ने से सीधे नीचे गिर गया। यह पूरी घटना पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। युवक के तेज आवाज के साथ नीचे गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और परिजन गंभीर रूप से घायल युवक को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी हिंडालको अस्पताल लेकर पहुँचे, जहाँ उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।1
- भोपाल में आजकल बढ़ रही आंखों की एलर्जी की समस्या के मद्देनजर सिविल सर्जन डॉ. के.सी. राठौर ने इस संबंध में महत्वपूर्ण सलाह दी है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मंत्रालय से एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 33.92 लाख से अधिक पेंशन हितग्राहियों के बैंक खातों में राशि का अंतरण किया। इस प्रक्रिया में कुल ₹203.56 करोड़ से अधिक की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाई गई।1
- सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गुंजन चौकसे ने कड़ा बयान देते हुए कहा है कि कांग्रेस के आरोपों को बिना तथ्यात्मक सत्यापन के समाचार बनाकर प्रसारित करना पत्रकारिता नहीं, बल्कि एक एजेंडा है। गुंजन चौकसे ने स्पष्ट किया कि समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों का सत्यापन करना, संबंधित पक्ष का पक्ष जानना और प्रमाणित आधार पर रिपोर्टिंग करना पत्रकारिता की मूल जिम्मेदारी होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्याप्त जांच के बिना किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाली खबरें लोकतांत्रिक मूल्यों और पत्रकारिता की मर्यादा के विरुद्ध हैं। इस संदर्भ में उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, "सत्य अंततः सामने आता है, लेकिन असत्य फैलाने वालों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रेस संबंधी मानकों में तथ्य सत्यापन और संतुलित रिपोर्टिंग पर विशेष जोर दिया गया है। SAB NEWS TAK ने पाठकों से अपनी खबरें और जानकारी WhatsApp नंबर 89625 44196 पर भेजने का आह्वान किया है।1
- ग्राम गोरा में पुश्तैनी भूमि को लेकर एक विवाद सामने आया है। इस मामले में, ब्रह्मा मारण ने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और विवादित भूमि का उचित सीमांकन करने की मांग उठाई है।1
- सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गुंजन चौकसे ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को बिना किसी तथ्यात्मक सत्यापन के समाचार बनाकर प्रसारित करना पत्रकारिता नहीं, बल्कि एक पूर्व-निर्धारित एजेंडा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के मानदंड बहुत स्पष्ट हैं, जिसके तहत समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों का पूरी तरह से सत्यापन करना, संबंधित पक्ष का पक्ष जानना और केवल विश्वसनीय तथा प्रमाणित आधार पर ही रिपोर्टिंग करना अत्यंत आवश्यक है। अधिवक्ता चौकसे के अनुसार, बिना पर्याप्त जांच पड़ताल के किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाली खबर न केवल पत्रकारिता की गरिमा और मर्यादा के विरुद्ध है, बल्कि यह देश के लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्य अंततः अवश्य सामने आता है, लेकिन असत्य फैलाने वाले सभी पक्षों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रदेश के हितग्राहियों को एक बड़ी सौगात दी है। मंत्रालय से सिंगल क्लिक के माध्यम से, प्रदेश भर के 33.92 लाख से अधिक पेंशन हितग्राहियों के बैंक खातों में ₹203.56 करोड़ से अधिक की राशि सीधे अंतरित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।1
- सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गुंजन चौकसे ने कांग्रेस के आरोपों को बिना तथ्यात्मक सत्यापन के समाचार के रूप में प्रसारित करने की कड़ी निंदा की है, इसे पत्रकारिता नहीं बल्कि एक एजेंडा करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के मानदंड बताते हैं कि समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों का सत्यापन, संबंधित पक्ष का पक्ष जानना और विश्वसनीय तथा प्रमाणित आधार पर रिपोर्टिंग आवश्यक है। चौकसे ने इस बात पर जोर दिया कि बिना पर्याप्त जांच के किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को क्षति पहुँचाने वाली खबरें न केवल पत्रकारिता की मर्यादा के विरुद्ध हैं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने कहा कि सत्य अंततः सामने आता है, लेकिन असत्य फैलाने वालों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।1
- भोपाल में निजामुद्दीन टी पॉइंट चौराहे पर मीनू फास्ट फूड अब सभी के लिए उपलब्ध है। यहां ग्राहकों के लिए चिकन रोल, चिकन बिरयानी और चिकन राइस जैसे विभिन्न चिकन व्यंजन पेश किए जा रहे हैं।1