सीहोर जिले के पास सोमवार को हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों में से चार का मंगलवार को राजगढ़ जिले के कालीपीठ थाना क्षेत्र के भियापुरा गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। एक ही गांव से बनेसिंह तंवर (25), देवीराम तंवर (60), भगवान सिंह तंवर (45) और गुलाब सिंह तंवर (32) की चार अर्थियां एक साथ उठीं, जिससे पूरे गांव में मातम पसर गया और हर आंख नम हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। यह हृदयविदारक हादसा सोमवार दोपहर करीब 2:45 बजे आष्टा के पास गोदी जोड़ के समीप हुआ था, जब भियापुरा से एक बोलेरो में सवार 9 लोग मानसिक रूप से अस्वस्थ बनेसिंह को देवास जिले के काटा फोड़ इलाज के लिए ले जा रहे थे और बोलेरो की सामने से आ रहे एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि इंदर सिंह, राजाराम, राधेश्याम और हेमराज घायल हो गए। इनमें से दो, राधेश्याम और राजाराम का इलाज भोपाल में तथा हेमराज व इंदर सिंह का इलाज सीहोर में चल रहा है। वहीं, बोलेरो चालक अमरसिंह तंवर (45) निवासी सेमलाबे का अंतिम संस्कार 3 किलोमीटर दूर उसके पैतृक गांव में किया गया। मंगलवार दोपहर 12 बजे चारों शव गांव पहुंचने पर ग्रामीणों और परिजनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि चारों की मौत एक साथ हुई है, इसलिए उनका अंतिम संस्कार भी एक ही चिता पर किया जाएगा। इसके उपरांत, गांव के बाहर एक बड़ी चिता तैयार की गई और दोपहर करीब 1 बजे चारों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाल कर, उन्हें एक ही बड़ी चिता पर लिटाकर अंतिम संस्कार किया गया। हादसे के बाद भियापुरा और सेमलाबे दोनों गांवों में गहरा शोक का माहौल रहा; मंगलवार दोपहर तक दोनों गांवों में चूल्हे नहीं जले और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार होने तक अन्न ग्रहण नहीं किया। हादसे की सूचना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पूर्व विधायक बापू सिंह तंवर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और आसपास के गांवों के लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे। एक साथ चार शवों की अंतिम यात्रा और एक ही चिता पर अंतिम संस्कार का यह मार्मिक दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
सीहोर जिले के पास सोमवार को हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों में से चार का मंगलवार को राजगढ़ जिले के कालीपीठ थाना क्षेत्र के भियापुरा गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। एक ही गांव से बनेसिंह तंवर (25), देवीराम तंवर (60), भगवान सिंह तंवर (45) और गुलाब सिंह तंवर (32) की चार अर्थियां एक साथ उठीं, जिससे पूरे गांव में मातम पसर गया और हर आंख नम हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। यह हृदयविदारक हादसा सोमवार दोपहर करीब 2:45 बजे आष्टा के
पास गोदी जोड़ के समीप हुआ था, जब भियापुरा से एक बोलेरो में सवार 9 लोग मानसिक रूप से अस्वस्थ बनेसिंह को देवास जिले के काटा फोड़ इलाज के लिए ले जा रहे थे और बोलेरो की सामने से आ रहे एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि इंदर सिंह, राजाराम, राधेश्याम और हेमराज घायल हो गए। इनमें से दो, राधेश्याम और राजाराम का इलाज भोपाल में तथा हेमराज व इंदर सिंह का इलाज सीहोर में चल रहा है। वहीं,
बोलेरो चालक अमरसिंह तंवर (45) निवासी सेमलाबे का अंतिम संस्कार 3 किलोमीटर दूर उसके पैतृक गांव में किया गया। मंगलवार दोपहर 12 बजे चारों शव गांव पहुंचने पर ग्रामीणों और परिजनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि चारों की मौत एक साथ हुई है, इसलिए उनका अंतिम संस्कार भी एक ही चिता पर किया जाएगा। इसके उपरांत, गांव के बाहर एक बड़ी चिता तैयार की गई और दोपहर करीब 1 बजे चारों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाल कर, उन्हें एक ही बड़ी चिता पर लिटाकर अंतिम संस्कार किया गया। हादसे के बाद भियापुरा
और सेमलाबे दोनों गांवों में गहरा शोक का माहौल रहा; मंगलवार दोपहर तक दोनों गांवों में चूल्हे नहीं जले और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार होने तक अन्न ग्रहण नहीं किया। हादसे की सूचना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पूर्व विधायक बापू सिंह तंवर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और आसपास के गांवों के लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे। एक साथ चार शवों की अंतिम यात्रा और एक ही चिता पर अंतिम संस्कार का यह मार्मिक दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
- उत्तर प्रदेश के बरेली से एक झकझोर कर रख देने वाला दृश्य सामने आया है, जहां एक लाचार बुजुर्ग को अपनी बीमार पत्नी को इलाज न मिलने पर हाथ ठेले पर लादकर जिला अस्पताल पहुंचाना पड़ा। यह घटना सरकारी वादों की पोल खोलती है और इसे हमारे स्वास्थ्य तंत्र का आईना बताया गया है। इस तस्वीर के अनुसार, जहां सरकारी विज्ञापनों में स्वास्थ्य सेवाएँ दौड़ती दिखती हैं, वहीं ज़मीन पर एम्बुलेंस केवल कागज़ों में ही सायरन बजाती हैं। इमरजेंसी वार्ड, जिसे जीवन की अंतिम उम्मीद बताया गया है, वहां घंटों तक कोई देखने वाला नहीं था। बुजुर्ग की काँपती आवाज़ में जब यह आशंका झलकी कि "अगर यहाँ रही तो मर जाएगी", तब यह सिर्फ एक मरीज का नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया। करोड़ों के बजट, बैठकों और दावों के बावजूद, अगर एक बुजुर्ग को अपनी पत्नी के लिए ठेले को ही एम्बुलेंस बनाना पड़े, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत और व्यवस्था की गहरी विफलता को दर्शाता है।1
- हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के साथ हुए एक विवाद और इसके कारण बढ़ते विरोध के बाद दिया गया है। जानकारी के अनुसार, रेणु भाटिया ने अपना त्यागपत्र मुख्यमंत्री को भेज दिया है और उसे स्वीकार करने का अनुरोध किया है।1
- बुरहानपुर जिले के लालबाग थाना क्षेत्र के सिंधिबस्ती इलाके से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष आज जनसुनवाई में अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। वे एक स्थानीय युवक द्वारा बार-बार की जा रही झूठी शिकायतों की जाँच की मांग कर रहे थे। शिकायतकर्ता सोनम तुलसवानी ने बताया कि इसी क्षेत्र का युवक पवन आसवानी उनके पति नीतू तुलसवानी के खिलाफ लगातार झूठी शिकायतें दर्ज कराता रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पवन आसवानी के खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं, और उसकी इन हरकतों के कारण पूरे क्षेत्र के महिला-पुरुष भयभीत हैं। क्षेत्र की महिलाओं ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से इस मामले में न्याय दिलाने की गुहार लगाई है और संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।4
- आज भोपाल के संत हिरदाराम नगर स्थित 3 EME सेंटर (आर्मी क्षेत्र) में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर महापौर मालती राय ने अभियान के अंतर्गत 5 हजार पौधे रोपड़ की शुरुआत करते हुए स्वयं एक पौधा लगाया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती कुसुम चतुर्वेदी और आर्मी के अधिकारी गण भी उपस्थित रहे। महापौर मालती राय ने बताया कि यह अभियान मां के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।1
- अफगानिस्तान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले शापूर ज़ादरान का इंतक़ाल हो गया है। लंबे समय से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे शापूर ज़ादरान ने मंगलवार को अंतिम सांस ली। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके निधन की जानकारी साझा की है।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने दिग्विजय सिंह द्वारा लगाए गए बैनरों को लेकर उन पर तीखा तंज कसा है। यादव ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह ने ‘रामद्रोही’ राहुल गांधी की तस्वीर भगवानों के साथ लगाकर सनातन धर्म का अपमान किया है। अजय सिंह यादव ने राहुल गांधी को ‘रामद्रोही’ बताते हुए कहा कि वे सदैव सनातन धर्म के अपमान में सबसे आगे रहते हैं। प्रवक्ता के अनुसार, राहुल गांधी ने भगवान राम के मंदिर में दर्शन तक नहीं किए और मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के आमंत्रण को चिट्ठी लिखकर ठुकरा दिया था। यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि दिग्विजय सिंह ने आराध्य देव, आस्था और विश्वास के केंद्र भगवान भोलेनाथ और भगवान श्री राम के साथ राहुल गांधी जैसे ‘रामद्रोही’ की तस्वीर लगाकर सनातन धर्म का अपमान किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि दिग्विजय सिंह कोई भी ‘प्रपंच’ करें, सनातन का यह अपमान न तो आम जनता बर्दाश्त करेगी और न ही उन्हें भगवान माफ करेंगे।1
- कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया अस्पताल पहुंचीं। यह मामला एक डॉक्टर पर ओपीडी में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित गलत हरकत करने के आरोप से जुड़ा है। इस घटना को लेकर रेणु भाटिया ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल उठाया कि "बच्ची को डॉक्टर के पास अकेले कैसे छोड़ दिया गया?" मामले की गंभीरता को देखते हुए, नर्स और स्टाफ सहित कई लोगों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।1
- भोपाल में महज आधे घंटे से एक घंटे की बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है, जहाँ शहर का डीआईजी बंगला चौराहा बार-बार पूरी तरह जलमग्न हो रहा है। इस स्थिति के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर पानी भर जाने से वाहनों की रफ्तार थम गई, जिससे चौराहे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। ऑफिस और घर लौट रहे लोगों का सफर बुरी तरह प्रभावित हुआ, और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई वाहन पानी में धीरे-धीरे निकलते नजर आए, वहीं जलभराव के कारण दुर्घटना का खतरा भी काफी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बारिश से पहले नालों की सफाई के नगर निगम के दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रशासन से डीआईजी बंगला चौराहे पर स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।1