ऑपरेशन के बाद बुझ गई जिंदगी, संस्कृत्य हॉस्पिटल पर लापरवाही के गंभीर आरोप 🔴दर्द से तड़पता रहा मरीज, इलाज के नाम पर सिर्फ ड्रिप! आखिरकार चली गई जान 🔵कुशीनगर में फिर ऑपरेशन के बाद मौत, निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर उठे बड़े सवाल 🔴पथरी का ऑपरेशन या लापरवाही का खेल? युवक की मौत के बाद अस्पताल में बवाल 🔴 युगान्धर टाइम्स व्यूरो कुशीनगर। जनपद के रवींद्रनगर थाना क्षेत्र स्थित साँकृत्य हॉस्पिटल में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक युवक की मौत ने निजी अस्पतालों के गैर जिम्मेदार चिकित्सको की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि सफल ऑपरेशन का दावा करने वाले साँकृत्य अस्पताल ने मरीज की बिगड़ती हालत को लगातार नजरअंदाज किया। दर्द से कराहते युवक को बार-बार सिर्फ ड्रिप चढ़ाकर घर भेज दिया और जब हालत बेहद नाजुक हो गई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रविवार देर रात इलाज के दौरान युवक ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर चीख-पुकार और आक्रोश से गूंज उठा। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया और हास्पिटल प्रशासन व चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान मौके पर पहुची पुलिस को भीड के साथ धक्का-मुक्की करनी पडी। परिजनों के अनुसार युवक का लगभग 10 दिन पहले साँकृत्य हास्पिटल में पथरी का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने सब कुछ सामान्य बताते हुए उसे घर भेज दिया। लेकिन महज तीन दिन बाद ही युवक के पेट में असहनीय दर्द शुरू हो गया। दर्द लगातार बढ़ता गया और उसकी हालत बिगड़ने लगी। 🔴हर बार युवक ने बताया दर्द, हर बार ड्रिप लगाकर घर भेज दिया मृतक के परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद कई बार अस्पताल पहुंचने पर भी डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति को नहीं समझा। न कोई ठोस जांच कराई गई और न ही किसी बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि हर बार केवल ड्रिप और दवा देकर वापस घर भेज दिया गया, जबकि युवक दर्द से छटपटाता रहता था। 🔴... और रविवार को जिंदगी की आखिरी जंग हार गया युवक बताया जा रहा है कि रविवार रात युवक की तबीयत अचानक अत्यधिक खराब हो गई। दर्द असहनीय होने पर परिजन उसे फिर साँकृत्य अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में इलाज शुरू हुआ, लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते सही उपचार मिलता तो शायद उनकी आंखों के सामने उनका बेटा दम न तोड़ता। 🔴मौत के बाद अस्पताल बना रणक्षेत्र युवक की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस को आक्रोशित भीड के साथ धक्का-मुक्की का सामना भी करना पडा। 🔴उठ रहे बड़े सवाल सवाल यह उठ रहा है कि क्या ऑपरेशन के बाद मरीज की नियमित और समुचित निगरानी की गई?लगातार दर्द की शिकायत के बावजूद हास्पिटल द्वारा गंभीर जांच क्यों नहीं कराई गई? यदि मरीज की हालत बिगड़ रही थी तो उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर क्यों नहीं किया गया? आखिर ऐसी कौन-सी चूक हुई कि ऑपरेशन के महज 10 दिन बाद युवक की मौत हो गई? इन सवालों के जवाब अब स्वास्थ्य विभाग और जांच एजेंसियों को तलाशने होंगे। फिलहाल परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर अस्पताल का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। युवक की मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। यदि जांच में लापरवाही सिद्ध होती है, तो हास्पिटल पर कार्रवाई तय है। 🔴 पुरानी यादें हुई ताजा बीते माह कसया स्थित लूना हॉस्पिटल में भी पथरी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई थी। उस मामले में भी परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। सूत्रों का दावा है कि उक्त प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस द्वारा जांच तो शुरू की गई, लेकिन बाद में मामला किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंचा और कार्रवाई ठंडे बस्ते में है। हालाकि मीडिया लगातार इस मामले को प्रमुखता से उठाती रही है आज भी यह मामला सुर्खियों में है।
ऑपरेशन के बाद बुझ गई जिंदगी, संस्कृत्य हॉस्पिटल पर लापरवाही के गंभीर आरोप 🔴दर्द से तड़पता रहा मरीज, इलाज के नाम पर सिर्फ ड्रिप! आखिरकार चली गई जान 🔵कुशीनगर में फिर ऑपरेशन के बाद मौत, निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर उठे बड़े सवाल 🔴पथरी का ऑपरेशन या लापरवाही का खेल? युवक की मौत के बाद अस्पताल में बवाल 🔴 युगान्धर टाइम्स व्यूरो कुशीनगर। जनपद के रवींद्रनगर थाना क्षेत्र स्थित साँकृत्य हॉस्पिटल में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक युवक की मौत ने निजी अस्पतालों के गैर जिम्मेदार चिकित्सको की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि सफल ऑपरेशन का दावा करने वाले साँकृत्य अस्पताल ने मरीज की बिगड़ती हालत को लगातार नजरअंदाज किया। दर्द से कराहते युवक को बार-बार सिर्फ ड्रिप चढ़ाकर घर भेज दिया और जब हालत बेहद नाजुक हो गई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रविवार देर रात इलाज के दौरान युवक ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर चीख-पुकार और आक्रोश से गूंज उठा। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया और हास्पिटल प्रशासन व चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान मौके पर पहुची पुलिस को भीड के साथ धक्का-मुक्की करनी पडी। परिजनों के अनुसार युवक का लगभग 10 दिन पहले साँकृत्य हास्पिटल में पथरी का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने सब कुछ सामान्य बताते हुए उसे घर भेज दिया। लेकिन महज तीन दिन बाद ही युवक के पेट में असहनीय दर्द शुरू हो गया। दर्द लगातार बढ़ता गया और उसकी हालत बिगड़ने लगी। 🔴हर बार युवक ने बताया दर्द, हर बार ड्रिप लगाकर घर भेज दिया मृतक के परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद कई बार अस्पताल पहुंचने पर भी डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति को नहीं समझा। न कोई ठोस जांच कराई गई और न ही किसी बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि हर बार केवल ड्रिप और दवा देकर वापस घर भेज दिया गया, जबकि युवक दर्द से छटपटाता रहता था। 🔴... और रविवार को जिंदगी की आखिरी जंग हार गया युवक बताया जा रहा है कि रविवार रात युवक की तबीयत अचानक
अत्यधिक खराब हो गई। दर्द असहनीय होने पर परिजन उसे फिर साँकृत्य अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में इलाज शुरू हुआ, लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते सही उपचार मिलता तो शायद उनकी आंखों के सामने उनका बेटा दम न तोड़ता। 🔴मौत के बाद अस्पताल बना रणक्षेत्र युवक की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस को आक्रोशित भीड के साथ धक्का-मुक्की का सामना भी करना पडा। 🔴उठ रहे बड़े सवाल सवाल यह उठ रहा है कि क्या ऑपरेशन के बाद मरीज की नियमित और समुचित निगरानी की गई?लगातार दर्द की शिकायत के बावजूद हास्पिटल द्वारा गंभीर जांच क्यों नहीं कराई गई? यदि मरीज की हालत बिगड़ रही थी तो उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर क्यों नहीं किया गया? आखिर ऐसी कौन-सी चूक हुई कि ऑपरेशन के महज 10 दिन बाद युवक की मौत हो गई? इन सवालों के जवाब अब स्वास्थ्य विभाग और जांच एजेंसियों को तलाशने होंगे। फिलहाल परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर अस्पताल का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। युवक की मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। यदि जांच में लापरवाही सिद्ध होती है, तो हास्पिटल पर कार्रवाई तय है। 🔴 पुरानी यादें हुई ताजा बीते माह कसया स्थित लूना हॉस्पिटल में भी पथरी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई थी। उस मामले में भी परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। सूत्रों का दावा है कि उक्त प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस द्वारा जांच तो शुरू की गई, लेकिन बाद में मामला किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंचा और कार्रवाई ठंडे बस्ते में है। हालाकि मीडिया लगातार इस मामले को प्रमुखता से उठाती रही है आज भी यह मामला सुर्खियों में है।
- सोहरौना में जलभराव से दुर्घटना का खतरा, ग्रामीणों ने बीडीओ को सौंपा ज्ञापन विशुनपुरा-कुशीनगर विकास खंड विशुनपुरा अंतर्गत ग्राम सभा सोहरौना में खिरकिया–बांसी मुख्य मार्ग पर जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद तारिक के नेतृत्व में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की।ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा सोहरौना से होकर गुजरने वाला लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का मार्ग पडरौना से खिरकिया, बांसी होते हुए बिहार तक जाता है। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर सड़क के नीचे जल निकासी के लिए डाली गई पाइप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके कारण नालियों का पानी मुख्य सड़क पर जमा हो जाता है। इससे आए दिन सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, राहगीरों तथा वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। सड़क पर गंदे पानी के जमाव से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। वहीं सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढों के कारण टेम्पो, मोटरसाइकिल एवं अन्य वाहनों के पलटने की संभावना लगातार बनी रहती है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई और इस दौरान कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद तारिक के साथ नसीब अंसारी, तौफीक, मोइन अशरफ, एहसान अली, सुल्तान अंसारी, सेराफ, रिजवान, साबिर, आदिल, तूफानी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।3
- गोंड आदिवासी संघ ने 2% आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर DM को सौंपा ज्ञापन न्यूज़ स्क्रिप्ट कुशीनगर रिपोर्टर,अजीत कुमार Mob-:9517108149 Slug -: गोंड आदिवासी संघ ने 2% आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर DM को सौंपा ज्ञापन एंकर /वीओ -: कुशीनगर अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ उ०प्र० जनपद शाखा कुशीनगर के पदाधिकारियों ने शनिवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर भारत सरकार द्वारा अनुमन्य 2 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों में लागू करने की मांग की। संघ के जिलाध्यक्ष गोरख प्रसाद गोंड ने कहा कि केंद्र सरकार ने अनुसूचित जनजाति के लिए 2 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है, लेकिन यूपी सरकार द्वारा वर्तमान में जो भर्तियां निकाली जा रही हैं उनमें यह आरक्षण सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है। इससे गोंड समाज के छात्र-छात्राओं का अहित हो रहा है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि दशम, दशमोत्तर, मेडिकल व इंजीनियरिंग छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति भी समय पर नहीं मिल रही है, जिससे समाज में रोष है। संघ ने मांग की कि वर्तमान विज्ञापित भर्तियों को निरस्त कर 2 प्रतिशत आरक्षण लागू कर पुनः विज्ञापन जारी किया जाए। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष गोरख प्रसाद गोंड, जिला महासचिव मनोज कुमार गोंड सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बाईट.. गोरख प्रशाद गोंड जिलाध्यक्ष बाईट.. बिंदेशवरी प्रशाद गोंड प्रदेश अध्यक्ष4
- कुशीनगर में 20 बोरी यूरिया कालाबाजारी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था मथौली बाजार का सचिव ,पुलिस की कार्यवाही पर सवाल कुशीनगर में 20 बोरा यूरिया खाद कालाबाजारी करते हुए पकड़े जाने का मामला पकड़ा तुल - 20 बोरी यूरिया कालाबाजारी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था मथौली बाजार का सचिव - डीएओ द्वारा कप्तानगंज पुलिस को तहरीर देने के बाद भी अबतक दर्ज नहीं हुआ मुकदमा - आरोपी सचिव को बचाने के लिए गोलमाल कर रही कप्तानगंज थाने की पुलिस - जिला कृषि अधिकारी द्वारा 2 सप्ताह पूर्व कप्तानगंज थाने में दिया गया था तहरीर - मथौली बाजार साधन सहकारी समिति के सचिव पर उर्वरक हेरा फेरी करने के आरोप सिद्ध होने पर डीएओ ने दिया था तहरीर - जाँच के दौरान पीओएस मशीन में दिख रहे 428 बोरी यूरिया व 192 बोरी डीएपी गायब होने की हुई थी पुष्टि - जिला कृषि अधिकारी द्वारा 2 सप्ताह पूर्व 22 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज होने का जारी किया गया था प्रेसनोट - डीएम की संस्तुति के बाद भी प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी कर रही है कप्तानगंज थाने की पुलिस - कप्तानगंज थाना क्षेत्र के मथौली बाजार में पकड़ा गया था पिकअप से जा रहा यूरिया ।1
- कुशीनगर के हाटा तहसील क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर। प्रशासन ने पट्टन और सोनबरसा गांव में करीब 100 एकड़ सरकारी भूमि चिन्हित की है। शनिवार को खुद जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार मौके पर पहुंचे..."1
- सावन के पहले सोमवार पथलेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब सावन के पहले सोमवार पथलेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब सागर पाठक जिला संवाददाता पनियहवा (कुशीनगर)। सावन माह के पहले सोमवार के अवसर पर ऐतिहासिक पट मंदिर में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर परिसर में पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, दूध और गंगाजल अर्पित कर विधि-विधान से जलाभिषेक किया तथा भगवान शिव से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में दिनभर "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कुशीनगर के अलावा पड़ोसी बिहार से भी यहां पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। बताया जाता है कि कुशीनगर जनपद के पनियहवा क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक पथलेश्वर मंदिर में सावन के प्रत्येक सोमवार को दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पहले सोमवार पर भी आस्था का यही उत्साह देखने को मिला, जहां हजारों शिव भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।4
- कुशीनगर - सावन के पहले सोमवार कुबेरनाथ शिव मंदिर पर भक्तों का उमड़ा जनसैलाब कुशीनगर - सावन के पहले सोमवार कुबेरनाथ शिव मंदिर पर भक्तों का उमड़ा जनसैलाब सावन के पहले सोमवार को कुशीनगर के प्रसिद्ध प्राचीन शिव मंदिर कुबेरनाथ पर भक्तों जन सैलाब उमड़ पड़ा,रात 2 बजे से ही भक्त भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने के लिये लाइन में लग गए थे,वही मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई थानों के पुलिस बल व सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन कैमरा भी तैनात किये गए थे,त्रेता युग से जुड़े और कर्क रेखा पे स्थित इस मंदिर के गर्भ गृह में एक साथ तीन शिवलिंग है,मान्यता है कि जो भी भक्त भगवान शिव पर जलाभिषेक करता है उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है,कुबेरनाथ में स्थित शिवलिंगों का दर्शन काशी विश्वनाथ व परशुपति नाथ मंदिर के फल दायित्व ही माना जाता है क्योंकि इस मंदिर का इतिहास इन दोनों मंदिरों से जुड़ी हुई बताई जाती हैं,सावन के महीनो में हर वर्ष यहां हजारों के संख्या में भक्त आते है और भगवान कुबेरनाथ पर जलाभिषेक करते है ।3
- ब्रैकिंग कुशीनगर..... राष्ट्रीय राज मार्ग पर ऑटो पलटने से पानी मे गिरा 4 माह का बच्चो राहगीरों और दुकानदारों की मदद से बची मासूम की जान बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली सडक हुई गड्ढे मे तब्दील जानकारी के बाद भी मौन है जिम्मेदार जिले के पडरौना शहर के कटकुइया मोड़, और सिधुवा स्थान के पास राष्ट्रीय मुख्य राज मार्ग हुआ भारी गड्ढे मे तब्दील दोनों स्थानों पर लगभग 200 मीटर के करीब भारी गड्ढे मे तब्दील हुआ राष्ट्रीय राज मार्ग आए दिन राहगीर हो रहे घटना के शिकार कुशीनगर जिले के पडरौना विधानसभा का पूरा मामला ब्रैकिंग कुशीनगर.....राष्ट्रीय राज मार्ग पर ऑटो पलटने से पानी मे गिरा 4 माह का बच्चो राहगीरों और दुकानदारों की मदद से बची मासूम की जान बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली सडक हुई गड्ढे मे तब्दील जानकारी के बाद भी मौन है जिम्मेदार जिले के पडरौना शहर के कटकुइया मोड़, और सिधुवा स्थान के पास राष्ट्रीय मुख्य राज मार्ग हुआ भारी गड्ढे मे तब्दील दोनों स्थानों पर लगभग 200 मीटर के करीब भारी गड्ढे मे तब्दील हुआ राष्ट्रीय राज मार्ग आए दिन राहगीर हो रहे घटना के शिकार कुशीनगर जिले के पडरौना विधानसभा का पूरा मामला1