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स्नेह और समर्पण का पर्व: रक्षाबंधन इस पर प्रकाश डाल रहे है जनपद के वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार राज अपने लेख में। ​रक्षा बंधन भारतीय संस्कृति के उन सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है जो रिश्तों की मिठास और परिवार के अटूट बंधन को उत्सव का रूप देते हैं। श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह त्योहार मुख्य रूप से भाई और बहन के बीच के निस्वार्थ प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के वचन का प्रतीक है। ​सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्त्व ​धागे का रक्षा-सूत्र: 'रक्षा बंधन' का शाब्दिक अर्थ है 'सुरक्षा का धागा'। बहन जब भाई की कलाई पर रेशमी धागा बांधती है, तो वह केवल एक परंपरा नहीं निभाती, बल्कि भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है। ​संरक्षण का वचन: भाई अपनी बहन को उपहार देने के साथ-साथ जीवन के हर मोड़ पर उसकी रक्षा करने और उसका साथ निभाने का संकल्प लेता है। ​पौराणिक कथाएं: इस पर्व का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। महाभारत में द्रौपदी द्वारा श्रीकृष्ण की अंगुली पर अपनी साड़ी का टुकड़ा बांधने और कृष्ण द्वारा उनका चीर-हरण से संरक्षण करने की कथा इस त्योहार की भावना को जीवंत रूप से दर्शाती है। ​बदलते दौर में रक्षा बंधन का निखरता स्वरूप समय के साथ रक्षा बंधन का दायरा केवल सगे भाई-बहनों तक सीमित नहीं रहा है। आज यह पर्व सीमाओं को तोड़कर एक व्यापक सामाजिक संदेश बन चुका है: ​समानता और संवेदनशीलता: अब बहनें एक-दूसरे की रक्षा का संकल्प लेते हुए आपस में भी राखी बांधती हैं। ​सैनिकों को समर्पण: देश की सीमाओं पर तैनात जवानों को राखी भेजकर देशवासी उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। ​पर्यावरण संरक्षण: आधुनिक समय में लोग प्रकृति की रक्षा का संदेश देने के लिए वृक्षों को भी रक्षा-सूत्र (वृक्ष बंधन) बांधने लगे हैं। ​रक्षा बंधन केवल रोली, चावल, मिठाई और धागे तक सीमित नहीं है; यह एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी और आत्मीयता का अहसास कराने वाला पर्व है। यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि भागदौड़ भरी जिंदगी में चाहे दूरियां कितनी भी बढ़ जाएं, दिल का संबंध हमेशा रेशम के इन पावन धागों की तरह मजबूत बना रहता है।

52 min ago
user_Rajkumar Raj
Rajkumar Raj
Financial Analyst बिजनौर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
52 min ago
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स्नेह और समर्पण का पर्व: रक्षाबंधन इस पर प्रकाश डाल रहे है जनपद के वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार राज अपने लेख में। ​रक्षा बंधन भारतीय संस्कृति के उन सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है जो रिश्तों की मिठास और परिवार के अटूट बंधन को उत्सव का रूप देते हैं। श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह त्योहार मुख्य रूप से भाई और बहन के बीच के निस्वार्थ प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के वचन का प्रतीक है। ​सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्त्व ​धागे का रक्षा-सूत्र: 'रक्षा बंधन' का शाब्दिक अर्थ है 'सुरक्षा का धागा'। बहन जब भाई की कलाई पर रेशमी धागा बांधती है, तो वह केवल एक परंपरा नहीं निभाती, बल्कि भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है। ​संरक्षण का वचन: भाई अपनी बहन को उपहार देने के साथ-साथ जीवन के हर मोड़ पर उसकी रक्षा करने और उसका साथ निभाने का संकल्प लेता है। ​पौराणिक कथाएं: इस पर्व का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। महाभारत में द्रौपदी द्वारा श्रीकृष्ण की अंगुली पर अपनी साड़ी का टुकड़ा बांधने और कृष्ण द्वारा उनका चीर-हरण से संरक्षण करने की कथा इस त्योहार की भावना को जीवंत रूप से दर्शाती है। ​बदलते दौर में रक्षा बंधन का निखरता स्वरूप समय के साथ रक्षा बंधन का दायरा केवल सगे भाई-बहनों तक सीमित नहीं रहा है। आज यह पर्व सीमाओं को तोड़कर एक व्यापक सामाजिक संदेश बन चुका है: ​समानता और संवेदनशीलता: अब बहनें एक-दूसरे की रक्षा का संकल्प लेते हुए आपस में भी राखी बांधती हैं। ​सैनिकों को समर्पण: देश की सीमाओं पर तैनात जवानों को राखी भेजकर देशवासी उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। ​पर्यावरण संरक्षण: आधुनिक समय में लोग प्रकृति की रक्षा का संदेश देने के लिए वृक्षों को भी रक्षा-सूत्र (वृक्ष बंधन) बांधने लगे हैं। ​रक्षा बंधन केवल रोली, चावल, मिठाई और धागे तक सीमित नहीं है; यह एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी और आत्मीयता का अहसास कराने वाला पर्व है। यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि भागदौड़ भरी जिंदगी में चाहे दूरियां कितनी भी बढ़ जाएं, दिल का संबंध हमेशा रेशम के इन पावन धागों की तरह मजबूत बना रहता है।

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  • मौत के मुंह से एकदम करीब से बचकर वापस आ गए ये लोग बहुत ही ख़तरनाक मंजर
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    मौत के मुंह से एकदम करीब से बचकर वापस आ गए ये लोग बहुत ही ख़तरनाक मंजर
    user_Mukesh Rportar
    Mukesh Rportar
    Local News Reporter बिजनौर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • आज भारतीए किसान संगठन एकता की समीपुर में बैठक हुई जिसमें कई मुद्दों को लेकर चर्चा हुई मोजूद रहे राष्टीय उपाध्यक्ष नौशाद चौहान राष्टीय उपाध्यक्ष अशोक यादव मंडल प्रभारी फुरकान खान जिलाअध्यक्ष अतीक अहमद देहरादून जिला अध्यक्ष मोहम्मद जाबिर को बिजनौर बनाया गया और शजहजाद मलिक को मंडल परवकता मुरादाबाद बनाया गया तमाम कार्य करता मोजूद रहे
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    आज भारतीए किसान संगठन एकता की समीपुर में बैठक हुई जिसमें कई मुद्दों को लेकर चर्चा हुई मोजूद रहे राष्टीय उपाध्यक्ष नौशाद चौहान राष्टीय उपाध्यक्ष अशोक यादव मंडल प्रभारी फुरकान खान जिलाअध्यक्ष अतीक अहमद देहरादून जिला अध्यक्ष मोहम्मद जाबिर को बिजनौर बनाया गया और शजहजाद मलिक को मंडल परवकता मुरादाबाद बनाया गया तमाम कार्य करता मोजूद रहे
    user_Shahzad Malik
    Shahzad Malik
    बिजनौर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • ताजपुर में बारिश ने खोली विकास की पोल, नाला साफ नहीं होने से जलभराव के हालात नूरपुर के ताजपुर में बारिश के बाद जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। नाला साफ नहीं होने से गंदा पानी और जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। लोगों ने जिम्मेदार विभाग से सफाई और स्थायी जलनिकासी की मांग की है।
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    ताजपुर में बारिश ने खोली विकास की पोल, नाला साफ नहीं होने से जलभराव के हालात
नूरपुर के ताजपुर में बारिश के बाद जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। नाला साफ नहीं होने से गंदा पानी और जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। लोगों ने जिम्मेदार विभाग से सफाई और स्थायी जलनिकासी की मांग की है।
    user_Sikandar saifi
    Sikandar saifi
    Local News Reporter चांदपुर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बिजनौर में सावन माह खत्म होते ही खनन माफियाओं के हौसले बुलंद जिलाधिकारी के आदेशों की उड़ा रहे खुलकर धज्जियां खुलेआम कर रहे बिजनौर जिले में अवैध खनन संबंधित अधिकारी सब कुछ जानकर भी बने मौन, जबकि जिले में पूरी तरह प्रतिबंधित है अवैध खनन #Dmbijnor #spbijnor #bijnorpolice #BijnorPolice #brekingnews #tezindialivenews #UPCMYogiAdityanath बिजनौर में सावन माह खत्म होते ही खनन माफियाओं के हौसले बुलंद जिलाधिकारी के आदेशों की उड़ा रहे खुलकर धज्जियां खुलेआम कर रहे बिजनौर जिले में अवैध खनन संबंधित अधिकारी सब कुछ जानकर भी बने मौन, जबकि जिले में पूरी तरह प्रतिबंधित है अवैध खनन #Dmbijnor #spbijnor #bijnorpolice #BijnorPolice #brekingnews #tezindialivenews #UPCMYogiAdityanath
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    बिजनौर में सावन माह खत्म होते ही खनन माफियाओं के हौसले बुलंद जिलाधिकारी के आदेशों की उड़ा रहे खुलकर धज्जियां खुलेआम कर रहे बिजनौर जिले में अवैध खनन संबंधित अधिकारी सब कुछ जानकर भी बने मौन, जबकि जिले में पूरी तरह प्रतिबंधित है अवैध खनन
#Dmbijnor #spbijnor #bijnorpolice #BijnorPolice #brekingnews #tezindialivenews #UPCMYogiAdityanath
बिजनौर में सावन माह खत्म होते ही खनन माफियाओं के हौसले बुलंद जिलाधिकारी के आदेशों की उड़ा रहे खुलकर धज्जियां खुलेआम कर रहे बिजनौर जिले में अवैध खनन संबंधित अधिकारी सब कुछ जानकर भी बने मौन, जबकि जिले में पूरी तरह प्रतिबंधित है अवैध खनन
#Dmbijnor #spbijnor #bijnorpolice #BijnorPolice #brekingnews #tezindialivenews #UPCMYogiAdityanath
    user_Mohit Kumar
    Mohit Kumar
    चांदपुर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बिजनौर में वन विभाग को बड़ी कामयाबी: मंडाइयो से शिफ्ट किया पिंजरा,अगवानपुर में 3 दिन बाद फंसा गुलदार,देखने को उमड़ी हजारों की भीड़ अफजलगढ़, बिजनौर।* विकास खंड अफजलगढ़ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अजीमुल्ला नगर में पिछले 15-20 दिनों से गुलदार के आतंक से दहशत में जी रहे ग्रामीणों ने आखिरकार राहत की सांस ली है। वन विभाग की सूझबूझ और ग्रामीणों के सहयोग से एक बड़े गुलदार को पिंजरे में कैद कर लिया गया है। ग्राम पंचायत अजीमुल्ला नगर के अगवानपुर मे पिछले काफी दिनों से 4 गुलदारों के देखे जाने की खबर आ रही थी। ग्रामीणों के अनुसार इसमें 2 बड़े नर-मादा गुलदार और उनके 2 शावक (बच्चे) शामिल हैं। शाम होते ही गुलदार आबादी और खेतों के किनारे आ जाते थे, जिससे किसानों का खेतों में जाना भी मुश्किल हो गया था। कई बार कुत्तों और पशुओं पर हमले की भी सूचना मिली थी। इसकी लगातार शिकायत हम लोगों द्वारा वन विभाग को की जा रही थी। पहले मंडाइयो में लगा था पिंजरा जानकारी देते हुए ग्रामीण रोहित कुमार ने बताया कि वन विभाग के दरोगा सत्यवीर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। पहले रणनीति के तहत ग्राम खुशहालपुर की मंडाइयो के जंगल किनारे पिंजरा लगाया गया था। करीब 10-12 दिन तक पिंजरा वहीं लगा रहा,लेकिन गुलदार बहुत चालाक निकला और उस एरिया में आना-जाना बंद कर दिया। ग्रामीण रोहित कुमार,चरनजीत सिंह,कुतरू सिंह,ओमप्रकाश सिंह और गौतम सिंह ने दरोगा जी से बात करके पिंजरे की जगह बदलने को कहा। वन विभाग ने पिंजरे को मंडाइयो से हटाकर अगवानपुर में शिफ्ट कर दिया।अगवानपुर में पिछले 2-3 दिन से लगातार निगरानी की जा रही थी और पिंजरे में कुत्ते को चारे के रूप में रखा गया था। आखिरकार मंगलवार देर शाम एक बड़ा गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार के पिंजरे में कैद होने की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। वीडियो बनाने और देखने को उमड़ी भीड़,लगा जाम गुलदार के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पिंजरे को ले जाते समय हजारों की भीड़ जमा हो गई।सिर्फ अगवानपुर ही नहीं, बल्कि खुशहालपुर, मंडाइयो,रसूलपुर कादराबाद,और आसपास के दर्जनों गांवों से लोग* बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर देखने पहुंच गए। आलम यह था कि गुलदार को ले जाते समय मुख्य रोड पर लंबा जाम लग गया। हर कोई अपने मोबाइल से वीडियो बना रहा था और फोटो खींच रहा था। मौके पर रोहित कुमार,चरणजीत सिंह,कुतरू सिंह,ओमप्रकाश सिंह,गौतम सिंह सहित ग्राम पंचायत के आधे से ज्यादा सदस्य और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।अभी भी 3 गुलदार बाकी है, दहशत बरकरार है ग्रामीणों ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार तो एक ही है,जबकि उसी स्थान पर अभी 3 गुलदार और घूम रहे हैं। इसलिए पूरी तरह से डर खत्म नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बाकी बचे गुलदारों को भी जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि किसान बिना डर के अपने खेतों में जा सकें। फिलहाल वन विभाग की टीम पकड़े गए गुलदार को अपने साथ ले गई है और उसे कालागढ़ टाइगर रिजर्व जंगल में सुरक्षित छोड़ा जाएगा।रोहित कुमार गौतम सिंह ओमप्रकाश सिंह चरंजीत सिंह जसवंत सिंह व ग्रामवासियों ने इस कामयाबी के लिए वन दरोगा सत्यवीर जी और उनकी पूरी टीम का दिल से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।
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    बिजनौर में वन विभाग को बड़ी कामयाबी: मंडाइयो से शिफ्ट किया पिंजरा,अगवानपुर में 3 दिन बाद फंसा गुलदार,देखने को उमड़ी हजारों की भीड़
अफजलगढ़, बिजनौर।* विकास खंड अफजलगढ़ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अजीमुल्ला नगर में पिछले 15-20 दिनों से गुलदार के आतंक से दहशत में जी रहे ग्रामीणों ने आखिरकार राहत की सांस ली है। वन विभाग की सूझबूझ और ग्रामीणों के सहयोग से एक बड़े गुलदार को पिंजरे में कैद कर लिया गया है।
ग्राम पंचायत अजीमुल्ला नगर के अगवानपुर मे पिछले काफी दिनों से 4 गुलदारों के देखे जाने की खबर आ रही थी। ग्रामीणों के अनुसार इसमें 2 बड़े नर-मादा गुलदार और उनके 2 शावक (बच्चे) शामिल हैं। शाम होते ही गुलदार आबादी और खेतों के किनारे आ जाते थे, जिससे किसानों का खेतों में जाना भी मुश्किल हो गया था। कई बार कुत्तों और पशुओं पर हमले की भी सूचना मिली थी।
इसकी लगातार शिकायत हम लोगों द्वारा वन विभाग को की जा रही थी।
पहले मंडाइयो में लगा था पिंजरा
जानकारी देते हुए ग्रामीण रोहित कुमार ने बताया कि वन विभाग के दरोगा सत्यवीर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। पहले रणनीति के तहत ग्राम  खुशहालपुर की मंडाइयो के जंगल किनारे पिंजरा लगाया गया था। करीब 10-12 दिन तक पिंजरा वहीं लगा रहा,लेकिन गुलदार बहुत चालाक निकला और उस एरिया में आना-जाना बंद कर दिया।
ग्रामीण रोहित कुमार,चरनजीत सिंह,कुतरू सिंह,ओमप्रकाश सिंह और गौतम सिंह ने दरोगा जी से बात करके पिंजरे की जगह बदलने को कहा।
वन विभाग ने पिंजरे को मंडाइयो से हटाकर अगवानपुर में शिफ्ट कर दिया।अगवानपुर में पिछले 2-3 दिन से लगातार निगरानी की जा रही थी और पिंजरे में कुत्ते को चारे के रूप में रखा गया था। आखिरकार मंगलवार देर शाम एक बड़ा गुलदार पिंजरे में कैद हो गया।
गुलदार के पिंजरे में कैद होने की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई।
वीडियो बनाने और देखने को उमड़ी भीड़,लगा जाम
गुलदार के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पिंजरे को ले जाते समय हजारों की भीड़ जमा हो गई।सिर्फ अगवानपुर ही नहीं, बल्कि खुशहालपुर, मंडाइयो,रसूलपुर कादराबाद,और आसपास के दर्जनों गांवों से लोग* बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर देखने पहुंच गए। आलम यह था कि गुलदार को ले जाते समय मुख्य रोड पर लंबा जाम लग गया। हर कोई अपने मोबाइल से वीडियो बना रहा था और फोटो खींच रहा था।
मौके पर रोहित कुमार,चरणजीत सिंह,कुतरू सिंह,ओमप्रकाश सिंह,गौतम सिंह सहित ग्राम पंचायत के आधे से ज्यादा सदस्य और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।अभी भी 3 गुलदार बाकी है, दहशत बरकरार है 
ग्रामीणों ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार तो एक ही है,जबकि उसी स्थान पर अभी 3 गुलदार और घूम रहे हैं। इसलिए पूरी तरह से डर खत्म नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बाकी बचे गुलदारों को भी जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि किसान बिना डर के अपने खेतों में जा सकें।
फिलहाल वन विभाग की टीम पकड़े गए गुलदार को अपने साथ ले गई है और उसे कालागढ़ टाइगर रिजर्व जंगल में सुरक्षित छोड़ा जाएगा।रोहित कुमार गौतम सिंह ओमप्रकाश सिंह चरंजीत सिंह जसवंत सिंह व ग्रामवासियों ने इस कामयाबी के लिए वन दरोगा सत्यवीर जी और उनकी पूरी टीम का दिल से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।
    user_Rohit kumar
    Rohit kumar
    Voice of people धामपुर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बिजनौर महात्मा विदुर मेडिकल कालेज जिला अस्पताल के आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को पिछले चार महीने से नहीं मिल रहा वेतन। नाराज कर्मियों ने दिया धरना। मेडिकल कालेज प्रशासन समझाने का कर रहा प्रयास। आउट सोर्सिंग कम्पनी कर रही कर्मचारियों का शोषण। कर्मियों ने लगाई सीएम से वेतन दिलाने की गुहार।
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    बिजनौर महात्मा विदुर मेडिकल कालेज  जिला अस्पताल के आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को पिछले चार महीने से नहीं मिल रहा वेतन। नाराज कर्मियों ने दिया धरना। मेडिकल कालेज प्रशासन समझाने का कर रहा प्रयास। आउट सोर्सिंग कम्पनी कर रही कर्मचारियों का शोषण। कर्मियों ने लगाई सीएम से वेतन दिलाने की गुहार।
    user_HNNK News Sabir
    HNNK News Sabir
    नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • नजीबाबाद के ग्राम समीपुर में गुलदार ने बकरी पर किया हमला ग्रामवासियों के जागने पर घायल अवस्था में छोड़ भागा ग्रामीणों ने वन विभाग पर उठाएं सवालग्राम समीपुर में गुलदार ने बकरी पर किया हमला मलिक के जागने पर गुलदार बकरी को घायल अवस्था में छोड़कर भागा नजीबाबाद ब्लॉक के गांव समीपुर में 26 और 27 अगस्त की बीती रात्रि 12:00 बजे के करीब घर में बंधी फालतू बकरी पर गुलदार ने हमला कर दिया गनीमत रही उस समय अचानक से बकरी मलिक मोहन सिंह जाग गया उसने गुलदार को भगाया गुलदार घायल अवस्था में बकरी को छोड़कर वहां से भाग गया । घटना से गांव में गुलदार की दहशत का माहौल है ग्राम प्रधान समीपुर सत्य वीर ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में गुलदार मौजूद हैं आज से चार दिन पूर्व गुलदार के द्वारा बंदर को अपना निवाला बनाया गया था उससे पहले भी गुलदार की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी गुलदार रेडियो स्टेशन की दीवार पर बैठा दिखाई दिया था गुलदार के दहशत से ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं स्कूल को जाने व राहगीर रास्ते से गुजरने पर गुलदार की दहशत से भयभीत है। इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी रामकुमार का कहना है कि ग्राम समीपुर में घटनास्थल के समीप पिंजरा लगाया जाएगा और ड्रोन कैमरे उड़ाकर गुलदार को ट्रैक किया जाएगा। ग्राम समीपुर में गुलदार ने बकरी पर किया हमला मलिक के जागने पर गुलदार बकरी को घायल अवस्था में छोड़कर भागा नजीबाबाद ब्लॉक के गांव समीपुर में 26 और 27 अगस्त की बीती रात्रि 12:00 बजे के करीब घर में बंधी फालतू बकरी पर गुलदार ने हमला कर दिया गनीमत रही उस समय अचानक से बकरी मलिक मोहन सिंह जाग गया उसने गुलदार को भगाया गुलदार घायल अवस्था में बकरी को छोड़कर वहां से भाग गया । घटना से गांव में गुलदार की दहशत का माहौल है ग्राम प्रधान समीपुर सत्य वीर ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में गुलदार मौजूद हैं आज से चार दिन पूर्व गुलदार के द्वारा बंदर को अपना निवाला बनाया गया था उससे पहले भी गुलदार की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी गुलदार रेडियो स्टेशन की दीवार पर बैठा दिखाई दिया था गुलदार के दहशत से ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं स्कूल को जाने व राहगीर रास्ते से गुजरने पर गुलदार की दहशत से भयभीत है। इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी रामकुमार का कहना है कि ग्राम समीपुर में घटनास्थल के समीप पिंजरा लगाया जाएगा और ड्रोन कैमरे उड़ाकर गुलदार को ट्रैक किया जाएगा।
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    नजीबाबाद के ग्राम समीपुर में गुलदार ने बकरी पर किया हमला ग्रामवासियों के जागने पर घायल अवस्था में छोड़ भागा ग्रामीणों ने वन विभाग पर उठाएं सवालग्राम समीपुर में गुलदार ने  बकरी पर किया हमला मलिक के जागने पर गुलदार बकरी को घायल अवस्था में छोड़कर भागा 
नजीबाबाद ब्लॉक के गांव समीपुर में
26 और 27 अगस्त की बीती रात्रि 12:00 बजे के करीब घर में बंधी फालतू बकरी पर गुलदार ने हमला कर दिया गनीमत रही उस समय अचानक से बकरी मलिक  मोहन सिंह जाग गया उसने गुलदार को  भगाया गुलदार घायल अवस्था में बकरी को छोड़कर वहां से भाग गया । घटना से गांव में गुलदार की दहशत का माहौल है ग्राम प्रधान समीपुर  सत्य वीर ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में गुलदार मौजूद हैं आज से चार दिन पूर्व गुलदार के द्वारा बंदर को अपना निवाला  बनाया गया था उससे पहले भी गुलदार की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी गुलदार रेडियो स्टेशन की दीवार पर बैठा दिखाई दिया था गुलदार के दहशत से ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं स्कूल को जाने व  राहगीर रास्ते से गुजरने पर गुलदार की दहशत से भयभीत है।
इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी रामकुमार का कहना है कि ग्राम समीपुर में घटनास्थल के समीप पिंजरा लगाया जाएगा और ड्रोन कैमरे उड़ाकर गुलदार को ट्रैक किया जाएगा।
ग्राम समीपुर में गुलदार ने  बकरी पर किया हमला मलिक के जागने पर गुलदार बकरी को घायल अवस्था में छोड़कर भागा 
नजीबाबाद ब्लॉक के गांव समीपुर में
26 और 27 अगस्त की बीती रात्रि 12:00 बजे के करीब घर में बंधी फालतू बकरी पर गुलदार ने हमला कर दिया गनीमत रही उस समय अचानक से बकरी मलिक  मोहन सिंह जाग गया उसने गुलदार को  भगाया गुलदार घायल अवस्था में बकरी को छोड़कर वहां से भाग गया । घटना से गांव में गुलदार की दहशत का माहौल है ग्राम प्रधान समीपुर  सत्य वीर ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में गुलदार मौजूद हैं आज से चार दिन पूर्व गुलदार के द्वारा बंदर को अपना निवाला  बनाया गया था उससे पहले भी गुलदार की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी गुलदार रेडियो स्टेशन की दीवार पर बैठा दिखाई दिया था गुलदार के दहशत से ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं स्कूल को जाने व  राहगीर रास्ते से गुजरने पर गुलदार की दहशत से भयभीत है।
इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी रामकुमार का कहना है कि ग्राम समीपुर में घटनास्थल के समीप पिंजरा लगाया जाएगा और ड्रोन कैमरे उड़ाकर गुलदार को ट्रैक किया जाएगा।
    user_Raj Sharma
    Raj Sharma
    Software Developer नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • नूरपुर में घायल काली चील का रेस्क्यू, वन विभाग ने बचाई जान नूरपुर में बुधवार शाम एक घायल काली चील मकान की छत पर गिर गई। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और चील का सफल रेस्क्यू किया। इलाज और देखभाल के लिए उसे बिजनौर की प्रेम पथ संस्था को सौंप दिया गया।
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    नूरपुर में घायल काली चील का रेस्क्यू, वन विभाग ने बचाई जान
नूरपुर में बुधवार शाम एक घायल काली चील मकान की छत पर गिर गई। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और चील का सफल रेस्क्यू किया। इलाज और देखभाल के लिए उसे बिजनौर की प्रेम पथ संस्था को सौंप दिया गया।
    user_Sikandar saifi
    Sikandar saifi
    Local News Reporter चांदपुर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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