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दिल्ली में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और उसमें बढ़ती भागीदारी को लेकर पारदर्शिता के गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। कानून के तहत अतिक्रमण हटाने का अधिकार केवल प्रशासन और संबंधित सरकारी एजेंसियों के पास ही सुरक्षित है। ऐसे में यदि किसी जनप्रतिनिधि की मौजूदगी में इस तरह का कोई अभियान चलाया जा रहा है, तो यह पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए कि यह किस विभाग की कार्रवाई है और किस कानूनी आदेश के तहत इसे अंजाम दिया जा रहा है। जनता इस पूरी प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही चाहती है कि यह कार्रवाई किस अधिकारी के आदेश पर की जा रही है, संबंधित विभाग कौन-सा है और इसमें जनप्रतिनिधि की आधिकारिक भूमिका क्या है। कानून का पालन सभी पर समान रूप से होना चाहिए और इस तरह की हर कार्रवाई में पारदर्शिता और जवाबदेही उतनी ही जरूरी है।
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दिल्ली में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और उसमें बढ़ती भागीदारी को लेकर पारदर्शिता के गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। कानून के तहत अतिक्रमण हटाने का अधिकार केवल प्रशासन और संबंधित सरकारी एजेंसियों के पास ही सुरक्षित है। ऐसे में यदि किसी जनप्रतिनिधि की मौजूदगी में इस तरह का कोई अभियान चलाया जा रहा है, तो यह पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए कि यह किस विभाग की कार्रवाई है और किस कानूनी आदेश के तहत इसे अंजाम दिया जा रहा है। जनता इस पूरी प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही चाहती है कि यह कार्रवाई किस अधिकारी के आदेश पर की जा रही है, संबंधित विभाग कौन-सा है और इसमें जनप्रतिनिधि की आधिकारिक भूमिका क्या है। कानून का पालन सभी पर समान रूप से होना चाहिए और इस तरह की हर कार्रवाई में पारदर्शिता और जवाबदेही उतनी ही जरूरी है।
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- अमेठी के गांधी चौक पर स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा की बदहाल स्थिति और चारों तरफ फैले गंदगी के अंबार को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। आज 12 जुलाई दिन रविवार को इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग उठाई गई है। प्रतिमा परिसर में हर तरफ गंदगी फैली हुई है, रेलिंग क्षतिग्रस्त है और आसपास के अतिक्रमण के कारण परिसर की सुंदरता काफी प्रभावित हो रही है। अब देखना यह है कि पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद इस समस्या का समाधान कितने दिनों में होता है। इस मामले में भारतीय जागृति मिशन दिव्यांग संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता जी ने संबंधित अधिकारियों से प्रतिमा परिसर की नियमित साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि परिसर में लगा पानी का फव्वारा भी काफी समय से खराब पड़ा हुआ है। इसके अलावा, वहां बैठने व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के अभाव के कारण आम जनमानस को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता जी का कहना है कि देश को आजादी दिलाने वाले महापुरुषों को केवल उनकी जयंती पर याद करने के बजाय उनकी प्रतिमाओं और स्मारकों की नियमित देखभाल भी की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि गांधी प्रतिमा की प्रतिदिन साफ-सफाई कराई जाए, टूटी रेलिंग की मरम्मत कर उसे सही कराया जाए और आसपास का अतिक्रमण हटाकर पूरी जगह का शुद्धीकरण कराया जाए। कानपुर से संवाददाता दिनकर जी की इस रिपोर्ट को लेकर वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज एवं समृद्ध भारत समाचार पत्र वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- nali mein jari rakhi hai thoda bada hai1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के यातायात विभाग से जुड़ा एक कथित रिश्वतखोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन व्यवस्था के लिए लगातार अभियान चला रही है। इस घटना ने सीधे तौर पर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला लखनऊ के मड़ियाव चंद्राढाल क्षेत्र का है, जहां यातायात सुचारु रखने और नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यावसायिक वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई करने के लिए यातायात विभाग के टीएसआई निर्भय सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में आरोप लगाया गया है कि बसों का चालान न करने के एवज में टीएसआई द्वारा बस चालक एवं वाहन प्रबंधन से ₹5,000 की मांग की गई। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का दावा है कि उसने स्वयं पुलिस बूथ पर जाकर यह राशि टीएसआई को दी और इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इस कथित वीडियो में बसों की संख्या, उनके संचालन और पैसों के लेन-देन को लेकर बातचीत भी सुनाई दे रही है। फिलहाल इस वायरल वीडियो की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही पुलिस विभाग की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पुलिस की छवि और सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा। अब सभी की निगाहें डीसीपी यातायात रवीना त्यागी पर टिकी हैं कि वह इस मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराती हैं या नहीं, और सत्यता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध क्या विभागीय और विधिक कार्रवाई की जाती है।1
- अमरीका की ओर से ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियान जारी है। इस बड़ी खबर के बीच अब अमेरिका के फाइटर जेट ईरान की ओर बढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि आज की रात ईरान के लिए बहुत अहम होने वाली है।1
- ईरानी सेना ने कुवैत में अमेरिकी एटीएसीएमएस जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों को निशाना बनाते हुए 3 मिसाइलों से अचानक हमला किया है। यह हमला कुछ ही देर पहले किया गया है, जिसमें सीधे तौर पर कुवैत में मौजूद अमेरिकी मिसाइल प्रणालियों को निशाना बनाया गया।1