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दलित बस्तियों में जहरीले जानवरों से मौत का गंभीर खतरा बना हुआ है। इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि आखिर इन लोगों को इतनी बड़ी मुसीबत और संकट क्यों झेलना पड़ता है।
बसंत राय प्रदेश अध्यक्ष मजदूर संघ आप पार्टी मध्य प्रदेश
दलित बस्तियों में जहरीले जानवरों से मौत का गंभीर खतरा बना हुआ है। इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि आखिर इन लोगों को इतनी बड़ी मुसीबत और संकट क्यों झेलना पड़ता है।
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- कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देशानुसार दमोह कलेक्ट्रेट के कक्ष क्रमांक-10 में मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चली इस जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे और अपर कलेक्टर मीना मसराम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान कुल 257 आवेदनों पर सुनवाई की गई, जिनमें मुख्य रूप से राजस्व, पंचायत, सामाजिक सुरक्षा, भूमि विवाद, पेयजल और बिजली सहित अन्य विभागों से जुड़े मामले शामिल थे। अधिकारियों ने आवेदकों को उनकी समस्याओं के समाधान के संबंध में आवश्यक जानकारी भी प्रदान की। जनसुनवाई के उपरांत, संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए। इस अवसर पर एसडीएम सौरव गंधार, डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापति, लोक सेवा प्रबंधन चक्रेश पटेल समेत विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- पन्ना जिले में हुई पहली तेज बारिश ने जिला चिकित्सालय की लचर व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी है। करोड़ों रुपए के रखरखाव और मेंटेनेंस बजट के दावों के बावजूद, अस्पताल की बदहाल स्थिति सामने आ गई है।1
- कटनी जिले के विकासखंड बहोरीबंद के वनांचल क्षेत्र पथराड़ी-पिपरिया से केवलारी निपनिया मार्ग की वर्षों से खराब स्थिति ग्रामीणों के लिए भारी परेशानियों का कारण बन चुकी थी। बारिश के दिनों में यह मार्ग दोपहिया वाहनों के लिए भी दुर्गम हो जाता था, जिससे शादी-विवाह के अवसरों पर बसें गाँव तक नहीं पहुँच पाती थीं और मरीजों के लिए एम्बुलेंस सेवा भी बाधित होती थी। ग्रामीणों का कहना है कि वे हर साल बारिश के दौरान श्रमदान कर सड़क को मोटरसाइकिल चलाने लायक बनाते थे। अब इस मार्ग पर सीआरएम तकनीक से सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के बाद लोगों को राहत मिलने लगी है। करीब ₹8 करोड़ 65 लाख की लागत से बनने वाली यह 9 किलोमीटर लंबी सड़क वर्तमान में प्रगति पर है। पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ रविन्द्र बत्रा के अनुसार, निर्माण कार्य मौसम पर निर्भर करेगा और अनुकूल मौसम मिलने पर इसे वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। उल्लेखनीय है कि इस सड़क का भूमिपूजन 7 फरवरी को सांसद वीडी शर्मा और विधायक प्रणय पांडेय ने किया था। इस सड़क के बनने से केवलारी निपनिया सहित आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, कटनी के सरसवाही स्थित वार्ड क्रमांक 2 और 3 में नालियों की लंबे समय से सफाई न होने के कारण स्थानीय लोगों को समस्याएँ झेलनी पड़ रही हैं। नालियों में गंदगी जमा होने से दुर्गंध फैल रही है और जल निकासी भी बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि कई दिनों से सफाई नहीं कराई गई है, जिससे बरसात के मौसम में स्थिति और खराब हो गई है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग और पंचायत प्रशासन से जल्द से जल्द नालियों की सफाई कराने की मांग की है, ताकि उन्हें गंदगी और जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।1
- श्रद्धालुओं से माई की आरती करने का आह्वान किया गया है, जिसमें विशेष रूप से दिन में दो बार यह अनुष्ठान करने का उल्लेख है। यह संदेश भक्तों को देवी माँ की पूजा अर्चना में शामिल होने के लिए प्रेरित करता है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले के गढ़ाकोटा क्षेत्र में निवासियों को सड़क की गंभीर बदहाली के कारण भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, उनके 'कॉमेडी के रास्ते' की स्थिति इतनी खराब है कि इसके चलते स्कूली बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए सरपंच-सचिव से कई बार संपर्क कर सड़क का निर्माण करवाने या मुरम डलवाने का आग्रह किया है। हालांकि, उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और सरपंच-सचिव उनकी समस्याओं को सुनने से मना कर रहे हैं।1
- जबलपुर के बड़ा फुहारा कमनिया क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 8 बजे बारिश के दौरान एक 4 मंजिला जर्जर इमारत अचानक ढह गई। यह इमारत एक दुकान थी, लेकिन गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। चूंकि मंगलवार को बाजार बंद था, इसलिए घटना स्थल पर भीड़ नहीं थी, जिससे कई जिंदगियों का बड़ा खतरा टल गया। हादसे की सूचना मिलते ही सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर निगम और पुलिस प्रशासन को मौके पर भेजा। फिलहाल, मौके पर मौजूद मशीनों द्वारा इमारत के बचे हुए जर्जर हिस्से को गिराने का काम शुरू कर दिया गया है। इस घटना के बाद ऐसी मांग उठ रही है कि सरकार शहर की सभी पुरानी और जर्जर मकान-दुकानों के लिए सख्त कानून लागू करे, जो खतरा पैदा कर रही हैं, और ऐसी सभी संपत्तियों को गिरा दिया जाए ताकि भविष्य में इस तरह के किसी हादसे से जनहानि न हो।1
- जबलपुर के तिलहरी, बिलहरी, गोरा बाजार और सदर क्षेत्र में एक काली स्कॉर्पियो द्वारा लगातार तांडव मचाने की जानकारी मिली है। बताया गया है कि यह वाहन ब्लैक ग्लास युक्त है और इस पर कोई नंबर प्लेट नहीं है, साथ ही यह वीआईपी हॉर्न का इस्तेमाल करता है। इस गाड़ी का चालक तेज रफ्तार से वाहन चलाता है और हॉर्न बजाकर राहगीरों को डराता है। गंभीर बात यह है कि इस क्षेत्र में बड़े-बड़े अधिकारियों के घर हैं, बावजूद इसके पुलिस और यातायात विभाग इस स्थिति से पूरी तरह बेखबर बने हुए हैं।1
- जबलपुर के बड़ा फुहारा कमनिया मेन रोड पर भारी बारिश के कारण एक चार मंजिला इमारत अचानक गिर गई। यह घटना मंगलवार को हुई, और चूंकि उस दिन बाजार बंद था, इसलिए सड़क पर सामान्य से कम भीड़ थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जिस जगह इमारत गिरी, वहां एक साड़ी की दुकान भी बंद थी। इस हादसे में किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई है।1