देश में त्वरित न्याय के दावों के बीच प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जहाँ एक बेबस बुजुर्ग पिछले 38 सालों से न्याय की आस में लगातार जिलाधिकारी (DM) कार्यालय के चक्कर काट रहा है। यह मामला सन 1988 से चला आ रहा है। इस अवधि में न जाने कितने जिलाधिकारियों का तबादला हुआ, कई DM आए और गए, लेकिन इस गरीब बुजुर्ग की फाइल धूल फांकती रही और उसे सिर्फ 'तारीख पर तारीख' तथा आश्वासन ही मिलते रहे। प्रशासनिक अमले के बड़े-बड़े दावों के बावजूद इस बुजुर्ग की फरियाद हर बार अनसुनी कर दी गई। पीढ़ियाँ बदल गईं और कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन पीड़ित की आँखें आज भी सिर्फ इंसाफ का इंतजार कर रही हैं। यह घटना हमारी न्याय प्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था की धीमी रफ्तार का एक कड़वा आईना है, जहाँ अक्सर गरीब की आवाज फाइलों के नीचे दबा दी जाती है। अब देखना यह होगा कि क्या वर्तमान प्रशासन इस मामले पर संज्ञान लेता है, या यह बुजुर्ग इसी तरह दफ्तरों की चौखट पर अपनी जिंदगी की आखिरी उम्मीदें दम तोड़ता रहेगा।
देश में त्वरित न्याय के दावों के बीच प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जहाँ एक बेबस बुजुर्ग पिछले 38 सालों से न्याय की आस में लगातार जिलाधिकारी (DM) कार्यालय के चक्कर काट रहा है। यह मामला सन 1988 से चला आ रहा है। इस अवधि में न जाने कितने जिलाधिकारियों का तबादला हुआ, कई DM आए और गए, लेकिन इस गरीब बुजुर्ग की फाइल धूल फांकती रही और उसे सिर्फ 'तारीख पर तारीख' तथा आश्वासन ही मिलते रहे। प्रशासनिक अमले के बड़े-बड़े दावों के बावजूद इस बुजुर्ग की फरियाद हर बार अनसुनी कर दी गई। पीढ़ियाँ बदल गईं और कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन पीड़ित की आँखें आज भी सिर्फ इंसाफ का इंतजार कर रही हैं। यह घटना हमारी न्याय प्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था की धीमी रफ्तार का एक कड़वा आईना है, जहाँ अक्सर गरीब की आवाज फाइलों के नीचे दबा दी जाती है। अब देखना यह होगा कि क्या वर्तमान प्रशासन इस मामले पर संज्ञान लेता है, या यह बुजुर्ग इसी तरह दफ्तरों की चौखट पर अपनी जिंदगी की आखिरी उम्मीदें दम तोड़ता रहेगा।
- सांवरिया सेठ के मंदिर में भक्तों का भारी तांता लग गया। श्रद्धालु मंगला आरती के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में उनके द्वार पर एकत्रित हुए।1
- आकाश इंस्टीट्यूट ने 'रेनीत 2026' के प्रतिभागियों के लिए एक प्रेरक संदेश जारी किया है, जिसमें उन्हें 'विजयी भव' कहते हुए अपनी शुभकामनाएँ दी गई हैं। इंस्टीट्यूट ने सभी अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी के लिए 'ऑल द बेस्ट' कहा है।2
- कल री-नीट-यूजी की परीक्षा होनी है, जिसके लिए सरकार ने अब भारतीय वायुसेना को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पेपर लीक मामलों में अपनी 'भारी फजीहत' करवा चुकी सरकार ने इस परीक्षा को सही ढंग से करवाने के लिए वायुसेना को तैनात किया है। इसी क्रम में, वायुसेना का एक विमान किसी सैनिक अभियान पर न जाकर, परीक्षा के प्रश्नपत्रों को पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य संभाल रहा है। इस स्थिति पर सरकार और उसके सिस्टम पर गहरा धिक्कार व्यक्त किया गया है, क्योंकि परीक्षा जैसे नागरिक कार्य के लिए सेना को इस तरह से इस्तेमाल करने की नौबत आ गई है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, कोटा डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन ने श्रीनाथपुरम स्टेडियम में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार ने खिलाड़ियों को योग के महत्व और इसकी विभिन्न विधाओं के बारे में जानकारी दी, साथ ही सूर्य नमस्कार की 12 अवस्थाओं का अभ्यास भी कराया। अनिल कुमार ने बताया कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। उन्होंने ज़ोर दिया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है और शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ताइक्वांडो आत्मरक्षा की एक प्रभावी विधा है, और योग इसके अभ्यास के लिए आवश्यक अनुशासन, एकाग्रता, लचीलापन और संतुलन विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। इसी उद्देश्य से कोटा डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन में ताइक्वांडो प्रशिक्षण से पहले प्रतिदिन योगाभ्यास कराया जाता है, जिससे खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास हो सके। कार्यक्रम में सभी खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया और नियमित रूप से योग अपनाने का संकल्प लिया।4
- एक संदेश के माध्यम से सभी भाइयों और बहनों से अपनी खेती पर विशेष ध्यान देने और समय पर बुवाई करने का प्रयास करने का आग्रह किया गया है। इसमें सभी को 'राम-राम' कहते हुए यह भी बताया गया है कि इस साल बारिश अच्छी हुई है, जिससे कपास की बुवाई के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। इसके साथ ही, संदेश में लोगों से यह जानकारी साझा करने का अनुरोध किया गया है कि वे अपनी खेती में क्या-क्या बो रहे हैं और उनके शहर या गाँव में किस तरह की बारिश हो रही है।2
- भारत के राजनीतिक इतिहास में विधायकों और सांसदों को तोड़ने तथा सरकारों को गिराने की नींव कांग्रेस ने ही रखी थी, ऐसा मूल पाठ में दृढ़ता से दावा किया गया है। मौजूदा समय में सांसदों और विधायकों के दलबदल को लेकर मचे हंगामे के बीच, यह उजागर करना अत्यंत आवश्यक बताया गया है कि किसने मात्र चार साल के भीतर 1800 विधायकों और सांसदों को तोड़ा और 45 सरकारें गिरा दीं। यह पाठ इस ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और तोड़फोड़ की वर्तमान गतिविधियों को खोलने की ज़रूरत पर बल देता है, जिससे लोग आश्चर्यचकित हो सकते हैं।1
- नशे मुक्ति अभियान की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा छाबड़ा ने बताया है कि राजस्थान में अब नशे के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। उनके अनुसार, समाज और आम लोगों में नशे के प्रति गहरी जागृति आई है, जिसके परिणामस्वरूप लोग अब सामाजिक कार्यक्रमों में भी नशे से दूरी बनाए रखने लगे हैं।1
- महाराष्ट्र के परभणी जिले के मानवत तालुका स्थित यशवाड़ी देवस्थान में एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सभामंडप की छत गिर गई। इस दुर्घटना में अब तक 7 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 32 श्रद्धालु घायल हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि 40 से अधिक श्रद्धालु मलबे में दबे हो सकते हैं। हादसे की सूचना मिलने पर प्रशासन, एनडीआरएफ (NDRF) और बचाव दल मौके पर पहुँच गए हैं और राहत एवं बचाव अभियान में जुट गए हैं। घायलों को तत्काल परभणी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1