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कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। अनूपपुर/कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में प्राप्त 38 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में उपस्थित अधिकारियों ने भी आवेदकों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित आवेदनों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही की। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम अमरकंटक निवासी मगनदास बाबा ने गौशाला के लिए भूमि आवंटित करने तथा रविदास आश्रम एवं भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत करने की मांग की। तहसील अनूपपुर के ग्राम कोंडाकांसा निवासी कुंती बाई ने घरेलू विद्युत कनेक्शन जोड़ने, तहसील अनूपपुर के ग्राम टिकरी टोला मानपुर निवासी रामदुलारे कोल ने भरण-पोषण के लिए सहायता प्रदान करने तथा तहसील कोतमा के वार्ड क्रमांक 18, कुसुमहाई-कोंटार निवासी कमलवती ने राशन कार्ड बनाए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। तहसील जैतहरी के ग्राम मलका एवं ग्राम चोलना निवासी शोभा सिंह ने उद्यानिकी विभाग से स्प्रिंकलर पाइप उपलब्ध कराने तथा तहसील कोतमा के ग्राम दुलही बांध निवासी हंसू चौधरी ने किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर श्री बलबीर रमन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर सुश्री प्रशी अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

11 hrs ago
user_Prince ojha
Prince ojha
अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago
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कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। अनूपपुर/कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में प्राप्त 38 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में उपस्थित अधिकारियों ने भी आवेदकों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित आवेदनों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही की। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों

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से आए आवेदकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम अमरकंटक निवासी मगनदास बाबा ने गौशाला के लिए भूमि आवंटित करने तथा रविदास आश्रम एवं भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत करने की मांग की। तहसील अनूपपुर के ग्राम कोंडाकांसा निवासी कुंती बाई ने घरेलू विद्युत कनेक्शन जोड़ने, तहसील अनूपपुर के ग्राम टिकरी टोला मानपुर निवासी रामदुलारे कोल ने भरण-पोषण के लिए सहायता प्रदान करने तथा तहसील कोतमा के वार्ड क्रमांक 18, कुसुमहाई-कोंटार निवासी कमलवती

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ने राशन कार्ड बनाए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। तहसील जैतहरी के ग्राम मलका एवं ग्राम चोलना निवासी शोभा सिंह ने उद्यानिकी विभाग से स्प्रिंकलर पाइप उपलब्ध कराने तथा तहसील कोतमा के ग्राम दुलही बांध निवासी हंसू चौधरी ने किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर श्री बलबीर रमन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर सुश्री प्रशी अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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  • ऋषि पंचमी पर अमरकंटक में महाराष्ट्र की महिलाओं ने लगाई नर्मदा में आस्था की डुबकी पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने नर्मदा तट पर बनाए पार्थिव शिवलिंग व गणेश प्रतिमा, प्रकृति प्रदत्त सामग्रियों से किया पूजन-अर्चन अनूपपूर/अमरकंटक - प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य सलिला मां नर्मदा के रामघाट तट पर आस्था और भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित की। नागपुर, कामठी, भंडारा, अमरावती, नासिक, पुणे, बारामती सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने प्रातःकाल से ही नर्मदा तट पर पहुंचकर विधि-विधानपूर्वक पुण्य स्नान किया और मां नर्मदा के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाई। ऋषि पंचमी के धार्मिक विधान के अनुरूप महिलाओं ने नर्मदा तट पर ही मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके साथ ही प्रकृति से प्राप्त पत्तियों, फूल, बेलपत्र, घास-फूस तथा खेतों में उपलब्ध अनाज आदि पारंपरिक सामग्रियों से आदि देव भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार कर उनका विधिवत पूजन-अर्चन किया। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ और गणपति बप्पा को पुष्प, बेलपत्र एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर आरती की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं के सामूहिक पूजन से नर्मदा तट का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा। सुबह करीब 5 बजे से ही महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं का नर्मदा तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। स्नान, ध्यान, जप, पूजन-अर्चन और आरती का क्रम काफी देर तक चलता रहा। नर्मदा की कल-कल करती जलधारा, वैदिक एवं धार्मिक मंत्रोच्चार और महिलाओं द्वारा की जा रही आरती से रामघाट का वातावरण भक्तिमय नजर आया। ऋषि पंचमी का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म परंपरा में ऋषि पंचमी का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना गया है। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है और सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता तथा आत्मशुद्धि की भावना से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, ऋषियों का स्मरण तथा श्रद्धापूर्वक पूजन करने से मनुष्य अपने जीवन में शुद्धता, संयम और सदाचार के भाव को पुष्ट करता है। विशेष रूप से महिलाएं इस दिन व्रत एवं पूजन कर ऋषि परंपरा के प्रति श्रद्धा अर्पित करती हैं। ऋषि पंचमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, ऋषि परंपरा और सनातन संस्कारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व भी माना जाता है। अमरकंटक जैसे तपोभूमि और नर्मदा उद्गम क्षेत्र में इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व और भी विशेष हो जाता है, जहां नर्मदा के पावन तट पर श्रद्धालु स्नान एवं पूजन के माध्यम से आत्मिक शांति और पुण्य की कामना करते हैं। तीन-चार वर्षों से बन रही अमरकंटक आने की परंपरा उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र प्रांत से श्रद्धालु महिलाएं एवं भक्तजन पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार ऋषि पंचमी के अवसर पर अमरकंटक पहुंच रहे हैं। नर्मदा स्नान, मां नर्मदा के दर्शन तथा भगवान शिव एवं गणेश के पूजन के लिए प्रत्येक वर्ष महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। इस वर्ष भी ऋषि पंचमी का पर्व मनाने के लिए महाराष्ट्र से सैकड़ों वाहनों में महिलाएं, पुरुष एवं अन्य श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे हैं।
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    ऋषि पंचमी पर अमरकंटक में महाराष्ट्र की महिलाओं ने लगाई नर्मदा में आस्था की डुबकी
पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने नर्मदा तट पर बनाए पार्थिव शिवलिंग व गणेश प्रतिमा, प्रकृति प्रदत्त सामग्रियों से किया पूजन-अर्चन
अनूपपूर/अमरकंटक - 
प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य सलिला मां नर्मदा के रामघाट तट पर आस्था और भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित की। नागपुर, कामठी, भंडारा, अमरावती, नासिक, पुणे, बारामती सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने प्रातःकाल से ही नर्मदा तट पर पहुंचकर विधि-विधानपूर्वक पुण्य स्नान किया और मां नर्मदा के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाई।
ऋषि पंचमी के धार्मिक विधान के अनुरूप महिलाओं ने नर्मदा तट पर ही मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके साथ ही प्रकृति से प्राप्त पत्तियों, फूल, बेलपत्र, घास-फूस तथा खेतों में उपलब्ध अनाज आदि पारंपरिक सामग्रियों से आदि देव भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार कर उनका विधिवत पूजन-अर्चन किया। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ और गणपति बप्पा को पुष्प, बेलपत्र एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर आरती की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं के सामूहिक पूजन से नर्मदा तट का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा।
सुबह करीब 5 बजे से ही महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं का नर्मदा तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। स्नान, ध्यान, जप, पूजन-अर्चन और आरती का क्रम काफी देर तक चलता रहा। नर्मदा की कल-कल करती जलधारा, वैदिक एवं धार्मिक मंत्रोच्चार और महिलाओं द्वारा की जा रही आरती से रामघाट का वातावरण भक्तिमय नजर आया।
ऋषि पंचमी का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म परंपरा में ऋषि पंचमी का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना गया है। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है और सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता तथा आत्मशुद्धि की भावना से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, ऋषियों का स्मरण तथा श्रद्धापूर्वक पूजन करने से मनुष्य अपने जीवन में शुद्धता, संयम और सदाचार के भाव को पुष्ट करता है। विशेष रूप से महिलाएं इस दिन व्रत एवं पूजन कर ऋषि परंपरा के प्रति श्रद्धा अर्पित करती हैं।
ऋषि पंचमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, ऋषि परंपरा और सनातन संस्कारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व भी माना जाता है। अमरकंटक जैसे तपोभूमि और नर्मदा उद्गम क्षेत्र में इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व और भी विशेष हो जाता है, जहां नर्मदा के पावन तट पर श्रद्धालु स्नान एवं पूजन के माध्यम से आत्मिक शांति और पुण्य की कामना करते हैं।
तीन-चार वर्षों से बन रही अमरकंटक आने की परंपरा
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र प्रांत से श्रद्धालु महिलाएं एवं भक्तजन पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार ऋषि पंचमी के अवसर पर अमरकंटक पहुंच रहे हैं। नर्मदा स्नान, मां नर्मदा के दर्शन तथा भगवान शिव एवं गणेश के पूजन के लिए प्रत्येक वर्ष महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है।
इस वर्ष भी ऋषि पंचमी का पर्व मनाने के लिए महाराष्ट्र से सैकड़ों वाहनों में महिलाएं, पुरुष एवं अन्य श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे हैं।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • थाना अमलाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता, हत्या के प्रयास के 3 आरोपी गिरफ्तार अमलाई, शहडोल - जिला शहडोल के थाना अमलाई पुलिस ने हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे सभी 03 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत यह कार्रवाई की गई है। घटना का विवरण - दिनांक 14/09/2026 को राजा चिकन सेंटर के सामने, आलमगंज चीफ हाउस निवासी फरियादी मोहम्मद आशिक उम्र 40 वर्ष के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की थी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने फरियादी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अमलाई में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 109(1), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। गिरफ्तार आरोपी - पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है - अरसद अंसारी भक्ती कोल योगेन्द्र उर्फ छोट्टू तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उक्त सम्पूर्ण कार्रवाई थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणी पांडे के नेतृत्व में विवेचना अधिकारी कार्यवाहक उप-निरीक्षक श्याम सिंह एवं अमलाई पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
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    थाना अमलाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता, हत्या के प्रयास के 3 आरोपी गिरफ्तार

अमलाई, शहडोल - जिला शहडोल के थाना अमलाई पुलिस ने हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे सभी 03 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत यह कार्रवाई की गई है।
घटना का विवरण -
दिनांक 14/09/2026 को राजा चिकन सेंटर के सामने, आलमगंज चीफ हाउस निवासी फरियादी मोहम्मद आशिक उम्र 40 वर्ष के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की थी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने फरियादी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अमलाई में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 109(1), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी।
गिरफ्तार आरोपी -
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है -
अरसद अंसारी
भक्ती कोल  
योगेन्द्र उर्फ छोट्टू
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
उक्त सम्पूर्ण कार्रवाई थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणी पांडे के नेतृत्व में विवेचना अधिकारी कार्यवाहक उप-निरीक्षक श्याम सिंह एवं अमलाई पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    14 hrs ago
  • कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
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    कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • एमसीबी-चिरमिरी में कबाड़ से लदी पिकअप पकड़ी, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
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    एमसीबी-चिरमिरी में कबाड़ से लदी पिकअप पकड़ी, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
    user_Sawan kumar
    Sawan kumar
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं
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    उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है.   यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है.
 थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं
उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है.   यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है.
थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा
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    UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा
    user_Shammi khan niyazi
    Shammi khan niyazi
    Court reporter नवरोजाबाद, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की बैठक ली। उन्होंने कहा कि जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक में सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा, जिसमें विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन हेतु सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया जन संचार का सशक्त माध्यम है, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर पर बैठे व्यक्तियों तक पहुंचाए, जिससे वे योजनाओं का लाभ लेकर सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता भी सुनिश्चित करें। बैठक में अन्य विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति सहित सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मौजूद रहें। #शहडोल #shahdol
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    कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की बैठक ली।
उन्होंने कहा कि जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक में सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा, जिसमें विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 
उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन हेतु सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया जन संचार का सशक्त माध्यम है, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर पर बैठे व्यक्तियों तक पहुंचाए, जिससे वे योजनाओं का लाभ लेकर सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले  सेवा संकल्प  अभियान की कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता  भी सुनिश्चित करें।
बैठक में अन्य विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति सहित सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मौजूद रहें।
#शहडोल #shahdol
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • धान में पीलेपन और झुलसने से किसान चिंतित, चूसक कीटों का बढ़ा प्रकोप* *कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को किया सतर्क, एक एकड़ में 12 स्प्रे पंप के अनुसार दवा छिड़काव की सलाह* डिंडौरी। जिले में इन दिनों धान की फसल में पीलापन आने और पौधों के झुलसने की समस्या सामने आ रही है। खेतों में रस चूसक कीटों, विशेषकर भूरा एवं सफेद फुदका के प्रकोप से धान के पौधे कमजोर होकर पीले पड़ रहे हैं। कीट पौधों के निचले हिस्से से रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. अंबूलकर* ने किसानों को धान की फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर समय रहते नियंत्रण के उपाय करने की सलाह दी है। दो दवाओं में से किसी एक का ही करें छिड़काव डॉ. अंबूलकर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए एक एकड़ क्षेत्र में 12 स्प्रे पंप के हिसाब से निम्न में से किसी एक दवा का उपयोग किया जा सकता है— थायमेथोक्सम 25 WG — 80 ग्राम प्रति एकड़ इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL — लगभग 60 मिलीलीटर प्रति एकड़ किसानों को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि दोनों दवाओं का एक साथ उपयोग नहीं करना है। दोनों में से किसी एक दवा का ही अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि दवा का छिड़काव कीटों की स्थिति देखकर और अनुशंसित मात्रा में ही करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के अलग-अलग रसायनों को मिलाकर छिड़काव न करें तथा दवा के लेबल पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अधिक प्रकोप होने पर दोबारा छिड़काव *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीता सिंह* ने कृषकों को सलाह देते हुए बताया कि यदि फसल में कीटों का प्रकोप अधिक रहता है तो मौसम की स्थिति को देखते हुए 10 से 15 दिन बाद दोबारा छिड़काव किया जा सकता है। हालांकि अनावश्यक रूप से बिना परामर्श रसायनों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है। नीमास्त्र और जीवामृत के उपयोग की सलाह कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक उपायों को भी अपनाने की सलाह दी है। किसानों से नीमास्त्र तैयार कर उसका उपयोग करने तथा खाद के रूप में जीवामृत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे फसल प्रबंधन में रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। फसल की लगातार निगरानी जरूरी विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि धान के खेतों में लगातार निगरानी रखें। जहां पौधों में अचानक पीलापन, झुलसने के लक्षण या चूसक कीटों की संख्या बढ़ती दिखाई दे, वहां तत्काल कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेकर नियंत्रण उपाय करें। समय पर कीटों का नियंत्रण नहीं होने पर धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
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    धान में पीलेपन और झुलसने से किसान चिंतित, चूसक कीटों का बढ़ा प्रकोप* 
*कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को किया सतर्क, एक एकड़ में 12 स्प्रे पंप के अनुसार दवा छिड़काव की सलाह* 
डिंडौरी। जिले में इन दिनों धान की फसल में पीलापन आने और पौधों के झुलसने की समस्या सामने आ रही है। खेतों में रस चूसक कीटों, विशेषकर भूरा एवं सफेद फुदका के प्रकोप से धान के पौधे कमजोर होकर पीले पड़ रहे हैं। कीट पौधों के निचले हिस्से से रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
किसानों की समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. अंबूलकर* ने किसानों को धान की फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर समय रहते नियंत्रण के उपाय करने की सलाह दी है।
दो दवाओं में से किसी एक का ही करें छिड़काव
डॉ. अंबूलकर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए एक एकड़ क्षेत्र में 12 स्प्रे पंप के हिसाब से निम्न में से किसी एक दवा का उपयोग किया जा सकता है—
थायमेथोक्सम 25 WG — 80 ग्राम प्रति एकड़
इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL — लगभग 60 मिलीलीटर प्रति एकड़
किसानों को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि दोनों दवाओं का एक साथ उपयोग नहीं करना है। दोनों में से किसी एक दवा का ही अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि दवा का छिड़काव कीटों की स्थिति देखकर और अनुशंसित मात्रा में ही करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के अलग-अलग रसायनों को मिलाकर छिड़काव न करें तथा दवा के लेबल पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
अधिक प्रकोप होने पर दोबारा छिड़काव
*वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीता सिंह* ने कृषकों को सलाह देते हुए बताया कि यदि फसल में कीटों का प्रकोप अधिक रहता है तो मौसम की स्थिति को देखते हुए 10 से 15 दिन बाद दोबारा छिड़काव किया जा सकता है। हालांकि अनावश्यक रूप से बिना परामर्श रसायनों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
नीमास्त्र और जीवामृत के उपयोग की सलाह
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक उपायों को भी अपनाने की सलाह दी है। किसानों से नीमास्त्र तैयार कर उसका उपयोग करने तथा खाद के रूप में जीवामृत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे फसल प्रबंधन में रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
फसल की लगातार निगरानी जरूरी
विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि धान के खेतों में लगातार निगरानी रखें। जहां पौधों में अचानक पीलापन, झुलसने के लक्षण या चूसक कीटों की संख्या बढ़ती दिखाई दे, वहां तत्काल कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेकर नियंत्रण उपाय करें। समय पर कीटों का नियंत्रण नहीं होने पर धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
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