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उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर के नौबस्ता क्षेत्र में पुलिस चौकी के करीब लाखों रुपये का जुआ देर रात तक खुलेआम खेला जा रहा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं, आरोप है कि चौकी प्रभारियों की नाक के नीचे यह सब हो रहा है। नागरिकों ने उच्च अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे।
Jagram singh
उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर के नौबस्ता क्षेत्र में पुलिस चौकी के करीब लाखों रुपये का जुआ देर रात तक खुलेआम खेला जा रहा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं, आरोप है कि चौकी प्रभारियों की नाक के नीचे यह सब हो रहा है। नागरिकों ने उच्च अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे।
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- कानपुर पुलिस और सर्विलांस टीम को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उन्होंने एक विशेष अभियान के तहत लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। पिछले एक महीने में चलाए गए इस अभियान के दौरान, कुल 101 खोए हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए गए हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ये सभी स्मार्टफोन रिकवर किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है। बरामद किए गए इन मोबाइलों में कुछ ऐसे फोन भी शामिल थे जो वर्ष 2023 से लापता थे। ये सभी मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए गए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने कानपुर पुलिस तथा सर्विलांस टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस मौके पर, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल खोने या चोरी होने की स्थिति में वे तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।1
- आज उत्तर प्रदेश पुलिस की परीक्षा संपन्न हो गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे क्या घटनाक्रम सामने आता है।1
- कानपुर नगर से भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस की एक रिपोर्ट में यातायात नियमों के प्रवर्तन में भेदभावपूर्ण रवैये पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जहां एक ओर विभिन्न संगठनों और शासन-प्रशासन द्वारा यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, वहीं यह सख्ती केवल निजी और कमजोर व्यक्तियों पर ही लागू होती दिख रही है, जबकि 'शासन प्रशासन के व्यक्तियों' पर ये नियम लागू नहीं होते। रिपोर्ट बताती है कि चालान करने से ही समस्या का समाधान नहीं हो सकता, क्योंकि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति को दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना और गाड़ी के सभी कागजात (डिजिटल या भौतिक) पूरे रखना अनिवार्य है। इसके बावजूद, कानपुर नगर के हैलेट हॉस्पिटल के पास गहन यातायात जाँच के दौरान, गीता नगर क्रॉसिंग की ओर जाते हुए एक 'जनरक्षक महोदय' को बिना हेलमेट के देखा गया, जबकि उनके साथ चल रहे व्यक्ति ने हेलमेट पहना हुआ था। आरोप है कि 'शासन प्रशासन के व्यक्तियों' का त्रिनेत्र कैमरे में कभी चालान नहीं देखा जाता और न ही यातायात विभाग के कर्मचारी उनका चालान करते हैं, जबकि आम जनता को हेलमेट न लगाने पर तत्काल चालान भेज दिया जाता है, जिसे न भरने पर मामला कोर्ट भेज दिया जाता है। भारत सूत्र लाइव टीवी के संवाददाता ओमवीर जी ने उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक महोदय और उत्तर प्रदेश ट्रैफिक अधिकारी महोदय से यह जानने की मांग की है कि क्या यातायात नियमों का पालन केवल आम जनता के लिए ही है। चैनल ने कानपुर से सभी से हाथ जोड़कर निवेदन किया है कि वे यातायात के नियमों का पालन करें और शासन-प्रशासन का पूरा सहयोग करें, क्योंकि उन्हें देखकर अन्य लोग भी नियमों का पालन करेंगे। यह रिपोर्ट कानपुर नगर के गीता नगर क्रॉसिंग के पास यातायात विभाग द्वारा हो रही चेकिंग के संदर्भ में सवाल करती है कि जब सब-इंस्पेक्टर द्वारा यातायात नियमों का पालन कराया जा रहा है, तब भी 'जनरक्षक' का चालान क्यों नहीं होता है।1
- कानपुर नगर में यातायात विभाग के नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है, जहाँ ये नियम केवल आम जनता पर लागू होते दिख रहे हैं, जबकि शासन-प्रशासन से जुड़े व्यक्तियों को अक्सर छूट मिलती है। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ और समृद्ध भारत समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा सभी के लिए समान है, फिर भी नियमों का पालन केवल निजी और कमजोर वर्ग के व्यक्तियों से कराया जाता है, जबकि शासन-प्रशासन के ऊपर ये नियम लागू नहीं होते। रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल चालान करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसी संदर्भ में, कानपुर नगर के हैलेट हॉस्पिटल के पास यातायात प्रशासन की सघन चेकिंग के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। गीता नगर क्रॉसिंग के पास एक 'जनरक्षक महोदय' को बिना हेलमेट के यात्रा करते देखा गया, जबकि उनके साथ चल रहे व्यक्ति ने हेलमेट पहना हुआ था। रिपोर्ट में आरोप है कि शासन-प्रशासन से जुड़े व्यक्तियों के चालान न तो त्रिनेत्र कैमरे में दर्ज होते हैं और न ही यातायात विभाग के कर्मचारी उनका चालान करते हैं। इसके विपरीत, आम लोगों को हेलमेट न होने पर तत्काल चालान भेजा जाता है, जो न भरने पर कोर्ट भेज दिया जाता है। वरदान फाउंडेशन, वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ और समृद्ध भारत समाचार पत्र परिवार की ओर से उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक और उत्तर प्रदेश ट्रैफिक अधिकारी से अनुरोध किया गया है कि यातायात नियमों का पालन सड़क पर चलने वाले सभी व्यक्तियों के लिए अनिवार्य किया जाए। कानपुर से संवाददाता दिनकर जी की रिपोर्ट में जनता यह जानना चाहती है कि आखिर ऐसा दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है। आम जनता से भी हाथ जोड़कर निवेदन किया गया है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और शासन-प्रशासन का सहयोग करें, ताकि उन्हें देखकर दूसरे लोग भी नियमों का पालन करें।1
- एक अधिकारी को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। इस कार्रवाई के बाद उसकी करोड़ों रुपये की काली कमाई का भी खुलासा हुआ है।1
- एक भाषण समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप एक महिला को चूमने के लिए आगे झुके। इस घटना के तुरंत बाद, उस महिला की प्रतिक्रिया लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है और तेजी से वायरल हो रही है।1
- राजधानी लखनऊ के थाना पारा क्षेत्रांतर्गत एक पुलिस मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ के संबंध में पुलिस उपायुक्त पश्चिमी, कमलेश दीक्षित ने अपनी बाइट (बयान) दी है।1
- कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र स्थित सिलेंडर चौराहे पर एक अत्यंत भीषण सड़क दुर्घटना घटित हुई, जिसमें एक स्विफ्ट डिजायर कार और एक लोडर वाहन के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि स्विफ्ट डिजायर कार के परखच्चे उड़ गए और वह पहचानना मुश्किल हो गई, जिससे मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना होते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। इस हादसे में कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल चालक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी बुरी तरह से प्रभावित रहा, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन में लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। वर्तमान में, पुलिस इस दुखद हादसे के वास्तविक कारणों की गहन जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारी चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रहे हैं और घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।1
- पुलिस ने लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोपों के बाद कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन व्यक्तियों पर प्रलोभन के माध्यम से धर्म परिवर्तन की गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप लगा है, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।1