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आज SBI RSETI प्रशिक्षण केंद्र में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भागीदारी की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, सर एवं अन्य साथियों के साथ मिलकर विद्यार्थियों को लुप्तप्राय देसी बीजों और औषधीय पौधों के संरक्षण तथा संवर्धन के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इस पहल का प्रमुख उद्देश्य इन अमूल्य प्राकृतिक धरोहरों को बचाकर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुँचाना है।
Yogendra Prajapati
आज SBI RSETI प्रशिक्षण केंद्र में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भागीदारी की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, सर एवं अन्य साथियों के साथ मिलकर विद्यार्थियों को लुप्तप्राय देसी बीजों और औषधीय पौधों के संरक्षण तथा संवर्धन के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इस पहल का प्रमुख उद्देश्य इन अमूल्य प्राकृतिक धरोहरों को बचाकर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुँचाना है।
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- जमुई में अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ दिवस के अवसर पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), जमुई ने शुक्रवार को एक सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों ने 'नशा मुक्त भारत' के निर्माण का संकल्प लेते हुए, स्वयं नशे से दूर रहने और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सत्यनारायण शिवहरे ने की। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिलीप कुमार राय, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मंजूश्री कुमारी, एसीजेएम चंद्र बोस कुमार सिंह, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट मनीषा कुमारी और न्यायिक दंडाधिकारी कंचन रानी सहित कई न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित थे। लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों ने भी इस समारोह में सक्रिय रूप से भाग लिया। शपथ के दौरान, सभी प्रतिभागियों ने शराब, सिगरेट, तंबाकू और किसी भी अन्य प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन न करने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प दोहराया। अपने संबोधन में, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सत्यनारायण शिवहरे ने इस बात पर जोर दिया कि नशीले पदार्थ न केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर भी बुरा असर डालते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं और बच्चों को नशे की लत से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मंजूश्री कुमारी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशीली दवाओं और अन्य मादक पदार्थों से दूर रहकर एक स्वस्थ, सकारात्मक और अनुशासित जीवनशैली अपनाएं।1
- लखीसराय के रामगढ़ चौक अंचल कार्यालय में प्रशासनिक फेरबदल हुआ है, जहाँ अंचलाधिकारी निशांत कुमार का तबादला पूर्णिया जिले के कसबा अंचल में कर दिया गया है। निशांत कुमार ने फरवरी 2024 में रामगढ़ चौक अंचलाधिकारी के तौर पर कार्यभार संभाला था और उन्होंने लगभग डेढ़ साल तक यहाँ अपनी सेवाएँ दीं। उनके स्थानांतरण के बाद, अंचल का प्रभार फिलहाल प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिषेक कुमार संभालेंगे। प्रखंड राजस्व पदाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि अभी सचिवालय से रामगढ़ चौक अंचल के लिए नए अंचलाधिकारी की सूची जारी नहीं की गई है। दूसरी सूची जारी होने तक सभी राजस्व कार्यों का निष्पादन बीडीओ के प्रभार में ही होगा। अपने कार्यकाल के दौरान, सीओ निशांत कुमार की कार्यशैली को लेकर लोगों में सकारात्मक चर्चा रही। वे समय पर कार्यालय पहुँचने और जनता दरबार में आए लोगों की समस्याओं का अधिक से अधिक मौके पर ही निपटारा करने पर विशेष ज़ोर देते थे। उन्होंने दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद और प्रमाण पत्रों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करके लोगों को राहत पहुँचाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि निशांत कुमार आम लोगों से सहजता से मिलते थे, उनकी बात सुनते थे और राजस्व से जुड़े मामलों में पारदर्शिता लाने के लिए प्रयासरत रहते थे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह स्थानांतरण राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले रूटीन तबादलों का ही हिस्सा है। निशांत कुमार के तबादले के बाद अब लोगों को नए अंचलाधिकारी का बेसब्री से इंतज़ार है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सचिवालय से नई सूची जारी कर रामगढ़ चौक अंचल में नए अधिकारी की पदस्थापना कर दी जाएगी, ताकि राजस्व कार्यों में आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- लखीसराय शहर के ऐतिहासिक पुरानी बाजार स्थित महावीर स्थान मंदिर में महादेव शिव एवं राधाकृष्ण मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है, जहाँ अंतिम चरण की तैयारियां जोरों पर देखी जा रही हैं। आयोजन समिति के अनुसार, महोत्सव का शुभारंभ 28 जून को एक भव्य कलश शोभायात्रा के साथ होगा। इस शोभायात्रा में गाजे-बाजे, हाथी-घोड़े और सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होंगे, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर मंदिर परिसर पहुंचेगी। इसमें बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु भाग लेंगे। इसके बाद, 29 और 30 जून को वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से महादेव शिव और राधाकृष्ण मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा, हवन, पूजन-अर्चन तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। महोत्सव का समापन 1 जुलाई को श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरण के साथ होगा। इस महोत्सव को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। आयोजन समिति ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त करें।1
- बिहार के मुख्यमंत्री के संभावित मुंगेर आगमन और टेटिया बंबर प्रखंड में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शनिवार को प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा और पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश कुमार ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएँ और किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही न बरती जाए। पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश कुमार ने सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पार्किंग, विद्युत, साफ-सफाई, चिकित्सा दल, एम्बुलेंस और आपदा प्रबंधन सहित सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति भी कर दी गई है। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे।1
- मुहर्रम की दसवीं तारीख यौमे आशूरा के अवसर पर शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय द्वारा परंपरागत ताजिया जुलूस निकाला गया। तारापुर क्षेत्र के ग़ाज़ीपुर, खानपुर, मिल्की, तारापुर पुरानी बाजार सहित विभिन्न मुहल्लों से कड़े प्रशासनिक अनुशासन के तहत अखाड़ा से निकालकर ताजिया जुलूस और निशान को तारापुर के मुख्य बाजार लाया गया। इस दौरान शहर और गांव से आए जुलूसों में बड़ी संख्या में रोज़ेदार शामिल हुए, जिन्होंने इमामबाड़ों और घरों से निकलते हुए मातम, नोहा और 'या हुसैन...' की सदा बुलंद की। यह दसवीं तारीख कर्बला में शहीद हुए इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की याद में मनाई जाती है। जुलूस से पूर्व, बुधवार की शाम को ही सभी चौक-चौराहों पर ताजिये बैठा दिए गए थे, जहाँ फातिहा और ज़ियारत के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। जुलूस में शिव मार्केट के समीप ताजिया मिलन कराया गया, जहाँ सभी अखाड़ों के ताजिए एकत्र हुए। इस मिलन के दौरान युवकों द्वारा परंपरागत शस्त्रों का प्रदर्शन भी किया गया। मिलन के बाद ताजिए अपने-अपने अखाड़ों में लौट गए। इस जुलूस के कारण मुख्य मार्गों पर कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। सुरक्षा की दृष्टि से बिजली आपूर्ति भी काट दी गई थी। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए एसडीपीओ कुमार देवेन्द्र, थानाध्यक्ष राज कुमार और वीडियो प्रशांत कुमार सहित सामाजिक कार्यकर्ता मो अरसद खान, मो जावेद, अफजल होदा, मो सरवर, मो शहनवाज, रफी उजामा, चंद्रशेखर चौधरी उपस्थित रहे। अखाड़ा के खलीफा मो जब्बार, इंतियाज मो रियासत साह, मो जियउद्दीन अंसारी, मो साहेब, मो इबरार राइन, इंज़िममा अख्तर और मो अब्बास भी मौजूद थे। इसके अतिरिक्त, भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। अगला कार्यक्रम 'पहलाम' शनिवार की देर रात देवगांव कर्बला पर होगा।1
- जमुई जिले के अलीगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित अलीगंज में मुहर्रम के अवसर पर एक भव्य शीशमहल ताजिया तैयार किया गया है, जो इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। अल फलाह कमिटी के युवाओं और सभी ग्रामीणों के सहयोग से बना यह ताजिया अपनी नीले, सुनहरे और सफेद रंगों की आकर्षक सजावट, बारीक नक्काशी और कलात्मक डिजाइन के कारण लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। मोहम्मद आदिल, मो डब्लू, मो सद्दाम, मो इम्तियाज सहित कमिटी के सदस्यों ने मो मुमताज, मो औरंगजेब, मो रोशन, सादिक, लाडला, दिलशाद और अन्य लोगों के साथ मिलकर कई दिनों की कड़ी मेहनत और रचनात्मक कला का प्रदर्शन करते हुए इस अद्भुत शीशमहल ताजिये का निर्माण किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल अलीगंज में आकर्षक ताजिये बनते हैं, लेकिन इस वर्ष का शीशमहल ताजिया अपनी अनोखी बनावट और शानदार सजावट के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है, जिसे देखने के लिए दूर-दराज के गांवों से भी लोग अलीगंज पहुंच रहे हैं और हर कोई इसकी सुंदरता व भव्यता की सराहना कर रहा है। मुहर्रम के दौरान अलीगंज में शांति, भाईचारे और आपसी सौहार्द के माहौल में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन भी अपनी आवश्यक तैयारियों में जुटा हुआ है।4
- बिहार के राजगीर में हुए एक हत्याकांड ने दलित युवाओं में भारी गुस्सा भर दिया है, जहाँ दो पासवान समुदाय के व्यक्तियों की हत्या कर दी गई है। इस घटना को 'भरत तिवारी जैसी मंजर' बताते हुए, दलित युवा न्याय की पुरजोर मांग कर रहे हैं। इस संवेदनशील मामले पर, सम्राट चौधरी और चिराग पासवान जी से समुदाय द्वारा कुछ बोलने की अपील की जा रही है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और ऐसे जघन्य अपराधों पर उचित कार्रवाई हो।1