उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति में वर्चस्व की एक खुली जंग खुलकर सामने आ गई है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान सड़क जाम और हिंसा की तीखी आलोचना की है। मायावती ने बिना किसी नेता का नाम लिए आरोप लगाया कि विरोधी दल दलित संगठनों और पार्टियों को आगे करके बहुजन समाज को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि दलित संगठनों के कंधों पर बंदूक रखकर चलाई जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि इन आंदोलनों के चलते जेल में फंसने से युवाओं का भविष्य तबाह हो सकता है। मायावती के इस सीधे हमले पर चंद्रशेखर आजाद ने भी पलटकर जवाब दिया है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा है कि मायावती के इन कड़वे शब्दों से उनके मन को गहरी ठेस पहुंची है। हालांकि मायावती ने अपने बयान में सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया था, लेकिन इसे स्पष्ट रूप से चंद्रशेखर के खेमे को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इस तीखी बयानबाजी के बाद अब बसपा और आजाद समाज पार्टी के बीच वर्चस्व की एक निर्णायक लड़ाई शुरू हो गई है।
उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति में वर्चस्व की एक खुली जंग खुलकर सामने आ गई है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान सड़क जाम और हिंसा की तीखी आलोचना की है। मायावती ने बिना किसी नेता का नाम लिए आरोप लगाया कि विरोधी दल दलित संगठनों और पार्टियों को आगे करके बहुजन समाज को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि दलित संगठनों के कंधों पर बंदूक रखकर चलाई जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि इन आंदोलनों के चलते जेल में फंसने से युवाओं का भविष्य तबाह हो सकता है। मायावती के इस सीधे हमले पर चंद्रशेखर आजाद ने भी पलटकर जवाब दिया है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा है कि मायावती के इन कड़वे शब्दों से उनके मन को गहरी ठेस पहुंची है। हालांकि मायावती ने अपने बयान में सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया था, लेकिन इसे स्पष्ट रूप से चंद्रशेखर के खेमे को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इस तीखी बयानबाजी के बाद अब बसपा और आजाद समाज पार्टी के बीच वर्चस्व की एक निर्णायक लड़ाई शुरू हो गई है।
- अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र अंतर्गत हैरिंग्टनगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत मुकीमपुर उर्फ पहाड़पुर के टेढ़वा गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग छह महीने से गांव में कोई भी सफाईकर्मी नहीं आया है। इसके कारण गांव की नालियां पूरी तरह जाम हो चुकी हैं और उनमें सड़ रहे गंदे पानी से उठने वाली दुर्गंध के कारण लोगों का घरों से निकलना भी दूभर हो गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण शहजाद खान, साबिर खान, आमिर मोहम्मद, फैसल और मोहम्मद सैफ ने बताया कि नालियों की सफाई न होने की समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। बरसात के मौसम में स्थिति और बदतर हो जाती है जब नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सफाईकर्मी की तैनाती कर नियमित सफाई सुनिश्चित कराने की मांग की है। इस संबंध में ग्राम प्रधान लल्लन दुबे ने बताया कि वर्तमान में ग्राम पंचायत में कोई भी सफाईकर्मी तैनात नहीं है। उन्होंने इस समस्या से ब्लॉक मुख्यालय के अधिकारियों को अवगत करा दिया है। ग्राम प्रधान ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सफाईकर्मी की व्यवस्था कराकर गांव की नालियों की सफाई कराई जाएगी, ताकि ग्रामीणों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।1
- अयोध्या के बीकापुर में बारिश के कारण घर के सामने ऐसी स्थिति बन गई है कि लोगों को अपने ही घर से बाहर निकलने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या से बेहद परेशान होकर मांग की गई है कि हाल ही में बनाई गई नाली को तुरंत तोड़ा जाए, ताकि इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- अयोध्या के मंदिर में चढ़ावा चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना पर मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने शनिवार को प्रतिक्रिया दी। नृपेंद्र मिश्रा ने इस पूरे प्रकरण पर अपनी बात रखते हुए इस घटना पर खेद भी व्यक्त किया है।1
- अयोध्या में राम मंदिर के रामधन गबन मामले को लेकर धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे की होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) पर रोक लगा दी गई। प्रशासन के निर्देशों के तहत किसी भी पीसी से पहले प्रशासनिक अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है और बिना अनुमति के किसी भी प्रेसवार्ता को आयोजित करने की अनुमति नहीं है। इसी कड़ी में होटल संचालक ने धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे से अनुमति पत्र की मांग की। होटल को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद ही पीसी के लिए जगह उपलब्ध कराएं। हालांकि, इन तमाम पाबंदियों के बीच ही प्रेस वार्ता का आयोजन हुआ।3
- अयोध्या के फैजाबाद में आश्रम विवाद में एक नया मोड़ आया है, जहां स्थानीय निवासियों ने खुद सामने आकर इस पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में केवल तथ्यहीन बातों के जरिए लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है।1
- तेज गति से गाड़ी न चलाने और सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की तुरंत मदद करने की अपील की गई है। सड़क मार्ग पर किसी हादसे के शिकार व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा के नियमों का सही तरीके से पालन करने और राहगीरों की मदद करने के लिए लोगों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की जान बचाने वाले मददगारों को प्रोत्साहित किया जाता है और इसके लिए उन्हें प्रशंसा पत्र भी प्रदान किया जाता है। जीवन को एक अनमोल धरोहर बताते हुए सभी से दूसरों के दुख-दर्द को समझने और सड़क हादसों से बचने की जिम्मेदारी निभाने की बात कही गई है। आज सुबह टाइम्स टीम की ओर से लखनऊ से लाल चंद सोनी ने इस संबंध में विशेष रिपोर्ट साझा की है।1
- अयोध्या के जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय पर जन-जन के नायक और पूर्व सांसद स्वर्गीय बाबू मित्र सेन यादव की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि देने के लिए पार्टी कार्यालय पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष पारसनाथ यादव ने की। इस श्रद्धांजलि सभा में शिक्षक सभा के जिला अध्यक्ष दान बहादुर सिंह, इंद्रपाल यादव, बाबूराम गौड, अधिवक्ता सभा के जिला अध्यक्ष राम करन यादव, जिला उपाध्यक्ष ओ रौनी प्रसाद पासवान और जिला उपाध्यक्ष आकिब खान उपस्थित रहे। इनके अलावा श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विद्या भूषण पासी, प्रदेश सचिव पवन यादव, पूर्व पार्षद राम अजोर यादव, बृजेश सिंह चौहान, जिला सचिव अंसार अहमद, बलराम यादव, जिला सचिव सीताराम यादव, जिला सचिव असलम, पूजा वर्मा, पूर्व मंत्री अमृत राजपाल, एडवोकेट राकेश कुमार, शिवदयाल, एडवोकेट विजय प्रताप यादव, युवा नेता रमन यादव, एडवोकेट विपिन यादव और युवा नेता जितेंद्र यादव सहित कई अन्य लोग भी शामिल हुए।4
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सड़क चौड़ीकरण के लिए चल रहे भवन ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ सड़क के किनारे बने एक मंदिर का गुंबद अचानक भरभराकर गिर गया। इस मंदिर के गुंबद की चपेट में आने से एक पीडब्ल्यूडी कर्मचारी की दर्दनाक मौत होने की खबर है। भवन ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के दौरान गुंबद गिरने से पीडब्ल्यूडी कर्मी इसकी चपेट में आ गया और उसकी जान चली गई।1