बिहार के भोजपुर जिले से जुड़ी एक घटना में, पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की तस्वीर मोहर्रम जुलूस में दिखाई देने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कई तरह की चर्चाएँ फिर से शुरू हो गई हैं। उल्लेखनीय है कि भरत तिवारी की मृत्यु भोजपुर जिले में पुलिस और उनके बीच हुई मुठभेड़ के बाद हुई थी। इस मुठभेड़ में भरत तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस एनकाउंटर के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर पहले भी कई सवाल उठाए गए थे। अब मोहर्रम जुलूस में उनकी तस्वीर दिखाई देने वाले इस वायरल वीडियो ने पूरे मामले को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, Nation7TV इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है, और न ही यह स्पष्ट है कि यह वीडियो कब या कहाँ का है। इस वायरल वीडियो पर संबंधित प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक बयान का अभी इंतजार है।
बिहार के भोजपुर जिले से जुड़ी एक घटना में, पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की तस्वीर मोहर्रम जुलूस में दिखाई देने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कई तरह की चर्चाएँ फिर से शुरू हो गई हैं। उल्लेखनीय है कि भरत तिवारी की मृत्यु भोजपुर जिले में पुलिस और उनके बीच हुई मुठभेड़ के बाद हुई थी। इस मुठभेड़ में भरत तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस एनकाउंटर के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर पहले भी कई सवाल उठाए गए थे। अब मोहर्रम जुलूस में उनकी तस्वीर दिखाई देने वाले इस वायरल वीडियो ने पूरे मामले को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, Nation7TV इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है, और न ही यह स्पष्ट है कि यह वीडियो कब या कहाँ का है। इस वायरल वीडियो पर संबंधित प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक बयान का अभी इंतजार है।
- अरविंद केजरीवाल ने एक बयान में चंदा चोरी को लेकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चंदा चोरी एक 'महापाप' है। केजरीवाल ने आगे यह भी कहा कि जो लोग इस तरह के कृत्यों को अंजाम देते हैं, वे 'राक्षस' प्रवृत्ति के हैं।1
- Post by Vikas kumar1
- अयोध्या जिले की रामनगरी में स्थित प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में भगवत दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार के बीच एक हृदयस्पर्शी दृश्य सामने आया। इस कतार में एक भक्त के कंधे पर बैठे एक नन्हे बालक ने अपने बगल में खड़े एक अन्य श्रद्धालु द्वारा प्रसाद खोलते ही उसे चुपके-चुपके चख लिया। इस मनमोहक क्षण को देखकर यह कथन एक बार फिर सत्य साबित हो गया कि "ना जाने किस भेष में नारायण मिल जाए"। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी दिखा।1
- अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देशभर में जहां उत्साह और आस्था का माहौल था, वहीं अब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावे को लेकर एक नए विवाद ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। बताया जा रहा है कि एक आम आदमी पार्टी के नेता द्वारा एसआईटी के समक्ष कुछ साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट से संबंधित मामलों पर सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते संबंधित पक्षों में खलबली मची हुई है। आरोपों के अनुसार, भाजपा सरकार के कार्यकाल में जिस भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया गया था, उसी से जुड़े चढ़ावे में कुछ वर्षों के भीतर बड़े पैमाने पर लूट का मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर राजनीतिक गलियारों में विभिन्न तरह की चर्चाएं चल रही हैं, और विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्तर पर जांच और तथ्यों की पुष्टि का अभी इंतजार किया जा रहा है।1
- अयोध्या में राम मंदिर दान गबन से जुड़े मामले में नामजद आठों आरोपियों को स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने अभी तक इन आरोपियों की रिमांड नहीं ली है, जिसका कारण मोहर्रम की छुट्टी बताई गई है। अब सोमवार को फिर से पेशी होगी और पुलिस कस्टडी की मांग करने का प्रयास करेगी। इस मामले में आरोपियों से 79 लाख 85 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। अयोध्या निवासियों और आम जनता में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह करोड़ों का घोटाला है, जिसमें सनातनियों का पैसा सनातनियों द्वारा ही लूटा गया है। वे सवाल उठा रहे हैं कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की नगरी में इस लूट का असली मास्टरमाइंड कौन है। जनता की मांग है कि अगर पारदर्शिता लानी है तो सभी आठों लोगों का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। लोगों का यह भी मानना है कि यह सब केवल दिखावा है, असली लोग कोई और हैं जिन्हें बचाया जा रहा है, और इन गिरफ्तार किए गए लोगों को बचाव में मोहरा बनाया गया है, क्योंकि सच्चाई कुछ और ही है।1
- आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या में एक प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा और राम मंदिर ट्रस्ट पर श्री राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि "राम मंदिर में चोरी नहीं, महाडकैती हुई है" और कहा कि भगवान श्रीराम के भक्तों द्वारा श्रद्धा से चढ़ाया गया दान सुरक्षित नहीं रहा। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि यदि उनके आरोप गलत साबित हो जाएं तो उन्हें कड़ी सजा दी जाए, और उन्होंने भाजपा पर इस मामले को दबाने का आरोप भी लगाया। दूसरी ओर, भाजपा और संबंधित पक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज कर चुके हैं। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विभिन्न दल अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि इस वीडियो में व्यक्त आरोप और दावे अरविंद केजरीवाल के हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है; संबंधित पक्ष इन आरोपों से असहमत हैं और अपना पक्ष रख चुके हैं।1
- रामपुर भगन मार्केट से एक ताजिया जुलूस निकाला गया, जो गांव की गली से होते हुए कर्बला की ओर बढ़ा। इस ताजिया जुलूस में शामिल लोगों ने अपने अल्लाह को याद किया।1
- एक अत्यंत मुखर और भावनात्मक टिप्पणी में, मौजूदा स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है, जिसमें 'करोड़ों हिंदुओं का भरोसा चुराने' वाले 'चोरों' पर तीखा हमला किया गया है। यह टिप्पणी रामायण के प्रसंग का उदाहरण देते हुए बताती है कि रावण ने तो 'सिर्फ माता जानकी का हरण किया था', लेकिन वर्तमान 'चोरों' का कृत्य उससे भी कहीं अधिक गंभीर है, जिन्होंने व्यापक स्तर पर हिंदुओं के विश्वास को पूरी तरह से भंग कर दिया है।1