दौसा शहर के गणेश नगर क्षेत्र में वार्ड नंबर 48 के तहत रोडवेज बस डिपो के पास एक आम रास्ते पर कथित अतिक्रमण और बिना अनुमति के बेसमेंट की खुदाई का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों ने इस अवैध निर्माण पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, विश्वप्रिय नामक व्यक्ति द्वारा बिना किसी सरकारी अनुमति के आम रास्ते पर अवैध कब्जा कर बेसमेंट की गहरी खुदाई करवाई जा रही है। इस निर्माण कार्य में मूलचंद नामक व्यक्ति पर भी सहयोग करने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस व्यस्त मार्ग से प्रतिदिन लगभग 10 से 20 हजार लोगों का आवागमन होता है, लेकिन इस बेतरतीब निर्माण के कारण पूरा रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन खुले बेसमेंट और गहरे गड्ढों के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और विशेष रूप से स्कूली बच्चों के लिए हर समय दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे रात के समय या भीड़भाड़ के दौरान किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से इस अवैध निर्माण और अतिक्रमण को तुरंत हटाने, आम रास्ते को सुरक्षित करने और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
दौसा शहर के गणेश नगर क्षेत्र में वार्ड नंबर 48 के तहत रोडवेज बस डिपो के पास एक आम रास्ते पर कथित अतिक्रमण और बिना अनुमति के बेसमेंट की खुदाई का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों ने इस अवैध निर्माण पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है और
तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, विश्वप्रिय नामक व्यक्ति द्वारा बिना किसी सरकारी अनुमति के आम रास्ते पर अवैध कब्जा कर बेसमेंट की गहरी खुदाई करवाई जा रही है। इस निर्माण कार्य में मूलचंद नामक व्यक्ति पर भी सहयोग करने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस व्यस्त मार्ग से
प्रतिदिन लगभग 10 से 20 हजार लोगों का आवागमन होता है, लेकिन इस बेतरतीब निर्माण के कारण पूरा रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन खुले बेसमेंट और गहरे गड्ढों के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और विशेष रूप से स्कूली बच्चों के लिए हर समय दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ
है, जिससे रात के समय या भीड़भाड़ के दौरान किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से इस अवैध निर्माण और अतिक्रमण को तुरंत हटाने, आम रास्ते को सुरक्षित करने और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
- नरेंद्र मोदी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें विश्व की महान शक्ति का प्रतीक बताया गया है। इस दौरान भारत की बढ़ती ताकत की सराहना करते हुए 'भारत जिंदाबाद' के नारों के साथ देश के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क किनारे गिरे एक पेड़ के पास किसी ने दान पेटी रख दी है और पेड़ पर मालाएं चढ़ा दी हैं। इस वीडियो में कई लोग इसे आस्था का स्थान मानकर श्रद्धा से पूजा-अर्चना करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब समाज में अंधविश्वास, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक जागरूकता को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। कई लोग इसे बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी भी चीज़ को धार्मिक आस्था का रूप देने की गलत प्रवृत्ति बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे व्यक्तिगत आस्था का विषय मान रहे हैं। वहीं, विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि समाज में शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि लोग किसी भी दावे या घटना को स्वीकार करने से पहले तथ्यों के आधार पर उसका मूल्यांकन कर सकें।1
- राजस्थान की राजधानी जयपुर में रिश्तों को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सरकारी नौकरी और प्रॉपर्टी हासिल करने की चाहत में एक बेटी ने अपने ही ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर अपनी मां की हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने 7 लाख रुपये की सुपारी देकर 45 वर्षीय मां नीरज शर्मा को स्कॉर्पियो गाड़ी से कुचलवाकर मार डाला। पुलिस के अनुसार, यह दर्दनाक वारदात 3 जुलाई की शाम करीब 4 बजकर 45 मिनट पर जयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र में हुई, जब कोर्ट में एलडीसी के पद पर कार्यरत नीरज शर्मा अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर वापस घर लौट रही थीं। इसी दौरान लगभग 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही एक स्कॉर्पियो ने उन्हें ऐसी भीषण टक्कर मारी कि उनका शरीर करीब 100 फीट दूर जाकर गिरा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद चालक मौके से फरार हो गया था। शुरुआत में यह मामला एक साधारण सड़क हादसा लग रहा था, लेकिन पुलिस की गहराई से की गई जांच और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद हत्या की इस बड़ी साजिश का खुलासा हुआ। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा के मुताबिक, नीरज शर्मा के पति के निधन के बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति के तहत एलडीसी की नौकरी मिली थी। उनकी बेटी आयुषी शर्मा की नजर मां की इसी सरकारी नौकरी और संपत्ति पर थी, जिसे लेकर पिछले दो-तीन वर्षों से मां-बेटी में लगातार विवाद चल रहा था। आयुषी चाहती थी कि पिता की जगह उसे नौकरी मिले, लेकिन मां ने खुद नौकरी जॉइन कर ली, जिसके बाद उसने मां को रास्ते से हटाने की साजिश रची। जांच में सामने आया कि आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर भरतपुर के हेमंत शर्मा को 7 लाख रुपये की सुपारी दी थी। आरोपियों ने पहले एक थार गाड़ी किराए पर लेकर कई दिनों तक रेकी की, लेकिन तब वारदात को अंजाम नहीं दे पाए। इसके बाद करीब एक महीने तक निगरानी रखने के बाद पूरी योजना के तहत स्कॉर्पियो से टक्कर मारी गई। वारदात के दिन मोहित शर्मा लगातार नीरज शर्मा की लोकेशन दे रहा था, जबकि रोहित जाटव बाइक से निगरानी कर रहा था। वारदात के वक्त आकाश शर्मा स्कॉर्पियो चला रहा था और अरविंद शर्मा उसके साथ गाड़ी में बैठा था। वारदात के बाद ये आरोपी गाड़ी छोड़कर बाइक से फरार हो गए। मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा ने शिकायत में बताया कि उनकी बहन पहले भी बेटी, ससुराल पक्ष और जेठ के बेटे द्वारा प्रॉपर्टी विवाद में प्रताड़ित किए जाने और जान से मारने की धमकियां मिलने की बात कह चुकी थीं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी बेटी आयुषी शर्मा ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह पिता की जगह नौकरी और संपत्ति पाना चाहती थी, इसीलिए उसने अपनी मां की हत्या करवाई। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में आयुषी शर्मा, मोहन स्वरूप, मोहित शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत शर्मा और रोहित जाटव सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मुख्य आरोपी बलराम उर्फ रवि फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार तलाश कर रही है।1
- जयपुर के चाकसू क्षेत्र में एक स्कूल के भीतर ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके कारण ग्रामीणों को मौके पर पहुंचना पड़ा। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने कड़ा कदम उठाते हुए स्कूल को ही बंद करवा दिया। फिलहाल इस मामले में स्कूल के भीतर घटित हुई उन परिस्थितियों का खुलासा होना बाकी है, जिनकी वजह से ग्रामीणों को स्कूल को बंद करने जैसा कड़ा फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ा।1
- जयपुर के हवामहल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नंबर 140 स्थित गणेश कॉलोनी, जो ग्रामीण पुलिस लाइन आमेर रोड के पास है, वहां की सफाई व्यवस्था अत्यंत लचर है। स्थानीय निवासियों को आवारा गायों और कुत्तों के आतंक का भी सामना करना पड़ रहा है, जिसका समाधान नगर निगम जयपुर द्वारा नहीं किया जा रहा है। इस अव्यवस्था के विरोध में व्यापक भ्रष्टाचार और सरकारी सिस्टम के अत्याचार पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री से इस समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर समाधान करने का आग्रह किया गया है।4
- जयपुर के एक रेस्टोरेंट में उस समय भारी हंगामा मच गया, जब एक पति ने अपनी पत्नी को किसी अन्य व्यक्ति के साथ देखा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि, केवल वायरल वीडियो के आधार पर इस मामले में शामिल लोगों के आपसी रिश्तों या लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से कोई पुष्टि नहीं की जा सकती है। इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई संबंधित पक्षों के बयानों और मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली के डीडीयू नगर में सड़क चौड़ीकरण के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जहां प्राचीन काली मंदिर का गुंबद गिर गया। इस हादसे में एक PWD कर्मचारी की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल बताया जा रहा है। यह दुर्घटना उस समय हुई जब सड़क चौड़ीकरण के लिए प्राचीन काली मंदिर को गिराया जा रहा था और इसी दौरान मंदिर का गुंबद अचानक ढह गया।1