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2 hrs ago
user_Sahodar Mandal
Sahodar Mandal
Barachatti, Gaya•
2 hrs ago

More news from झारखंड and nearby areas
  • मासूम सैफ अली की नृशंस हत्या से कोडरमा में आक्रोश, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग
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    मासूम सैफ अली की नृशंस हत्या से कोडरमा में आक्रोश, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग
    user_JANATA 1 NEWS
    JANATA 1 NEWS
    Media company कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    17 hrs ago
  • पबरा रोड पर सड़क हादसे में मजदूर की मौत, मुखिया ने की 'नो एंट्री' का समय बदलने की मांग तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, पेलावल दक्षिण की मुखिया नूर जहां ने पीड़ित परिवार को घर और मुआवजा दिलाने का दिया भरोसा हजारीबाग | हजारीबाग के पेलावल क्षेत्र में पबरा रोड के पास 31 दिसंबर को रात्रि करीब 9 बजे एक सड़क दुर्घटना में 12 चक्का द्वारा सनाउल्लाह उर्फ सोनू नामक व्यक्ति की मौत हो गई है। मृतक सोनू एक बहुत ही गरीब मजदूर थे और मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते थे। उनकी मौत के बाद उनकी पत्नी और तीन बच्चे बेसहारा हो गए हैं। घनी आबादी और भारी वाहनों का खतरा इस घटना के बाद पेलावल दक्षिण की मुखिया नूर जहां ने स्थानीय प्रशासन से एक अहम मांग की है। उन्होंने बताया कि पेलावल (उत्तर और दक्षिण) कतकमसांडी प्रखंड का सबसे बड़ा पंचायत है और यहां बहुत घनी आबादी है। यहां गरीब लोग अपनी जरूरतों के लिए रात 9-10 बजे तक सड़कों पर पैदल आते-जाते रहते हैं। मुखिया ने चिंता जताई कि अभी रात 8:30 से 9:00 बजे के बीच 'नो एंट्री' खुल जाती है, जिसके बाद बड़ी गाड़ियां बहुत तेज रफ्तार में यहां से गुजरती हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया है कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए 'नो एंट्री' खुलने का समय बढ़ाकर रात 10 बजे के बाद किया जाए। पीड़ित परिवार को मिलेगी हर संभव मदद मुखिया नूर जहां ने पीड़ित परिवार को हर सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा आर्थिक मदद के लिए उन्होंने सीओ (CO) से बात की है ताकि आपदा राहत कोष से परिवार को मुआवजा मिल सके। साथ ही, 'राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना' के तहत भी उन्हें मदद दिलाई जाएगी, जिसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य कागजी कार्रवाई में वह खुद मदद करेंगी। मुखिया ने बताया कि मृतक का परिवार एक टूटे-फूटे घर में रहता है। उनकी पहली प्राथमिकता यह है कि परिवार को सरकारी आवास योजना का लाभ मिले। अगर सामान्य सूची में नाम नहीं हुआ, तो वे जिला प्रशासन से विशेष आग्रह कर आपदा राहत के तहत उन्हें घर दिलाने की कोशिश करेंगी। मुखिया नूर जहां ने दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही है। फिलहाल वाहन और उसके चालक को पेलावल पुलिस ने पकड़ कर थाना लाया है और मृतक के शव को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
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    पबरा रोड पर सड़क हादसे में मजदूर की मौत, मुखिया ने की 'नो एंट्री' का समय बदलने की मांग
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, पेलावल दक्षिण की मुखिया नूर जहां ने पीड़ित परिवार को घर और मुआवजा दिलाने का दिया भरोसा
हजारीबाग | हजारीबाग के पेलावल क्षेत्र में पबरा रोड के पास 31 दिसंबर को रात्रि करीब 9 बजे एक सड़क दुर्घटना में 12 चक्का द्वारा सनाउल्लाह उर्फ सोनू नामक व्यक्ति की मौत हो गई है। मृतक सोनू एक बहुत ही गरीब मजदूर थे और मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते थे। उनकी मौत के बाद उनकी पत्नी और तीन बच्चे बेसहारा हो गए हैं।
घनी आबादी और भारी वाहनों का खतरा
इस घटना के बाद पेलावल दक्षिण की मुखिया नूर जहां ने स्थानीय प्रशासन से एक अहम मांग की है। उन्होंने बताया कि पेलावल (उत्तर और दक्षिण) कतकमसांडी प्रखंड का सबसे बड़ा पंचायत है और यहां बहुत घनी आबादी है। यहां गरीब लोग अपनी जरूरतों के लिए रात 9-10 बजे तक सड़कों पर पैदल आते-जाते रहते हैं।
मुखिया ने चिंता जताई कि अभी रात 8:30 से 9:00 बजे के बीच 'नो एंट्री' खुल जाती है, जिसके बाद बड़ी गाड़ियां बहुत तेज रफ्तार में यहां से गुजरती हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया है कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए 'नो एंट्री' खुलने का समय बढ़ाकर रात 10 बजे के बाद किया जाए।
पीड़ित परिवार को मिलेगी हर संभव मदद
मुखिया नूर जहां ने पीड़ित परिवार को हर सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा आर्थिक मदद के लिए उन्होंने सीओ (CO) से बात की है ताकि आपदा राहत कोष से परिवार को मुआवजा मिल सके। साथ ही, 'राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना' के तहत भी उन्हें मदद दिलाई जाएगी, जिसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य कागजी कार्रवाई में वह खुद मदद करेंगी।
मुखिया ने बताया कि मृतक का परिवार एक टूटे-फूटे घर में रहता है। उनकी पहली प्राथमिकता यह है कि परिवार को सरकारी आवास योजना का लाभ मिले। अगर सामान्य सूची में नाम नहीं हुआ, तो वे जिला प्रशासन से विशेष आग्रह कर आपदा राहत के तहत उन्हें घर दिलाने की कोशिश करेंगी।
मुखिया नूर जहां ने दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही है।
फिलहाल वाहन और उसके चालक को पेलावल पुलिस ने पकड़ कर थाना लाया है और मृतक के शव को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Journalist Hazaribag, Hazaribagh•
    12 hrs ago
  • फर्जी साधु लोग ढोंग करते हुए।
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    फर्जी साधु लोग ढोंग करते हुए।
    user_Surjeet Nagwala
    Surjeet Nagwala
    Voice of people Hazaribag, Hazaribagh•
    14 hrs ago
  • सिमराजरा के विकास यात्रा की सफलता की कहानी... प्रस्तुति: सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग।
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    सिमराजरा के विकास यात्रा की सफलता की कहानी...
प्रस्तुति: सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग।
    user_Ravi Sharma Ptrakar Hzb
    Ravi Sharma Ptrakar Hzb
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    19 hrs ago
  • TamilNadu मै एक मजदूर को बहुत बेहरमी तरीके से मारता है, ओ भी Reel बनाने के लिए, फिलहाल अभी ओ भाई ठीक है ओर Recover होने मै समय लगेगा ||
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    TamilNadu मै एक मजदूर को बहुत बेहरमी तरीके से मारता है, ओ भी Reel बनाने के लिए, फिलहाल अभी ओ भाई ठीक है ओर Recover होने मै समय लगेगा  ||
    user_Janeman Kumar
    Janeman Kumar
    Content Creator (YouTuber) बरकठा, हजारीबाग, झारखंड•
    2 hrs ago
  • जहानाबाद : गोडसन के समीप शराब के नशे में धुत्त ऑटो चालक ने दो युवतियों को मारी टक्कर, हालत नाजुक।
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    जहानाबाद : गोडसन के समीप शराब के नशे में धुत्त ऑटो चालक ने दो युवतियों  को मारी टक्कर, हालत नाजुक।
    user_Pawan Kumar
    Pawan Kumar
    Journalist जहानाबाद, जहानाबाद, बिहार•
    2 hrs ago
  • कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव ने गिनाईं उपलब्धियां, सरकार पर लगाए लूट-खसोट को बढ़ावा देने के आरोप
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    कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव ने गिनाईं उपलब्धियां, सरकार पर लगाए लूट-खसोट को बढ़ावा देने के आरोप
    user_JANATA 1 NEWS
    JANATA 1 NEWS
    Media company कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    21 hrs ago
  • सक्सेस स्टोरी सिमराजरा के विकास यात्रा की सफलता की कहानी “अंधेरे से उजाले तक: सिमराजरा की नई सुबह” हजारीबाग जिला अंतर्गत बड़कागांव प्रखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में बसा सुदूरवर्ती गांव सिमराजरा...एक ऐसा गांव, जो आज़ाद भारत के 78 वर्षों बाद भी बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित था। न यहां तक पक्की सड़क पहुंची थी, न ही विकास की रोशनी। अंधेरा यहां केवल रातों तक सीमित नहीं था, बल्कि पीढ़ियों से जीवन का हिस्सा बन चुका था। माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की यह स्पष्ट सोच रही है कि राज्य का कोई भी गांव विकास से अछूता न रहे और प्रत्येक नागरिक को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। इसी सोच को धरातल पर उतारने के क्रम में माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के जिला भ्रमण के दौरान जब सिमराजरा गांव की वास्तविक स्थिति सामने आई, तो इसे बदलने का संकल्प उसी क्षण ले लिया गया। इसके बाद जो शुरू हुआ, वह केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि एक संकल्प, संघर्ष और समर्पण की कहानी थी। सिमराजरा तक बिजली पहुंचाना आसान नहीं था। दुर्गम पहाड़ियां, घने जंगल और हाथियों से अति प्रभावित क्षेत्र,हर कदम पर चुनौती खड़ी थी। कई बार बिजली के पोल लगाए गए, लेकिन हाथियों द्वारा उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया गया। प्रयास बार-बार विफल होते दिखे, लेकिन प्रशासन का हौसला नहीं टूटा। जिला प्रशासन हजारीबाग ने यह साबित कर दिया कि “जहां चाह, वहां राह” केवल कहावत नहीं, बल्कि कर्म से साकार होने वाला सत्य है। सतत प्रयास, तकनीकी समाधान, सतर्कता और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर अंततः वह दिन आया, जब सिमराजरा गांव तक बिजली पहुंच सकी। जैसे ही गांव में पहली बार बल्ब जला, मानो वर्षों का अंधेरा एक पल में छंट गया। घर रोशनी से जगमगा उठे, बच्चों की आंखों में सपने चमकने लगे और ग्रामीणों के चेहरों पर नई उम्मीद की मुस्कान फैल गई। यह केवल बिजली का आना नहीं था, बल्कि एक नए युग में प्रवेश था...शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और बेहतर जीवन की ओर बढ़ता कदम। आज सिमराजरा गांव प्रशासनिक संकल्प और जनकल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण है। यह सफलता दर्शाती है कि यदि नेतृत्व संवेदनशील हो, प्रशासन प्रतिबद्ध हो और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो देश का सबसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकता है। सिमराजरा की यह कहानी न सिर्फ एक गांव की, बल्कि विश्वास की जीत है...अंधेरे पर उजाले की जीत।
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    सक्सेस स्टोरी
सिमराजरा के विकास यात्रा की सफलता की कहानी
“अंधेरे से उजाले तक: सिमराजरा की नई सुबह”
हजारीबाग जिला अंतर्गत बड़कागांव प्रखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में बसा सुदूरवर्ती गांव सिमराजरा...एक ऐसा गांव, जो आज़ाद भारत के 78 वर्षों बाद भी बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित था। न यहां तक पक्की सड़क पहुंची थी, न ही विकास की रोशनी। अंधेरा यहां केवल रातों तक सीमित नहीं था, बल्कि पीढ़ियों से जीवन का हिस्सा बन चुका था।
माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की यह स्पष्ट सोच रही है कि राज्य का कोई भी गांव विकास से अछूता न रहे और प्रत्येक नागरिक को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। इसी सोच को धरातल पर उतारने के क्रम में माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के जिला भ्रमण के दौरान जब सिमराजरा गांव की वास्तविक स्थिति सामने आई, तो इसे बदलने का संकल्प उसी क्षण ले लिया गया।
इसके बाद जो शुरू हुआ, वह केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि एक संकल्प, संघर्ष और समर्पण की कहानी थी। सिमराजरा तक बिजली पहुंचाना आसान नहीं था। दुर्गम पहाड़ियां, घने जंगल और हाथियों से अति प्रभावित क्षेत्र,हर कदम पर चुनौती खड़ी थी। कई बार बिजली के पोल लगाए गए, लेकिन हाथियों द्वारा उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया गया। प्रयास बार-बार विफल होते दिखे, लेकिन प्रशासन का हौसला नहीं टूटा।
जिला प्रशासन हजारीबाग ने यह साबित कर दिया कि “जहां चाह, वहां राह” केवल कहावत नहीं, बल्कि कर्म से साकार होने वाला सत्य है। सतत प्रयास, तकनीकी समाधान, सतर्कता और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर अंततः वह दिन आया, जब सिमराजरा गांव तक बिजली पहुंच सकी।
जैसे ही गांव में पहली बार बल्ब जला, मानो वर्षों का अंधेरा एक पल में छंट गया। घर रोशनी से जगमगा उठे, बच्चों की आंखों में सपने चमकने लगे और ग्रामीणों के चेहरों पर नई उम्मीद की मुस्कान फैल गई। यह केवल बिजली का आना नहीं था, बल्कि एक नए युग में प्रवेश था...शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और बेहतर जीवन की ओर बढ़ता कदम।
आज सिमराजरा गांव प्रशासनिक संकल्प और जनकल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण है। यह सफलता दर्शाती है कि यदि नेतृत्व संवेदनशील हो, प्रशासन प्रतिबद्ध हो और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो देश का सबसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकता है।
सिमराजरा की यह कहानी न सिर्फ एक गांव की, बल्कि विश्वास की जीत है...अंधेरे पर उजाले की जीत।
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Journalist Hazaribag, Hazaribagh•
    19 hrs ago
  • एक नज़र जरूर डाले
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    एक नज़र जरूर डाले
    user_Ravi Sharma Ptrakar Hzb
    Ravi Sharma Ptrakar Hzb
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    19 hrs ago
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