जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, डाइट, आईटीआई, नर्सिंग तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2026-27 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत ऑनलाइन पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास) द्वारा जारी आदेशानुसार, यह छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के लिए ऑनलाइन आवेदन http://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ पोर्टल पर किया जाएगा। छात्रवृत्ति पोर्टल में नवीनीकरण आवेदन हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया 20 जून 2026 से तथा नवीन आवेदन हेतु 01 अगस्त 2026 से प्रारंभ होगी। नवीनीकरण श्रेणी के लिए, 30 जून 2026 तक प्राप्त आवेदनों की छात्रवृत्ति राशि 18 जुलाई 2026 को, 30 सितंबर 2026 तक के आवेदनों की राशि 18 अक्टूबर 2026 को, 30 नवम्बर 2026 तक के आवेदनों की राशि 18 दिसंबर 2026 को और 30 दिसंबर 2026 तक प्राप्त आवेदनों की राशि 18 जनवरी 2027 को वितरित की जाएगी। इसी प्रकार, नवीन आवेदनों के लिए, 30 अगस्त 2026 तक प्राप्त आवेदनों की राशि 18 सितंबर 2026 को, 30 सितंबर 2026 तक के आवेदनों की राशि 18 अक्टूबर 2026 को, 30 नवम्बर 2026 तक के आवेदनों की राशि 18 दिसंबर 2026 को और 30 दिसंबर 2026 तक प्राप्त आवेदनों की राशि 18 जनवरी 2027 को वितरित की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अशासकीय संस्थानों को प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर अधिकतम 07 दिवस के भीतर जिला कार्यालय को भेजना होगा, जबकि शासकीय संस्थानों को परीक्षण एवं स्वीकृति के बाद अधिकतम 10 दिवस के भीतर जिला कार्यालय को प्रेषित करना होगा। जिला स्तर पर, अशासकीय संस्थाओं से प्राप्त आवेदनों के परीक्षण एवं स्वीकृति के लिए अधिकतम 08 दिवस और शासकीय संस्थाओं के आवेदनों के लिए अधिकतम 05 दिवस का समय निर्धारित किया गया है, जिसके बाद उन्हें राज्य मुख्यालय भेजा जाएगा। छात्रवृत्ति के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख रुपये है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह सीमा 1.00 लाख रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित है। आवेदन के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, अध्ययनरत पाठ्यक्रम की जानकारी, गत वर्ष की परीक्षा परिणाम तथा संस्था द्वारा जारी बोनाफाइड प्रमाण पत्र आवश्यक होंगे। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि PFMS (Public Financial Management System) के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के आधार सीडेड बैंक खातों में अंतरित की जाएगी, जिसके लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करते समय अपने सक्रिय एवं आधार से लिंक बैंक खाते की जानकारी सही दर्ज करने की सलाह दी गई है। वर्ष 2026-27 में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए NSP (National Scholarship Portal) से OTR (One Time Registration) प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, नवीन संस्थाओं के संस्था प्रमुख (HOI) एवं छात्रवृत्ति प्रभारी (INO) का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन कराना भी अनिवार्य होगा। आदिवासी विकास विभाग ने जिले के सभी पात्र विद्यार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर शासन की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का अधिकतम लाभ प्राप्त करें, ताकि जनवरी 2027 तक छात्रवृत्ति राशि का संपूर्ण भुगतान सुनिश्चित हो सके।
जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, डाइट, आईटीआई, नर्सिंग तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2026-27 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत ऑनलाइन पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास) द्वारा जारी आदेशानुसार, यह छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के लिए ऑनलाइन आवेदन http://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ पोर्टल पर किया जाएगा। छात्रवृत्ति पोर्टल में नवीनीकरण आवेदन हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया 20 जून 2026 से तथा नवीन आवेदन हेतु 01 अगस्त 2026 से प्रारंभ होगी। नवीनीकरण श्रेणी के लिए, 30 जून 2026 तक प्राप्त आवेदनों की छात्रवृत्ति राशि 18 जुलाई 2026 को, 30 सितंबर 2026 तक के आवेदनों की राशि 18 अक्टूबर 2026 को, 30 नवम्बर 2026 तक के आवेदनों की राशि 18 दिसंबर 2026 को और 30 दिसंबर 2026 तक प्राप्त आवेदनों की राशि 18 जनवरी 2027 को वितरित की जाएगी। इसी प्रकार, नवीन आवेदनों के लिए, 30 अगस्त 2026 तक प्राप्त आवेदनों की राशि 18 सितंबर 2026 को, 30 सितंबर 2026 तक के आवेदनों की राशि 18 अक्टूबर 2026 को, 30 नवम्बर 2026 तक के आवेदनों की राशि 18 दिसंबर 2026 को और 30 दिसंबर 2026 तक प्राप्त आवेदनों की राशि 18 जनवरी 2027 को वितरित की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अशासकीय संस्थानों को प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर अधिकतम 07 दिवस के भीतर जिला कार्यालय को भेजना होगा, जबकि शासकीय संस्थानों को परीक्षण एवं स्वीकृति के बाद अधिकतम 10 दिवस के भीतर जिला कार्यालय को प्रेषित करना होगा। जिला स्तर पर, अशासकीय संस्थाओं से प्राप्त आवेदनों के परीक्षण एवं स्वीकृति के लिए अधिकतम 08 दिवस और शासकीय संस्थाओं के आवेदनों के लिए अधिकतम 05 दिवस का समय निर्धारित किया गया है, जिसके बाद उन्हें राज्य मुख्यालय भेजा जाएगा। छात्रवृत्ति के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख रुपये है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह सीमा 1.00 लाख रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित है। आवेदन के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, अध्ययनरत पाठ्यक्रम की जानकारी, गत वर्ष की परीक्षा परिणाम तथा संस्था द्वारा जारी बोनाफाइड प्रमाण पत्र आवश्यक होंगे। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि PFMS (Public Financial Management System) के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के आधार सीडेड बैंक खातों में अंतरित की जाएगी, जिसके लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करते समय अपने सक्रिय एवं आधार से लिंक बैंक खाते की जानकारी सही दर्ज करने की सलाह दी गई है। वर्ष 2026-27 में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए NSP (National Scholarship Portal) से OTR (One Time Registration) प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, नवीन संस्थाओं के संस्था प्रमुख (HOI) एवं छात्रवृत्ति प्रभारी (INO) का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन कराना भी अनिवार्य होगा। आदिवासी विकास विभाग ने जिले के सभी पात्र विद्यार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर शासन की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का अधिकतम लाभ प्राप्त करें, ताकि जनवरी 2027 तक छात्रवृत्ति राशि का संपूर्ण भुगतान सुनिश्चित हो सके।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेशवासियों को एक संदेश दिया है। उन्होंने योग दिवस के इस खास मौके पर राज्य के निवासियों को संबोधित करते हुए यह संदेश जारी किया।1
- कोरिया कलेक्टर ने एक स्कूल का दौरा कर बच्चों को पढ़ाया। इस दौरान, उन्होंने वहां के शिक्षकों को भी फटकार लगाई। कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।3
- अनूपपुर जिले के निगवानी के मुख्य बाजार में लंबे समय से एक खतरनाक गड्ढा लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई, हालांकि गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया। पीड़ित बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की तो उन्होंने गंभीरता दिखाने के बजाय "जो करना हो कर लो" जैसा असंवेदनशील जवाब दिया। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बाजार क्षेत्र में रोजाना सैकड़ों लोग और बच्चे आते-जाते हैं, ऐसे में प्रशासन और पंचायत से तत्काल इस गड्ढे की मरम्मत कर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।1
- अंबिकापुर के कला केंद्र मैदान में लगने वाले मीना बाज़ार को लेकर सोशल मीडिया पर दो कथित ऑडियो वायरल हो रहे हैं। एक कथित ऑडियो में अनुराग मिश्रा नामक व्यक्ति को महापौर मंजूषा भगत से यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह “अध्यक्ष जी के घर भी कुछ लेकर गया था, उन्होंने फेंक दिया और कहा 3 लाख से कम नहीं चाहिए।” वहीं, दूसरे कथित ऑडियो को भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया की आवाज़ बताया जा रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर “कितना देंगे?” पूछते और अंत में “कल दे दीजिएगा” कहते सुनाई देते हैं। हालाँकि, इन ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है और इसे एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच का विषय बताया गया है। इन कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूरा शहर और यहाँ तक कि विपक्ष भी इस मामले पर खामोश है। सवाल यह है कि यदि जाँच में ये ऑडियो सही पाए जाते हैं, तो क्या भाजपा को संबंधित लोगों पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए? वायरल हो रहे इन ऑडियो को सुनकर यह सवाल उठता है कि क्या सत्ता सही हाथों में है, क्योंकि यह स्थिति दर्शाती है कि भ्रष्टाचार ने किस तरह अपनी जड़ें जमा ली हैं।1
- मरवाही वनमंडल के मरवाही वन परिक्षेत्र में, सिवनी प. स. वृत्त के घुसरिया बीट में 21 जून 2026 को दोपहर 12:30 बजे चार हाथियों का एक दल विचरण करते देखा गया है। इन हाथियों के कारण घुसरिया, चिचगोहना और कुम्हारी क्षेत्रों में कुल 11 फसलों का नुकसान हुआ है, हालांकि किसी भी मकान को कोई क्षति या जनहानि की सूचना नहीं है। वर्तमान में, ये चारों हाथी मरवाही वनमंडल के मरवाही परिक्षेत्र में घुसरिया परिसर के कक्ष क्रमांक 2051 के नजदीकी राजस्व क्षेत्र सोन नदी के किनारे पलास और लेंटाना के झुरमुट में घूम रहे हैं। ये हाथी मध्यप्रदेश से घुसरिया परिसर में प्रवेश किए हैं और इनके मरवाही परिसर, सचराटोला परिसर और पंडरी परिसर की ओर जाने की संभावना है। परिसर रक्षक नागेश साहू (घुसरिया) और रामकुमार ओटृऻ (मरवाही) सहित मरवाही वन परिक्षेत्र के कर्मचारी हाथियों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और हाथियों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग ने स्थिति को सामान्य बताया है। अधिक जानकारी के लिए मरवाही वन मंडल, वन परिक्षेत्र मरवाही के मोबाइल नंबर 7828465059 और 8718915506 पर संपर्क किया जा सकता है।4
- सरगुजा जिले के लखनपुर इलाके में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुरानी रंजिश और गुस्से में अंधे एक सगे भाई ने अपने ही भाई को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। 'अडिग छत्तीसगढ़िया न्यूज (ACCG NEWS)' के अनुसार, यह मामला समाज में बढ़ते क्रोध और गिरते संस्कारों पर सोचने पर मजबूर करता है। यह नृशंस वारदात 20 जून की दोपहर, लखनपुर थाने के अंतर्गत ग्राम अलगा बेन्दोपानी (बेलदगी) में घटी। 32 वर्षीय पांडे कोरवा का अपने ही सगे भाई, 25 वर्षीय श्रवण कोरवा, और एक नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक) के साथ पुरानी रंजिश और आपसी विवाद को लेकर भयंकर झगड़ा हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि श्रवण कोरवा ने पांडे कोरवा की नाक दाँतों से काट ली और फिर नाबालिग के साथ मिलकर ईंट-पत्थरों से उसके सिर और कान के पास इतने गंभीर वार किए कि पांडे कोरवा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही, सरगुजा के डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल के सख्त निर्देश पर लखनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संपत पोटाई के नेतृत्व में पुलिस और FSL की टीम ने मौके का मुआयना किया और घटना स्थल से खून से सने ईंट के टुकड़े व पत्थर बरामद किए। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर हत्या के आरोपी भाई श्रवण कोरवा और नाबालिग को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने खून से सने कपड़े भी ज़ब्त कर लिए। बालिग आरोपी को न्यायालय और नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है। ACCG NEWS और चीफ एडिटर शुभम पाठक ने इस घटना को सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के माथे पर एक कलंक बताया है, और समाज में बढ़ते क्रोध तथा गिरते संस्कारों पर चिंता व्यक्त की है। रिपोर्ट में लखनपुर पुलिस (एसआई संपत पोटाई, प्रधान आरक्षक सतीश कुमार सिंह और पूरी टीम) की त्वरित एवं मुस्तैद कार्रवाई की सराहना की गई है, लेकिन साथ ही यह भी अपील की गई है कि आपसी विवादों को खून-खराबे की बजाय बातचीत और समझदारी से सुलझाने की पहल होनी चाहिए।1
- सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते दो छोटे भाइयों ने मिलकर अपने बड़े भाई पांडे कोरवा की ईंट-पत्थर से ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी। यह घटना 20 जून की दोपहर को उनके घर में हुई थी, जिसके बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। लखनपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रविवार को दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें एक आरोपी नाबालिग है। मृतक पांडे कोरवा (32 वर्ष), पिता रामधन कोरवा, ग्राम अलगा के बेंदोपानी निवासी था। उसके 25 वर्षीय छोटे भाई सरवन कोरवा और एक नाबालिग भाई उससे पुरानी रंजिश रखते थे। 20 जून की दोपहर उनके बीच फिर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर सरवन कोरवा और नाबालिग भाई ने पांडे कोरवा को पहले पीटा, फिर ईंट-पत्थर से उसके सिर और कनपटी पर लगातार हमला किया, जिससे गंभीर चोट लगने के कारण वह लहूलुहान होकर मौके पर ही दम तोड़ गया। हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए, जिसकी सूचना परिजनों ने लखनपुर पुलिस को दी। हत्या की सूचना मिलने पर लखनपुर पुलिस और एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद, पुलिस ने मुखबिर की जानकारी पर दोनों आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों भाइयों ने अपने बड़े भाई से पुरानी रंजिश के कारण हत्या करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 103 (1) और 3 (5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की है। सरवन कोरवा को जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी लखनपुर एसआई संपत पोटाई, प्रधान आरक्षक सतीश कुमार सिंह, पीतांबर सिंह, आरक्षक सुरेश गुप्ता, रामकुमार यादव, आशीष चौहान और सोहन राजवाड़े शामिल थे।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में सामने आए एक हाई प्रोफाइल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है।1