डूंगरपुर और जयपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) राजस्थान ने प्रदेश के छात्रावासों की स्थिति में सुधार और छात्रवृत्ति के समयबद्ध भुगतान को लेकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत को उनके जयपुर स्थित निवास पर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। परिषद ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों तथा छात्रवृत्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की मांग की है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। छात्रवृत्ति व्यवस्था के मुद्दे पर अभाविप ने मंत्री को अवगत कराया कि तकनीकी खामियों और कॉलेज स्तर की त्रुटियों के कारण कई पात्र छात्रों की छात्रवृत्ति लंबे समय से लंबित है। परिषद ने आगामी सत्र से आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने एससी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में आ रही बैंक लिंकिंग व अन्य तकनीकी समस्याओं का समाधान करने और केंद्र व राज्य सरकार के स्तर पर अटकी छात्रवृत्ति राशि का तुरंत भुगतान करने का आग्रह किया है ताकि कोई भी छात्र आर्थिक तंगी से पढ़ाई न छोड़े। ज्ञापन में अभाविप के हालिया छात्रावास सर्वेक्षण का हवाला देकर सरकारी छात्रावासों की जर्जर स्थिति, पेयजल संकट, सफाई और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर चिंता व्यक्त की गई है। परिषद ने सभी जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण और रखरखाव के लिए विशेष बजट की मांग की, जिसमें डूंगरपुर जिले के भासोर छात्रावास एवं बालिका छात्रावास बूचियावाड़ा जैसे अत्यधिक जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने का विशेष आग्रह किया गया है। इसके अलावा अभाविप ने छात्रावासों के चरणबद्ध डिजिटलीकरण के तहत स्मार्ट ई-लाइब्रेरी, कंप्यूटर, इंटरनेट संसाधन उपलब्ध कराने, खेल मैदान की व्यवस्था करने और राष्ट्रीय भावना के विकास के लिए 'छात्रावास वंदे मातरम् अभियान' शुरू करने का सुझाव दिया। इस दौरान अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अश्वनी शर्मा, जयपुर प्रांत मंत्री शुभेंद्र सिंह, जोधपुर प्रांत मंत्री दशरथ गर्ग और चित्तौड़ प्रांत मंत्री जितेंद्र लोधा उपस्थित रहे।
डूंगरपुर और जयपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) राजस्थान ने प्रदेश के छात्रावासों की स्थिति में सुधार और छात्रवृत्ति के समयबद्ध भुगतान को लेकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत को उनके जयपुर स्थित निवास पर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। परिषद ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों तथा छात्रवृत्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की मांग की है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। छात्रवृत्ति व्यवस्था के मुद्दे पर अभाविप ने मंत्री को अवगत कराया कि तकनीकी खामियों और कॉलेज स्तर की त्रुटियों के कारण कई पात्र छात्रों की छात्रवृत्ति लंबे समय से लंबित है। परिषद ने आगामी सत्र से आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने एससी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में आ रही बैंक लिंकिंग व अन्य तकनीकी समस्याओं का समाधान करने और केंद्र व राज्य सरकार के स्तर पर अटकी छात्रवृत्ति राशि का तुरंत भुगतान करने का आग्रह किया है ताकि कोई भी छात्र आर्थिक तंगी से पढ़ाई न छोड़े। ज्ञापन में अभाविप के हालिया छात्रावास सर्वेक्षण का हवाला देकर सरकारी छात्रावासों की जर्जर स्थिति, पेयजल संकट, सफाई और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर चिंता व्यक्त की गई है। परिषद ने सभी जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण और रखरखाव के लिए विशेष बजट की मांग की, जिसमें डूंगरपुर जिले के भासोर छात्रावास एवं बालिका छात्रावास बूचियावाड़ा जैसे अत्यधिक जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने का विशेष आग्रह किया गया है। इसके अलावा अभाविप ने छात्रावासों के चरणबद्ध डिजिटलीकरण के तहत स्मार्ट ई-लाइब्रेरी, कंप्यूटर, इंटरनेट संसाधन उपलब्ध कराने, खेल मैदान की व्यवस्था करने और राष्ट्रीय भावना के विकास के लिए 'छात्रावास वंदे मातरम् अभियान' शुरू करने का सुझाव दिया। इस दौरान अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अश्वनी शर्मा, जयपुर प्रांत मंत्री शुभेंद्र सिंह, जोधपुर प्रांत मंत्री दशरथ गर्ग और चित्तौड़ प्रांत मंत्री जितेंद्र लोधा उपस्थित रहे।
- डूंगरपुर जिले के धम्बोला थाना क्षेत्र के बड़ी गांव स्थित वात्रक एनीकट में रविवार सुबह करीब 10 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एनीकट में नहाने गए छह बच्चे गहरे पानी में चले गए, जिससे डूबने से चार बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और उनकी एक फुफेरी बहन शामिल हैं। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में जान गंवाने वालों में बाबूसिंह डामोर की बड़ी बेटी हिना (24), बेटा प्रतीक (20) और छोटी बेटी इशिता (15) शामिल हैं। इनके साथ ही पालनपुर निवासी गौतम भाई परमार की बेटी रौनक (20) की भी डूबने से मौत हो गई, जो उनकी फुफेरी बहन थी। वहीं, ग्रामीणों द्वारा बचाए गए घायल राजवीर (पुत्र कोहरा डामोर) और जयसिंह (पुत्र सुरेश डामोर) को इलाज के लिए सीमलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही धम्बोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों शवों को कब्जे में लेकर सीमलवाड़ा अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। एक ही परिवार के चार बच्चों की इस आकस्मिक मौत से बड़ी गांव और पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।1
- डूंगरपुर से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अहमदाबाद पहुंचे। वहाँ उन्होंने एक निजी अस्पताल में जाकर दशा हुमड़ समाज के अध्यक्ष दिनेश खोडनिया के पुत्र अदिश खोडनिया के जुड़वां बच्चे होने पर उनके परिवार को ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई दीं। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री अर्जुन, महेंद्रजीत सिंह मालवीय और असरार अहमद भी मौजूद रहे। इसके अलावा अहमदाबाद के पूर्व मेयर और विधायक हिम्मत पटेल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।2
- डूंगरपुर शहर के सबका हॉस्पीटल में शनिवार को कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के बैनर तले एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 20 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोगरा मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत में चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल सबका ने अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया। शिविर को संबोधित करते हुए विधायक गणेश घोगरा ने कहा कि रक्तदान आज के दौर में इंसानियत का जीता-जागता उदाहरण है, जो सामाजिक सरोकारों से जुड़ा है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि रक्तदान में कभी जाति और धर्म आड़े नहीं आता और यह हमें इनसे ऊपर उठकर कार्य करने की सीख देता है, लेकिन मौजूदा दौर में भाजपा जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने लगी है। वहीं, चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल ने आभार जताते हुए कहा कि सबका अस्पताल में यह पांचवां और चिकित्सा प्रकोष्ठ के बैनर तले पहला शिविर है। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने डॉ. गोविंद पटेल की सराहना करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के बाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें थाने बुलाकर सवाल-जवाब किए थे, जिसका उन्होंने कांग्रेस विचारधारा के अनुरूप मजबूती से सामना किया। शिविर में पूर्व राज्यमंत्री असरार अहमद, वरिष्ठ नेता प्रेमकुमार पाटीदार, नारायण पण्ड्या, प्रियकांत पण्ड्या सहित कई कांग्रेस नेता उपस्थित रहे। इस अवसर पर ओमप्रकाश सिंह, रामनिवास, राजेंद्र, चेतन और डॉ. गोविंद पटेल समेत कुल 15 लोगों ने रक्तदान किया, जिन्हें अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।2
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के चौरासी विधानसभा क्षेत्र से भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायक अनिल कुमार कटारा ने वन मित्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग उठाई है। इस संबंध में विधायक ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा को पत्र लिखकर पूरी चयन प्रक्रिया की समीक्षा करने का आग्रह किया है। विधायक ने सरकार का ध्यान खींचते हुए बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा 2024-25 के तहत वन विभाग द्वारा संचालित इस भर्ती के आदेश 07 जुलाई 2026 को रात 11:54 बजे जारी किए गए थे, और पंजीयन कराने व रिपोर्ट भिजवाने की अंतिम तिथि अगले ही दिन यानी 08 जुलाई 2026 की शाम तक ही निर्धारित कर दी गई। विधायक अनिल कटारा ने प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इतनी अल्प समयावधि मिलने और सूचना के सीमित साधनों के कारण ग्रामीण व आदिवासी अंचलों के हजारों जरूरतमंद व बेरोजगार युवा आवेदन करने से पूरी तरह वंचित रह गए हैं। उनका आरोप है कि इस जल्दबाजी के कारण केवल पूर्व जानकारी रखने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को ही इसका लाभ मिल सका है, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जनता में सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मांग की है कि वर्तमान वन मित्र पंजीयन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय समीक्षा कराई जाए और पर्याप्त समयावधि व ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ दोबारा आवेदन आमंत्रित किए जाएं ताकि सभी पात्र युवाओं और महिलाओं को समान अवसर मिल सके।1
- डूंगरपुर के पुनाली गांव में स्थित मां अंबे मंदिर और शिव शक्ति धाम श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस भव्य मां अंबे मंदिर की स्थापना नीलकंठ मित्र मंडल जय अंबे पदयात्रा संघ के सानिध्य में 18 वर्षों की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद ग्राम वासियों ने मिलकर की थी। वर्तमान में इस मंदिर में सुबह-शाम नियम से आरती की जाती है और हर पूर्णिमा को विशेष हवन का आयोजन होता है, जिसमें सैकड़ों भक्त अपनी मन्नतें पूरी होने पर शामिल होकर हवन का लाभ उठाते हैं। इसी के समीप स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर शिव शक्ति धाम की स्थापना भी देश के 22 संतों और समस्त ग्रामीणों के सहयोग से हुई थी, जिसमें लोगों की गहरी श्रद्धा बसी हुई है। इस पावन मंदिर परिसर में गणपति दादा की मूर्ति भी विराजमान है, जिसकी स्थापना स्वर्गीय नीता बहन की इच्छा के अनुसार की गई थी। इसके साथ ही, जय अंबे संघ डूंगरपुर द्वारा कई वर्षों से बिछीवाड़ा रोड पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन, दवाई और रात्रि विश्राम की पूरी व्यवस्था की जाती है। सभी भक्तों से एक बार यहाँ पधारकर दर्शन का लाभ उठाने का आग्रह किया गया है।1
- डूंगरपुर के धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव में रविवार को एक बेहद हृदयविदारक हादसा हुआ, जहां वात्रक एनीकट में नहाने गए चार भाई-बहनों की डूबने से मौत हो गई। इस भीषण हादसे ने बाबू सिंह डामोर के पूरे परिवार को कभी न भूलने वाला असहनीय दर्द दिया है। माता-पिता ने एक ही झटके में अपने तीनों बच्चों को खो दिया, जबकि उनके साथ उनकी मासी की बेटी की भी दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान हिना डामोर (24), प्रतीक डामोर (20), इशिता डामोर (15) और पालनपुर निवासी रौनक (20) के रूप में हुई है। हिना अंग्रेजी साहित्य में एमए कर चुकी थीं, प्रतीक ने हाल ही में 12वीं में 88 प्रतिशत और एसटीसी प्रवेश परीक्षा में 340 अंक पाकर शिक्षक बनने का सपना संजो रखा था, वहीं सबसे छोटी इशिता कक्षा 11वीं की छात्रा थी। यह हादसा रविवार सुबह करीब 10 बजे का है, जब चारों युवक-युवतियां वात्रक एनीकट पर नहाने गए थे। पानी की गहराई का सही अंदाजा न लग पाने के कारण वे गहरे पानी में डूब गए। इस घटना के दौरान ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए वहां मौजूद दो अन्य बच्चों राजवीर और जयसिंह को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इन चारों को नहीं बचाया जा सका। जब एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों के शव गांव पहुंचे तो पूरे गांव में कोहराम मच गया और माता-पिता का विलाप सुनकर हर आंख नम हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व सांसद ताराचंद भागोरा, थानाधिकारी देवेंद्र देवल, एसआई अशोक मीणा, एएसआई सोहनलाल मीणा, मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, लिखी बड़ी उपसरपंच राजेश प्रजापत, तहसीलदार राजेश मीणा, कानूनगो सुहाग पंचाल, पटवारी गोकुल मनात, भरत पग्गी और सुरेश भोई सहित कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया है। इस भयानक हादसे से पूरे चौरासी क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले की 84 विधानसभा के लिखी बड़ी गांव में पानी में डूबने से चार मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में हाहाकार और अफरा-तफरी मची हुई है। इस अत्यंत दुखद घड़ी में समाज सेवी दिनेश अहारी ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि भगवान इन मासूमों की आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें। उन्होंने ईश्वर से पीड़ित परिवार को इस पहाड़ जैसे दुख को सहन करने की ताकत देने की भी प्रार्थना की है। दिनेश अहारी ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में वे इससे ज्यादा नहीं बोल सकते, क्योंकि इस घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है।1