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रवि कुमार आजाद
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- हरिद्वार जिले के झबरेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सढोली में एक दलित परिवार की बुजुर्गों की 50 साल पुरानी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सत्ताधारी दल से जुड़े एक नेता के दबाव के चलते पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। सढोली निवासी पीड़ित अजीत कुमार पुत्र तेजपाल सिंह रविदासी ने आरोप लगाया है कि उनके परिवार के पास पिछले 50 वर्षों से यह जमीन चली आ रही है। इसी जमीन पर पिछले 50-60 सालों से आटा चक्की और मसाला पीसने की मशीन लगी हुई है, जिसके लिए बैंक से लोन भी लिया गया था। पीड़ित के अनुसार, गांव के ही निवासी अवनीश कुमार शर्मा पुत्र विष्णु दास शर्मा अवैध रूप से इस जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं और स्कूल का रास्ता बनाने के नाम पर इसे हड़पने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि स्कूल का रास्ता पहले से ही दूसरी तरफ मौजूद है। अजीत कुमार का गंभीर आरोप है कि अवनीश शर्मा सत्ताधारी दल के नेता हैं और 'डबल इंजन की सरकार' का हवाला देकर पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें जातिसूचक शब्द कहे गए, जान से मारने की धमकी दी गई और कहा गया कि 'सत्ता हमारी है, अधिकारी हमारे हैं, शिकायत कहीं भी कर लो, कब्जा हमारा है'। इंसाफ के लिए पीड़ित ने एसपी देहात रुड़की और झबरेड़ा थाने में लिखित शिकायत देकर अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है। दूसरी ओर, झबरेड़ा पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- हरिद्वार जिले के झबरेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सढोली में एक दलित परिवार की बुजुर्गों की 50 साल पुरानी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सत्ताधारी दल के एक नेता के दबाव के कारण पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे उन्हें अब तक इंसाफ नहीं मिल पाया है। ग्राम सढोली निवासी पीड़ित अजीत कुमार पुत्र तेजपाल सिंह रविदासी ने बताया कि इस जमीन पर पिछले 50-60 सालों से उनके परिवार की आटा चक्की और मसाला पीसने की मशीन लगी हुई है, जिसके लिए उन्होंने बैंक से लोन भी लिया हुआ है। पीड़ित अजीत कुमार का आरोप है कि गांव के ही निवासी अवनीश कुमार शर्मा पुत्र विष्णु दास शर्मा, जो कि सत्ताधारी दल के नेता हैं, इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करना चाहते हैं। वे स्कूल का रास्ता बनाने के नाम पर जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि स्कूल का रास्ता पहले से ही दूसरी तरफ मौजूद है। पीड़ित का यह भी गंभीर आरोप है कि आरोपी "डबल इंजन की सरकार" का हवाला देकर पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें जातिसूचक शब्द कहे गए, जान से मारने की धमकी दी गई और कहा गया कि "सत्ता हमारी है, अधिकारी हमारे हैं, शिकायत कहीं भी कर लो, कब्जा हमारा है"। न्याय के लिए भटक रहे पीड़ित अजीत कुमार ने एसपी देहात रुड़की और झबरेड़ा थाने में लिखित शिकायत देकर अपनी 50 साल पुरानी जमीन को कब्जा मुक्त कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, झबरेड़ा पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम के परिवार से मुलाकात करने जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को मुजफ्फरनगर के रोहाना टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया। इस घटना के बाद चंद्रशेखर आजाद ने तीखी नाराजगी जाहिर की है। इस पूरे घटनाक्रम और सांसद द्वारा कहे गए शब्दों को उनके बयान वाले वीडियो के जरिए देखा और सुना जा सकता है।1
- मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन क्षेत्र में सुमन विहार से कमला नेहरू वाटिका (कम्पनी बाग) तक बंद रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। अधिकांश स्थानीय लोग इस मार्ग को खुलवाने के पक्ष में हैं, क्योंकि इसके खुलने से आम लोगों, विशेषकर बुजुर्गों को काफी सुविधा मिलेगी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुछ परिवारों के विरोध और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण इस रास्ते को खोलने में बाधा आ रही है और प्रशासनिक कार्रवाई रुकी हुई है। उन्होंने बताया कि पूर्व में डीएम के निर्देश पर अतिक्रमण तो हटा दिया गया था, लेकिन गेट अब तक नहीं खोला गया है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि सुमन विहार से कम्पनी बाग तक का यह बंद रास्ता जल्द नहीं खोला गया तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।4
- मुजफ्फरनगर के पुरकाजी में भारतीय किसान यूनियन के नेता ने चेतावनी दी है। किसान नेता का साफ कहना है कि लक्सर रोड पर सोलानी नदी के पास अगर 'पल' को नहीं उखाड़ा गया, तो वे लोग वहीं पर धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे।1
- मुजफ्फरनगर के चरथावल विकास खंड क्षेत्र के सैद नगला गांव में बीते तीन दिनों की बारिश के बाद सरकारी तालाब का गंदा पानी गरीब लोगों के घरों में घुसने से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। गंदगी और जलभराव से त्रस्त ग्रामीणों और जिला पंचायत वार्ड नंबर 12 के सदस्य अमरकांत मलिक उर्फ चीकू ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर (27 जुलाई तक) इस सरकारी तालाब की सफाई नहीं कराई गई, तो वे ग्रामीणों के साथ तालाब में कूदकर अपनी जान दे देंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे गांव के बारिश का पानी इसी तालाब में आता है, जो लंबे समय से कूड़े और घास से अटा पड़ा है। पानी की निकासी न होने के कारण लोगों के घरों और रसोइयों में कई-कई फीट गंदा पानी और लेट्रिन की गंदगी भर गई थी, जिसके चलते ग्रामीणों को अपने छोटे बच्चों के साथ तीन दिनों तक छतों पर रहकर वक्त गुजारना पड़ा। इस नरकीय स्थिति के बीच पूर्व ग्राम प्रधान ने अपने निजी खर्च से ट्यूबवेल का इंजन लगवाकर तालाब के पानी की निकासी जंगल की ओर कराई, जिससे थोड़ा पानी उतरा। जिला पंचायत सदस्य अमरकांत मलिक ने बताया कि घरों में गंदगी भरने के कारण लोग खाना तक नहीं बना पाए थे, जिसके बाद उन्होंने बाहर से भोजन लाकर ग्रामीणों को खिलाया। ग्रामीण उदयवीर सिंह कश्यप (उम्र 56 वर्ष) का कहना है कि उन्होंने अपनी उम्र में इस तालाब की कभी सफाई होते नहीं देखी है, वहीं जिला पंचायत सदस्य ने दावा किया कि पिछले 20 सालों से इसकी सफाई नहीं हुई है। अमरकांत मलिक ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने दो महीने पहले बीडीओ (BDO) को भी अवगत कराया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस गंदगी और जलभराव के कारण उनके बच्चे डूबकर मर गए, तो वे खुद भी जीवित नहीं रहेंगे। उन्होंने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि 27 जुलाई तक सफाई न होने पर तालाब में कूदने के बाद होने वाले किसी भी हादसे की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।4
- उत्तराखंड के रुड़की में सोनाली पार्क के पास एक बेहद विशाल और खतरनाक मगरमच्छ देखा गया है। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी ने चेतावनी दी है कि यह मगरमच्छ आकार में इतना बड़ा है कि किसी इंसान को अपना शिकार बना सकता है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे सोनाली पार्क के आसपास घूमने या नहाने की गलती बिल्कुल न करें। यह मगरमच्छ फिलहाल शिकार की तलाश में वहीं घात लगाकर बैठा हुआ है, जिसे देखते हुए लोगों को वहां जाने से बचने और सतर्क रहने की अपील की गई है।1