सरकारी अभिलेखों में जीवित को मृत बताकर पेंशन किया बंद चांदन (बांका)पंचायत के वार्ड नंबर एक से एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है,जहां एक जीवित वृद्ध महिला को सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर उसकी वृद्धा पेंशन बंद कर दी गई है।पीड़ित महिला बीते चार माह से अपने जीवित होने का प्रमाण देते हुए पेंशन पुनःबहाली के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर काट रही है।मामला जनकपुर गांव की निवासी सुमंति देवी से जुड़ा है। सुमंति देवी को नियमित रूप से वृद्धा पेंशन मिलती थी, जिससे वह अपना जीवन-यापन करती थीं।बीते चार माह पूर्व उनका पैर टूट गया, जिस कारण वह पेंशन लेने नहीं जा सकीं।पेंशन न मिलने के कारण उन्हें कर्ज लेकर इलाज कराना पड़ा।पैर ठीक होने के बाद जब वह पेंशन लेने बैंक पहुंचीं तो बैंक कर्मी ने केवाईसी की बात कही। बैंक कर्मियों ने बताया कि केवाईसी पूरी है, लेकिन पेंशन की राशि आना बंद हो गई है।विकास मित्र द्वारा उनके निधन की रिपोर्ट दी गई। इसके बाद सुमंति देवी प्रखंड कार्यालय पहुंचीं,जहां विभिन्न पदाधिकारियों के द्वारा उन्हें टालमटोल कर लौटाया जाता रहा। अंततः जब वह अपने बेटे के साथ प्रखंड कार्यालय पहुंचीं और कंप्यूटर से जांच कराई गई, तो बताया गया कि उन्हें मृत घोषित कर पेंशन बंद कर दी गई है। पूछने पर जानकारी मिली कि विकास मित्र द्वारा उनके निधन की रिपोर्ट दी गई थी।इस संबंध में बीडीओ अजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। गलत रिपोर्ट देने वाले के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी तथा सुमंति देवी की बंद पेंशन शीघ्र चालू कर दी जाएगी। विदित हो कि इससे पूर्व भी चांदन पंचायत के बेलहरिया गांव निवासी चुड़की मुर्मू की जीवित होने पर उन्हें सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर उसकी पेंशन बंद की जा चुकी है।
सरकारी अभिलेखों में जीवित को मृत बताकर पेंशन किया बंद चांदन (बांका)पंचायत के वार्ड नंबर एक से एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है,जहां एक जीवित वृद्ध महिला को सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर उसकी वृद्धा पेंशन बंद कर दी गई है।पीड़ित महिला बीते चार माह से अपने जीवित होने का प्रमाण देते हुए पेंशन पुनःबहाली के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर काट रही है।मामला जनकपुर गांव की निवासी सुमंति देवी से जुड़ा है। सुमंति देवी को नियमित रूप से वृद्धा पेंशन मिलती थी, जिससे वह अपना जीवन-यापन करती थीं।बीते चार माह पूर्व उनका पैर टूट गया, जिस कारण वह पेंशन लेने नहीं जा सकीं।पेंशन न मिलने के कारण उन्हें कर्ज लेकर इलाज कराना पड़ा।पैर ठीक होने के बाद जब वह पेंशन लेने बैंक पहुंचीं तो बैंक कर्मी ने केवाईसी की बात कही। बैंक कर्मियों ने बताया कि केवाईसी पूरी है, लेकिन पेंशन की राशि आना बंद हो गई है।विकास मित्र द्वारा उनके निधन की रिपोर्ट दी गई। इसके बाद सुमंति देवी प्रखंड कार्यालय पहुंचीं,जहां विभिन्न पदाधिकारियों के द्वारा उन्हें टालमटोल कर लौटाया जाता रहा। अंततः जब वह अपने बेटे के साथ प्रखंड कार्यालय पहुंचीं और कंप्यूटर से जांच कराई गई, तो बताया गया कि उन्हें मृत घोषित कर पेंशन बंद कर दी गई है। पूछने पर जानकारी मिली कि विकास मित्र द्वारा उनके निधन की रिपोर्ट दी गई थी।इस संबंध में बीडीओ अजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। गलत रिपोर्ट देने वाले के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी तथा सुमंति देवी की बंद पेंशन शीघ्र चालू कर दी जाएगी। विदित हो कि इससे पूर्व भी चांदन पंचायत के बेलहरिया गांव निवासी चुड़की मुर्मू की जीवित होने पर उन्हें सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर उसकी पेंशन बंद की जा चुकी है।
- Ashish Yadav1
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