सोमनाथ मंदिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा पिहोवा से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का लाइव संबोधन भी किया गया प्रसारित भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति का महापर्व है सोमनाथ स्वाभिमान पर्व -सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाया गया सोमनाथ स्वाभिमान पर्व -लोक कलाकारों और विद्यार्थियों ने पेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, शिवालय में किया जलाभिषेक -सोमनाथ मंदिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा पिहोवा से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का लाइव संबोधन भी किया गया प्रसारित कैथल, 11 मई। सोमनाथ मंदिर के पुन:निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को ग्यारह रूद्री मंदिर परिसर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व बड़ी श्रद्धा एवं भक्ति भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में पूंडरी के विधायक सतपाल जांबा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम में डीसी अपराजिता, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, जिला परिषद चेयरमैन सुरभि गर्ग, पूर्व विधायक लीला राम तथा पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर विशेष रूप में मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने शिवालय में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। इस अवसर पर सोमनाथ मंदिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा पिहोवा से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का लाइव संबोधन भी प्रसारित किया गया। विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति का महापर्व है। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरा देश यह पर्व मना रहा है, जो 11 जनवरी 2027 तक चलेगा। यह राष्ट्रीय स्मरणोत्सव भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा देने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार चंद्रदेव ने भगवान भोलेनाथ की कठोर तपस्या की थी, जिसके बाद भगवान शिव गुजरात की पावन भूमि पर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए और तभी से यह स्थान सोमनाथ कहलाया। विधायक ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि अनेक आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ मंदिर हर बार और अधिक गौरव के साथ पुन: खड़ा हुआ। सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक चेतना और पुनर्जागरण का प्रतीक है। विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था तथा वर्ष 1951 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर पुन: स्थापित कर रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा चारधाम परियोजना भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक हैं। विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत बुजुर्गों को अयोध्या, तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़, प्रयागराज सहित अनेक धार्मिक स्थलों के नि:शुल्क दर्शन करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 8 जून को पात्र बुजुर्गों को विशेष ट्रेन के माध्यम से सोमनाथ मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे। इस अवसर पर डीसी अपराजिता, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, पूर्व विधायक लीला राम तथा पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर, जिला परिषद चेयरमैन सुरभि गर्ग, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष मुनीष कठवाड़, ग्यारह रूद्री मंदिर सभा के प्रधान विनोद मित्तल, सुभाष हजवाना, नरेश मित्तल, जसवंत पठानिया, सांसद कार्यालय प्रभारी रविंद्र धीमान, पार्षद लीलू सैनी, सुरेश संधू, मुकेश अग्रवाल, शैली मुंजाल, बलविंद्र जांगड़ा, श्याम बंसल, कृष्ण शर्मा पिलनी, जिला प्रशासन की ओर से जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश, एसडीएम संजय कुमार, एमडी शुगर मिल कृष्ण कुमार, डीआईपीआरओ नसीब सिंह सैनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गूंजी शिव भक्ति जिला स्तरीय इस भव्य कार्यक्रम में लोक कलाकारों, विद्यार्थियों एवं जंगम जोगियों की प्रस्तुतियों उपस्थितजनों को भगवान शिव की भक्ति में सराबोर किया। सबसे पहले भजन मंडली द्वारा रागनियों के माध्यम से भगवान की महिमा का गुणगान किया गया। इसके बाद सुपार्श्व जैन स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा श्री गणेश स्तुति तथा भगवान शिव पर आधारित विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। वहीं जंगम जोगी समूह पारंपरिक शैली में शिव महिमा का गायन कर श्रद्धालुओं को शिव भक्ति से जोड़ने का कार्य किया। अंत में आरकेएसडी कॉलेज के कलाकारों द्वारा भी धार्मिक प्रस्तुति दी गई। आकर्षण का केंद्र बनी प्रदर्शनी। कार्यक्रम में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग तथा संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सोमनाथ मंदिर की एक हजार वर्ष की गौरवशाली यात्रा को दर्शाती प्रदर्शनी लगाई गई, जोकि आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी का श्रद्धालुओं ने रोचकता से अवलोकन किया गया। प्रदर्शनी में सोमनाथ मंदिर के इतिहास, उसके पुनर्निर्माण, सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा आदि की जानकारी दी गई।
सोमनाथ मंदिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा पिहोवा से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का लाइव संबोधन भी किया गया प्रसारित भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति का महापर्व है सोमनाथ स्वाभिमान पर्व -सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाया गया सोमनाथ स्वाभिमान पर्व -लोक कलाकारों और विद्यार्थियों ने पेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, शिवालय में किया जलाभिषेक -सोमनाथ मंदिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा पिहोवा से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का लाइव संबोधन भी किया गया प्रसारित कैथल, 11 मई। सोमनाथ मंदिर के पुन:निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को ग्यारह रूद्री मंदिर परिसर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व बड़ी श्रद्धा एवं भक्ति भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में पूंडरी के विधायक सतपाल जांबा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम में डीसी अपराजिता, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, जिला परिषद चेयरमैन सुरभि गर्ग, पूर्व विधायक लीला राम तथा पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर विशेष रूप में मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने शिवालय में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। इस अवसर पर सोमनाथ मंदिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा पिहोवा से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का लाइव संबोधन भी प्रसारित किया गया। विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति का महापर्व है। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरा देश यह पर्व मना रहा है, जो 11 जनवरी 2027 तक चलेगा। यह राष्ट्रीय स्मरणोत्सव भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा देने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार चंद्रदेव ने भगवान भोलेनाथ की कठोर तपस्या की थी, जिसके बाद भगवान शिव गुजरात की पावन भूमि पर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए और तभी से यह स्थान सोमनाथ कहलाया। विधायक ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि अनेक आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ मंदिर हर बार और अधिक गौरव के साथ पुन: खड़ा हुआ। सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक चेतना और पुनर्जागरण का प्रतीक है। विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था तथा वर्ष 1951 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर पुन: स्थापित कर रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा चारधाम परियोजना भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक हैं। विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत बुजुर्गों को अयोध्या, तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़, प्रयागराज सहित अनेक धार्मिक स्थलों के नि:शुल्क दर्शन करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 8 जून को पात्र बुजुर्गों को विशेष ट्रेन के माध्यम से सोमनाथ मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे। इस अवसर पर डीसी अपराजिता, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, पूर्व विधायक लीला राम तथा पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर, जिला परिषद चेयरमैन सुरभि गर्ग, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष मुनीष कठवाड़, ग्यारह रूद्री मंदिर सभा के प्रधान विनोद मित्तल, सुभाष हजवाना, नरेश मित्तल, जसवंत पठानिया, सांसद कार्यालय प्रभारी रविंद्र धीमान, पार्षद लीलू सैनी, सुरेश संधू, मुकेश अग्रवाल, शैली मुंजाल, बलविंद्र जांगड़ा, श्याम बंसल, कृष्ण शर्मा पिलनी, जिला प्रशासन की ओर से जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश, एसडीएम संजय कुमार, एमडी शुगर मिल कृष्ण कुमार, डीआईपीआरओ नसीब सिंह सैनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गूंजी शिव भक्ति जिला स्तरीय इस भव्य कार्यक्रम में लोक कलाकारों, विद्यार्थियों एवं जंगम जोगियों की प्रस्तुतियों उपस्थितजनों को भगवान शिव की भक्ति में सराबोर किया। सबसे पहले भजन मंडली द्वारा रागनियों के माध्यम से भगवान की महिमा का गुणगान किया गया। इसके बाद सुपार्श्व जैन स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा श्री गणेश स्तुति तथा भगवान शिव पर आधारित विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। वहीं जंगम जोगी समूह पारंपरिक शैली में शिव महिमा का गायन कर श्रद्धालुओं को शिव भक्ति से जोड़ने का कार्य किया। अंत में आरकेएसडी कॉलेज के कलाकारों द्वारा भी धार्मिक प्रस्तुति दी गई। आकर्षण का केंद्र बनी प्रदर्शनी। कार्यक्रम में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग तथा संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सोमनाथ मंदिर की एक हजार वर्ष की गौरवशाली यात्रा को दर्शाती प्रदर्शनी लगाई गई, जोकि आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी का श्रद्धालुओं ने रोचकता से अवलोकन किया गया। प्रदर्शनी में सोमनाथ मंदिर के इतिहास, उसके पुनर्निर्माण, सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा आदि की जानकारी दी गई।
- आज नारायण सेवा संस्थान उदयपुर शाखा कैथल द्वारा प्रमाण पत्र वितरण समारोह में दया गुप्ता मानव मंदिर मे बच्चों को प्रमाण पत्र देकर और इनाम देकर सम्मानित किया गया आए गए अतिथियों का भी खूब मान सम्मान किया गया आज नारायण सेवा संस्थान उदयपुर शाखा कैथल द्वारा प्रमाण पत्र वितरण समारोह में दया गुप्ता मानव मंदिर मे बच्चों को प्रमाण पत्र देकर और इनाम देकर सम्मानित किया गया आए गए अतिथियों का भी खूब मान सम्मान किया गया1
- कल्पना चावला मैडीकल कालेज में कुरुक्षेत्र के रविंद्र को रोशनी लौटाई करनाल, 11मई (: करनाल का राजकीय कल्पना चावला मैडीकल कालेज का नैत्र चिकित्सा विभाग दूर दराज से आने वाले मरीजों के लिए आाशा का केंद्र बना हुआ हें। यहां पर आंखों का आपरेशन करवाने के लिए यूपी हिमाचल प्रदेश,तथा हरियाणा के विभिन्न हिस्सों से आ रहे हैं। यहां के डछाक्टर ेकुरुक्षेत्र के रहने वाले रविंद शर्मा के लिए देव दूत से कम साबित नहीं हुए। यहां के एचओडी डा. सुमित खंडूजा की टीम ने रविंद्र शर्मा का जटिल आपरेशन कर उन्हें आांखों की रोशनी लौटा दी। रविंद्र शर्मा के परिजनों ने बताया कि वह प्रदेश ही नहीं देश के विभिन्न अस्पतालों में दिखा चुके थे। सभी जगह डाक्टर जबाव दे चुके थे। लेकिन करनाल के मैडीकल कालेज में डा. सुमित खंडूजा की टीम ने उनकी आांखों का आपरेशन कर उन्हें रोशनी का दान दिया। उनकी दोनों आंखों में मोतियाविंद था। यहां उल्लेखनीय है कि कल्पना चावला मैडीकल कालेज में नैत्र चिकित्सा विभाग में अत्याधुनिक मशीनों से आपरेशन किए जाते हैं। यहां पर प्रतिदिन कई जटिल आपरेशन होते हैं।2
- सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मोदी के नेतृत्व में देश स्वाभिमान के साथ छू रहा है नई ऊंचाइयां- कल्याण करनाल, 11 मई। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि एक हजार वर्ष की गुलामी के कालखंड में देश की संस्कृति, अर्थव्यवस्था और गौरव को गहरी चोट पहुंचाई गई। लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पुन: अपनी जड़ों की ओर लौटते हुए स्वाभिमान के साथ नई ऊंचाइयों को छू रहा है। श्री कल्याण आज यहां सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के मौके पर कुंजपुरा रोड स्थित सनातन धर्म मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरूआत की गई। इस मौके पर शिव तांडव और भाषा एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों द्वारा शिव स्तुति के भजन प्रस्तुत किए गए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सबके लिए यह गौरव का क्षण है। यह पर्व स्वाभिमान से जुड़ा है। एक हजार वर्ष की गुलामी के कालखंड मुगलों और अंग्रेजों ने देश की संस्कृति, अर्थ व्यवस्था और गौरव को गहरी चोट पहुंचाई। यहां के ज्ञान भंडार को जलाया गया। लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पुन: अपनी जड़ों की ओर लौटते हुए स्वाभिमान के साथ नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कृतज्ञ हैं कि प्रधानमंत्री ने कठिन तपस्या से राष्ट्र को उस मार्ग पर खड़ा किया है जहां हम 1947 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं। श्री कल्याण ने संबोधन में 25 साल पुराने गुजरात प्रवास का एक प्रेरक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि सोमनाथ मंदिर के बाहर 90 वर्षीय एक महिला ने उस समय के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा था कि यही व्यक्ति उनके मंदिरों की रक्षा कर सकता है। विधानसभा अध्यक्ष ने आक्रमणकारियों द्वारा शिवलिंग व मंदिर को खंडित किए जाने के अपमानजनक इतिहास को याद करते हुए आज के बदलते भारत की तुलना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में सभी को आगे बढ़ते हुए बच्चों को अध्यात्म, संस्कृति व जड़ों से जोड़ना होगा ताकि वे दुनिया में भारत का परचम लहरा सकें। मुख्यमंत्री तीर्थ योजना और महापुरुषों की जयंती का आयोजन राज्य स्तर पर करने से संस्कृति मजबूत हुई है। इससे पहले असंध के विधायक योगेंद्र राणा ने कहा कि भारत की संस्कृति व सभ्यता किसी अन्य मुल्क से मेल नहीं खाती। यह महापुरुष, संत-महात्माओं और वीरों की भूमि है। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में 12 वर्षों में कई मंदिरों का जीर्णोद्धार हुआ है। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का सपना भी भाजपा सरकार के शासन में साकार हुआ। प्रदेश में पिछले 12 सालों से महापुरुषों की जयंती राज्य स्तर पर मनाई जा रही है। सरकार ने इतिहास के पन्नों में दबी चीजों को पटल पर लाने का प्रयास किया है। ऐसे कार्यक्रमों से सर्व समाज की आस्था मजबूत होती है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव संबोधन सुनाया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने संत-महात्माओं को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, मुख्य सचेतक एवं विधायक, असंध के विधायक, जिला भाजपा अध्यक्ष तथा मेयर को स्मृति चिह्न के रूप में शंख प्रदान किए गए। इस मौके पर विधायक एवं मुख्य सचेतक रामकुमार कश्यप, मेयर रेणु बाला गुप्ता, पूर्व मेयर शशि पाल मेहता, जिला अध्यक्ष प्रवीण लाठर, प्रभारी भारत भूषण जुयाल, पूर्व चेयरपर्सन निर्मल बैरागी, उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा, एडीसी डा. राहुल रईया, एमडी चीनी मिल अदिति, सहायक आयुक्त (प्रशिक्षणाधीन) सोहम शैलेंद्र, शहर के प्रबुद्धजन, मंदिर के पदाधिकारी आदि मौजूद रहे। सोमनाथ मंदिर के इतिहास पर भव्य प्रदर्शनी ने किया जागरूक कार्यक्रम के दौरान सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा सोमनाथ मंदिर के इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका मुख्य अतिथि विधान विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने अवलोकन किया। सोमनाथ मंदिर के इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी ने कार्यक्रम में आने वाले आगंतुकों को मंदिर के उद्भव और इतिहास बारे जागरूक किया। यह लोगो के आकर्षण का केंद्र रही। जिला स्तरीय समारोह में भगवान शिव स्तुति भजन प्रस्तुति सहित ओम कार मंत्र जाप तथा सोमनाथ से जुड़ी कथाओं का वाचन किया गया। चार प्रमुख मंदिरों से निकाली गई कलश यात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में शहर के चार प्रमुख मंदिरों से भव्य कलश यात्राएं निकाली गईं, जो विभिन्न मार्गों से होती हुई कुंजपुरा रोड स्थित सनातन धर्म मंदिर में संपन्न हुईं। इस दौरान श्री महाबीर दल मंदिर कुंजपुरा रोड, प्राचीन शिव मंदिर चार चमन, श्री शिव मंदिर सराफा बाजार, श्री दुर्गा मंदिर, पुराना बस स्टैंड मंदिरों से कलश यात्रा निकाली गई। इन कलश यात्राओं की मुख्य विशेषता यह रही कि सभी मंदिरों से लाए गए कलशों में पवित्र गंगाजल भरा हुआ था। सनातन धर्म मंदिर पहुँचने पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने सनातन धर्म मंदिर के पवित्र शिवलिंग पर जलाभिषेक किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।1
- सोना नहीं खरीद रहे लोग... सोना होगा सस्ता..... सोना बिक नहीं रहा1
- कुरुक्षेत्र जिले के शाहबाद स्थित जग ज्योति दरबार में महंत राजेंद्र पुरी महाराज की पंचधूनी तपस्या का 14वां दिन है। उनके दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर महंत जी ने पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।3
- 20 मई को कर्मचारी भरेंगे हुंकार,बिजली मंत्री के घर का घेराव कर करेंगे प्रदर्शन सौंपेंगे ज्ञापन इंद्री विजय कांबोज।। इंद्री बिजली विभाग के कार्यालय में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन के पदाधिकारी की मीटिंग हुई जिसमें राज्य के महासचिव व जिला प्रधान ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राजेंद्र राणा ने बताया कि 20 मई को अंबाला में बिजली मंत्री के घर पर का घेराव कर्मचारी करेंगे जिसमें हरियाणा भर से कर्मचारी इस प्रदर्शन में शामिल होंगे| उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को अभी तक हरियाणा सरकार ने पूरा नहीं किया है और हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी कच्चे कर्मचारियों को अभी तक पक्का कर नहीं किया गया और ना ही समान काम समान वेतन लागू किया गया है| जिससे खफा होकर कर्मचारी बिजली मंत्री के घर का घेराव और प्रदर्शन कर ज्ञापन सोपा जाएगा ताकि जो हरियाणा में गूंगी और बहरी सरकार है उसके कान और आंख खोलने का काम किया जाएगा उन्होंने बताया कि बीजेपी सरकार में हर विभाग में चाहे कच्चा कर्मचारी है या फिर पक्का कर्मचारी है सभी को परेशान किया हुआ है गलत नीतियों लाकर के कर्मचारियों को परेशान करने का काम किया जा रहा है कर्मचारियों में इस सरकार के प्रति गहरा रोष है और आने वाली 20 मई कर्मचारियों का गुस्सा शैलाब बनकर बिजली मंत्री के घर पर टूटेगा|1
- एक देश – एक किताब – एक समान शिक्षा – एक समान फीस की मांग को लेकर अभिभावकों ने निकाली पदयात्रा।👍👍👍 “एक देश – एक किताब – एक समान शिक्षा – एक समान फीस” की मांग को लेकर अभिभावकों ने निकाली पदयात्रा। यमुनानगर, 10 मई 2026। आज निजी स्कूलों द्वारा किताबों और फीस के नाम पर की जा रही कथित लूट तथा शिक्षा विभाग की सुस्ती और लापरवाही के विरोध में अभिभावकों द्वारा एक अनोखी पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा के दौरान अभिभावकों ने शिक्षा व्यवस्था को जगाने के प्रतीक के रूप में भैंस के कटड़े को फूलमाला पहनाकर उसके गले में “शिक्षा विभाग जागो” का संदेश भी लगाया, जिसने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। यह पदयात्रा कन्हैया चौक, यमुनानगर से शुरू होकर प्यारा चौक तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। यात्रा के दौरान लोगों को जागरूक करते हुए कहा गया कि यदि आज अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य के लिए एकजुट नहीं हुए, तो आने वाले समय में शिक्षा पूरी तरह व्यापार बन जाएगी। अभिभावकों ने हरियाणा के सभी 10 सांसदों से मांग की कि वे संसद में “एक देश – एक किताब – एक समान शिक्षा – एक समान फीस” का कानून पारित करवाने की आवाज उठाएं, ताकि हर बच्चे को समान शिक्षा और समान अवसर मिल सके। इस दौरान Sanjeev Nanda, Saravjeet, Raghav, Parminder Saini, Ankush Bakshi, Jai Ram सहित कई लोगों ने पदयात्रा में भाग लेकर अभिभावकों की आवाज बुलंद की। अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा के नाम पर हो रही लूट और मनमानी फीस पर जल्द रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।1
- आप बताएं कौन सही कौन गलत है SKT NEWS KAITHAL कमेंट करें1