सर्दियों के बाद पहली मंडे मीटिंग: विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश विजय ठाकुर, लाहौल-स्पीति जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में सर्दियों के मौसम की समाप्ति के बाद इस वर्ष की पहली मंडे मीटिंग का आयोजन उपायुक्त कार्यालय के सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त किरण भड़ाना ने की। बैठक के दौरान केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा जिले में संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और कार्यक्रमों की विभागवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बिजली, सड़क, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, शिक्षा और कानून व्यवस्था सहित अन्य विभागों से वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 15वें वित्त आयोग की शेष राशि को निर्धारित समयसीमा के भीतर व्यय करना सुनिश्चित करें, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। प्रधानमंत्री जनजातीय विकास योजना की समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री जनजातीय विकास योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों से सभी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि योजना के अंतर्गत कोई नया प्रारूप प्रस्तावित है तो उसे आगामी बैठक में प्रस्तुत किया जाए। थिरोट पावर हाउस और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर उपायुक्त ने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि थिरोट पावर हाउस के रिजर्वायर की सफाई 15 अप्रैल से पूर्व पूरी की जाए, ताकि आपदा की स्थिति में घाटी में बिजली आपूर्ति बाधित न हो। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सभी सैटेलाइट फोन सक्रिय रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। कोल्ड स्टोरेज, क्लाइम्बिंग वॉल और निर्माण कार्यों पर फोकस कृषि एवं बागवानी विभाग को जिले में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज निर्माण की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। पर्वतीय हिमालय प्रशिक्षण उपकेंद्र में प्रस्तावित क्लाइम्बिंग वॉल निर्माण कार्य आरंभ करने हेतु बीएसएनएल को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। लोक निर्माण विभाग को ग्यूस्कर में वन स्टॉप सेंटर तथा शाशुर गोम्पा संपर्क सड़क के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा गया। शिक्षा और पोषण पर विशेष ध्यान शिक्षा विभाग को राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल के भवन निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि चयन के लिए सार्थक प्रयास करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने जिला अधिकारियों को गोद लिए गए स्कूलों में नियमित रूप से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने की हिदायत दी। स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को गंभीर एवं मध्यम तीव्र कुपोषण से मुक्त जिला बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा बैठक में फुनकयार हेलीपैड, सड़क सुरक्षा, साप्ताहिक हाट, प्लास्टिक वेस्ट रीसाइक्लिंग, कुत्तों के बंध्याकरण, पुलिस ग्राउंड के सौंदर्यीकरण, दुग्ध उत्पादन, क्षेत्रीय अस्पताल के रास्ते एवं लिफ्ट, ईको टूरिज्म पार्क तथा एमआरएफ बिलिंग सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में सहायक आयुक्त अजय कुमार सिंह, एसडीएम केलांग कुनिका एकर्स, वनमंडलाधिकारी, बीडीओ डॉ. विवेक गुलेरिया, जिला परियोजना अधिकारी संजय डोगरा, डीएसपी रश्मि शर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत सूर्या शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिले में सर्दियों के बाद प्रशासनिक गतिविधियों के इस पुनरारंभ को विकास कार्यों में नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सर्दियों के बाद पहली मंडे मीटिंग: विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश विजय ठाकुर, लाहौल-स्पीति जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में सर्दियों के मौसम की समाप्ति के बाद इस वर्ष की पहली मंडे मीटिंग का आयोजन उपायुक्त कार्यालय के सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त किरण भड़ाना ने की। बैठक के दौरान केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा जिले में संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और कार्यक्रमों की विभागवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बिजली, सड़क, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, शिक्षा और कानून व्यवस्था सहित अन्य विभागों से वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 15वें वित्त आयोग की शेष राशि को निर्धारित समयसीमा के भीतर व्यय करना सुनिश्चित करें, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। प्रधानमंत्री जनजातीय विकास योजना की समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री जनजातीय विकास योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों से सभी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि योजना के अंतर्गत कोई नया प्रारूप प्रस्तावित है तो उसे आगामी बैठक में प्रस्तुत किया जाए। थिरोट पावर हाउस और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर उपायुक्त ने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि थिरोट पावर हाउस के रिजर्वायर की सफाई 15 अप्रैल से पूर्व पूरी की जाए, ताकि आपदा की स्थिति में घाटी में बिजली आपूर्ति बाधित न हो। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सभी सैटेलाइट फोन सक्रिय रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। कोल्ड स्टोरेज, क्लाइम्बिंग वॉल और निर्माण कार्यों पर फोकस कृषि एवं बागवानी विभाग को जिले में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज निर्माण की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। पर्वतीय हिमालय प्रशिक्षण उपकेंद्र में प्रस्तावित क्लाइम्बिंग वॉल निर्माण कार्य आरंभ करने हेतु बीएसएनएल को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। लोक निर्माण विभाग को ग्यूस्कर में वन स्टॉप सेंटर तथा शाशुर गोम्पा संपर्क सड़क के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा गया। शिक्षा और पोषण पर विशेष ध्यान शिक्षा विभाग को राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल के भवन निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि चयन के लिए सार्थक प्रयास करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने जिला अधिकारियों को गोद लिए गए स्कूलों में नियमित रूप से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने की हिदायत दी। स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को गंभीर एवं मध्यम तीव्र कुपोषण से मुक्त जिला बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा बैठक में फुनकयार हेलीपैड, सड़क सुरक्षा, साप्ताहिक हाट, प्लास्टिक वेस्ट रीसाइक्लिंग, कुत्तों के बंध्याकरण, पुलिस ग्राउंड के सौंदर्यीकरण, दुग्ध उत्पादन, क्षेत्रीय अस्पताल के रास्ते एवं लिफ्ट, ईको टूरिज्म पार्क तथा एमआरएफ बिलिंग सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में सहायक आयुक्त अजय कुमार सिंह, एसडीएम केलांग कुनिका एकर्स, वनमंडलाधिकारी, बीडीओ डॉ. विवेक गुलेरिया, जिला परियोजना अधिकारी संजय डोगरा, डीएसपी रश्मि शर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत सूर्या शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिले में सर्दियों के बाद प्रशासनिक गतिविधियों के इस पुनरारंभ को विकास कार्यों में नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- राजा बली की पूजा से हुआ शुभारंभ, जनजातीय क्षेत्र में एक ही तिथि पर सामूहिक आयोजन; बेटियों के सम्मान और सांस्कृतिक एकता का अनूठा पर्व जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में पंगवाल समुदाय का पारंपरिक जुकारू उत्सव हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ आरंभ हो गया है। 15 दिनों तक चलने वाला यह लोकपर्व माघ मास की पूर्णिमा के बाद आने वाली अमावस्या से शुरू होता है और आपसी मिलन, भाईचारे व सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है। इस वर्ष विशेष बात यह है कि पूरे पांगी में पर्व एक ही तिथि पर सामूहिक रूप से मनाया जा रहा है। गत वर्ष देवलुओं के तालमेल के अभाव में अलग-अलग तिथियों पर आयोजन हुआ था। राजा बली की पूजा से शुरुआत फाल्गुन अमावस्या की रात ‘सिल्ल’ के नाम से जानी जाती है। इस दिन पूरे पांगी में राजा बली की विधिवत पूजा कर पहला भोग अर्पित किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु ने वामन अवतार में राजा बली को वरदान दिया था कि वे माघ और फाल्गुन मास की अमावस्या को पृथ्वी पर आकर अपने भक्तों से प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसी आस्था के साथ पांगी, लाहुल और कुल्लू क्षेत्रों में यह पर्व श्रद्धा से मनाया जाता है। बारह दिनों का विशेष महत्व जुकारू उत्सव लगभग एक माह तक विभिन्न रूपों में मनाया जाता है, किंतु प्रारंभिक 12 दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। माघ पूर्णिमा – ‘खाहुल/चजगी’ अमावस्या – ‘सिल्ल’ (राजा बली को अर्पण) शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि – ‘पड़िद’ (पितरों को समर्पित) द्वितीय, तृतीय व पंचमी – धरती माता की पूजा षष्ठी से द्वादशी – देवी-देवताओं की पूजा व मेलों का आयोजन मान्यता है कि धरती माता की पूजा से खेतों में उत्तम फसल होती है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में एकता की मिसाल करीब 1601 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली पांगी घाटी के सुदूर गांव — संसारी नाला से हिलूटवान, चस्क भटोरी से सुराल भटोरी तक — एक साथ इस पर्व को मनाते हैं। समुद्र तल से लगभग 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित चस्क भटोरी गांव में भी लोग पूरे उत्साह से भाग लेते हैं। जनश्रुतियों के अनुसार, सदियों पूर्व जब संचार साधन और पंचांग उपलब्ध नहीं थे, तब बुजुर्गों की सूझबूझ से पूरे क्षेत्र के लिए एक तिथि निर्धारित की गई थी, ताकि आपसी द्वेष समाप्त कर मेल-मिलाप को बढ़ावा दिया जा सके। बेटियों को विशेष सम्मान पंगवाल संस्कृति में बेटियों को विशेष स्थान प्राप्त है। जुकारू के अवसर पर विवाहित बेटियां मायके आती हैं और उनका विशेष सत्कार किया जाता है। इस पर्व को सामाजिक समरसता और पारिवारिक स्नेह का उत्सव भी कहा जाता है। पारंपरिक व्यंजन और लोक-आस्था उत्सव से एक सप्ताह पूर्व घरों की लिपाई-पुताई की जाती है। अमावस्या से पूर्व भंगड़ी और गेहूं के आटे से प्रतीकात्मक बकरे बनाए जाते हैं। ‘सिल्ल’ की रात घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में राजा बली का भित्ति चित्र बनाकर घी, शहद, मंडे (स्थानीय डोसा), सतु, मांस, शराब और अन्य पकवान अर्पित किए जाते हैं। दीवारों पर चिड़िया, देवी-देवताओं और विभिन्न आकृतियों का चित्रण कर काले-सफेद रंगों से ‘चौक’ सजाया जाता है। जुकारू उत्सव की समस्त पांगी वासियों को शुभकामनाएं देता हूं यह पर्व पांगी की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। “जुकारू केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का संदेश देने वाला लोकपर्व है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी पंगवाल समाज ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को जिस प्रकार सहेज कर रखा है, वह सराहनीय है। आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी जड़ों और लोक परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा इस पर्व से मिलती है।” पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी जुकारू उत्सव पांगी की सांस्कृतिक आत्मा है। “यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और नई पीढ़ी को परंपराओं के संरक्षण का संदेश देता है। सरकार भी जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।” डॉ. जनक राज विधायक भरमौरी-पांगी जुकारू पर्व पर समस्त पांगी वासियों और प्रदेश वासियों शुभकामनायें जुकारू पर्व पंगवाल समुदाय का आपसी भाईचारे का पर्व है जिसके लिए लोग साल भर इंतजार करते है। पांगी के लोग जहां भी रहते है इस पर्व को धूमधाम के साथ मनाते हैं पंगवाल संस्कृति की अपनी अलग पहचान है जिसको बचाए रखना हम सब का कर्तव्य है। सतीश शर्मा सदस्य जनजातीय सलाहकार समिति पांगी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद पंगवाल समाज ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर रखा है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा है। सतीश कुमार राणा अध्यक्ष भाजपा मंडल पांगी जुकारू को सामाजिक समरसता का पर्व है यह त्योहार आपसी भाईचारे और मेल-मिलाप को मजबूत करता है। हमारे पूर्वजों ने आपसी भाईचारे और पांगी की संस्कृति को जीवत रखने के लिए मेलो त्योहारों का आयोजन किया था जो आज तक जिन्दा है और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेणा स्त्रोत भी है सुभाष चौहान पूर्व अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पांगी जुकारू केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक है। प्रशासन की ओर से क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं, पर्व के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। अमनदीप सिंह उपमंडल अधिकारी पांगी आधुनिकता के दौर में भी पंगवाल समाज अपनी परंपराओं को जीवित रखे हुए है, जो गर्व की बात है। जुकारू उत्सव एक बार फिर यह संदेश देता है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सामूहिकता, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता की भावना से समाज को सशक्त बनाया जा सकता है। इन्द्र प्रकाश शर्मा अध्यक्ष पांगी फर्स्ट पंगवाल फर्स्ट। आपसी भाई चारे के प्रतीक जुकारू पर्व पांगी वासी सदियों से मनाते आ रहे है यह एक ऐसा पर्व जिस दिन सभी लोग साल भर के आपसी भेदभाव को भुलाकर एक साथ मिल कर एक दूसरे के गले मिलते हैं तरह तरह के पकवान बांट के खुशी मनाते हैं देवराज राणा पूर्व महासचिव ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पांगी। प्रस्तुति :- कृष्ण चंद राणा सम्पादक पांगी न्यूज़ टुडे।1
- चंबा : पंचायत विभाजन पर भड़के ग्रामीण, मानकों के अनुसार पुनर्विभाजन नहीं हुआ तो चुनाव बहिष्कार की चेतावनी मोहम्मद आशिक चंबा हिमाचल प्रदेश सलूणी विकास खंड की ग्राम पंचायत सनूह (जिला चंबा) में पंचायत विभाजन का मामला एक बार फिर गरमा गया है। पंचायत विभाजन को लेकर ग्रामीणों ने गहरी नाराज़गी जताते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया भौगोलिक स्थिति के अनुसार नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायतों के विभाजन में प्राकृतिक सीमाओं, विशेषकर नदी के आर-पार की स्थिति को नजरअंदाज किया गया है। निर्धारित मानकों को पूरा किए बिना ही पंचायतों का पुनर्गठन किया गया, जिससे भविष्य में प्रशासनिक कार्यों और विकास योजनाओं में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहले भी इस संबंध में आपत्तियां दर्ज करवाई थीं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। कई बार ज्ञापन देने और अधिकारियों से मिलने के बावजूद समाधान न निकलने से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पंचायत विभाजन भौगोलिक स्थिति और नियमों के अनुसार नहीं किया गया तो वे आगामी पंचायत चुनावों का बहिष्कार करेंगे। साथ ही उग्र आंदोलन की भी चेतावनी दी गई है। ग्रामीणों ने कहा कि वे जल्द ही उपायुक्त चंबा के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज करवाएंगे और न्याय की मांग करेंगे। उनका कहना है कि प्रशासन को जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पंचायतों का पुनर्विभाजन करना चाहिए। बाइट स्थानीय निवासी।2
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- सुजानपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि झूठ और भ्रम की राजनीति के सहारे प्रदेश नहीं चल सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बार-बार रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट (आर.डी.जी ) को लेकर केंद्र सरकार पर निराधार आरोप लगा रहे हैं, जबकि 15वें वित्त आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह ग्रांट चरणबद्ध तरीके से समाप्त की जाएगी और राज्यों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि जिन 17 राज्यों को इस संबंध में पहले से सचेत किया गया था, उनमें से 11 राज्य भाजपा शासित हैं, लेकिन वहां की सरकारों ने केंद्र पर दोषारोपण करने के बजाय अपने संसाधन बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन सुधारने पर ध्यान दिया। हिमाचल प्रदेश को भी इसी दिशा में काम करना चाहिए था, लेकिन सुक्खू सरकार बहानेबाजी की राजनीति में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में हिमाचल को लगभग 18,000 करोड़ रुपये की रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट मिली थी, जबकि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने प्रदेश को लगभग 88,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र पर लगातार आरोप लगाना पूरी तरह राजनीतिक और तथ्यों से परे है। राजेंद्र राणा ने कहा कि राज्य सरकार का दायित्व होता है कि वह प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए ठोस नीतियां बनाए, नए राजस्व स्रोत विकसित करे और वित्तीय अनुशासन लागू करे। लेकिन वर्तमान सरकार का रवैया ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन चलाने के बजाय छात्र संगठन की राजनीति की जा रही हो, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने विधानसभा बजट सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल द्वारा सरकार के अभिभाषण को पढ़ने से इनकार करना प्रदेश के इतिहास की अभूतपूर्व घटना है। यह सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यदि सरकार के दावों में दम होता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में वित्तीय संसाधनों के दुरुपयोग ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और कमजोर किया है। महंगाई, बेरोजगारी और विकास कार्यों की धीमी गति से जनता त्रस्त है और अब सरकार से जवाब मांग रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश हित में आवश्यक है कि सरकार आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर आत्मनिर्भरता, राजस्व वृद्धि और सुशासन पर ध्यान केंद्रित करे। हिमाचल प्रदेश की जनता एक जिम्मेदार, पारदर्शी और दूरदर्शी नेतृत्व की अपेक्षा रखती है1
- मां दशमी वारदा भजन मंडली सेऊबाग लगातार जिला कुल्लू एवं पूरे प्रदेश में पिछले कई सालों से भजन भक्ति के साथ पहचान बन चुके हैं1
- । 🔥 सनातनी योद्धा रूमित सिंह ठाकुर जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🔥 आपने सनातन समाज की आवाज़ को न केवल प्रदेश में, बल्कि देशभर में एक नई दिशा देने का कार्य किया है। आपके नेतृत्व, साहस और स्पष्ट विचारधारा ने समाज को संगठित होने की प्रेरणा दी है। माँ भवानी से प्रार्थना है कि आपको अटूट शक्ति, साहस और दीर्घायु प्रदान करें, ताकि सनातन समाज की आवाज़ हर विधानसभा और देश की लोकसभा तक मजबूती से पहुँचे। आपका संघर्ष, समर्पण और संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने। जय माँ भवानी! 🚩 जय देवभूमि! ✊ #देवभुमि_क्षत्रिय_संगठन_एवम_सवर्ण_मोर्चा #राष्ट्रीय_देवभूमि_पार्टी — ब्यास ठाकुर देवभूमि क्षत्रिय संगठन उपाध्यक्ष जिला मण्डी1
- हमीरपुर हमीरपुर जिला के दुग्ध उत्पादक किसानों ने उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंप कर दुग्ध सबंधी आ रही समस्या से अवगत करवाया है। प्रतिनिधिमंडल के दौरान आए हुए दुग्ध उत्पादकों ने बताया कि दुग्ध उत्पादन के लिए विभाग के द्वारा दिलचस्पी नही दिखाई दे रही है जिसके चलते पिछले कुछ महीनों से दुग्ध उत्पादकों को समस्या हो रही है। इस अवसर पर किसान अनिल कुमार, रंजन सिंह के अलावा अन्य दूध उत्पादक मौजूद रहे। दूध उत्पादकों ने उपायुक्त हमीरपुर गर्धवा राठौर को ज्ञापन सौंपा और जल्द समस्या हल करने की गुहार लगाइ्र है। किसान अनिल कुमार ने बताया कि पिछले लगभग छह माह से पशुपालन विभाग द्वारा अन्य विभागों के सहयोग से विशेषकर हिमफैड की मदद से सोसायटियों का गठन युद्धस्तर पर किया गया था और किसानों को आश्वस्त किया गया था कि घर.द्वार से दुग्ध एकत्रण की व्यवस्था की जाएगी तथा पशुपालकों को चारा और कम रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए इन योजनाओं से प्रेरित होकर अनेक किसानों ने अतिरिक्त दुग्ध उत्पादन शुरू कर दिया।लेकिन अभी तक जिले में दुग्ध एकत्रण प्रणाली प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो पाई है जिससे दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक नुकसान और विपणन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वही अन्य किसानों ने विभाग से मांग की है कि इस दिशा में शीघ्र और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि विभाग की उद्यमशीलता और सकारात्मक पहल पशुपालकों के लिए वरदान सिद्ध होगी। वहीं किसान रंजन ने बताया कि दुग्ध उत्पादकों के द्वारा दूध की पैदावार तेा की जा रही है लेकिन दूध बेचने के लिए अब समस्या बन रही है इसलिए जिला उपायुकत से आज मुलाकात की जा रही है। उन्हांेने बताया कि दूध उत्पादन में दो सौ लीटर की क्षमता पूरी की जा रही है लेकिन खपत के लिए कोई काम सरकार नही कर रही है जिसके लिए दुध उत्पादकों के द्वारा अब जिला प्रशासन से इस समरूस्या का हल करने के लिए गुहार लगाइ्र है1
- सुजानपुर सुजानपुर होली मेला ग्राउंड की नीलामी के बाद अब भुगतान प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है। नीलामी विजेता New Raju Tent House की ओर से होली मेला कमेटी के खाते में बोली की आधे से ज्यादा राशि जमा करवा दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राजू टेंट हाउस द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से करीब सवा करोड़ रुपये सीधे होली मेला कमेटी के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। यह राशि कुल नीलामी बोली का बड़ा हिस्सा बताई जा रही है। कमेटी सूत्रों का कहना है कि तय शर्तों के अनुसार भुगतान प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही है और शेष राशि भी निर्धारित समय के भीतर जमा करवाई जाएगी। गौरतलब है कि होली मेले की तैयारियां ज़ोरों पर हैं और नीलामी राशि जमा होने के बाद अब ग्राउंड व्यवस्था, स्टॉल प्लानिंग और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मेला कमेटी ने समय पर भुगतान के लिए राजू टेंट हाउस का आभार जताया है और कहा है कि इस सहयोग से होली मेले की तैयारियों को और गति मिलेगी।1