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सर्पदंश से मौत और आगजनी से फसल बर्बाद, प्रभावित परिवारों को मिली ₹4.58 लाख की राहत एसडीएम ने आरबीसी 6-4 के तहत स्वीकृत की आर्थिक सहायता, सात दिन में भुगतान की कार्रवाई के निर्देश डिंडौरी, 25 अगस्त 2026। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित दो परिवारों को प्रशासन ने राहत प्रदान करते हुए कुल 4 लाख 58 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन ने दोनों प्रकरणों में राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के तहत सहायता राशि स्वीकृत की। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नरिया माल, तहसील एवं जिला डिंडौरी निवासी सम्हर सिंह पिता मंगल, उम्र 53 वर्ष की 28 जून 2026 को सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। प्रकरण में मृतक की पत्नी एवं निकटतम वारिस चमेली बाई को शासन के राहत प्रावधानों के तहत 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत की गई है। आगजनी में गेहूं की फसल हुई नष्ट इसी तरह ग्राम टिकरिया, राजस्व निरीक्षक मंडल विक्रमपुर निवासी चरन सिंह पिता कार्तिकराम पट्टा, उम्र 38 वर्ष के खेत में 6 अप्रैल 2026 को अज्ञात कारणों से आग लग गई थी। आगजनी में खेत में रखी गेहूं की फसल नष्ट हो गई। फसल क्षति के आकलन के बाद पीड़ित किसान को 58 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। सात दिन में भुगतान की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश एसडीएम ने संबंधित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को दोनों मामलों में आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण कर सहायता राशि के आहरण एवं हितग्राहियों को भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही की गई कार्रवाई का पालन प्रतिवेदन सात दिवस के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से सर्पदंश से मृत व्यक्ति के परिवार और आगजनी में फसल गंवाने वाले किसान को शासन के प्राकृतिक आपदा राहत प्रावधानों के तहत आर्थिक संबल मिलेगा।

20 hrs ago
user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
20 hrs ago
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सर्पदंश से मौत और आगजनी से फसल बर्बाद, प्रभावित परिवारों को मिली ₹4.58 लाख की राहत एसडीएम ने आरबीसी 6-4 के तहत स्वीकृत की आर्थिक सहायता, सात दिन में भुगतान की कार्रवाई के निर्देश डिंडौरी, 25 अगस्त 2026। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित दो परिवारों को प्रशासन ने राहत प्रदान करते हुए कुल 4 लाख 58 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन ने दोनों प्रकरणों में राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के तहत सहायता राशि स्वीकृत की। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नरिया माल, तहसील एवं जिला डिंडौरी निवासी सम्हर सिंह पिता मंगल, उम्र 53 वर्ष की 28 जून 2026 को सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। प्रकरण में मृतक की पत्नी एवं निकटतम वारिस चमेली बाई को शासन के राहत प्रावधानों के तहत 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत की गई है। आगजनी में गेहूं की फसल हुई नष्ट इसी तरह ग्राम टिकरिया, राजस्व निरीक्षक मंडल विक्रमपुर निवासी चरन सिंह पिता कार्तिकराम पट्टा, उम्र 38 वर्ष के खेत में 6 अप्रैल 2026 को अज्ञात कारणों से आग लग गई थी। आगजनी में खेत में रखी गेहूं की फसल नष्ट हो गई। फसल क्षति के आकलन के बाद पीड़ित किसान को 58 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। सात दिन में भुगतान की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश एसडीएम ने संबंधित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को दोनों मामलों में आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण कर सहायता राशि के आहरण एवं हितग्राहियों को भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही की गई कार्रवाई का पालन प्रतिवेदन सात दिवस के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से सर्पदंश से मृत व्यक्ति के परिवार और आगजनी में फसल गंवाने वाले किसान को शासन के प्राकृतिक आपदा राहत प्रावधानों के तहत आर्थिक संबल मिलेगा।

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  • जनसुनवाई में जिला सीईओ ने सुनीं आमजन की समस्याएं, अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश डिंडौरी : 25 अगस्त,2026 कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में साप्ताहिक जनसुनवाई आयोजित की गई। सीईओ ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की जांच कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, एसडीएम डिण्डौरी श्री रामबाबू देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में डिण्डौरी विकासखंड के ग्राम जुनवानी के श्री दूलचंद सिंह पिता प्रेमसिंह भू-अधिकरण के भुगतान पर रोक लगाये जाने की शिकायत प्रस्तुत करते हुए समस्या का समाधन कराने की मांग की। सीईओ ने एसडीएम डिण्डौरी को प्रकरण का निरीक्षण कर नियमानुसार समाधान के निर्देश दिए। वहीं ग्राम पंचायत सिमरिया के ग्रामीणों ने 15 अगस्त के अवसर पर ग्राम सभा का आयोजन न होने की शिकायत रखी, जिस पर सीईओ जनपद पंचायत डिण्डौरी को जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। ग्राम रयपुरा के ग्रामीणों ने सिंचाई नहर की मरम्मत, बांध के गेट एवं पुल बदलने की समस्या बताई। सीईओ ने जल संसाधन विभाग डिण्डौरी को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए। विकासखंड समनापुर के ग्राम पंचायत धनुवासागर के सचिव एवं सरपंच के द्वारा कबरिस्तान एवं शमशान घाट की राशि आहरण किए जाने की शिकायत की। जिला सीईओ ने जनपद पंचायत डिण्डौरी सीईओ को संबंधित दस्तावेज की जांचकर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। ग्राम बरगई के ग्रामीणों ने सडक निर्माण की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। जिला सीईओ ने जनपद पंचायत डिण्डौरी सीईओ को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। सभी अधिकारी प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर समय-सीमा में निराकरण करते हुए आवेदकों को राहत प्रदान करें। जनसुनवाई में हुआ स्वास्थ्य परीक्षण जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत डिण्डौरी सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। इसके उपरांत जनसुनवाई में उपस्थित आवेदकों का रक्तचाप, मधुमेह सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थय विभाग की टीम द्वारा जांच के साथ आवश्यक परामर्श एवं स्वास्थय संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई।
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    जनसुनवाई में जिला सीईओ ने सुनीं आमजन की समस्याएं, अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश

डिंडौरी : 25 अगस्त,2026
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में साप्ताहिक जनसुनवाई आयोजित की गई। सीईओ ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की जांच कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, एसडीएम डिण्डौरी श्री रामबाबू देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में डिण्डौरी विकासखंड के ग्राम जुनवानी के श्री दूलचंद सिंह पिता प्रेमसिंह भू-अधिकरण के भुगतान पर रोक लगाये जाने की शिकायत प्रस्तुत करते हुए समस्या का समाधन कराने की मांग की। सीईओ ने एसडीएम डिण्डौरी को प्रकरण का निरीक्षण कर नियमानुसार समाधान के निर्देश दिए। वहीं ग्राम पंचायत सिमरिया के ग्रामीणों ने 15 अगस्त के अवसर पर ग्राम सभा का आयोजन न होने की शिकायत रखी, जिस पर सीईओ जनपद पंचायत डिण्डौरी को जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। ग्राम रयपुरा के ग्रामीणों ने सिंचाई नहर की मरम्मत, बांध के गेट एवं पुल बदलने की समस्या बताई। सीईओ ने जल संसाधन विभाग डिण्डौरी को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए।
विकासखंड समनापुर के ग्राम पंचायत धनुवासागर के सचिव एवं सरपंच के द्वारा कबरिस्तान एवं शमशान घाट की राशि आहरण किए जाने की शिकायत की। जिला सीईओ ने जनपद पंचायत डिण्डौरी सीईओ को संबंधित दस्तावेज की जांचकर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। ग्राम बरगई के ग्रामीणों ने सडक निर्माण की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। जिला सीईओ ने जनपद पंचायत डिण्डौरी सीईओ को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। सभी अधिकारी प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर समय-सीमा में निराकरण करते हुए आवेदकों को राहत प्रदान करें।
जनसुनवाई में हुआ स्वास्थ्य परीक्षण 
जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत डिण्डौरी सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। इसके उपरांत जनसुनवाई में उपस्थित आवेदकों का रक्तचाप, मधुमेह सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थय विभाग की टीम द्वारा जांच के साथ आवश्यक परामर्श एवं स्वास्थय संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई।
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बजाग जिला पंचायत देशवासियों के डिंडोरी उक्त क्षेत्र बजाग की गांवों की शाखाएं हैं उसकी 56 इंच पदों को हार्दिक शुभकामनाएं से पापड़ पढ़ो।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।मम,।मम्मममममम।।।।
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    बजाग जिला पंचायत देशवासियों के डिंडोरी उक्त क्षेत्र  बजाग की गांवों की शाखाएं हैं  उसकी 56 इंच पदों को हार्दिक शुभकामनाएं से पापड़ पढ़ो।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।मम,।मम्मममममम।।।।
    user_Chandan Singh Maravi
    Chandan Singh Maravi
    Farmer बजाग, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में किसने का महा आंदोलन की तैयारी भारतीय किसान संघ उमरिया द्वारा 21 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को विभिन्न समस्याओं को लेकर खासकर पाली क्षेत्र में खुलने वाली नई नव प्राइवेट काली खदान खनिज खदानों की अनुमतियों को लेकर जिलाप्रशासन को कोयले की पोटली के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था **उमरिया जिले में किसानों महाआंदोलन की तैयारी** भारतीय किसान संघ उमरिया द्वारा 21 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को विभिन्न समस्याओं को लेकर खासकर पाली क्षेत्र में खुलने वाली नई 9 प्राइवेट कॉलरी खदान खनिज खदानों की अनुमित्ताओं को लेकर जिला प्रशासन को कोयले की पोटली के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था जिसमें 30 दोनों का समय किया गया था लेकिन 30 दिन पूर्व होने के उपरांत भी किसानों की समस्याओं की तरफ कोई पहल नहीं किया गया । **खनिज क्षेत्र बैठक की सूचना नहीं** विगत 25 अगस्त 2026 को कमिश्नर एवं कलेक्टर उमरिया में कई खदानों के साथ बैठक की किंतु दुर्भाग्यवश किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया और ना ही किसानों को सम्मिलित किया गया **9 सितंबर से घेरा डालो डेरा डालो महाआंदोलन** किसानों के द्वारा प्रशासन को 30 दोनों का समय दिया गया था जो की समाप्त हो चुका है और उसके उपरांत किसान संगठन ने 9 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिस क्रम में 9 सितंबर को घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन के तहत शहडोल घुनघुटी नेशनल हाईवे राजमार्ग को पूर्णता बंद किया जाएगा, आंदोलन अनिश्चितकालीन बढ़ाने पर उमरिया जिले की सातों तहसील राजमार्गों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा एवं उमरिया जिले के आने जाने वाले समस्त रास्ते रेल मार्ग में प्रदर्शन किया जाएगा, इसकी पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी ।
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    मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में किसने का महा आंदोलन की तैयारी भारतीय किसान संघ उमरिया द्वारा 21 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को विभिन्न समस्याओं को लेकर खासकर पाली क्षेत्र में खुलने वाली नई नव प्राइवेट काली खदान खनिज खदानों की अनुमतियों को लेकर जिलाप्रशासन को कोयले की पोटली के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था
**उमरिया जिले में किसानों महाआंदोलन की तैयारी**
भारतीय किसान संघ उमरिया द्वारा 21 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को विभिन्न समस्याओं को लेकर खासकर  पाली क्षेत्र में खुलने वाली नई 9 प्राइवेट कॉलरी खदान खनिज खदानों की अनुमित्ताओं को लेकर जिला प्रशासन को कोयले की पोटली के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था जिसमें 30 दोनों का समय किया गया था लेकिन 30 दिन पूर्व होने के उपरांत भी किसानों की समस्याओं की तरफ कोई पहल नहीं किया गया ।
**खनिज क्षेत्र बैठक की सूचना नहीं**
विगत 25 अगस्त 2026 को कमिश्नर एवं कलेक्टर उमरिया में कई खदानों के साथ बैठक की किंतु दुर्भाग्यवश किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया और ना ही किसानों को सम्मिलित किया गया 
**9 सितंबर से घेरा डालो डेरा डालो महाआंदोलन**
किसानों के द्वारा प्रशासन को 30 दोनों का समय दिया गया था जो की समाप्त हो चुका है और उसके उपरांत किसान संगठन ने 9 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिस क्रम में 9 सितंबर को घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन के तहत शहडोल घुनघुटी नेशनल हाईवे राजमार्ग को पूर्णता बंद किया जाएगा, आंदोलन अनिश्चितकालीन बढ़ाने पर उमरिया जिले की सातों तहसील राजमार्गों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा एवं उमरिया जिले के आने जाने वाले समस्त रास्ते रेल मार्ग में प्रदर्शन किया जाएगा, इसकी पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी ।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 min ago
  • लोकेशन जिला उमरिया*जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप* *कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान* *भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान*
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    लोकेशन जिला उमरिया*जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप*
*कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान*
*भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान*
    user_सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    Newspaper publisher पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • जेन अल्फा का अनोखा विरोध,स्कूल ड्रेस में कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे, बोले सड़क चाहिए उमरिया। हाथों में किताबें, शरीर पर स्कूल की ड्रेस और मन में पढ़ाई का सपना लेकर पटपरिहाटोला के बच्चे मंगलवार को स्कूल की जगह कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यह कोई छुट्टी या शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि अपने गांव की सड़क की समस्या को लेकर जेन अल्फा की सीधी दस्तक थी। बच्चों ने कलेक्टर राखी सहाय से मुलाकात कर कहा कि बारिश में कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, इसलिए गांव से हाईस्कूल तक पक्की सड़क बनवाई जाए। किताबों से पहले सड़क की चिंता जनपद पंचायत करकेली के ग्राम पंचायत बड़ागांव अंतर्गत पटपरिहाटोला में बारिश के दौरान कच्चा रास्ता बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। पानी और कीचड़ से रास्ता भर जाने के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। स्कूल ड्रेस खराब होने और चोट लगने के डर से कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। छात्रा राशि पाल ने बताया कि बरसात में रास्ते की हालत इतनी खराब हो जाती है कि स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। कई बार ड्रेस खराब होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है। इसका सीधा असर उनकी स्कूल उपस्थिति और पढ़ाई पर पड़ रहा है। 'गिरते हैं, चोट भी लगती है' छात्र रविंद्र सोनी ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण कई बार बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल पहुंचना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की। 2.5 किलोमीटर सड़क के लिए आवाज ग्रामीणों के अनुसार NH-43 मसूरपानी रोड से मदन सोलंकी के घर होते हुए पटपरिहाटोला से हाईस्कूल तक करीब 2.5 किलोमीटर पक्की सड़क की जरूरत है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का सर्वे कराया जा चुका है। ग्रामीण वर्ष 2023 से इस सड़क की मांग कर रहे हैं। कलेक्टर ने कहा, प्रस्ताव भोपाल भेजा कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि बच्चे सड़क सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट आए थे। विद्यालय से जुड़ी समस्याओं को जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया है। सड़क का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है और निर्माण का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने तक बच्चों को परेशानी से बचाने के लिए सड़क पर अस्थायी व्यवस्था कराई जाएगी। जेन अल्फा ने दिखाया अपना अंदाज पटपरिहाटोला के बच्चों का कलेक्ट्रेट पहुंचना इस बात का संकेत भी है कि नई पीढ़ी अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक हो रही है। इन बच्चों ने शिकायत सिर्फ कागज पर नहीं छोड़ी, बल्कि खुद प्रशासन तक पहुंचकर अपनी बात रखी। अब बच्चों को इंतजार है कि जिस सड़क के लिए उन्होंने आवाज उठाई है, वह कब उनके स्कूल जाने का आसान रास्ता बनेगी।
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    जेन अल्फा का अनोखा विरोध,स्कूल ड्रेस में कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे, बोले सड़क चाहिए

उमरिया। हाथों में किताबें, शरीर पर स्कूल की ड्रेस और मन में पढ़ाई का सपना लेकर पटपरिहाटोला के बच्चे मंगलवार को स्कूल की जगह कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यह कोई छुट्टी या शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि अपने गांव की सड़क की समस्या को लेकर जेन अल्फा की सीधी दस्तक थी। बच्चों ने कलेक्टर राखी सहाय से मुलाकात कर कहा कि बारिश में कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, इसलिए गांव से हाईस्कूल तक पक्की सड़क बनवाई जाए।
किताबों से पहले सड़क की चिंता
जनपद पंचायत करकेली के ग्राम पंचायत बड़ागांव अंतर्गत पटपरिहाटोला में बारिश के दौरान कच्चा रास्ता बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। पानी और कीचड़ से रास्ता भर जाने के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। स्कूल ड्रेस खराब होने और चोट लगने के डर से कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते।
छात्रा राशि पाल ने बताया कि बरसात में रास्ते की हालत इतनी खराब हो जाती है कि स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। कई बार ड्रेस खराब होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है। इसका सीधा असर उनकी स्कूल उपस्थिति और पढ़ाई पर पड़ रहा है।
'गिरते हैं, चोट भी लगती है'
छात्र रविंद्र सोनी ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण कई बार बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल पहुंचना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की।
2.5 किलोमीटर सड़क के लिए आवाज
ग्रामीणों के अनुसार NH-43 मसूरपानी रोड से मदन सोलंकी के घर होते हुए पटपरिहाटोला से हाईस्कूल तक करीब 2.5 किलोमीटर पक्की सड़क की जरूरत है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का सर्वे कराया जा चुका है। ग्रामीण वर्ष 2023 से इस सड़क की मांग कर रहे हैं।
कलेक्टर ने कहा, प्रस्ताव भोपाल भेजा
कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि बच्चे सड़क सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट आए थे। विद्यालय से जुड़ी समस्याओं को जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया है। सड़क का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है और निर्माण का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने तक बच्चों को परेशानी से बचाने के लिए सड़क पर अस्थायी व्यवस्था कराई जाएगी।
जेन अल्फा ने दिखाया अपना अंदाज
पटपरिहाटोला के बच्चों का कलेक्ट्रेट पहुंचना इस बात का संकेत भी है कि नई पीढ़ी अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक हो रही है। इन बच्चों ने शिकायत सिर्फ कागज पर नहीं छोड़ी, बल्कि खुद प्रशासन तक पहुंचकर अपनी बात रखी। अब बच्चों को इंतजार है कि जिस सड़क के लिए उन्होंने आवाज उठाई है, वह कब उनके स्कूल जाने का आसान रास्ता बनेगी।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • 💥 *बड़ी खबर* 💥 *अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 📢📢📢📢📢📢📢📢 *जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* *रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* *सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं* एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l 💥💥💥💥💥💥💥 💥 *बड़ी खबर* 💥 *अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 📢📢📢📢📢📢📢📢 *जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* *रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* *सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं* एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l 💥💥💥💥💥💥💥
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    💥 *बड़ी खबर* 💥

 *अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 
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 *जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* 

 *रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* 

 *सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं*


एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l
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💥 *बड़ी खबर* 💥
*अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 
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*जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* 
*रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* 
*सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं*
एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l
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    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733 रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी। किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है। टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें। वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733 रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी। किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है। टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें। वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस
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    बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733  रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी।

किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई  तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और 

नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है।  टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर  संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें।

वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस
बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733  रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी।
किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई  तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और 
नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है।  टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर  संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें।
वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • *बारिश के कारण बिरसिंहपुर पाली में घुस रहे जहरीले सर्प* "बारिश के मौसम में बढ़ा सांपों का खतरा: घरों में घुस रहे हैं बिन बुलाए मेहमान, ऐसे रखें खुद को सुरक्षित" बारिश का पानी सांपों के बिलों (जैसे चूहों के बिल या मिट्टी के गड्ढों) में भर जाता है। पानी से बचने और सूखी व गर्म जगह की तलाश में सांप बाहर निकलते हैं और घरों का रुख करते हैं। देश के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश ने जहाँ आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं अब एक नया और गंभीर खतरा सामने आने लगा है। रिहायशी इलाकों, सोसायटियों और घरों के अंदर सांपों के निकलने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। वन विभाग और स्नेक कैचर्स (सर्प मित्रों) के पास रोजाना दर्जनों ऐसे फोन आ रहे हैं, जिनमें घरों के बाथरूम, किचन, जूते की रैक और बेड के नीचे सांप मिलने की शिकायतें होती हैं। सांप हमेशा ऐसी जगहों पर छिपना पसंद करते हैं जहाँ इंसानों की नजर आसानी से न पड़े।
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    *बारिश के कारण बिरसिंहपुर पाली में घुस रहे जहरीले सर्प*
"बारिश के मौसम में बढ़ा सांपों का खतरा: घरों में घुस रहे हैं बिन बुलाए मेहमान, ऐसे रखें खुद को सुरक्षित"
बारिश का पानी सांपों के बिलों (जैसे चूहों के बिल या मिट्टी के गड्ढों) में भर जाता है।
पानी से बचने और सूखी व गर्म जगह की तलाश में सांप बाहर निकलते हैं और घरों का रुख करते हैं।
देश के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश ने जहाँ आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं अब एक नया और गंभीर खतरा सामने आने लगा है। रिहायशी इलाकों, सोसायटियों और घरों के अंदर सांपों के निकलने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। वन विभाग और स्नेक कैचर्स (सर्प मित्रों) के पास रोजाना दर्जनों ऐसे फोन आ रहे हैं, जिनमें घरों के बाथरूम, किचन, जूते की रैक और बेड के नीचे सांप मिलने की शिकायतें होती हैं।
सांप हमेशा ऐसी जगहों पर छिपना पसंद करते हैं जहाँ इंसानों की नजर आसानी से न पड़े।
    user_MONIKA YADAV
    MONIKA YADAV
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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