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कठपुतली कलाकार, शांति दूत सरला श्रीवास जयंती पखवाड़ा आज दिनांक 28. 08.2026 शुक्रवार को पत्रकार परिसर, वसुंधरा, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश में सीजी नेट स्वर एवं सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा कठपुतली कलाकार, शांति दूत सरला श्रीवास जयंती पखवाड़ा वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता शुभ्राशु चौधरी के अध्यक्षता में की गई. शुभ्राशु चौधरी ने बताया कि कठपुतली कलाकार, शांति दूत सरला श्रीवास कठपुतली कला को केवल मंचीय प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखी बल्कि इसे समाज में प्रेम, शांति, भाईचारे और मानवीय मूल्यों के प्रसार का सशक्त माध्यम बनाया.सरला श्रीवास के लिए कला केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का एक प्रभावी साधन थी.उनके व्यक्तित्व में सादगी, संवेदनशीलता, सेवा और लोकसंस्कृति के प्रति गहरा समर्पण झलकता था.सरला श्रीवास ने लोककला के माध्यम से शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकार, स्वास्थ्य और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जन-जागरण का संदेश दिया.उनकी प्रस्तुतियाँ दर्शकों का मनोरंजन करने के साथ-साथ उन्हें सोचने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास  कराती थीं.कठपुतली कला लंबे समय से सामाजिक संदेश पहुँचाने का प्रभावी माध्यम रही है और इसी परंपरा को आगे बढ़ाने की प्रेरणा सरला श्रीवास के कार्यों से मिलती है.सरला श्रीवास द्वारा बनाएं गए कठपुतली और आधुनिक तकनीक के समन्वय की दिशा में एक नई पहल के रूप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को जोड़कर कला, शिक्षा, मनोरंजन एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में नए प्रयोग किए जा रहे हैं. कठपुतली भारत की समृद्ध लोक एवं पारंपरिक कला का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है.बदलते समय और डिजिटल तकनीक के दौर में इस कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा आधुनिक माध्यमों के साथ जोड़ने की आवश्यकता है. इसी उद्देश्य से AI तकनीक, डिजिटल कंटेंट, कहानी लेखन, आवाज, संगीत, दृश्य प्रभाव और कठपुतली प्रदर्शन को एक साथ जोड़ने की पहल की जा रही है.इस पहल के माध्यम से कठपुतली कलाकार पारंपरिक कठपुतलियों और मंचीय प्रस्तुति को AI आधारित रचनात्मक तकनीकों के साथ जोड़कर शैक्षणिक वीडियो, लोककथाएं, जनजागरूकता संदेश, सामाजिक विषयों पर लघु नाटक, डिजिटल कठपुतली शो और बच्चों के लिए मनोरंजक शिक्षण सामग्री तैयार कर सकते हैं.इसका उद्देश्य पारंपरिक कठपुतली कलाकारों को तकनीक से जोड़ना, युवाओं को लोककला की ओर आकर्षित करना तथा कठपुतली कला के लिए डिजिटल मंच और रोजगार के नए अवसर विकसित करना है.सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन के सचिव लोक कलाकार एवं कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने कहा कि कठपुतली कलाकार शांति दूत सरला श्रीवास का आदर्श आज भी कलाकारों, युवाओं और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं को लोक परंपराओं के संरक्षण तथा मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए प्रेरित करता है. सरला श्रीवास के कठपुतली और AI की तकनीकी क्षमता को जोड़ कर शिक्षा, मनोरंजन और जनजागरूकता के लिए बेहद प्रभावशाली सामग्री तैयार की जा रही हैं. इस पहल के अंतर्गत भविष्य में AI एवं कठपुतली कला पर प्रशिक्षण कार्यशालाएं, बच्चों एवं युवाओं के लिए रचनात्मक कार्यक्रम, डिजिटल कठपुतली निर्माण, AI आधारित कहानी एवं संवाद लेखन तथा लोककला आधारित डिजिटल प्रोडक्शन को बढ़ावा देने की योजना है।सरला श्रीवाव युवा मंडल की अध्यक्ष सुमन कुमारी ने बताया कि सरला श्रीवास का जीवन हमें यह संदेश देता है कि कला तभी सार्थक होती है, जब वह समाज के जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम बने. सरला श्रीवास कठपुतली कला के माध्यम से देश समाज को जोड़ने, जागृत करने, हिंसा को समाप्त करने और शांति का संदेश देने की सशक्त हस्ताक्षर थी.सरला श्रीवास की जयंती पखवाड़ा पर कठपुतली कला,लोककला,लोक संस्कृति और मानवता की इस अमूल्य विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया.

7 hrs ago
user_Sabir Husain
Sabir Husain
Department of Social Services सकरा, मुजफ्फरपुर, बिहार•
7 hrs ago
b5f886e3-2105-4814-9f91-10d66980586e

कठपुतली कलाकार, शांति दूत सरला श्रीवास जयंती पखवाड़ा आज दिनांक 28. 08.2026 शुक्रवार को पत्रकार परिसर, वसुंधरा, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश में सीजी नेट स्वर एवं सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा कठपुतली कलाकार, शांति दूत सरला श्रीवास जयंती पखवाड़ा वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता शुभ्राशु चौधरी के अध्यक्षता में की गई. शुभ्राशु चौधरी ने बताया कि कठपुतली कलाकार, शांति दूत सरला श्रीवास कठपुतली कला को केवल मंचीय प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखी बल्कि इसे समाज में प्रेम, शांति, भाईचारे और मानवीय मूल्यों के प्रसार का सशक्त माध्यम बनाया.सरला श्रीवास के लिए कला केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का एक प्रभावी साधन थी.उनके व्यक्तित्व में सादगी, संवेदनशीलता, सेवा और लोकसंस्कृति के प्रति गहरा समर्पण झलकता था.सरला श्रीवास ने लोककला के माध्यम से शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकार, स्वास्थ्य और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जन-जागरण का संदेश दिया.उनकी प्रस्तुतियाँ दर्शकों का मनोरंजन करने के साथ-साथ उन्हें सोचने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास  कराती थीं.कठपुतली कला लंबे समय से सामाजिक संदेश पहुँचाने का प्रभावी माध्यम रही है और इसी परंपरा को आगे बढ़ाने की प्रेरणा सरला श्रीवास के कार्यों से मिलती है.सरला श्रीवास द्वारा बनाएं गए कठपुतली और आधुनिक तकनीक के समन्वय की दिशा में एक नई पहल के रूप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को जोड़कर कला, शिक्षा, मनोरंजन एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में नए प्रयोग किए जा रहे हैं. कठपुतली भारत की समृद्ध लोक एवं पारंपरिक कला का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है.बदलते समय और डिजिटल तकनीक के दौर में इस कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा आधुनिक माध्यमों के साथ जोड़ने की आवश्यकता है. इसी उद्देश्य से AI तकनीक, डिजिटल कंटेंट, कहानी लेखन, आवाज, संगीत, दृश्य प्रभाव और कठपुतली प्रदर्शन को एक साथ जोड़ने की पहल की जा रही है.इस पहल के माध्यम से कठपुतली कलाकार पारंपरिक कठपुतलियों और मंचीय प्रस्तुति को AI आधारित रचनात्मक तकनीकों के साथ जोड़कर शैक्षणिक वीडियो, लोककथाएं, जनजागरूकता संदेश, सामाजिक विषयों पर लघु नाटक, डिजिटल कठपुतली शो और बच्चों के लिए मनोरंजक शिक्षण सामग्री तैयार कर सकते हैं.इसका उद्देश्य पारंपरिक कठपुतली कलाकारों को तकनीक से जोड़ना, युवाओं को लोककला की ओर आकर्षित करना तथा कठपुतली कला के लिए डिजिटल मंच और रोजगार के नए अवसर विकसित करना है.सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन के सचिव लोक कलाकार एवं कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने कहा कि कठपुतली कलाकार शांति दूत सरला श्रीवास का आदर्श आज भी कलाकारों, युवाओं और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं को लोक परंपराओं के संरक्षण तथा मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए प्रेरित करता है. सरला श्रीवास के कठपुतली और AI की तकनीकी क्षमता को जोड़ कर शिक्षा, मनोरंजन और जनजागरूकता के लिए बेहद प्रभावशाली सामग्री तैयार की जा रही हैं. इस पहल के अंतर्गत भविष्य में AI एवं कठपुतली कला पर प्रशिक्षण कार्यशालाएं, बच्चों एवं युवाओं के लिए रचनात्मक कार्यक्रम, डिजिटल कठपुतली निर्माण, AI आधारित कहानी एवं संवाद लेखन तथा लोककला आधारित डिजिटल प्रोडक्शन को बढ़ावा देने की योजना है।सरला श्रीवाव युवा मंडल की अध्यक्ष सुमन कुमारी ने बताया कि सरला श्रीवास का जीवन हमें यह संदेश देता है कि कला तभी सार्थक होती है, जब वह समाज के जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम बने. सरला श्रीवास कठपुतली कला के माध्यम से देश समाज को जोड़ने, जागृत करने, हिंसा को समाप्त करने और शांति का संदेश देने की सशक्त हस्ताक्षर थी.सरला श्रीवास की जयंती पखवाड़ा पर कठपुतली कला,लोककला,लोक संस्कृति और मानवता की इस अमूल्य विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया.

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  • रक्षाबंधन के अवसर पर समस्तीपुर विकास मंच के द्वारा वृक्षों में रक्षा सूत्र बांधकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश समस्तीपुर, 28.08.26 आज रक्षाबंधन के पावन अवसर पर समस्तीपुर विकास मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा स्थानीय प्रखंड के जितवारपुर, विशनपुर तथा विभिन्न स्थानों पर वृक्षों में रक्षा सूत्र बांधकर पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया गया। इस अवसर पर समस्तीपुर विकास मंच के जिला संयोजक सह जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने कहा कि "जिस प्रकार हम अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं, उसी प्रकार हमें अपने पर्यावरण और प्रकृति की रक्षा का भी संकल्प लेना चाहिए। वृक्ष ही हमारे जीवनदाता हैं। पेड़-पौधे ही हमें ऑक्सीजन, छाया और शुद्ध वातावरण देते हैं। आज हमने प्रतीकात्मक रूप से वृक्षों को राखी बांधकर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि प्रकृति की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।" उन्होंने आम जनमानस से अपील की कि इस रक्षाबंधन पर हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे। पर्यावरण को बचाकर ही हम आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य दे सकते हैं। इस कार्यक्रम में समस्तीपुर विकास मंच के सह संयोजक सह जिला राजद महासचिव मनोज कुमार राय, समाजसेवी सह अधिवक्ता मोo शाहिद हुसैन, शिक्षाविद प्रोफेसर डाo रजनीश कुशवाहा, समाजसेवी ईo राजेश कुमार राय, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रामविनोद पासवान, रेलवे ट्रेड यूनियन नेता एस.के.निराला, समाजसेवी ईo पंकज कुमार, समाजसेवी ईo मनोज कुमार, उत्कर्ष बैंक के वरीय प्रबंधक रवि आनंद, व्यवसायी हरेन्द्र कुमार, समाजसेवी मोo परवेज आलम, लियाफ़ी के सचिव प्रमोद कुमार पप्पू, समाजसेवी जयलाल राय, डाo रामपुकार सिंह, केशव कुमार सोनू, संदीप सरकार, रोहन राजपूत, महेन्द्र साह, विजय साह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित थे। *जारीकर्ता:* राकेश कुमार ठाकुर, जिला संयोजक, समस्तीपुर विकास मंच ------- सह ------ जिला प्रवक्ता राष्ट्रीय जनता दल, समस्तीपुर रक्षाबंधन के अवसर पर समस्तीपुर विकास मंच के द्वारा वृक्षों में रक्षा सूत्र बांधकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश समस्तीपुर, 28.08.26 आज रक्षाबंधन के पावन अवसर पर समस्तीपुर विकास मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा स्थानीय प्रखंड के जितवारपुर, विशनपुर तथा विभिन्न स्थानों पर वृक्षों में रक्षा सूत्र बांधकर पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया गया। इस अवसर पर समस्तीपुर विकास मंच के जिला संयोजक सह जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने कहा कि "जिस प्रकार हम अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं, उसी प्रकार हमें अपने पर्यावरण और प्रकृति की रक्षा का भी संकल्प लेना चाहिए। वृक्ष ही हमारे जीवनदाता हैं। पेड़-पौधे ही हमें ऑक्सीजन, छाया और शुद्ध वातावरण देते हैं। आज हमने प्रतीकात्मक रूप से वृक्षों को राखी बांधकर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि प्रकृति की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।" उन्होंने आम जनमानस से अपील की कि इस रक्षाबंधन पर हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे। पर्यावरण को बचाकर ही हम आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य दे सकते हैं। इस कार्यक्रम में समस्तीपुर विकास मंच के सह संयोजक सह जिला राजद महासचिव मनोज कुमार राय, समाजसेवी सह अधिवक्ता मोo शाहिद हुसैन, शिक्षाविद प्रोफेसर डाo रजनीश कुशवाहा, समाजसेवी ईo राजेश कुमार राय, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रामविनोद पासवान, रेलवे ट्रेड यूनियन नेता एस.के.निराला, समाजसेवी ईo पंकज कुमार, समाजसेवी ईo मनोज कुमार, उत्कर्ष बैंक के वरीय प्रबंधक रवि आनंद, व्यवसायी हरेन्द्र कुमार, समाजसेवी मोo परवेज आलम, लियाफ़ी के सचिव प्रमोद कुमार पप्पू, समाजसेवी जयलाल राय, डाo रामपुकार सिंह, केशव कुमार सोनू, संदीप सरकार, रोहन राजपूत, महेन्द्र साह, विजय साह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित थे। *जारीकर्ता:* राकेश कुमार ठाकुर, जिला संयोजक, समस्तीपुर विकास मंच ------- सह ------ जिला प्रवक्ता राष्ट्रीय जनता दल, समस्तीपुर
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    रक्षाबंधन के अवसर पर समस्तीपुर विकास मंच के द्वारा वृक्षों में रक्षा सूत्र बांधकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

समस्तीपुर, 28.08.26
आज रक्षाबंधन के पावन अवसर पर समस्तीपुर विकास मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा स्थानीय प्रखंड के जितवारपुर, विशनपुर तथा विभिन्न स्थानों पर वृक्षों में रक्षा सूत्र बांधकर पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया गया। इस अवसर पर समस्तीपुर विकास मंच के जिला संयोजक सह जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने कहा कि "जिस प्रकार हम अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं, उसी प्रकार हमें अपने पर्यावरण और प्रकृति की रक्षा का भी संकल्प लेना चाहिए। वृक्ष ही हमारे जीवनदाता हैं। पेड़-पौधे ही हमें ऑक्सीजन, छाया और शुद्ध वातावरण देते हैं। आज हमने प्रतीकात्मक रूप से वृक्षों को राखी बांधकर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि प्रकृति की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।" उन्होंने आम जनमानस से अपील की कि इस रक्षाबंधन पर हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे। पर्यावरण को बचाकर ही हम आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य दे सकते हैं।

इस कार्यक्रम में समस्तीपुर विकास मंच के सह संयोजक सह जिला राजद महासचिव मनोज कुमार राय, समाजसेवी सह अधिवक्ता मोo शाहिद हुसैन, शिक्षाविद प्रोफेसर डाo रजनीश कुशवाहा, समाजसेवी ईo राजेश कुमार राय, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रामविनोद पासवान, रेलवे ट्रेड यूनियन नेता एस.के.निराला, समाजसेवी ईo पंकज कुमार, समाजसेवी ईo मनोज कुमार, उत्कर्ष बैंक के वरीय प्रबंधक रवि आनंद, व्यवसायी हरेन्द्र कुमार, समाजसेवी मोo परवेज आलम, लियाफ़ी के सचिव प्रमोद कुमार पप्पू, समाजसेवी जयलाल राय, डाo रामपुकार सिंह, केशव कुमार सोनू, संदीप सरकार, रोहन राजपूत, महेन्द्र साह, विजय साह   सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित थे।

*जारीकर्ता:*  
राकेश कुमार ठाकुर,
जिला संयोजक, समस्तीपुर विकास मंच 
       ------- सह ------
        जिला प्रवक्ता  
राष्ट्रीय जनता दल, समस्तीपुर
रक्षाबंधन के अवसर पर समस्तीपुर विकास मंच के द्वारा वृक्षों में रक्षा सूत्र बांधकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
समस्तीपुर, 28.08.26
आज रक्षाबंधन के पावन अवसर पर समस्तीपुर विकास मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा स्थानीय प्रखंड के जितवारपुर, विशनपुर तथा विभिन्न स्थानों पर वृक्षों में रक्षा सूत्र बांधकर पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया गया। इस अवसर पर समस्तीपुर विकास मंच के जिला संयोजक सह जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने कहा कि "जिस प्रकार हम अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं, उसी प्रकार हमें अपने पर्यावरण और प्रकृति की रक्षा का भी संकल्प लेना चाहिए। वृक्ष ही हमारे जीवनदाता हैं। पेड़-पौधे ही हमें ऑक्सीजन, छाया और शुद्ध वातावरण देते हैं। आज हमने प्रतीकात्मक रूप से वृक्षों को राखी बांधकर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि प्रकृति की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।" उन्होंने आम जनमानस से अपील की कि इस रक्षाबंधन पर हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे। पर्यावरण को बचाकर ही हम आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य दे सकते हैं।
इस कार्यक्रम में समस्तीपुर विकास मंच के सह संयोजक सह जिला राजद महासचिव मनोज कुमार राय, समाजसेवी सह अधिवक्ता मोo शाहिद हुसैन, शिक्षाविद प्रोफेसर डाo रजनीश कुशवाहा, समाजसेवी ईo राजेश कुमार राय, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रामविनोद पासवान, रेलवे ट्रेड यूनियन नेता एस.के.निराला, समाजसेवी ईo पंकज कुमार, समाजसेवी ईo मनोज कुमार, उत्कर्ष बैंक के वरीय प्रबंधक रवि आनंद, व्यवसायी हरेन्द्र कुमार, समाजसेवी मोo परवेज आलम, लियाफ़ी के सचिव प्रमोद कुमार पप्पू, समाजसेवी जयलाल राय, डाo रामपुकार सिंह, केशव कुमार सोनू, संदीप सरकार, रोहन राजपूत, महेन्द्र साह, विजय साह   सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित थे।
*जारीकर्ता:*  
राकेश कुमार ठाकुर,
जिला संयोजक, समस्तीपुर विकास मंच 
------- सह ------
जिला प्रवक्ता  
राष्ट्रीय जनता दल, समस्तीपुर
    user_Mritunjay Kumar Thakur
    Mritunjay Kumar Thakur
    समस्तीपुर पत्रकार समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    5 hrs ago
  • चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया मुस्लिम समुदाय का बेड़ा पर्व चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मुस्लिम समुदाय की ओर से पारंपरिक बेड़ा पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर सुबह से ही लोगों में उत्साह का माहौल रहा। स्थानीय स्तर पर वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत लोगों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां कीं और पर्व में शामिल होकर आपसी भाईचारे एवं सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। बेड़ा पर्व को लेकर ग्रामीण इलाकों में विशेष चहल-पहल देखने को मिली। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में पर्व को लेकर उत्सुकता रही। परिवार के लोगों ने मिलकर पर्व की तैयारियां कीं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह पर्व क्षेत्र की पुरानी लोकपरंपराओं में शामिल है, जिसे पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाया जा रहा है। पर्व के अवसर पर लोगों ने परंपरागत तरीके से बेड़ा तैयार किया और उसे जल में प्रवाहित किया। इस दौरान आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पर्व के दौरान धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक मेलजोल का भी वातावरण बना रहा। लोगों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर पर्व की शुभकामनाएं दीं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के पारंपरिक आयोजन गांवों के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खासकर नई पीढ़ी को अपनी पुरानी परंपराओं और स्थानीय संस्कृति से जोड़ने में ऐसे पर्वों की अहम भूमिका रहती है। यह बांस और केले के पत्तों व तनों से बेड़े (नावें) बनाए जाते हैं। इन्हें फूलों, रंग-बिरंगे कागजों और कई सारी दीपों, मोमबत्तियों से सजाया जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बेड़ा पर्व केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की लोक-संस्कृति और सामुदायिक जीवन से भी जुड़ा हुआ है। बदलते समय और आधुनिक जीवनशैली के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में इस परंपरा को आज भी जीवित रखा गया है। बुजुर्ग लोग नई पीढ़ी को पर्व से जुड़ी परंपराओं और रीति-रिवाजों की जानकारी देते हैं, जिससे इसका स्वरूप आगे भी बना रहे।
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    चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया मुस्लिम समुदाय का बेड़ा पर्व
चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मुस्लिम समुदाय की ओर से पारंपरिक बेड़ा पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर सुबह से ही लोगों में उत्साह का माहौल रहा। स्थानीय स्तर पर वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत लोगों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां कीं और पर्व में शामिल होकर आपसी भाईचारे एवं सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।
बेड़ा पर्व को लेकर ग्रामीण इलाकों में विशेष चहल-पहल देखने को मिली। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में पर्व को लेकर उत्सुकता रही। परिवार के लोगों ने मिलकर पर्व की तैयारियां कीं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह पर्व क्षेत्र की पुरानी लोकपरंपराओं में शामिल है, जिसे पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाया जा रहा है। पर्व के अवसर पर लोगों ने परंपरागत तरीके से बेड़ा तैयार किया और उसे जल में प्रवाहित किया। इस दौरान आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
पर्व के दौरान धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक मेलजोल का भी वातावरण बना रहा। लोगों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर पर्व की शुभकामनाएं दीं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के पारंपरिक आयोजन गांवों के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खासकर नई पीढ़ी को अपनी पुरानी परंपराओं और स्थानीय संस्कृति से जोड़ने में ऐसे पर्वों की अहम भूमिका रहती है।
यह बांस और केले के पत्तों व तनों से बेड़े (नावें) बनाए जाते हैं। इन्हें फूलों, रंग-बिरंगे कागजों और कई सारी दीपों, मोमबत्तियों से सजाया जाता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बेड़ा पर्व केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की लोक-संस्कृति और सामुदायिक जीवन से भी जुड़ा हुआ है। बदलते समय और आधुनिक जीवनशैली के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में इस परंपरा को आज भी जीवित रखा गया है। बुजुर्ग लोग नई पीढ़ी को पर्व से जुड़ी परंपराओं और रीति-रिवाजों की जानकारी देते हैं, जिससे इसका स्वरूप आगे भी बना रहे।
    user_Vipin Kumar
    Vipin Kumar
    Local News Reporter चेहरा कलां, वैशाली, बिहार•
    23 hrs ago
  • कल्याणपुर थाना क्षेत्र से चोरी के आरोप में 4 पुरुष समेत एक महिला गिरफ्तार। समस्तीपुर कल्याणपुर थाना क्षेत्र के गांव मधुरापुर टांडागांव निवासी बैजनाथ प्रसाद सिंह के घर में बीते दिनों हुए चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी की गई आभूषण के साथ 4 पुरुष समेत एक महिला अपराधी को किया गिरफ्तार। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान निकेत कुमार, छोटू कुमार, मुन्ना कुमार, राजन कुमार, और एक महिला कुंती देवी के रूप में कि गई है जो उक्त थाना क्षेत्र के टांडा गांव के ही रहने वाले है। इसकी जानकारी वरीय पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार ने उद्भेदन के दौरान दी।
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    कल्याणपुर थाना क्षेत्र से चोरी के आरोप में 4 पुरुष समेत एक महिला गिरफ्तार।
समस्तीपुर 
कल्याणपुर थाना क्षेत्र के गांव मधुरापुर टांडागांव निवासी बैजनाथ प्रसाद सिंह के घर में बीते दिनों हुए चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी की गई आभूषण के साथ 4 पुरुष समेत एक महिला अपराधी को किया गिरफ्तार।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान निकेत कुमार, छोटू कुमार, मुन्ना कुमार, राजन कुमार, और एक महिला कुंती देवी के रूप में कि गई है जो उक्त थाना क्षेत्र के टांडा गांव के ही रहने वाले है।
इसकी जानकारी वरीय पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार ने उद्भेदन के दौरान दी।
    user_Chunnu Kumar Singh
    Chunnu Kumar Singh
    पटोरी, समस्तीपुर, बिहार•
    1 hr ago
  • मुजफ्फरपुर के औराई के ऑटो चलाक का शव ससुराल क्षेत्र के मुरौल में बरामद, जांच में जुटी पुलिस
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    मुजफ्फरपुर के औराई के ऑटो चलाक का शव ससुराल क्षेत्र के मुरौल में बरामद, जांच में जुटी पुलिस
    user_RITIK RAJPUT
    RITIK RAJPUT
    Yoga instructor Aurai, Muzaffarpur•
    2 hrs ago
  • रक्षाबंधन या सियासी सौदा? राखी के नाम पर लिफाफे बांटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल! सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि राखी बांधने आई महिलाओं को कतार में खड़ा कर लिफाफे और पर्चे बांटे जा रहे हैं।" "अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि—क्या यह बहनों के प्रति सम्मान है या फिर वोटों की खुली खरीददारी? एक तरफ महिलाओं के हक और सुरक्षा की बड़ी-बड़ी बातें, और दूसरी तरफ राखी जैसे पवित्र पर्व को एक औपचारिक सियासी कार्यक्रम में तब्दील कर देना—क्या यह दोहरा चरित्र नहीं है?" "रक्षाबंधन का अर्थ लिफाफों से वोट साधना नहीं, बल्कि बहनों के सम्मान और सुरक्षा की ढाल बनना होता है। लेकिन मंच पर जिस तरह से महिलाओं को केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन का हिस्सा बनाया गया, उसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।" "विपक्ष और आम जनता अब सीधे सवाल पूछ रही है कि क्या आस्था और परंपराएं भी सिर्फ चुनावी नफे-नुकसान के तराजू पर तौली जाएंगी? आज की जनता बेहद समझदार है और वह यह भलीभांति जानती है कि कौन दिल से बहनों के साथ खड़ा है और कौन सिर्फ सियासत चमकाने के लिए मंच सजा रहा है।
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    रक्षाबंधन या सियासी सौदा? राखी के नाम पर लिफाफे बांटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल!
सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि राखी बांधने आई महिलाओं को कतार में खड़ा कर लिफाफे और पर्चे बांटे जा रहे हैं।"
"अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि—क्या यह बहनों के प्रति सम्मान है या फिर वोटों की खुली खरीददारी? एक तरफ महिलाओं के हक और सुरक्षा की बड़ी-बड़ी बातें, और दूसरी तरफ राखी जैसे पवित्र पर्व को एक औपचारिक सियासी कार्यक्रम में तब्दील कर देना—क्या यह दोहरा चरित्र नहीं है?"
"रक्षाबंधन का अर्थ लिफाफों से वोट साधना नहीं, बल्कि बहनों के सम्मान और सुरक्षा की ढाल बनना होता है। लेकिन मंच पर जिस तरह से महिलाओं को केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन का हिस्सा बनाया गया, उसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।"
"विपक्ष और आम जनता अब सीधे सवाल पूछ रही है कि क्या आस्था और परंपराएं भी सिर्फ चुनावी नफे-नुकसान के तराजू पर तौली जाएंगी? आज की जनता बेहद समझदार है और वह यह भलीभांति जानती है कि कौन दिल से बहनों के साथ खड़ा है और कौन सिर्फ सियासत चमकाने के लिए मंच सजा रहा है।
    user_Nitesh Sinha
    Nitesh Sinha
    गोरा बौरम, दरभंगा, बिहार•
    2 hrs ago
  • अपने सभ गोटेके भाई बहिनक प्रेमक पावन पर्व रक्षाबंधनक बहुत बहुत शुभकामनाएं।❤️🙏🏻
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    अपने सभ गोटेके भाई बहिनक प्रेमक पावन पर्व रक्षाबंधनक बहुत बहुत शुभकामनाएं।❤️🙏🏻
    user_Deepak kumar Jha
    Deepak kumar Jha
    Student union हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
    2 hrs ago
  • सम्राट चौधरी नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती दे रही है यह महिला!#सम्राटचौधरी #नरेंद्रमोदी #मोदीजी #बिहार #बिहारराजनीति #बिहारन्यूज़ #राजनीति #BiharNews #SamratChaudhary #NarendraModi #BiharPolitics #BreakingNews #NewsUpdate #BiharDarpan24 सम्राट चौधरी नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती दे रही है यह महिला!#सम्राटचौधरी #नरेंद्रमोदी #मोदीजी #बिहार #बिहारराजनीति #बिहारन्यूज़ #राजनीति #BiharNews #SamratChaudhary #NarendraModi #BiharPolitics #BreakingNews #NewsUpdate #BiharDarpan24
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    सम्राट चौधरी नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती दे रही है यह महिला!#सम्राटचौधरी #नरेंद्रमोदी #मोदीजी #बिहार #बिहारराजनीति #बिहारन्यूज़ #राजनीति #BiharNews #SamratChaudhary #NarendraModi #BiharPolitics #BreakingNews #NewsUpdate #BiharDarpan24
सम्राट चौधरी नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती दे रही है यह महिला!#सम्राटचौधरी #नरेंद्रमोदी #मोदीजी #बिहार #बिहारराजनीति #बिहारन्यूज़ #राजनीति #BiharNews #SamratChaudhary #NarendraModi #BiharPolitics #BreakingNews #NewsUpdate #BiharDarpan24
    user_Bihar darpan 24
    Bihar darpan 24
    News Chehra Kalan, Vaishali•
    12 hrs ago
  • मथना मिलिक में अखंड अष्टयाम यज्ञ का हुआ समापन, 201 कलशों की कलश यात्रा निकली थी। मथना मिलिक में 24 घंटे का अखंड अष्टयाम संपन्न चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र के मथना मिलिक गांव स्थित ब्रह्मस्थान के निकट 24 घंटे का अखंड अष्टयाम धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। अष्टयाम के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान का नाम-स्मरण एवं संकीर्तन किया। आयोजन स्थल पर दिन-रात भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से माहौल भक्तिमय बना रहा। आयोजन में गांव एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से अखंड संकीर्तन में भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में सहयोग दिया। अष्टयाम के दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना भी की गई तथा क्षेत्र, समाज और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की गई। आयोजन समिति एवं स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से गांव में आपसी भाईचारा, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक वातावरण को बढ़ावा मिलता है। 24 घंटे तक चले अखंड अष्टयाम के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर ग्रामीणों ने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
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    मथना मिलिक में अखंड अष्टयाम यज्ञ का हुआ समापन, 201 कलशों की कलश यात्रा निकली थी।
मथना मिलिक में 24 घंटे का अखंड अष्टयाम संपन्न
चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र के मथना मिलिक गांव स्थित ब्रह्मस्थान के निकट 24 घंटे का अखंड अष्टयाम धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। अष्टयाम के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान का नाम-स्मरण एवं संकीर्तन किया। आयोजन स्थल पर दिन-रात भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से माहौल भक्तिमय बना रहा।
आयोजन में गांव एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से अखंड संकीर्तन में भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में सहयोग दिया। अष्टयाम के दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना भी की गई तथा क्षेत्र, समाज और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की गई।
आयोजन समिति एवं स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से गांव में आपसी भाईचारा, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक वातावरण को बढ़ावा मिलता है।
24 घंटे तक चले अखंड अष्टयाम के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर ग्रामीणों ने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
    user_Vipin Kumar
    Vipin Kumar
    Local News Reporter चेहरा कलां, वैशाली, बिहार•
    1 day ago
  • व्यवसाय सह समाजसेवी ज्योति कुमार चौधरी ने रक्षाबंधन पर पूरे देशवासियों को दी शुभकामनाएं
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    व्यवसाय सह समाजसेवी ज्योति कुमार चौधरी ने रक्षाबंधन पर पूरे देशवासियों को दी शुभकामनाएं
    user_Raman kumar Darbhanga Tak
    Raman kumar Darbhanga Tak
    हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
    8 hrs ago
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