साकेत महाविद्यालय में ‘भारतीय ज्ञान परम्परा एवं शास्त्रों में अनुबन्ध चतुष्टय’ विषय पर व्याख्यान अयोध्या। का.सु. साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अयोध्या में सांस्कृतिक परिषद् एवं पुरातन छात्र परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परम्परा एवं शास्त्रों में अनुबन्ध चतुष्टय’ विषय पर एक विचारोत्तेजक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध आलोचक डॉ. वागीश शुक्ल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अपने व्याख्यान में डॉ. शुक्ल ने अधिकरण का लक्षण स्पष्ट करते हुए “अथातो ब्रह्म जिज्ञासा” सूत्र की विवेचना की तथा वेदाध्ययन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने जैमिनि के सूत्रों, उन पर लिखे भाष्यों तथा वार्तिकों की चर्चा करते हुए अनुबन्ध चतुष्टय—अधिकारी, विषय, सम्बन्ध और प्रयोजन—का विस्तृत विवेचन किया। व्याख्यान के अंत में उन्होंने जीवनमुक्त के लक्षणों को स्पष्ट करते हुए अपने विचारों को पूर्णता प्रदान की। कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता आध्यात्मिक चिन्तक एवं महाविद्यालय के पुरातन छात्र आचार्य मिथिलेश नन्दिनी शरण ने भी अनुबन्ध चतुष्टय पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने संस्कृत के शास्त्रीय ग्रन्थों के साथ-साथ रामचरितमानस, रामायण तथा महाभारत जैसे भारतीय वाङ्मय से उदाहरण प्रस्तुत करते हुए विषय को सहज रूप में समझाया। उन्होंने यह कहा कि बोध की सर्वोच्च अवस्था में भाषा का अस्तित्व नहीं रहता, बल्कि मौन ही संवाद का सबसे प्रभावी माध्यम बन जाता है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दानपति तिवारी ने वेद के अर्थ और महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा अनादि काल से चली आ रही है, जिसका स्वरूप हमें ऋग्वेद में दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि वेद सृष्टि के आरम्भ से ही मानव सभ्यता के साथ विद्यमान है। प्राचार्य ने अनुबन्ध चतुष्टय के अन्तर्गत साधन चतुष्टय—नित्य-अनित्य वस्तु का विवेक, वैराग्य, षट्सम्पत्ति और मुमुक्षुत्व—के साथ जीव-ब्रह्म ऐक्य रूप विषय, उसके बोधक उपनिषद् वाक्यों के सम्बन्ध तथा आत्मानन्द की प्राप्ति रूप प्रयोजन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। राष्ट्रधर्म पत्रिका के संपादक श्री मनोजकांत मिश्र ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में श्री विन्ध्यमणि ने सभी वक्ताओं एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी विभाग एवं सांस्कृतिक परिषद् के अध्यक्ष डॉ. असीम त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर प्रो. अशोक कुमार राय, प्रो. अनुराग मिश्रा, प्रो. पवन सिंह, प्रो. शिवकुमार तिवारी, प्रो. अभिषेक दत्त त्रिपाठी, प्रो. अजय सिंह, प्रो. कविता सिंह, प्रो. वंदना जायसवाल, डॉ. अनीता पांडे, डॉ. रामलाल विश्वकर्मा, डॉ. छाया सिंह, डॉ. अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव सहित अनेक प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
साकेत महाविद्यालय में ‘भारतीय ज्ञान परम्परा एवं शास्त्रों में अनुबन्ध चतुष्टय’ विषय पर व्याख्यान अयोध्या। का.सु. साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अयोध्या में सांस्कृतिक परिषद् एवं पुरातन छात्र परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परम्परा एवं शास्त्रों में अनुबन्ध चतुष्टय’ विषय पर एक विचारोत्तेजक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध आलोचक डॉ. वागीश शुक्ल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अपने व्याख्यान में डॉ. शुक्ल ने अधिकरण का लक्षण स्पष्ट करते हुए “अथातो ब्रह्म जिज्ञासा” सूत्र की विवेचना की तथा वेदाध्ययन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने जैमिनि के सूत्रों, उन पर लिखे भाष्यों तथा वार्तिकों की चर्चा करते हुए अनुबन्ध चतुष्टय—अधिकारी, विषय, सम्बन्ध और प्रयोजन—का विस्तृत विवेचन किया। व्याख्यान के अंत में उन्होंने जीवनमुक्त के लक्षणों को स्पष्ट करते हुए अपने विचारों को पूर्णता प्रदान की। कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता आध्यात्मिक चिन्तक एवं महाविद्यालय के पुरातन छात्र आचार्य मिथिलेश नन्दिनी शरण ने भी अनुबन्ध चतुष्टय पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने संस्कृत के शास्त्रीय ग्रन्थों के साथ-साथ रामचरितमानस, रामायण तथा महाभारत जैसे भारतीय वाङ्मय से उदाहरण प्रस्तुत करते हुए विषय को सहज रूप में समझाया। उन्होंने यह कहा कि बोध की सर्वोच्च अवस्था में भाषा का अस्तित्व नहीं रहता, बल्कि मौन ही संवाद का सबसे प्रभावी माध्यम बन जाता है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दानपति तिवारी ने वेद के अर्थ और महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा अनादि काल से चली आ रही है, जिसका स्वरूप हमें ऋग्वेद में दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि वेद सृष्टि के आरम्भ से ही मानव सभ्यता के साथ विद्यमान है। प्राचार्य ने अनुबन्ध चतुष्टय के अन्तर्गत साधन चतुष्टय—नित्य-अनित्य वस्तु का विवेक, वैराग्य, षट्सम्पत्ति और मुमुक्षुत्व—के साथ जीव-ब्रह्म ऐक्य रूप विषय, उसके बोधक उपनिषद् वाक्यों के सम्बन्ध तथा आत्मानन्द की प्राप्ति रूप प्रयोजन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। राष्ट्रधर्म पत्रिका के संपादक श्री मनोजकांत मिश्र ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में श्री विन्ध्यमणि ने सभी वक्ताओं एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी विभाग एवं सांस्कृतिक परिषद् के अध्यक्ष डॉ. असीम त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर प्रो. अशोक कुमार राय, प्रो. अनुराग मिश्रा, प्रो. पवन सिंह, प्रो. शिवकुमार तिवारी, प्रो. अभिषेक दत्त त्रिपाठी, प्रो. अजय सिंह, प्रो. कविता सिंह, प्रो. वंदना जायसवाल, डॉ. अनीता पांडे, डॉ. रामलाल विश्वकर्मा, डॉ. छाया सिंह, डॉ. अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव सहित अनेक प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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- प्रेस विज्ञप्ति स्मिता सहाय श्रीवास्तव रंगोत्सव 2026 में विशिष्ठ अतिथि के रूप में हुई सम्मानित अयोध्या के प्रथम महापौर ऋषिकेश उपाध्याय व वंदना उपाध्याय ने आयोजित किया भव्य समारोह अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के परमहंस महाविद्यालय के प्रांगण में रामाय ट्रस्ट और श्री परमहंस शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में रंगोत्सव कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग में कार्यरत, मान्यता प्राप्त पत्रकार ,शिक्षाविद, समाजसेविका एडवोकेट स्मिता सहाय श्रीवास्तव को विशिष्ट अतिथि के रूप में उनके कार्यों को देखते हुए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन रामाय ट्रस्ट और महाविद्यालय की प्रबंधिका वंदना उपाध्याय और अयोध्या के प्रथम महापौर ऋषिकेश उपाध्याय की ओर से किया गया,जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर आयोजक वंदना उपाध्याय, व प्रथम महापौर अयोध्या ऋषिकेश उपाध्याय जी ने कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रूप में सम्मिलित स्मिता सहाय श्रीवास्तव जी के कार्यों को देखते हुए उन्हें सम्मानित किया,साथ ही साथ आई हुई अन्य महिलाओं का स्वागत, सम्मान करते हुए उन्हें रंगोत्सव की शुभकामनाएं दीं। श्रीमती श्रीवास्तव ने मंच से अपने उद्बोधन में कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज के दौर में समाज और देश का विकास तभी संभव है जब महिला सशक्तिकरण प्रभावी ढंग से आगे बढ़ता रहे। कार्यक्रम में आरटीओ रितु सिंह, अशोका द्विवेदी, रीना द्विवेदी, मनोरमा दुबे, डॉ नीलम सिंह, प्रभा वर्मा उषा मिश्रा, डा मंजूषा पाण्डेय, सरस्वती पाठक, कविता सिंह, मीना पाण्डेय, उर्मिला मिश्रा, प्रज्ञा मिश्रा, सारिका गर्ग, पूजा सनाढ्य, वंदना सिंह, प्रतिभा द्विवेदी, पूर्णिमा तिवारी, मीनू अग्रवाल, श्वेता टंडन, मयूरी तिवारी, डा वंदना सिंह, कंचन जायसवाल, स्मृता तिवारी सहित बडी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी किया।1
- गाजियाबाद के नंदग्राम में उन्मादी भीड़ का सनातनी परिवार पर हमला. दाढ़ी वाले ने पीड़िता महिला को घसीट कर पीटा.. आरोप है कि कट्टरपंथियों का फरमान है बिहारियों को भगा देंगे हर बार की तरह इस बार भी सेक्युलर पुलिस ने पीड़ित हिंदुओं पर ही दिखाई धौंस और दोनों पक्षों को किया पाबंद1
- अयोध्या जिले में शहर के राजकीय अतिथि गृह (सर्किट हाउस) में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य ऋतु शाही द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों से आई पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुनकर समय पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए,महिला जन सुनवाई के दौरान २२ महिलाओं द्वारा अपनी समस्याएं रखी गई जिनका समय पर निस्तारण हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए गए है,राज्य महिला आयोग की सदस्य ने बताया कि जन सुनवाई प्रचार प्रसार के अभाव में पहुंचने वाली महिलाओं की संख्या कम है,जो महिलाएं मेरे द्वारा जन सुनवाई में नहीं पहुंच पा रही है सरकार द्वारा कई हेल्प लाइन नम्बर व मेल बनाए गए है उन पर अपनी शिकायत भेज सकती है,पीड़ित महिलाओं की समस्याओं के निराकरण हेतु सरकार प्रयासरत है।शहर के राजकीय अतिथि गृह में महिला जन सुनवाई के अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य ऋतु शाही,पुलिस क्षेत्राधिकारी योगेंद्र,जिला प्रोवेशन अधिकारी अयोध्या अश्वनी शुक्ल,महिला थानाध्यक्ष आशा शुक्ला,सुधा वर्मा महिला वन स्टाफ सेंटर चौकी प्रभारी,मीनाक्षी सीडीपीओ,डाक्टर संदीप शुक्ल स्वास्थ्य विभाग,पल्लवी दीक्षित चाइल्ड हेल्प लाइन अयोध्या,प्रभामणि पाल प्रभारी वन स्टाफ सेंटर अयोध्या, ओम प्रकाश उपनिरीक्षक,नेहा इशारार महिला उपनिरीक्षक,परमात्मा राम आरक्षी आदि लोग मौजूद रहे।1
- भारतीय क्रिकेट टीम टी 20 विश्व कप फ़ाइनल भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनो से हरा कर तीसरी बार खिताब जीत हासिल हुई,,, भारतीय क्रिकेटटीम ने भारत वर्ष के 140 करोड़ वाशियो को खुश कर दिया यह टी 20 विश्व कप फ़ाइनल भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनो से हरा कर तीसरी बार खिताब अपने नाम भारतीय क्रिकेट टीम ने किए हैं टी20 टीम को आज सुबह टाइम्स टीम के तरफ से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं ।।।।।। रिपोर्टिंग Lal Chand Soni ।।।।1
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- सूरत आज आम आदमी पार्टी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की धमाके दार एंट्री1
- श्री राम कथा महोत्सव का आयोजन 19 मार्च से गोविन्द देव गिरि जी महाराज के मुखारविंद से अयोध्या ग्राम सभा सरायरासी में 19 मार्च 2026 से 27 मार्च 2026 तक भव्य श्री राम कथा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन जिला पंचायत अध्यक्षा रोली सिंह की ओर से किया जा रहा है। श्री राम कथा महोत्सव में परम पूज्य श्री गोविन्द देव गिरि जी महाराज, कोषाध्यक्ष श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या का पावन सानिध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। वे प्रतिदिन सायं 3:00 बजे से 6:00 बजे तक श्री राम कथा का वाचन करेंगे। आयोजन का शुभारंभ चैत्र प्रतिपदा से होगा। जिला पंचायत अध्यक्षा रोली सिंह ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्री राम कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है। आयोजन को लेकर ग्राम सभा सरायरासी सहित आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां शुरू हो गई हैं।1