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भारतीय जाटव महासभा अलीगढ़ ने मेरठ के ललिता गौतम हत्याकांड में पीड़ित परिवार एवं समाज के लोगों के साथ पुलिस द्वारा कथित रूप से किए गए अपमानजनक व्यवहार की कड़ी निंदा की है। महासभा ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी पुलिस अधिकारी, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय सहित कोई भी अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए। भारतीय जाटव महासभा अलीगढ़ का मानना है कि न्याय, संविधान और कानून के शासन में सभी नागरिकों का सम्मान सर्वोपरि है। महासभा ने पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने और दोषियों को दंडित करने की भी मांग की है।
Harnam Singh Pradhan
भारतीय जाटव महासभा अलीगढ़ ने मेरठ के ललिता गौतम हत्याकांड में पीड़ित परिवार एवं समाज के लोगों के साथ पुलिस द्वारा कथित रूप से किए गए अपमानजनक व्यवहार की कड़ी निंदा की है। महासभा ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी पुलिस अधिकारी, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय सहित कोई भी अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए। भारतीय जाटव महासभा अलीगढ़ का मानना है कि न्याय, संविधान और कानून के शासन में सभी नागरिकों का सम्मान सर्वोपरि है। महासभा ने पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने और दोषियों को दंडित करने की भी मांग की है।
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- खैर के शिवाला नहर पुल पर दोस्तों के साथ नहाते समय डूबे युवक दीपेश का शव सोमवार देर शाम तक बरामद नहीं हो सका, जिसके लिए पूरे दिन तलाश जारी रही। इसी सर्च ऑपरेशन के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब नहर में ही एक अन्य लापता युवक अर्जुन डागुर का शव उसकी मोटरसाइकिल से बंधा हुआ बरामद किया गया। एनडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय गोताखोरों ने दीपेश की तलाश में सुबह से शाम तक नहर में लगातार अभियान चलाया। शव नहीं मिलने से नाराज परिजनों ने सुबह करीब 11 बजे शिवाला नहर पुल पर अपने वाहन तिरछे खड़े कर लगभग दो घंटे तक जाम लगा दिया, जिससे यातायात बाधित रहा। सूचना पर पहुंचे खैर नायब तहसीलदार काजल तोमर और खैर इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने परिजनों को जल्द शव बरामद कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त कर दिया गया। तलाश अभियान के दौरान शाम करीब चार बजे एनडीआरएफ को शिवाला नहर पुल से लगभग दो किलोमीटर आगे एक युवक का शव मोटरसाइकिल संख्या UP 81 BK 2977 से बंधा हुआ मिला। मोटरसाइकिल के नंबर के आधार पर खैर कोतवाली पुलिस ने मृतक की पहचान राघवगढ़ी, टप्पल अलीगढ़ निवासी अर्जुन डागुर के रूप में की और उसके परिजनों को सूचित किया। देर शाम अर्जुन डागुर उर्फ कालू के परिजन खैर कोतवाली पहुंचे और शव की शिनाख्त की, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बताया गया कि अर्जुन डागुर 1 जुलाई से अपनी मोटरसाइकिल सहित लापता था। परिजनों के अनुसार, उसे आखिरी बार नौझील और बाजना के बीच एक होटल पर कुछ युवकों के साथ खाना खाते हुए देखा गया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। इस पर परिजनों ने 5 जुलाई को नौझील थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अर्जुन अपने पीछे पिता सोमेश, माता रामवती और दो विवाहित बहनों को छोड़ गया है, और इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। खैर इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि अर्जुन डागुर के मामले में परिजनों द्वारा दी जाने वाली तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दीपेश की तलाश के लिए एनडीआरएफ और अन्य टीमें अपना सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रखे हुए हैं।4
- पांच दिन पहले नहर में डूबे दीपेश का शव अब बरामद कर लिया गया है। इस घटना को लेकर हत्या या साजिश की आशंका जताई जा रही है।1
- हाथरस जिले में आलू की लगातार गिरती कीमतों और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने से भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बेहद नाराज हैं। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने सादाबाद में एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने के लिए आगरा रोड स्थित चौधरी चरण सिंह स्मारक से "आलू की अंतिम शव यात्रा" निकाली। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से किसानों ने आलू की बदहाल कीमतों को लेकर अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के बाद, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने विधायक प्रदीप चौधरी को एक ज्ञापन भी सौंपा।4
- 'नए उत्तर प्रदेश' की नई पहचान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और समग्र विकास को बताया गया है। यही कारक प्रदेश के लिए एक नई पहचान स्थापित कर रहे हैं, जो उसके संपूर्ण विकास का आधार है।1
- बरसात का मौसम शुरू होते ही अलीगढ़ जिले के कस्बा दादों स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएससी) मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों दोनों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। अस्पताल परिसर में भारी जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, डिलीवरी रूम, वार्ड, डॉक्टर कक्ष और ओपीडी जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर छत से लगातार पानी टपक रहा है। बारिश के चलते कई कमरों का फर्श पूरी तरह गीला हो चुका है, जिससे फिसलने का खतरा लगातार बना हुआ है। मरीजों और उनके तीमारदारों को बैठने के लिए कोई सुरक्षित और सूखी जगह नहीं मिल पा रही है। स्थिति की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि डिलीवरी रूम की जर्जर हालत सबसे अधिक चिंताजनक है, जहाँ उपचार कार्य बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि अस्पताल भवन लंबे समय से मरम्मत की मांग कर रहा था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संबंध में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल भवन की मरम्मत कराने और उचित जलनिकासी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में भी स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रह सकें।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के कस्बा गोंडा में, गोरई रोड राना बरौला पर स्थित एक डेमो पुल टूट गया है।1
- हरिगढ़ जिले के अतरौली तहसील स्थित बरला थाना क्षेत्र के पिपलोई गांव में आज एक टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस बचाव अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने टीम का पूरा समर्थन किया, जिसके लिए टीम ने उनका हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया है। हरिगढ़ से सोनू पंडित ने जय श्री राम और जय गौ माता की उद्घोष के साथ गौ माता की सेवा में दिन हो या रात, हमेशा तैयार रहने की प्रतिबद्धता दोहराई है।1
- कस्बा दादों स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएससी) में बरसात का मौसम शुरू होते ही मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में जलभराव के कारण आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है, जबकि डिलीवरी रूम, वार्ड, डॉक्टर कक्ष और ओपीडी सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर छत से लगातार पानी टपक रहा है। बारिश के कारण कई कमरों का फर्श गीला हो चुका है, जिससे फिसलने का खतरा बढ़ गया है और मरीजों व उनके तीमारदारों को बैठने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिल पा रही है। विशेष रूप से डिलीवरी रूम की स्थिति बेहद जर्जर है, जिससे उपचार कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि भवन लंबे समय से मरम्मत की मांग कर रहा था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल भवन की मरम्मत कराने और परिसर में उचित जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की पुरज़ोर मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में भी स्वास्थ्य सेवाएँ बिना किसी बाधा के जारी रह सकें। यह जानकारी आज बुधवार दोपहर 2:00 बजे सामने आई है।1