बरेली जिले के फरीदपुर अंतर्गत भुता क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अहिरोला में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा कक्षा के भीतर बच्चों को पढ़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से हड़कंप मच गया है। आरोप है कि बिना किसी अधिकृत नियुक्ति के बच्चों को पढ़ाने वाला यह व्यक्ति विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका उमा का पति है। इस वीडियो के सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय की शिक्षामित्र जगरानी ने आरोप लगाया है कि शनिवार को बारिश के कारण वह लगभग 20 मिनट की देरी से स्कूल पहुंची थीं, जिसके बाद इंचार्ज प्रधानाध्यापिका ने उन्हें उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं करने दिए। जगरानी का आरोप है कि विद्यालय के प्रशासनिक कार्यों से लेकर शिक्षण व्यवस्था और संचालन तक में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के पति नियमित रूप से हस्तक्षेप करते हैं। उनका कहना है कि विद्यालय का पूरा स्टाफ महिला शिक्षिकाओं का है, फिर भी प्रधानाध्यापिका के पति वहां रोजाना मौजूद रहते हैं और किसी अधिकारी या बाहरी व्यक्ति के आने पर तुरंत वहां से खिसक जाते हैं या छिप जाते हैं। दूसरी ओर, इंचार्ज प्रधानाध्यापिका उमा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनके पति विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्य नहीं करते, बल्कि कभी-कभी बच्चों के पूछने पर केवल उन्हें चीजें समझा देते हैं। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि शिक्षामित्र अक्सर देर से विद्यालय आती हैं और शनिवार को भी देरी से आने के कारण उनके नाम के सामने लाइन खींच दी गई थी, जिससे नाराज होकर उन्होंने अनर्गल आरोपों के साथ यह वीडियो बनाया है। अब देखना यह है कि बेसिक शिक्षा विभाग इस वायरल वीडियो और लगे आरोपों की कितनी गंभीरता और निष्पक्षता से जांच कराता है।
बरेली जिले के फरीदपुर अंतर्गत भुता क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अहिरोला में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा कक्षा के भीतर बच्चों को पढ़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से हड़कंप मच गया है। आरोप है कि बिना किसी अधिकृत नियुक्ति के बच्चों को पढ़ाने वाला यह व्यक्ति विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका उमा का पति है। इस वीडियो के सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय की शिक्षामित्र जगरानी ने आरोप लगाया है कि शनिवार को बारिश के कारण वह लगभग 20 मिनट की देरी से स्कूल पहुंची थीं, जिसके बाद इंचार्ज प्रधानाध्यापिका ने उन्हें उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं करने दिए। जगरानी का आरोप है कि विद्यालय के प्रशासनिक कार्यों से लेकर शिक्षण व्यवस्था और संचालन तक में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के पति नियमित रूप से हस्तक्षेप करते हैं। उनका कहना है कि विद्यालय का पूरा स्टाफ महिला शिक्षिकाओं का है, फिर भी प्रधानाध्यापिका के पति वहां रोजाना मौजूद रहते हैं और किसी अधिकारी या बाहरी व्यक्ति के आने पर तुरंत वहां से खिसक जाते हैं या छिप जाते हैं। दूसरी ओर, इंचार्ज प्रधानाध्यापिका उमा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनके पति विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्य नहीं करते, बल्कि कभी-कभी बच्चों के पूछने पर केवल उन्हें चीजें समझा देते हैं। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि शिक्षामित्र अक्सर देर से विद्यालय आती हैं और शनिवार को भी देरी से आने के कारण उनके नाम के सामने लाइन खींच दी गई थी, जिससे नाराज होकर उन्होंने अनर्गल आरोपों के साथ यह वीडियो बनाया है। अब देखना यह है कि बेसिक शिक्षा विभाग इस वायरल वीडियो और लगे आरोपों की कितनी गंभीरता और निष्पक्षता से जांच कराता है।
- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माननीय शिवपाल सिंह यादव ने अपने बड़े भाई माननीय प्रो. रामगोपाल यादव के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया है। इस विशेष अवसर पर दोनों नेताओं के बीच आपसी आत्मीयता, सम्मान और पारिवारिक संस्कारों की एक बेहद सुंदर झलक देखने को मिली।1
- पीलीभीत के बरखेड़ा विकास खंड के अंतर्गत महदखास गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता सूची में भारी धांधली का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सचिव और प्रधान पर पात्र लोगों को योजना के लाभ से वंचित करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी (डीएम) और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2024 के आवास प्लस सर्वे में उनके परिवारों का सर्वे तो किया गया था, लेकिन पात्र होने के बावजूद उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया, जबकि अपात्रों के नाम जोड़ दिए गए। एक महिला शिकायतकर्ता ने सीधा आरोप लगाया है कि ग्राम सचिव और प्रधान ने आवास का लाभ दिलाने के नाम पर ₹20,000 की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत न देने पर उसका नाम सूची से बाहर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि गांव में कुल 228 परिवारों का सर्वे हुआ था, लेकिन पात्रता सूची में सिर्फ 38 नामों को ही शामिल किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने मामले की लिखित शिकायत पीलीभीत के डीएम और सीडीओ को सौंप दी है, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा है। इस खबर के सामने आने के बाद अब सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।4
- बरेली में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सीवाई-वज्र' के तहत पुलिस ने लगातार तीसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। एसओजी, साइबर सेल और साइबर थाने की संयुक्त टीम ने इन आरोपियों को दबोचा है। इनके बैंक खातों में साइबर ठगी की 6.44 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध धनराशि का लेनदेन मिला है। गिरफ्तार किए गए इन चारों आरोपियों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर पहले से ही 11 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी बिहार और कर्नाटक समेत कई राज्यों के लोगों को डरा-धमकाकर, लालच देकर या उनके बैंक खाते हैक करके साइबर ठगी को अंजाम देते थे। ठगी की रकम को पहले एक खाते में मंगाया जाता था और फिर उसे अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर नकदी निकाल ली जाती थी, जिसे ये आपस में बांट लेते थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ठगी की रकम से अपने महंगे शौक पूरे करते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से एक आईफोन-13 और एक आईफोन-16 बरामद किया है। थाना कैंट पुलिस ने तीन आरोपियों आनंद कुमार, विक्की श्रीवास्तव और सुमित श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है, जिनके बैंक खातों में 3,41,424 रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिला। इन तीनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी की रकम निकालने की बात कबूल की है, जिसके बाद इनके खिलाफ कैंट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इनके खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर सात शिकायतें पहले से दर्ज हैं। वहीं, संयुक्त टीम ने बहेड़ी क्षेत्र से मोहम्मद शादाब को गिरफ्तार किया है, जिसके खाते में 3,03,383 रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिला है। शादाब के खिलाफ बहेड़ी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है और उसके खिलाफ भी एनसीआरपी पोर्टल पर चार शिकायतें दर्ज हैं। सभी चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है और पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।2
- बरेली में आगामी उर्स-ए-आला हजरत और काँवर यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। गुरुवार शाम लगभग 5:00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य की अध्यक्षता में एक अहम समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आयोजकों ने जायरिनों और काँवरियों की सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रशासन के सामने रखा। बैठक के दौरान इस्लामिया ग्राउंड और स्कूलों में गड्ढे भरवाने, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस, बिजली व्यवस्था, रेलवे टिकट काउंटर, ट्रैफिक प्रबंधन और दरगाह क्षेत्र में जलभराव रोकने जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समय से पूरी की जाएं। इसके साथ ही उन्होंने दरगाह के वॉलंटियर्स को आईडी कार्ड जारी करने, पार्किंग, अग्निशमन और वेस्ट मैनेजमेंट की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर भी कड़ी नजर रखने की हिदायत दी है। प्रशासन का दावा है कि इस बार उर्स और काँवर यात्रा के दौरान सुरक्षा, जन-सुविधा और ट्रैफिक व्यवस्था को पहले की तुलना में और अधिक मजबूत व सुदृढ़ बनाया जाएगा।1
- बरेली के थाना शीशगढ़ की पुलिस ने माननीय न्यायालय जे०एम० बहेड़ी के आदेशानुसार भारी मात्रा में जब्त की गई अवैध शराब का विनिष्टिकरण कराया है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस द्वारा 530 लीटर अवैध कच्ची शराब, 71 पव्वे देशी शराब और 1991 अवैध अंग्रेजी शराब के पव्वों को नष्ट किया गया है। इस पूरी कार्रवाई के संबंध में सीओ बहेड़ी श्री अरुण कुमार सिंह ने बयान जारी कर जानकारी दी है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में दहेज उत्पीड़न, मारपीट और तीन तलाक के गंभीर मामले में यूपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस पूरे मामले को लेकर सीओ आशुतोष शिवम ने बड़ा बयान जारी कर जानकारी साझा की है। यहाँ एक पीड़ित विवाहिता ने सामने आकर अपने ससुराल वालों का सारा कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। विवाहिता द्वारा ससुराल पक्ष पर लगाए गए मारपीट, दहेज और तीन तलाक के आरोपों के बाद पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है।1
- पीलीभीत के मां गोमती उद्गम स्थल पर जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 अभियान (एक पेड़ मां के नाम) के सफल क्रियान्वयन को लेकर तैयारियों से संबंधित बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी ने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले इस वृक्षारोपण अभियान में भाग लेने के लिए सभी लोगों से अपील की है। बैठक में उपस्थित अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण केवल एक सरकारी योजना या कार्य नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने जीवन में वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रत्येक नागरिक से इस अभियान से जुड़कर इसे सफल बनाने का आग्रह किया। इसके साथ ही, नोडल अधिकारियों द्वारा जनपद में बड़े स्तर पर पौधारोपण कराने के उद्देश्य से जन जागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, डीएफओ सामाजिक वानिकी, डीसी मनरेगा, उपायुक्त स्वतः रोजगार, गोमती ट्रस्ट के पदाधिकारी, ग्रामीण और ग्राम प्रधान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।4
- बदायूं जिले के बिसौली कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत सहसवान-बिसौली मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां आवारा सांड से मोटरसाइकिल टकराने से बाइक सवार दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद दोनों घायलों को तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल बदायूं भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने एक भाई को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरे घायल भाई की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि जिले में आवारा सांडों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आए दिन इस तरह के सड़क हादसे हो रहे हैं।2