जनपद रामपुर की सर्विलांस सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए आमजन के 120 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख 40 हजार रुपये बताई गई है। बरामद होते ही, ये सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए गए, जिससे लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई। यह उपलब्धि पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा साइबर अपराध नियंत्रण को दी गई विशेष प्राथमिकता के तहत अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र के निर्देशों पर तथा पुलिस अधीक्षक रामपुर, श्री सोमेन्द्र मीना के निर्देशन में संभव हो पाई। पुलिस को प्राप्त प्रार्थना पत्रों और CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर, सर्विलांस टीम ने थाना स्तर पर गठित CEIR टीमों के साथ मिलकर तकनीकी सहायता का उपयोग करते हुए विभिन्न स्थानों से ये 120 मोबाइल फोन बरामद किए। रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन रामपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में, पुलिस अधीक्षक श्री सोमेन्द्र मीना ने स्वयं इन बरामद मोबाइलों को उनके मालिकों को सौंपा। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने रामपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया और अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन दोबारा मिल पाएगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों को मोबाइल फोन की सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया और सलाह दी कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल CEIR पोर्टल या नजदीकी थाने में सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। रामपुर पुलिस की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है, जिससे आमजन का पुलिस पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है, खासकर तब जब सर्विलांस सेल द्वारा पूर्व में भी ऐसे कई गुमशुदा मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं।
जनपद रामपुर की सर्विलांस सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए आमजन के 120 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख 40 हजार रुपये बताई गई है। बरामद होते ही, ये सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए गए, जिससे लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई। यह उपलब्धि पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा साइबर अपराध नियंत्रण को दी गई विशेष प्राथमिकता के तहत अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र के निर्देशों पर तथा पुलिस अधीक्षक रामपुर, श्री सोमेन्द्र मीना के निर्देशन में संभव हो पाई। पुलिस को प्राप्त प्रार्थना पत्रों और CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर, सर्विलांस टीम ने थाना स्तर पर गठित CEIR टीमों के साथ मिलकर तकनीकी सहायता का उपयोग करते हुए विभिन्न स्थानों से ये 120 मोबाइल फोन बरामद किए। रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन रामपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में, पुलिस अधीक्षक श्री सोमेन्द्र मीना ने स्वयं इन बरामद मोबाइलों को उनके मालिकों को सौंपा। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने रामपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया और अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन दोबारा मिल पाएगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों को मोबाइल फोन की सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया और सलाह दी कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल CEIR पोर्टल या नजदीकी थाने में सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। रामपुर पुलिस की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है, जिससे आमजन का पुलिस पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है, खासकर तब जब सर्विलांस सेल द्वारा पूर्व में भी ऐसे कई गुमशुदा मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं।
- शामली में आयुष मलिक और चांदनी कुरेशी से जुड़े मामले में एक नया अपडेट सामने आया है, जहाँ आयुष मलिक ने खुद आगे आकर घोषणा की है कि "अल्हम्दुलिल्लाह आई एम मुस्लिम"। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को "बेरोज़गार संतरों की चाल" बताया है। जानकारी के अनुसार, आयुष मलिक डॉक्टर इसरार अहमद के प्रशंसक हैं और उन्होंने इस्लाम कबूल करने का इरादा वहीं से किया था। हालाँकि, इस मामले के लेखक अभी भी अपने पहले के बयान पर कायम हैं कि 'सक सेक' के लिए किया गया विवाह बेबुनियाद है। लेखक का कहना है कि अगर आयुष मलिक ने इस्लाम दिल और ईमान से कबूल किया है और फिर शादी की है, तभी यह ठीक है। इस मामले में आगे चलकर संवैधानिक कानून की 'खूबसूरती' देखने को मिलेगी।1
- बिलासपुर नगर पालिका परिषद ने जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से सोमवार को वार्ड नं. दो स्थित डाम कॉलोनी में 'वार्ड चौपाल' का आयोजन किया। इस दौरान पालिकाध्यक्ष चित्रक मित्तल और अधिशासी अधिकारी डॉ. नितिन कुमार गंगवार ने स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। चौपाल दोपहर करीब साढ़े बारह बजे शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल हुए। चौपाल में लोगों ने प्रमुखता से सफाई व्यवस्था, राशन वितरण, ठंडे पेयजल की उपलब्धता, वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन, नालियों की सफाई और सड़क मरम्मत जैसे जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया। पालिका अधिकारियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए समाधान का आश्वासन दिया। पालिकाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि 'वार्ड चौपाल' का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि पालिका की टीम स्वयं वार्डों में पहुंचकर मौके पर ही समस्याओं का समाधान करे। उन्होंने बताया कि ऐसी चौपाल प्रत्येक सप्ताह नगर के किसी न किसी वार्ड में आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किया जा रहा है, जिनमें से तत्काल संभव समाधान वाली समस्याओं को तुरंत निस्तारित किया जाएगा, जबकि लंबित और जटिल मामलों के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। अधिशासी अधिकारी ने कहा कि नगर की सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से जुड़ी शिकायतों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, और कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। चौपाल में उपस्थित नागरिकों ने पालिका की इस पहल की सराहना की, यह कहते हुए कि इससे उन्हें अपनी बात सीधे पालिकाध्यक्ष और अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिला है। लोगों ने उम्मीद जताई कि नियमित रूप से वार्ड स्तर पर आयोजित होने वाली ऐसी चौपालों से समस्याओं का समाधान तेजी से होगा। इस अवसर पर वार्ड सभासद बबीता रानी, लेखाकार अनिल कुमार सक्सेना, कमल सक्सेना, विजय अनार्य, जुनैद, आरिफ खान सहित नगर पालिका के कर्मचारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करना तथा नगर की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।1
- मुरादाबाद में होनहार और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए एक 'महा-सम्मान' समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा शहर के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जाएगा, जो शिक्षा के क्षेत्र में उनकी उपलब्धि और प्रतिभा को दर्शाता है।1
- गोरखपुर के चौरीचौरा स्थित एक अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर उचित कार्रवाई की मांग उठाई गई है, जिसमें डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की गई है। इस दुखद घटना के बाद, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री पर भी सवाल उठाए गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रदेश में कोई सार्थक और सक्रिय स्वास्थ्य मंत्री है, तो उन्हें पॉडकास्ट छोड़कर अपने विभाग पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, अस्पताल के सभी सीसीटीवी कैमरों की जाँच करने की मांग भी की गई है ताकि सच्चाई सामने आ सके। प्रदेश सरकार की चुप्पी को भी संदिग्ध बताया गया है और कहा गया है कि उनकी ओर से दी गई कोई भी सफाई विश्वसनीय नहीं है। स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द डॉक्टरों पर कार्रवाई करने का निवेदन किया गया है।1
- आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश प्रवक्ता फैसल खान लाल के नेतृत्व में नवाब बेटी स्थित बिजली घर पर बिजली की समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान बिजली अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा गया।1
- उत्तर प्रदेश के शामली में सामने आए बहुचर्चित धर्मांतरण प्रकरण को लेकर एक अहम खुलासा हुआ है। इस मामले में आयुष मालिक, जिन्हें रहमान कुरैशी के नाम से भी जाना जाता है, ने मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी और इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई बताई है। यह जानकारी 'हक़ वही जो सर चढ़ कर बोले' की भावना के साथ, सच्चाई को सार्वजनिक करने का संकेत देती है।1
- जनपद रामपुर की सर्विलांस सैल ने एक सराहनीय कार्रवाई करते हुए आमजन के 120 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 20 लाख 40 हजार रुपये है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा निर्धारित 10 प्राथमिकताओं में से एक, साइबर अपराध नियंत्रण के तहत हासिल की गई है। बरामदगी CEIR पोर्टल और थानों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई करते हुए की गई। यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक, बरेली जोन, बरेली और पुलिस उपमहानिरीक्षक, मुरादाबाद परिक्षेत्र, मुरादाबाद के आदेशों के अनुपालन में की गई। पुलिस अधीक्षक, रामपुर के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक, रामपुर के कुशल पर्यवेक्षण में, सर्विलांस टीम तथा थानों पर नियुक्त CEIR पोर्टल टीम के अथक प्रयासों से ये मोबाइल फोन वापस लाए गए। बरामद किए गए सभी 120 मोबाइल फोन सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइन, रामपुर में पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना द्वारा उनके संबंधित स्वामियों को सौंपे गए। इस सफलता पर मोबाइल स्वामियों के चेहरे खुशी से खिल उठे, और उन्होंने बताया कि उन्हें विश्वास नहीं था कि उनके खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिल पाएंगे। पुलिस ने मोबाइल धारकों को अपने फोन की सुरक्षा जिम्मेदारी से करने की सलाह भी दी। रामपुर सर्विलांस सैल द्वारा पूर्व में भी गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक, रामपुर ने सर्विलांस टीम को 10,000 रुपये का नकद इनाम देकर पुरस्कृत किया। इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में सर्विलांस सैल के प्रभारी उपनिरीक्षक जितेन्द्र कुमार, उपनिरीक्षक मंयक गोयल, मुख्य आरक्षी 1138 विनय कुमार सिहं, मुख्य आरक्षी 1139 अनिल कुमार सैनी, मुख्य आरक्षी 573 दीपक चाहल और आरक्षी 644 जय कुमार शामिल रहे।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ कुतुबशेर थाना क्षेत्र के मानकमउ गाँव में एक बेटे ने अपने ही बुज़ुर्गों पर हाथ उठाया। इस अमानवीय कृत्य से समाज में गहरा रोष व्याप्त है। इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, लोग कह रहे हैं कि ऐसी संतान होने से बेहतर है कि इंसान बेऔलाद ही मर जाए।1