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वाराणसी के एक क्षेत्र में, जहाँ लोग रहते हैं, वहाँ आवागमन के लिए कोई उचित रास्ता ही नहीं है। इस समस्या के चलते स्थानीय प्रधान भी सड़क का निर्माण नहीं करवा पा रहे हैं। बताया गया है कि इस क्षेत्र में सड़कों का विकास बरसों से नहीं हो पाया है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Shivprakash Gupta
वाराणसी के एक क्षेत्र में, जहाँ लोग रहते हैं, वहाँ आवागमन के लिए कोई उचित रास्ता ही नहीं है। इस समस्या के चलते स्थानीय प्रधान भी सड़क का निर्माण नहीं करवा पा रहे हैं। बताया गया है कि इस क्षेत्र में सड़कों का विकास बरसों से नहीं हो पाया है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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- आज सोमवार को जनपद जौनपुर के प्रसिद्ध चौकियाँ धाम में श्रद्धालुओं का भारी तांता लगा रहा। सुबह करीब नौ बजे से लेकर शाम तक मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही, जिससे पूरा धाम आस्था के रंग में रंगा दिखा। इस दौरान, जौनपुर पुलिस प्रशासन चौकियाँ धाम में चप्पे-चप्पे पर अपनी पैनी नज़र बनाए हुए है, ताकि व्यवस्था सुचारु बनी रहे। श्रद्धालुओं में अपने मुरादें पूरी होने की गहरी श्रद्धा और भक्ति देखने को मिली, जैसा कि शुरू ऐप न्यूज़ पर उपलब्ध वीडियो में भी देखा जा सकता है।1
- जौनपुर जिले के रसैना गांव में एक नई जिला जेल का निर्माण कार्य 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है। यह जानकारी निर्माण से संबंधित प्रगति को दर्शाती है।1
- यूपी के वाराणसी में चौबेपुर थाना क्षेत्र के कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव धाम में भीषण गर्मी के बीच समाजसेवियों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए एक शरबत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह पहल भक्तों को गर्मी से राहत दिलाने के उद्देश्य से की गई। श्री सच्चा धर्मार्थ सेवा के अध्यक्ष वशिष्ठ मिश्रा ने अपनी माता स्वर्गीय दुलारी देवी, जो बृजभूषण मिश्रा की पत्नी और चंदौली जनपद के चकिया बिहारी मिश्र की निवासी थीं, की स्मृति में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह शरबत वितरित कराया। उन्होंने बताया कि यह सेवा कार्य कई वर्षों से लगातार किया जा रहा है, जिसका मुख्य ध्येय गर्मी में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को राहत पहुँचाना है। इस कार्यक्रम में राजन पाण्डेय, ओमप्रकाश पाण्डेय, गोविंद मिश्रा, जितेन्द्र सिंह, हेमन्त सिंह, योगेन्द्र सिंह, शिवम् सिंह सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे।1
- सतीश पाल ने पाल जाति के लिए एक 'हीट' गाना प्रस्तुत किया है, जो विशेष रूप से गडरिया, धनगर, पालवंशज और संपूर्ण पाल समाज तथा पाल ग्रुप को समर्पित है। यह गीत एक वीडियो के साथ है और इसका संबंध उत्तर प्रदेश से है।1
- आज से ग्रीष्म ऋतु के अत्यधिक उष्ण नौ दिवसीय काल, जिसे “नौतपा” कहा जाता है, का प्रारंभ हो गया है। इस अवसर पर भगवान श्री विश्वेश्वर को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से विविध फलों के रस से उनका विशेष अभिषेक शुरू किया गया है। अनुष्ठान के प्रथम दिवस पर भगवान श्री विश्वेश्वर का अभिषेक गुलाब, लीची और आम के रस से संपन्न हुआ। यह विशेष अनुष्ठान नौतपा के समस्त नौ दिनों तक जारी रहेगा, जहाँ प्रतिदिन भगवान का अलग-अलग प्रकार के फलों के रस से अभिषेक किया जाएगा। इस विशेष अनुष्ठान का उद्देश्य ग्रीष्म ऋतु में भगवान विश्वनाथ को शीतलता अर्पित कर समस्त भक्तों को शीतलता की अनुभूति कराना है।1
- चन्दौली के चहनियां बलुआ थाना क्षेत्र के तीरगांवा में रविवार को बालू से लदा एक ओवरलोड डम्पर गंगा नदी में पलट गया। इस हादसे में डम्पर चला रहे 30 वर्षीय राहुल कुमार ने कूदकर अपनी जान बचाई। पहाड़पुर के रहने वाले राहुल कुमार डम्पर से सफेद बालू लादकर जा रहे थे, जब ओवरलोड होने के कारण यह गंगा किनारे पलट गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में ओवरलोड गाड़ियाँ अक्सर पलटती रहती हैं, जो 'लालच' के कारण होता है और इससे कभी भी किसी की जान जा सकती है। यह भी बताया गया है कि गाजीपुर के बॉर्डर पर स्थित बलुआ थाना के तिरगांवा क्षेत्र से सफेद बालू की निकासी होती है।1
- नौतपा के अवसर पर वाराणसी में भगवान विश्वनाथ का फलों के रस से अभिषेक किया गया।1
- इस महीने पेट्रोल और डीजल के दामों में चौथी बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर महंगा हुआ है, जबकि डीजल की कीमत में ₹2.71 प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। इस मूल्य वृद्धि का कारण ईरान में चल रहे युद्ध का असर बताया गया है।1
- वाराणसी के चौबेपुर स्थित कैथी के ग्राम भंदहा कला में सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय समर कैंप का सोमवार को समापन हो गया। इस शिविर में विभिन्न केंद्रों से तीन दर्जन से अधिक बच्चों ने भाग लिया। शिविर के दौरान बच्चों ने कविता, कहानी, कठपुतली, चित्रकला, पोस्टर और स्लोगन बनाने जैसी रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसके साथ ही, उन्होंने विज्ञान के रोचक प्रयोगों को समझा और लैंगिक समानता, आपसी सहयोग, भाईचारा तथा सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा भी की। समापन दिवस पर सुविख्यात कठपुतली कलाकार मिथिलेश दुबे की टीम ने 'मुर्गा और सूरज', 'जहर' और 'जल गुल्लक' नामक कठपुतली नाटकों का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सभी बच्चों को उपहार देकर विदा किया गया। संस्था के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आपसी सहयोग से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं और अच्छे नागरिक बन सकते हैं। इस सफल आयोजन में दीन दयाल सिंह, सौरभ चन्द्र, प्रदीप सिंह, ब्रिजेश कुमार, रमेश प्रसाद, अवनीश पाण्डेय, अमित कुमार, मिथिल्श दुबे, डॉ इंदु पाण्डेय, वैभव पाण्डेय और जेसिका सहित कई अन्य लोगों का उल्लेखनीय योगदान रहा।1