कांवड़ मेला-2026 : सेवा, संवेदनशीलता और सुरक्षा का संदेश लेकर मैदान में उतरीं एसएसपी श्वेता चौबे कांवड़ मेला-2026 के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे ने मुनि की रेती क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न ड्यूटी प्वाइंटों पर तैनात पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स (SPOs) से संवाद कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा मेला व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर एसएसपी ने मेला ड्यूटी में सहयोग कर रहे *एसपीओ को टी-शर्ट, टोपी एवं पहचान पत्र वितरित कर उन्हें उत्कृष्ट एवं समर्पित ड्यूटी के लिए प्रोत्साहित किया।* निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने कांवड़ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को फल, जूस एवं पेयजल वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से सुरक्षित एवं अनुशासित यात्रा करने की अपील करते हुए पुलिस द्वारा जारी यातायात एवं सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया। एसएसपी ने खोया-पाया केंद्र का निरीक्षण कर वहां तैनात पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि भीड़ में बिछड़ने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों के प्रति पूर्ण संवेदनशीलता, धैर्य एवं तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक जरूरतमंद को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।* उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात, प्रभावी भीड़ प्रबंधन, गंगा घाटों की सतत निगरानी तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विशेष सतर्कता बनाए रखें, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्बाध रूप से संपन्न हो सके। टिहरी पुलिस सेवा, सुरक्षा एवं सहयोग की भावना के साथ कांवड़ मेला-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
कांवड़ मेला-2026 : सेवा, संवेदनशीलता और सुरक्षा का संदेश लेकर मैदान में उतरीं एसएसपी श्वेता चौबे कांवड़ मेला-2026 के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे ने मुनि की रेती क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न ड्यूटी प्वाइंटों पर तैनात पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स (SPOs) से संवाद कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा मेला
व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर एसएसपी ने मेला ड्यूटी में सहयोग कर रहे *एसपीओ को टी-शर्ट, टोपी एवं पहचान पत्र वितरित कर उन्हें उत्कृष्ट एवं समर्पित ड्यूटी के लिए प्रोत्साहित किया।* निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने कांवड़ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को फल, जूस एवं पेयजल वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से सुरक्षित एवं अनुशासित यात्रा करने की अपील करते हुए पुलिस द्वारा जारी
यातायात एवं सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया। एसएसपी ने खोया-पाया केंद्र का निरीक्षण कर वहां तैनात पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि भीड़ में बिछड़ने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों के प्रति पूर्ण संवेदनशीलता, धैर्य एवं तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक जरूरतमंद को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।* उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान
श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात, प्रभावी भीड़ प्रबंधन, गंगा घाटों की सतत निगरानी तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विशेष सतर्कता बनाए रखें, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्बाध रूप से संपन्न हो सके। टिहरी पुलिस सेवा, सुरक्षा एवं सहयोग की भावना के साथ कांवड़ मेला-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
- क्या है सच्चाई?? विधानसभा घनसाली uttrakhand Tehri Garhwal1
- मसूरी में 200 साल पुरानी कब्रगाह और अंतिम नमाज स्थल को प्रशासन ने किया ध्वस्त, मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश, कुछ देर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग किया जाम। NIU रिपोर्टर - सुनील सोनकर मसूरी के लक्ष्मणपुरी क्षेत्र में शनिवार को एक धार्मिक ढांचे को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए और राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया, जबकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि नगर पालिका परिषद की है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर कार्रवाई की गई, वह कोई नई संरचना नहीं थी, बल्कि वर्षों से उनके धार्मिक और सामाजिक उपयोग में रहा स्थल है। उनका दावा है कि यह स्थान करीब 200 वर्ष पुराना है तथा यहां उनके पूर्वज दफन हैं। समुदाय के लोगों ने कहा कि प्रशासन जिस संरचना को मस्जिद बता रहा है, वह नियमित नमाज के लिए उपयोग होने वाली मस्जिद नहीं, बल्कि एक टीनशेड है जहां अंतिम संस्कार के बाद मृतकों की अंतिम नमाज अदा की जाती रही है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि बिना उनकी भावनाओं को समझे कार्रवाई की गई। उनका कहना था कि यदि यह भूमि वास्तव में सरकारी थी तो इतने वर्षों तक इस पर किसी प्रकार का विवाद या कार्रवाई क्यों नहीं हुई। समुदाय के लोगों ने कहा कि धार्मिक स्थलों और अल्पसंख्यकों से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। कार्रवाई के विरोध में लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। वहीं एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने कहा कि संबंधित भूमि न तो वक्फ बोर्ड की है और न ही किसी निजी व्यक्ति अथवा समुदाय के स्वामित्व में है। संयुक्त जांच में यह भूमि नगर पालिका परिषद मसूरी की पाई गई है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद, छावनी परिषद और वक्फ बोर्ड से जुड़े अभिलेखों की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संरचना पालिका की भूमि पर बनी थी और अतिक्रमण की श्रेणी में आती थी। एसडीएम के अनुसार प्रशासन की ओर से संबंधित पक्ष को तीन बार नोटिस जारी कर स्वेच्छा से संरचना हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नोटिसों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद नियमानुसार पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और कानून से ऊपर कोई नहीं है। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है, जबकि समुदाय के लोगों ने मामले को लेकर आगे भी कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की बात कही है।1
- सबसे जूनियर सहायक अल्पसंख्यक अधिकारी श्री भगवती प्रसाद त्रिवेदी को जनपद देहरादून में नियमों के विरुद्ध जिला अल्पसंख्यक अधिकारी बनाए जाने का मैं विरोध करता हूँ। क्योंकि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कर्मचारी मोहसिन खान की मृत्यु से संबंधित प्रकरण में इनकी भूमिका की सीबी-सीआईडी जाँच चल रही है तथा यह मामला माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल में भी चल रहा है। ओर इनको अल्पसंख्यक आयोग में सचिव बनाने की बात भी चल रही है साथ ही इनकी ग्रेड पे ₹2800 है, जबकि संबंधित पद के लिए ₹5400 ग्रेड पे होना आवश्यक है। यह नियुक्ति अल्पसंख्यक विभाग के वरिष्ठ सहायकों के साथ अन्याय एवं उनका अपमान है और अल्पसंख्यक समाज का भी अपमान है। माननीय मुख्यमंत्री जी से विनम्र अनुरोध है कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को ध्यान में रखते हुए श्री भगवती प्रसाद त्रिवेदी को जनपद देहरादून में तैनात न रखा जाए तथा इस मामले में नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाए।1
- हरिद्वार के रुड़की में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कलश यात्रा में हुए शामिल देशराज कर्णवाल ने कर दिया बड़ा ऐलान1
- शिक्षकों की भारी कमी से 73 बच्चों का भविष्य की चिंता में, अब स्कूल भवन पर भी संकट के बादल। हालात ऐसे बन गए हैं कि बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए दूसरे स्कूल में शिफ्ट करना पड़ सकता है। सुनिए संजय बडोनी जी से , जल्दी दूसरी बीडीओ आयेगी1
- करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश का आरोपी सहारनपुर से गिरफ्तार 🚨 The Aman Times | देहरादून 🚔 ऑपरेशन प्रहार: करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश का आरोपी सहारनपुर से गिरफ्तार एसएसपी देहरादून के निर्देशन में ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस ने भू-माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की भूमि हड़पने की साजिश में शामिल फरार आरोपी राजकमल को सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 10 वर्ष पहले मृत व्यक्ति के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर कूटरचित पावर ऑफ अटॉर्नी/दस्तावेज तैयार किए और उन्हीं के आधार पर वादी की करोड़ों की संपत्ति पर स्टे लेने का प्रयास किया। इस मामले में मुख्य अभियुक्ता बबीता देवी को दून पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब फरार चल रहे दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।1