भागलपुर नाथनगर के दिलदारपुर में बाढ़ का तांडव: बीमार पति को खटिया पर पानी के बीच रखने को मजबूर लाचार पत्नी भागलपुर के नाथनगर से बाढ़ की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सिस्टम के इंतजामों पर सवाल खड़े कर रही है। दिलदारपुर इलाके में गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण गलियों और घरों के आंगन में करीब दो फीट तक पानी जमा है। हालात ऐसे हैं कि एक महिला अपने बीमार पति को पानी से भरे आंगन में खटिया पर रखने को मजबूर है। घर में पानी, बाहर पानी और चारों तरफ बेबसी का मंजर दिखाई दे रहा है। तस्वीरें नाथनगर के दिलदारपुर की हैं, जहां बाढ़ का पानी अब लोगों के घरों और आंगन तक पहुंच चुका है। गलियों में पानी जमा होने से लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन तस्वीरों में देखिए एक परिवार की मजबूरी। घर के आंगन में करीब दो फीट पानी जमा है और इसी पानी के बीच बीमार पति को खटिया पर रखने की नौबत आ गई। पत्नी की बेबसी साफ नजर आ रही है। बीमारी के बीच पति की देखभाल करना और चारों तरफ भरे पानी से जूझना—परिवार के लिए दोहरी मुसीबत बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ उनकी मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। घरों में पानी घुसने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित है। लोगों को पीने के पानी, आने-जाने और बीमार परिजनों की देखभाल को लेकर चिंता सता रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर किसी गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़े, तो इस पानी से भरी गलियों के बीच उसे बाहर कैसे निकाला जाएगा? बाढ़ प्रभावित परिवार प्रशासन से राहत और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। दिलदारपुर की ये तस्वीरें सिर्फ एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि बाढ़ के बीच जिंदगी बचाने की जद्दोजहद की कहानी बयां कर रही हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इन प्रभावित परिवारों तक कितनी जल्दी राहत पहुंचाता है और बीमार लोगों के लिए क्या व्यवस्था की जाती है। “दिलदारपुर में बाढ़ का तांडव, 2 फीट पानी में जिंदगी बेहाल! बीमार पति को खटिया पर रखने को मजबूर पत्नी”
भागलपुर नाथनगर के दिलदारपुर में बाढ़ का तांडव: बीमार पति को खटिया पर पानी के बीच रखने को मजबूर लाचार पत्नी भागलपुर के नाथनगर से बाढ़ की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सिस्टम के इंतजामों पर सवाल खड़े कर रही है। दिलदारपुर इलाके में गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण गलियों और घरों के आंगन में करीब दो फीट तक पानी जमा है। हालात ऐसे हैं कि एक महिला अपने बीमार पति को पानी से भरे आंगन में खटिया पर रखने को मजबूर है। घर में पानी, बाहर पानी और चारों तरफ बेबसी का मंजर दिखाई दे रहा है। तस्वीरें नाथनगर के दिलदारपुर की हैं, जहां बाढ़ का पानी अब लोगों के घरों और आंगन तक पहुंच चुका है। गलियों में पानी जमा होने से लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन तस्वीरों में देखिए एक परिवार की मजबूरी। घर के आंगन में करीब दो फीट पानी जमा है और इसी पानी के बीच बीमार पति को खटिया पर रखने की नौबत आ गई। पत्नी की बेबसी साफ नजर आ रही है। बीमारी के बीच पति की देखभाल करना और चारों तरफ भरे पानी से जूझना—परिवार के लिए दोहरी मुसीबत बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ उनकी मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। घरों में पानी घुसने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित है। लोगों को पीने के पानी, आने-जाने और बीमार परिजनों की देखभाल को लेकर चिंता सता रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर किसी गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़े, तो इस पानी से भरी गलियों के बीच उसे बाहर कैसे निकाला जाएगा? बाढ़ प्रभावित परिवार प्रशासन से राहत और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। दिलदारपुर की ये तस्वीरें सिर्फ एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि बाढ़ के बीच जिंदगी बचाने की जद्दोजहद की कहानी बयां कर रही हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इन प्रभावित परिवारों तक कितनी जल्दी राहत पहुंचाता है और बीमार लोगों के लिए क्या व्यवस्था की जाती है। “दिलदारपुर में बाढ़ का तांडव, 2 फीट पानी में जिंदगी बेहाल! बीमार पति को खटिया पर रखने को मजबूर पत्नी”
- "जेल भी जाना पड़ा तो जाएंगे, गोली भी खानी पड़ी तो खाएंगे..." यह 6 वर्ष का बच्चा आज अच्छी तरह समझ चुका है कि ज़ुल्म के आगे चुप रहना खुद पर अत्याचार करने जैसा है। ऐसी हिम्मत और सामाजिक न्याय की बात शायद बहुत कम लोग कर पाते हैं जो इस आयु में इस बच्चे ने दिखाई है। इसे पता है कि आज अगर आवाज़ नहीं उठाई, तो कल जब यह खुद बड़ी-बड़ी डिग्रियां लेकर परीक्षा में बैठेगा, तब यही भ्रष्ट सरकार और संविदा-ठेकेदारी का मॉडल इसके सपनों को भी रौंद देगा। . 🇮🇳✊ ✍️👆🤣😀🤣.🔥🔥💯 हमारे पेज को फॉलो करें / सच को आवाज जनता के साथ 🙏मगही शेर अभिषेक रंजन🙏1
- नेपाल की तबाही के बीच CM सम्राट चौधरी का बड़ा बयान- “चिंता की कोई बात नहीं, हालात सामान्य”1
- नेपाल में जल प्रलय तिब्बत सीमा के रास्ते एक भयानक बाढ़ ले कर आया सोशल मीडिया में तरह तरह के दिल को दहला देने वाले वीडियो आ रहे हैं 10-15 दिन बाद कुछ और होगा सोशल मीडिया ये तबाही सिर्फ उनसे ताउम्र नहीं भूली जायेगी जिन्होंने आपनो को खो दिया। भगवान उनको इस दुख से लड़ने की शक्ति दे।1
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- नवगछिया के राघोपुर में अनियंत्रित होकर नाव पलटी राहत और बचाव कार्य जारी 22 मजदूर और बालू की बोरियां से भरी थी नाव पानी का बहाव तेज था जिससे नाव अनियंत्रित हुई अब रेस्क्यू कार्य जा रही है#explorenna1
- नाथनगर में नेशनल ऑप्टिकल का उद्घाटन, उचित कीमत पर मिलेंगे हर तरह के चश्मे भागलपुर जिले के नाथनगर स्थित पिपरपांती में नेशनल ऑप्टिकल का विधिवत उद्घाटन नगर निगम वार्ड संख्या-11 की पार्षद सविता देवी ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के अवसर पर स्थानीय लोगों एवं दुकान संचालकों ने पार्षद का स्वागत किया। नेशनल ऑप्टिकल के खुलने से अब नाथनगर और आसपास के लोगों को चश्मे के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं होगी। यहां उचित कीमत पर विभिन्न प्रकार के चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे। दुकान में ग्राहकों की जरूरत और पसंद के अनुसार अलग-अलग डिजाइन एवं रेंज के चश्मे उपलब्ध रहने की बात कही गई है। दुकान संचालक ने बताया कि ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता के चश्मे उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी जरूरत के अनुसार सेवा देने का प्रयास किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने भी नेशनल ऑप्टिकल के शुभारंभ पर खुशी जताई और इसे क्षेत्र के लिए उपयोगी पहल बताया।1
- Bhagalpur News | राघोपुर में गंगा की तेज धारा में पलटी मजदूरों से भरी नाव, वायरल हुआ हादसे का वीडियो भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत राघोपुर इलाके में बुधवार को गंगा नदी की तेज धारा में मजदूरों से भरी नाव पलटने की घटना सामने आई है। हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ताजा मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नाव पर तटबंध मरम्मत और कटावरोधी कार्य में लगे मजदूर सवार थे। जानकारी के मुताबिक, राघोपुर क्षेत्र में तटबंध टूटने के बाद उसे दुरुस्त करने का काम चल रहा था। इसी दौरान मजदूरों को लेकर जा रही नाव गंगा की तेज धारा की चपेट में आकर अनियंत्रित हो गई और पलट गई। नाव पर सवार कई मजदूरों ने नदी में छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक नाव पर 21 मजदूर सवार थे, जिनमें से 19 मजदूर सुरक्षित निकल आए हैं, जबकि 2 मजदूर अभी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए SDRF की टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में नाव पर सवार लोगों और लापता लोगों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी अपुष्ट संख्या या मौत की खबर को आधिकारिक पुष्टि के बिना साझा करने से बचना चाहिए। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में फिलहाल दो लोगों के लापता होने और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहने की जानकारी प्रमुख रूप से सामने आई है। कैमरामैन के साथ, अमर भागलपुर1
- हरियाणा: हिसार में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के 20वें दिन हो गए हैं जिससे शहर में कई जगह कचरे के ढेर लग गए हैं. स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने JCB और डंप ट्रकों की मदद से सफाई अभियान शुरू किया. इस बीच, सब्जी मंडी चौक के पास प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने नारेबाजी की और कथित तौर पर पुलिस पर कचरा फेंका, जिसके बाद कुछ कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया. कर्मचारियों का कहना है कि मंत्री कृष्णा बेदी के साथ हुई वार्ता विफल रही और उनकी 14 मांगों में से एक भी पूरी नहीं हुई. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें अब भी केवल 7,000 रुपये मासिक वेतन मिल रहा है.1