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माँ विंध्यवासिनी और महादेव के आशीर्वाद से जुड़े ये पवित्र शब्द। जीवन में धर्म, कर्म और सत्य का महत्व समझें।
CHAIRMAN CRIME CONTROL
माँ विंध्यवासिनी और महादेव के आशीर्वाद से जुड़े ये पवित्र शब्द। जीवन में धर्म, कर्म और सत्य का महत्व समझें।
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- समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी ने ब्राह्मण समाज की तुलना वैश्याओं से करते हुए विवादित बयान दिया है। उनके इस बयान पर देशभर में सियासी हंगामा मच गया है, जिससे चुनावों से पहले ब्राह्मणों को साधने की सपा की कोशिशों को झटका लग सकता है।1
- भदोही में एक शख्स को पुलिस द्वारा ले जाते हुए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रही व्यक्ति की हालत और पुलिस के तरीके को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- भदोही के जंगीगंज बाजार में आए दिन लगने वाले जाम से लोग बुरी तरह परेशान हैं। यातायात पुलिस के अभियान और सख्ती के बावजूद लोग मनमाने ढंग से गाड़ियां खड़ी करते हैं, जिससे समस्या बनी रहती है।1
- प्रयागराज में एक नई जोड़ी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इस जोड़ी पर अपनी राय कमेंट्स के ज़रिए साझा कर रहे हैं।1
- सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का चौंकाने वाला निधन हो गया है। शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के बावजूद वे मानसिक तौर पर बेहद परेशान थे और हाल ही में अपनी पत्नी अपर्णा से अलग होने की बात कही थी। इस अप्रत्याशित घटना के बाद उनकी पत्नी अपर्णा यादव की कोठी के बाहर मीडिया की भारी भीड़ जुट गई।1
- वाराणसी के जगतपुर में शंकराचार्य के कार्यक्रम के दौरान मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से कई लोग घायल हुए और शंकराचार्य को भी अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर जाना पड़ा।1
- उत्तर प्रदेश के विंध्याचल में अवैध खनन माफिया बेखौफ होकर सक्रिय है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि खनन माफिया को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है, जिससे राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है और लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। प्रशासन की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश में छोटे भाई के आकस्मिक निधन के बाद अखिलेश यादव पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। उनके अचानक हुए निधन से परिवार और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है।1
- उत्तर प्रदेश के शंकरगढ़ में एक व्यापारी ने प्रधानमंत्री PMFME योजना के तहत लाखों की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ₹8.5 लाख का लोन स्वीकृत होने के बावजूद उन्हें सिर्फ ₹3.2 लाख ही मिले। व्यापारी ने संबंधित अधिकारियों और बैंक पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।1