UGC कानून ऐसा बने कि किसी के बच्चों के साथ कभी प्रताड़ना न हो – एससी-एसटी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा सतना। एससी, एसटी एवं ओबीसी संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में रविवार को सतना जिले के सेमरिया चौक से एक विशाल रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे UGC कानून तथा मध्यप्रदेश में होल्ड किए गए 13 प्रतिशत आरक्षण को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। रैली उपरांत राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगें रखी गईं। संयुक्त मोर्चा ने ज्ञापन में मांग की कि ऐसा सख्त UGC कानून बनाया जाए, जिसमें यदि किसी भी विद्यार्थी के साथ प्रताड़ना की जाती है तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि यह एक नजीर बने और भविष्य में कोई भी बच्चों को प्रताड़ित करने से पहले सौ बार सोचे। दूसरी प्रमुख मांग मध्यप्रदेश में होल्ड किए गए 13 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को तत्काल लागू करने की रही। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से नियुक्त वकीलों की अनुपस्थिति सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है और यह स्पष्ट संकेत देती है कि सरकार ओबीसी वर्ग को आरक्षण देना नहीं चाहती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले समय में इससे भी बड़े आंदोलन एवं जेल भरो आंदोलन किए जाएंगे। तीसरी मांग में कहा गया कि UGC कानून का विरोध कर रहे कुछ तथाकथित सवर्ण तत्वों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ एससी, एसटी एवं ओबीसी समाज के लोगों के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया है। ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। रैली में बड़ी संख्या में एससी, एसटी और ओबीसी समाज के लोग उपस्थित रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को मजबूती से रखा।
UGC कानून ऐसा बने कि किसी के बच्चों के साथ कभी प्रताड़ना न हो – एससी-एसटी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा सतना। एससी, एसटी एवं ओबीसी संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में रविवार को सतना जिले के सेमरिया चौक से एक विशाल रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे UGC कानून तथा मध्यप्रदेश में होल्ड किए गए 13 प्रतिशत आरक्षण को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। रैली उपरांत राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगें रखी गईं। संयुक्त मोर्चा ने ज्ञापन में मांग की कि ऐसा सख्त UGC कानून बनाया जाए, जिसमें यदि किसी भी विद्यार्थी के साथ प्रताड़ना की जाती है तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि यह एक नजीर बने और भविष्य में कोई भी बच्चों को प्रताड़ित करने से पहले सौ बार सोचे। दूसरी प्रमुख मांग मध्यप्रदेश में होल्ड किए गए 13 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को तत्काल लागू करने की रही। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से नियुक्त वकीलों की अनुपस्थिति सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है और यह स्पष्ट संकेत देती है कि सरकार ओबीसी वर्ग को आरक्षण देना नहीं चाहती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले समय में इससे भी बड़े आंदोलन एवं जेल भरो आंदोलन किए जाएंगे। तीसरी मांग में कहा गया कि UGC कानून का विरोध कर रहे कुछ तथाकथित सवर्ण तत्वों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ एससी, एसटी एवं ओबीसी समाज के लोगों के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया है। ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। रैली में बड़ी संख्या में एससी, एसटी और ओबीसी समाज के लोग उपस्थित रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को मजबूती से रखा।
- झाड़ियों में दफन सरकारी सिस्टम! मसौली में ‘इंडिया मार्का’ हैंडपंप बना शोपीस मसौली (बाराबंकी)। बड़ागांव में ग्रामीणों को शुद्ध पानी देने के लिए लगाया गया सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप आज बदहाली का प्रतीक बन चुका है। हैंडपंप के चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं, नीचे कूड़ा-कचरा फैला है और मशीन जंग खाकर बेकार हो चुकी है। महीनों से हैंडपंप खराब पड़ा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नजर अब तक नहीं पड़ी। ग्रामीण रामनिवास ने बताया, “पिछले कई महीनों से हैंडपंप से पानी नहीं निकल रहा है। कई बार ग्राम पंचायत में शिकायत की, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में दूर से पानी लाना पड़ता है।” वहीं सीताराम का कहना है, “सरकार गांव-गांव पानी पहुंचाने की बात करती है, लेकिन यहां हैंडपंप झाड़ियों में दबा पड़ा है। सफाई तक नहीं कराई गई, बच्चे और महिलाएं परेशान हैं।” ग्रामीण महिला सुनीता देवी बोलीं, “हैंडपंप खराब होने से रोज पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। कई बार घंटों लाइन लगती है। अगर जल्दी ठीक नहीं हुआ तो हालात और बिगड़ेंगे।” ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में यह हैंडपंप आज भी “चालू” दिखाया जा रहा है, जबकि हकीकत में यह महीनों से बंद पड़ा है। जल जीवन मिशन और पेयजल योजनाओं की जमीनी सच्चाई इस तस्वीर में साफ नजर आ रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि हैंडपंप की तत्काल मरम्मत, आसपास की सफाई व्यवस्था और लापरवाह जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, ताकि गांव के लोगों को साफ पानी मिल सके।1
- लखनऊ: काकोरी में जमीन विवाद बना क्रूरता की वजह, बुजुर्ग मां के साथ मारपीट लखनऊ के काकोरी क्षेत्र के ग्राम खालिसपुर में ज़मीनी विवाद ने एक बेहद दर्दनाक रूप ले लिया। आरोप है कि बेटे और बहू ने अपनी ही बुजुर्ग मां के साथ बेरहमी से मारपीट की। पीड़ित वृद्धा ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि जमीन को लेकर पहले भी परिवार में तनाव था, लेकिन बात इतनी बढ़ जाएगी, इसका उन्हें अंदाजा नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ गाली-गलौज के साथ-साथ शारीरिक हिंसा भी की गई। मामला काकोरी कोतवाली क्षेत्र का है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संपत्ति विवाद के कारण परिवारों में अक्सर झगड़े हो रहे हैं, लेकिन बुजुर्ग के साथ इस तरह की बर्बरता बेहद निंदनीय है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और मेडिकल परीक्षण के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by शहनवाज असलम1
- खतरनाक मांझे के खिलाफ पुलिस का ड्रोन सर्च ऑपरेशन, पतंगबाजों पर शिकंजा लखनऊ में खतरनाक मांझे पर लगाम लगाने के लिए डीसीपी वेस्ट विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देश पर ड्रोन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। एसीपी चौक राजकुमार सिंह और ठाकुरगंज इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह पुलिस टीम के साथ रूमी गेट चौकी से ड्रोन उड़ाकर आसपास के इलाकों की छतों पर सर्च किया गया। मॉनिटरिंग में बड़ी संख्या में लोग पतंगबाजी करते नजर आए, जिन्हें चिन्हित कर तलब किया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि खतरनाक मांझा पाया गया तो सख्त कार्रवाई होगी। वहीं, बाजारखाला पुलिस ने आज दो पतंगबाजों को खतरनाक मांझे के साथ गिरफ्तार किया है। डीसीपी वेस्ट ने बताया कि ड्रोन के जरिए निगरानी बढ़ाकर मांझे पर प्रभावी रोक लगाई जाएगी।3
- लखनऊ केजीएमयू परिसर में बनी अवैध मजारों पर प्रशासन की सख्ती 15 दिन की मियाद खत्म होने के बाद दूसरा नोटिस चस्पा केजीएमयू प्रशासन ने 5 मजारों पर नोटिस लगाया नोटिस में 28 फरवरी तक जवाब देने का निर्देश1
- एंकर/ वी ओ लखनऊ में आज भारतीय जनता पार्टी व्यापार प्रकोष्ठ महानगर के द्वारा विश्वसरैया हाल में कराया गया व्यापारी सम्मेलन का आयोजन जिसमें बजट 2026 से 2027 क्यों लेकर हुई चर्चा । इस परिचर्चा में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मा० प्रदेश उपाध्यक्ष,विधायक नोएडा पंकज सिंह सहित कई गणमन लोग मौजूद रहे। वही अभी केंद्र द्वारा बजट की घोषणा की गई थी उसको लेकर चर्चा की गई वही इस अवसर पर व्यापारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम में जो केंद्र द्वारा बजट प्रस्तुत किया गया था उसी को लेकर आज चर्चा हुई वहीं व्यापारियों ने बताया कि जो केंद्र का बजट प्रस्तुत किया गया है उसमें सेवा के लिए व्यापारियों के लिए साथी महिलाओं के लिए बहुत कुछ दिया गया है। लेकिन वही सम्मेलन में पहुंचे कई व्यापारियों ने केंद्र के बजट को एक झुन्झना बताते हुए उसका विरोध किया है। बाइट उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बाइट पंकज सिंह विधायक नोएडा। बाइट गीता गुप्ता महिला प्रकोष्ठ1
- रहीमाबाद में बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी जमीन विवाद में महिला को मारने के लिए निकाली बंदूक पुलिस ने पीड़ित महिला के बेटे को थाने में बैठा लिया दबंग की शिकायत पर पुलिस ने पीड़िता के बेटे को उठाया वीडियो में दबंग बंदूक दिखाकर धमकाता दिख रहा है पीड़िता का डाला गया लिंटर दबंगों ने जबरन गिराया रहीमाबाद थाने के कमालुद्दीन नगर का है मामला1
- 'मैं इसका नाना लगता हूं, बोलकर हंस पड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ!1
- लखनऊ: SIR पर वोट कटवाने की कोशिश पर सपा ने कड़ा कदम उठाया। कार्यकर्ताओं ने सही वोट बचाए और चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई। लोकतंत्र में सतर्क रहना जरूरी! 🗳️1