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Omkar Verma
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- Post by Omkar Verma1
- बाराबंकी बड़ेल चौराहा के पास लगा लंबा जाम3
- सरकारी तालाब पर खुला कब्जा, प्रशासन बेखबर मसौली बाजार मार्ग पर जलाशय का अस्तित्व मिटाने की साजिश मसौली/बाराबंकी। बाराबंकी जनपद के मसौली विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत मसौली बाजार जाने वाले मार्ग के किनारे स्थित सरकारी तालाब की जमीन पर खुलेआम अवैध कब्जा किया जा रहा है। दबंगों द्वारा तालाब की मेड़ को पाटकर मिट्टी भराई की जा रही है, जिससे वर्षों पुराना जलाशय धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब पर हो रहे कब्जे की कई बार राजस्व विभाग व ग्राम प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरणी नींद में सोए रहे। कार्रवाई न होने से कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं और रोज़ रात तालाब की जमीन पर अवैध भराव किया जा रहा है। ग्रामीणों के नाम के साथ बयान रामलाल वर्मा (स्थानीय निवासी) ने कहा— “यह तालाब पूरे गांव का बरसाती पानी रोकता है। इसे पाट दिया गया तो आने वाले समय में गांव में पानी भर जाएगा, खेत डूबेंगे और रास्ते बंद हो जाएंगे।” शिवम तिवारी (किसान) ने बताया— “हम लोगों ने लेखपाल और तहसील में कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कब्जा करने वालों को जैसे खुली छूट दे दी गई है।” गुड़िया देवी (गृहणी) का दर्द छलका— “बरसात में यही तालाब गांव को बचाता है। अगर इसे खत्म कर दिया गया तो हमारे घरों में पानी घुस जाएगा। प्रशासन समय रहते नहीं चेता तो हम सड़क पर उतरेंगे।” पर्यावरण और जल-संकट दोनों पर खतरा तालाब जैसे पारंपरिक जलाशय क्षेत्र के लिए जीवनरेखा होते हैं। इनके खत्म होने से भू-जल स्तर गिरता है, गर्मी में पानी की किल्लत बढ़ती है और बरसात में जलभराव की समस्या विकराल हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब पाटे जाने से पूरे मसौली क्षेत्र में आने वाले समय में जल संकट गहराएगा। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद राजस्व विभाग की चुप्पी संदेह के घेरे में है। यदि जल्द ही तालाब को कब्जामुक्त नहीं कराया गया तो ग्रामीण तहसील पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि— तालाब की तत्काल पैमाइश कर सीमांकन कराया जाए, अवैध कब्जे फौरन हटवाए जाएं, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, और तालाब का संरक्षण व पुनर्जीवन कराया जाए2
- कैसरगंज तहसील क्षेत्र निवासी हत्या के मामले में निरुद्ध बंदी बिगड़ी तबीयत , इलाज के दौरान हुई मौत बहराइच ..जिला कारगार में हत्या के मामले में निरुद्ध एक बंदी की अचानक तबियत खराब हो गई । जेल में तैनात चिकित्सक की ओर से प्राथमिक उपचार के बाद इलाज के लिए जिला अस्पताल में भेजा गया , जहां पर उनकी मौत हो गई शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ।जरवल थाना क्षेत्र का रहने वाला अयूब उर्फ मैकु उम्र 70 वर्ष 1996 में इलाके में हुई हत्या के मामले आरोपी था । न्यायालय में दोष सिद्ध होने के बाद वो जिला कारगार में निरुद्ध था अचानक चक्कर आने के बाद वो बेहोश हो गया , कारागार के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल भेजा गया इस दौरान उसकी मौत हो गई ।1
- रवि रावत की रिपोर्ट लोकेशन फतेहपुर *मोहम्मदपुर खाला की महिला प्रधान का पुलिस पर गंभीर आरोप जांच के बहाने घर से जेवर-मोबाइल चोरी का आरोप, SP को शिकायत* बाराबंकी के मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र की एक महिला ग्राम प्रधान ने बेलहरा चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र भेजकर जांच के बहाने घर से कीमती जेवरात और मोबाइल फोन गायब करने का आरोप लगाया है। महिला प्रधान ने मामले में दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। महिला ग्राम प्रधान फतेहपुर क्षेत्र के एक गांव की निर्वाचित प्रधान हैं। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी 2025 की रात वह अपने घर पर छोटी पुत्री और पुत्र के साथ अकेली थीं, क्योंकि उनके पति बाहर गए हुए थे। रात करीब 12:30 बजे उनके घर में चोरी की घटना हुई, जिसमें चोर जेवरात, मोबाइल फोन सहित अन्य सामान उठा ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने डायल 112 पर सूचना दी। सूचना के बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। महिला का आरोप है कि उस समय पुलिसकर्मी कथित तौर पर नशे की हालत में थे और उन्होंने उसे तथा उसकी पुत्री को छत पर खड़ा कर दिया। महिला द्वारा पुलिस अधीक्षक को भेजे गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि जांच के नाम पर घर की अलमारी की चाबी से ताला खोला गया और सामान बिखेर दिया गया। इसके बाद पुलिसकर्मी चाबी अपने साथ ले गए। कुछ दिन बाद जब पति घर लौटे और अलमारी की चाबी मांगी गई, तब अलमारी खोलकर देखा गया। इस दौरान अलमारी से सोने के बाले, नथ और एक मोबाइल फोन गायब पाए गए। महिला का आरोप है कि जब इस संबंध में चौकी स्तर पर शिकायत की गई तो उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।1
- जनपद बाराबंकी पत्रकार के साथ मारपीट पुलिस अधीक्षक से शिकायत1
- दीपक सिंह सरल1