मझिआंव के पत्रकारिता जगत के वरिष्ठ और सम्मानित पत्रकार विनय कुमार शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय कोयल नदी के तट पर पूरे विधि-विधान एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके बड़े पुत्र ने मुखाग्नि दी। इस अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग शामिल हुए। विनय कुमार अपने सरल स्वभाव, निष्पक्ष पत्रकारिता और समाज के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पत्रकारिता जगत सहित सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में शोक की भावना फैल गई। उनके आकस्मिक निधन पर मझिआंव प्रेस क्लब कार्यालय में एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जहां उपस्थित लोगों ने विनय कुमार के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की। शोक सभा में नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा देवी और युवा समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि कृपाल सिंह ने विनय कुमार को एक मिलनसार, मृदुभाषी और ईमानदार व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि विनय कुमार ने पत्रकारिता के माध्यम से समाज की समस्याओं को हमेशा निष्पक्षता और साहस के साथ उठाया और वे आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणास्रोत थे। प्रेस क्लब अध्यक्ष सत्यम जायसवाल ने उनके निधन को न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज और पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि विनय कुमार ने अपने कार्यकाल में पत्रकारिता की गरिमा को हमेशा बनाए रखा और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन किया। इस अवसर पर नगर पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि पिंटू विश्वकर्मा, युवा समाजसेवी संजय कमलापुरी, वार्ड पार्षद पिंटू खान, मुखिया शंभु पासवान, दिलीप सिंह, मनोज्ञ कुमार दुबे, अखिलेश्वर ठाकुर, उपेंद्र कुमार वर्मा, अनूप सिंह, अमित कुमार मेहता, सूर्यप्रकाश मेहता, ब्रजेश दुबे, मुकेश शर्मा सहित कई पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी उपस्थित लोगों ने नम आंखों से दिवंगत पत्रकार विनय कुमार को अंतिम विदाई दी और उनके योगदान को सदैव याद रखने की बात कही।
मझिआंव के पत्रकारिता जगत के वरिष्ठ और सम्मानित पत्रकार विनय कुमार शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय कोयल नदी के तट पर पूरे विधि-विधान एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके बड़े पुत्र ने मुखाग्नि दी। इस अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग शामिल हुए। विनय कुमार अपने सरल स्वभाव, निष्पक्ष पत्रकारिता और समाज के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पत्रकारिता जगत सहित सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में शोक की भावना फैल गई। उनके आकस्मिक निधन पर मझिआंव प्रेस क्लब कार्यालय में एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जहां उपस्थित लोगों ने विनय कुमार के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की। शोक सभा में नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा देवी और युवा समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि कृपाल सिंह ने विनय कुमार को एक मिलनसार, मृदुभाषी और ईमानदार व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि विनय कुमार ने पत्रकारिता के माध्यम से समाज की समस्याओं को हमेशा निष्पक्षता और साहस के साथ उठाया और वे आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणास्रोत थे। प्रेस क्लब अध्यक्ष सत्यम जायसवाल ने उनके निधन को न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज और पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि विनय कुमार ने अपने कार्यकाल में पत्रकारिता की गरिमा को हमेशा बनाए रखा और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन किया। इस अवसर पर नगर पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि पिंटू विश्वकर्मा, युवा समाजसेवी संजय कमलापुरी, वार्ड पार्षद पिंटू खान, मुखिया शंभु पासवान, दिलीप सिंह, मनोज्ञ कुमार दुबे, अखिलेश्वर ठाकुर, उपेंद्र कुमार वर्मा, अनूप सिंह, अमित कुमार मेहता, सूर्यप्रकाश मेहता, ब्रजेश दुबे, मुकेश शर्मा सहित कई पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी उपस्थित लोगों ने नम आंखों से दिवंगत पत्रकार विनय कुमार को अंतिम विदाई दी और उनके योगदान को सदैव याद रखने की बात कही।
- झारखंड की चर्चित आदिवासी अभिनेत्री जोशना केरकेट्टा के एक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान निशा भगत का नाम लेते हुए कई मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की, जिसके बाद यह चर्चा ज़ोर पकड़ गई है। जोशना केरकेट्टा के इस बयान के बाद विभिन्न वर्गों में लगातार बहस और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है, जिससे यह मामला राज्य में चर्चा का विषय बन गया है।1
- डीएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में चलाए गए एक ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। इस सफल अभियान के परिणामस्वरूप, 29 विभिन्न मामलों में आरोपी रामदेव उरांव ने आत्मसमर्पण कर दिया है।1
- चौपारण समाचार के मुताबिक, झारखंड राज्य में अगले 48 घंटे 'भारी' रहने की संभावना है। इस अवधि के दौरान, लोगों से अपने-अपने जिले का हाल जानने का आग्रह किया गया है।1
- भारत को 'आदिवासी राष्ट्र' घोषित करने की एक सशक्त मांग उठाई गई है। इस मांग के पीछे तर्क दिया गया है कि आदिवासी समुदाय का अस्तित्व डायनासोर के समय से भी पहले का है, जो उनकी प्राचीनता और इस भूमि से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अब समय आ गया है कि आदिवासियों को उनका उचित सम्मान मिले, और इसी क्रम में भारत को आदिवासी राष्ट्र घोषित किया जाना चाहिए।1
- बांग्लादेश में 'ट्रंप' नाम से मशहूर एक विशालकाय भैंसा इन दिनों राष्ट्रीय और स्थानीय मीडिया में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। बकरीद के अवसर पर इस भैंसे की कुर्बानी की तैयारी की खबरें सामने आने के बाद यह मामला तेजी से वायरल हो गया। अपनी असाधारण ऊंचाई, वजन और खास पहचान के कारण 'ट्रंप' भैंसे को देखने के लिए लोग दूर-दूर से पहुँच रहे थे। इस भैंसे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों बार देखे गए, जिसके बाद यह पूरे देश में बहस का विषय बन गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले ने इतना तूल पकड़ा कि प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ। इसके परिणामस्वरूप, अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और कथित तौर पर 'ट्रंप' भैंसे की कुर्बानी की प्रक्रिया को रोक दिया गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद लोगों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। कुछ लोग इसे एक सांस्कृतिक और भावनात्मक मुद्दा मान रहे हैं, वहीं कई अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस फैसले को लेकर तीखी बहस में लगे हुए हैं। फिलहाल 'ट्रंप' भैंसा सुरक्षित बताया जा रहा है और यह पूरा मामला अभी भी क्षेत्र में गरमागरम चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- PLFI के स्टेट चीफ अमृत होरो को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था।1
- झारखंड की राजधानी रांची के कोकर क्षेत्र से 18 माह की मासूम अदिति पांडे के लापता होने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर घटना के संबंध में, डुमरी के विधायक जयराम महतो और जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान, दोनों नेताओं ने रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक से फोन पर बातचीत की। उन्होंने मामले की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों से इस संबंध में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की। विधायक जयराम महतो ने प्रशासन को सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि अगले दो दिनों के भीतर इस मामले में कोई संतोषजनक खुलासा या कार्रवाई नहीं होती है, तो उनकी पार्टी एक बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होगी। देवेंद्र नाथ महतो ने भी इस बात पर जोर दिया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो पूरे रांची को बंद करने का आह्वान भी किया जा सकता है, ताकि बच्ची को न्याय मिल सके।1
- मंझियाओं के एक वरिष्ठ पत्रकार पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। उनके निधन के उपरांत, प्रेस क्लब द्वारा एक शोक सभा का आयोजन किया गया।1