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9 घंटे 50 मिनट में समंदर पार, 7 साल के बच्चे ने किया कमाल 9 घंटे 50 मिनट में समंदर पार, 7 साल के बच्चे ने किया कमाल
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9 घंटे 50 मिनट में समंदर पार, 7 साल के बच्चे ने किया कमाल 9 घंटे 50 मिनट में समंदर पार, 7 साल के बच्चे ने किया कमाल
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- Post by AiMAMEDIA1
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- सांसद पीयूष गोयल ने उत्तर मुंबई के मागाठाणे में 'जन संवाद' कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों से सीधा संवाद किया। क्या हुआ खास? करीब 100 नागरिकों की शिकायतों और सुझावों पर हुई विस्तार से चर्चा। BMC, SRA, म्हाडा और पुलिस अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश। बिना भेदभाव हर नागरिक को न्याय दिलाने का लिया गया संकल्प। प्रवीण दरेकर जी के आयोजन में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर मुंबई को समस्याओं से मुक्त कर एक उज्जवल भविष्य की ओर ले जाना है।1
- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री **देवेंद्र फडणवीस** ने राज्य में भाषा और संस्कृति को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में रहने वालों के लिए स्थानीय भाषा का सम्मान और उसे सीखना आवश्यक है, लेकिन इसके नाम पर कानून हाथ में लेना गलत है। ### **मुख्य बातें:** * **मराठी भाषा का महत्व:** मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों को **मराठी भाषा** सीखनी चाहिए। यह यहाँ की संस्कृति से जुड़ने और स्थानीय संवाद के लिए आवश्यक है। * **हिंसा पर कड़ा रुख:** उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि भाषा के मुद्दे पर किसी भी तरह की **हिंसा या तोड़फोड़** को स्वीकार नहीं किया जाएगा। * **कानून व्यवस्था:** फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सरकार भाषाई गौरव का समर्थन करती है, लेकिन नागरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। > "मराठी सीखना और उसका सम्मान करना अच्छी बात है, लेकिन इसके लिए हिंसा का सहारा लेना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।" — **देवेंद्र फडणवीस** > यह बयान राज्य में भाषाई पहचान को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।1
- Post by News24mumbai1
- अकोला जिला परिषद के कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि भूमि नीलामी प्रक्रिया में इस वर्ष अभूतपूर्व सफलता दर्ज की गई है। जिला परिषद को इस नीलामी के माध्यम से कुल 58.53 लाख रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि बाळापुर तहसील के हाता गांव स्थित 155 एकड़ कृषि भूमि तथा निंबी मालोकार स्थित 35 एकड़ कृषि भूमि की सफल नीलामी के संयुक्त परिणामस्वरूप संभव हो सकी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाता गांव में स्थित विद्या मंदिर फार्म की 155 एकड़ कृषि भूमि की सार्वजनिक नीलामी अकोला शहर के सिविल लाइन परिसर स्थित संविधान सभागृह में संपन्न हुई। इस नीलामी में बड़ी संख्या में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रतिस्पर्धात्मक बोली लगाई, जिससे नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। हाता भूमि नीलामी से जिला परिषद को 54.14 लाख रुपये का बड़ा राजस्व प्राप्त हुआ। इसके बाद निंबी मालोकार क्षेत्र की 35 एकड़ कृषि भूमि की नीलामी से 4.39 लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई। इन दोनों नीलामियों के माध्यम से कुल राजस्व 58.53 लाख रुपये तक पहुंच गया, जिसे जिला परिषद के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष बात यह है कि बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष जिला परिषद के राजस्व में बड़ी छलांग देखने को मिली है। अधिकारियों के अनुसार, इस सफलता के पीछे पारदर्शक नीलामी व्यवस्था, काटेकोर नियोजन और स्पर्धात्मक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नीलामी प्रक्रिया में किसानों की बढ़ती भागीदारी तथा प्रशासन के प्रति विश्वास ने इस मॉडल को एक आदर्श उदाहरण बना दिया है। जिला परिषद प्रशासन का मानना है कि कृषि भूमि नीलामी को लेकर अपनाई गई रणनीति और नियोजन से न केवल जिला परिषद की आय में वृद्धि हुई, बल्कि किसानों को भी प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से अवसर मिला। यह प्रक्रिया आगामी वर्षों में भी इसी प्रकार जारी रखी जाएगी, ताकि जिला परिषद के आर्थिक स्रोतों को और अधिक मजबूत किया जा सके। यह संपूर्ण नीलामी प्रक्रिया जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिता मेश्राम तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी दिगंबर लोखंडे के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। नीलामी कार्य का संचालन कृषि विकास अधिकारी डॉ. तुषार जाधव एवं जिला कृषि अधिकारी सुनंदा दळवी के नेतृत्व में अत्यंत अनुशासित एवं पारदर्शी तरीके से किया गया। इस अवसर पर मुख्य लेखाधिकारी प्रतिनिधि दिगंबर जाधव, सहायक लेखाधिकारी अनिल अंभोरे, कनिष्ठ सहायक विकास नागरे, ग्रामपंचायत अधिकारी संजय गवळी, पंकज जगताप सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही कार्यक्रम में पत्रकार कमलपुत्र शिरसाट की भी उपस्थिति रही। जिला परिषद की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से यह संकेत दिया गया है कि भविष्य में भी इसी प्रकार की पारदर्शी और स्पर्धात्मक नीलामी प्रक्रिया अपनाकर जिला परिषद के राजस्व स्रोतों में वृद्धि की जाएगी।1
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