सामाजिक कुरीति दहेज प्रथा के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाने वाले संगठन 'दहेज मुक्त झारखंड' ने हाल ही में अपने संगठन का विस्तार करते हुए कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सिंधु मिश्रा ने गुमला जिले के मोहम्मद अशफाक आलम को गुमला जिला अध्यक्ष, लातेहार जिले के महुआडांड़ की रफत जहां को महुआडांड़ प्रखंड अध्यक्ष, तथा गारू प्रखंड के रामदयाल यादव को गारू प्रखंड अध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया है। इन नियुक्तियों की घोषणा के बाद संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और सामाजिक लोगों में खुशी का माहौल है, और नवमनोनीत पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए दहेज प्रथा के खिलाफ गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सिंधु मिश्रा ने इस अवसर पर जोर देकर कहा कि दहेज प्रथा समाज के लिए एक अभिशाप है, जिसे समाप्त करने के लिए संगठन लगातार जनजागरण अभियान चला रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मोहम्मद अशफाक आलम, रफत जहां और रामदयाल यादव जैसे सक्रिय और समाजसेवी लोगों को जिम्मेदारी दिए जाने से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी, जिससे दहेज मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में उनका अभियान और अधिक प्रभावी होगा। नवनियुक्त गुमला जिला अध्यक्ष मोहम्मद अशफाक आलम ने संगठन द्वारा उन पर जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे जिले के सभी प्रखंडों में संगठन को मजबूत बनाते हुए युवाओं, अभिभावकों और समाज के प्रबुद्ध लोगों को दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूक करेंगे। वहीं, महुआडांड़ प्रखंड अध्यक्ष रफत जहां ने कहा कि दहेज जैसी कुरीति महिलाओं के सम्मान और अधिकारों पर चोट करती है, और वे महिलाओं व युवतियों को जागरूक करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार कार्य करेंगी। गारू प्रखंड अध्यक्ष रामदयाल यादव ने दहेज प्रथा के कारण परिवारों को होने वाली आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि संगठन के माध्यम से लोगों को दहेज मुक्त विवाह के लिए प्रेरित किया जाएगा और सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश अल्पसंख्यक उपाध्यक्ष बबलू खान और लातेहार जिला अध्यक्ष अधिवक्ता अस्मिता एक्का ने भी सभी नवमनोनीत पदाधिकारियों को बधाई दी। बबलू खान ने विश्वास जताया कि नई टीम संगठन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जबकि अस्मिता एक्का ने उम्मीद जताई कि सभी पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में दहेज उन्मूलन अभियान को नई गति देंगे और समाज को सकारात्मक संदेश देंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया है कि आने वाले दिनों में दहेज मुक्त झारखंड द्वारा विभिन्न जिलों और प्रखंडों में जागरूकता कार्यक्रम, संगोष्ठियां तथा दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
सामाजिक कुरीति दहेज प्रथा के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाने वाले संगठन 'दहेज मुक्त झारखंड' ने हाल ही में अपने संगठन का विस्तार करते हुए कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सिंधु मिश्रा ने गुमला जिले के मोहम्मद अशफाक आलम को गुमला जिला अध्यक्ष, लातेहार जिले के महुआडांड़ की रफत जहां को महुआडांड़ प्रखंड अध्यक्ष, तथा गारू प्रखंड के रामदयाल यादव को गारू प्रखंड अध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया है। इन नियुक्तियों की घोषणा के बाद संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और सामाजिक लोगों में खुशी का माहौल है, और नवमनोनीत पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए दहेज प्रथा के खिलाफ गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सिंधु मिश्रा ने इस अवसर पर जोर देकर कहा कि दहेज प्रथा समाज के लिए एक अभिशाप है, जिसे समाप्त करने के लिए संगठन लगातार जनजागरण अभियान चला रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मोहम्मद अशफाक आलम, रफत जहां और रामदयाल यादव जैसे सक्रिय और समाजसेवी लोगों को जिम्मेदारी दिए जाने से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी, जिससे दहेज मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में उनका अभियान और अधिक प्रभावी होगा। नवनियुक्त गुमला जिला अध्यक्ष मोहम्मद अशफाक आलम ने संगठन द्वारा उन पर जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे जिले के सभी प्रखंडों में संगठन को मजबूत बनाते हुए युवाओं, अभिभावकों और समाज के प्रबुद्ध लोगों को दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूक करेंगे। वहीं, महुआडांड़ प्रखंड अध्यक्ष रफत जहां ने कहा कि दहेज जैसी कुरीति महिलाओं के सम्मान और अधिकारों पर चोट करती है, और वे महिलाओं व युवतियों को जागरूक करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार कार्य करेंगी। गारू प्रखंड अध्यक्ष रामदयाल यादव ने दहेज प्रथा के कारण परिवारों को होने वाली आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि संगठन के माध्यम से लोगों को दहेज मुक्त विवाह के लिए प्रेरित किया जाएगा और सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश अल्पसंख्यक उपाध्यक्ष बबलू खान और लातेहार जिला अध्यक्ष अधिवक्ता अस्मिता एक्का ने भी सभी नवमनोनीत पदाधिकारियों को बधाई दी। बबलू खान ने विश्वास जताया कि नई टीम संगठन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जबकि अस्मिता एक्का ने उम्मीद जताई कि सभी पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में दहेज उन्मूलन अभियान को नई गति देंगे और समाज को सकारात्मक संदेश देंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया है कि आने वाले दिनों में दहेज मुक्त झारखंड द्वारा विभिन्न जिलों और प्रखंडों में जागरूकता कार्यक्रम, संगोष्ठियां तथा दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
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- पूर्व नक्सली बालक खेरवार ने 'वनवासी' वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिकाल से ही वे आदिवासी समुदाय के लोग भगवान शिव, पार्वती और बजरंगबली के वंशज हैं। इसके साथ ही, खेरवार ने अपनी नक्सली जीवनी के बारे में भी बात की, जिसमें उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि नक्सली जंगल में किस प्रकार रहते थे।1
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- झारखंड के लोहरदगा जिले में ट्रेन सेवा का परिचालन शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम से संबंधित समाचार को अपलोड करने का प्रयास किया जा रहा है।1
- लातेहार में केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक की सड़क के जर्जर होने के कारण ग्रामीणों ने इसके तत्काल निर्माण की मांग तेज कर दी है। खराब सड़क से परेशान स्थानीय लोगों ने लातेहार के उपायुक्त को एक आवेदन सौंपकर जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई है और आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक जाने वाली यह सड़क लंबे समय से खराब हालत में है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते हैं। इस वजह से स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर धरातल पर काम अविलंब शुरू कराया जाए। इसी क्रम में, ग्रामीणों ने 29 मई 2026 को शांतिपूर्ण तरीके से उपस्थित होकर प्रशासन से इस अति आवश्यक कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की। उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश जारी करने की अपील की है, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा।4
- झारखंड के गुमला जिले में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच झड़प हो गई है। यह घटना जमीन से जुड़े विवाद के परिणामस्वरूप सामने आई है, जिसमें दो अलग-अलग समूह आपस में भिड़ गए।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में भारी वाहनों के चालक प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इन चालकों ने नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे थाना क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि सोशल पुलिसिंग के लाभ के बावजूद, भारी वाहन चालक भयमुक्त होकर नियमों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।1
- आदिवासी समाज ने दिल्ली में धर्मांतरण के मुद्दे पर अपनी आवाज़ बुलंद की है। समाज ने धर्मांतरण पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है, और इस संदर्भ में लोहरदगा का भी उल्लेख किया गया है।1