ग्राउंड रिपोर्ट: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के क्षेत्र शालीमार बाग में 'घर बचाओ आंदोलन' तेज़, बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर लोग नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने विधानसभा क्षेत्र, शालीमार बाग में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। शालीमार गांव के मैक्स हॉस्पिटल रोड (Max Hospital Road) और आसपास के इलाकों में 'घर बचाओ आंदोलन' के तहत सैकड़ों स्थानीय निवासी सड़कों पर हैं। विवाद की मुख्य जड़ सड़क चौड़ीकरण (Road Widening) परियोजना के तहत करीब 200 से 300 मकानों पर प्रशासन द्वारा लगाए गए 'पीले निशान' (Yellow Markings) हैं। क्या है पूरा मामला? लोक निर्माण विभाग (PWD) और एमसीडी (MCD) द्वारा शालीमार गांव और टीचर कॉलोनी के कई घरों को नोटिस दिए गए हैं, जिनमें इन निर्माणों को अवैध बताते हुए हटाने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे यहाँ पिछले 50 से 70 वर्षों से रह रहे हैं और उनके पास बिजली, पानी के वैध कनेक्शन भी हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। आंदोलन की मुख्य बातें: लगातार विरोध: मैक्स हॉस्पिटल रोड पर लोग कड़ाके की ठंड और अनिश्चितता के बीच धरने पर बैठे हैं। हाल ही में आंदोलनकारियों द्वारा क्रमिक उपवास (Relay Fast) भी शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री से नाराजगी: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री ने उनसे वोट माँगे थे, लेकिन आज जब उनके आशियाने पर खतरा है, तो सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। निवासियों का दावा है कि कई बार कोशिशों के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की है। विपक्ष का हमला: आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार बिना किसी ठोस पुनर्वास नीति (Rehabilitation Policy) के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बेघर करने पर उतारू है। जनता का सवाल: विकास या विनाश? आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं और युवाओं का एक ही सवाल है—"अगर हमारे सालों पुराने घर तोड़ दिए गए, तो हम कहाँ जाएंगे?" लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उन्हें बेघर करना कतई मंजूर नहीं है। क्या सरकार लेगी खबर? फिलहाल सरकार और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या राहत का आश्वासन नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार लिखित में उनके घरों को सुरक्षित रखने का आश्वासन नहीं देती, तब तक 'घर बचाओ आंदोलन' जारी रहेगा।
ग्राउंड रिपोर्ट: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के क्षेत्र शालीमार बाग में 'घर बचाओ आंदोलन' तेज़, बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर लोग नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने विधानसभा क्षेत्र, शालीमार बाग में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। शालीमार गांव के मैक्स हॉस्पिटल रोड (Max Hospital Road) और आसपास के इलाकों में 'घर बचाओ आंदोलन' के तहत सैकड़ों स्थानीय निवासी सड़कों पर हैं। विवाद की मुख्य जड़ सड़क चौड़ीकरण (Road Widening) परियोजना के तहत करीब 200 से 300 मकानों पर प्रशासन द्वारा लगाए गए 'पीले निशान' (Yellow Markings) हैं। क्या है पूरा मामला? लोक निर्माण विभाग (PWD) और एमसीडी (MCD) द्वारा शालीमार गांव और टीचर कॉलोनी के कई घरों को नोटिस दिए गए हैं, जिनमें इन निर्माणों को अवैध बताते हुए हटाने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे यहाँ पिछले 50 से 70 वर्षों से रह रहे हैं और उनके पास बिजली, पानी के वैध कनेक्शन भी हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। आंदोलन की मुख्य बातें: लगातार विरोध: मैक्स हॉस्पिटल रोड पर लोग कड़ाके की ठंड और अनिश्चितता के बीच धरने पर बैठे हैं। हाल ही में आंदोलनकारियों द्वारा क्रमिक उपवास (Relay Fast) भी शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री से नाराजगी: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री ने उनसे वोट माँगे थे, लेकिन आज जब उनके आशियाने पर खतरा है, तो सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। निवासियों का दावा है कि कई बार कोशिशों के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की है। विपक्ष का हमला: आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार बिना किसी ठोस पुनर्वास नीति (Rehabilitation Policy) के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बेघर करने पर उतारू है। जनता का सवाल: विकास या विनाश? आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं और युवाओं का एक ही सवाल है—"अगर हमारे सालों पुराने घर तोड़ दिए गए, तो हम कहाँ जाएंगे?" लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उन्हें बेघर करना कतई मंजूर नहीं है। क्या सरकार लेगी खबर? फिलहाल सरकार और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या राहत का आश्वासन नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार लिखित में उनके घरों को सुरक्षित रखने का आश्वासन नहीं देती, तब तक 'घर बचाओ आंदोलन' जारी रहेगा।
- yah Delhi jal board ka hai ismein logon ke yahan Pani nahin pahunch raha hai yahan Pani West ja raha hai yahan log nahate Hain gadiyan dhote Hain is tarah ke time per aap dekho Aakar to aapko sab kuchh dikhega1
- दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई। एक लड़के ने अजनबी लड़की को प्रपोज किया, लेकिन लड़की का गुस्सा देखकर वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर जमकर पिटाई कर दी। पुलिस ने तुरंत पहुंचकर लड़के को थाने ले जाकर कार्रवाई की। यह मामला दिल्ली के पॉश इलाके में लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है।1
- देश में LPG गैस सिलेंडर की कथित कमी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग गैस न मिलने की वजह से मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में चिंता और नाराज़गी दोनों देखने को मिल रही है। हालांकि अभी तक इस मामले पर सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अगर आपके इलाके में भी ऐसी स्थिति है, तो आप इस पर क्या सोचते हैं? अपनी राय जरूर कमेंट में बताएं।1
- Post by BHARAT TODAY NEWS1
- Post by RAHUL RAUHL1
- Post by TIME NEWS 9 INDIA1
- हरदोई/हरियावां थाना क्षेत्र के ग्राम बेलहिया निवासी विजय,आदि और ग्राम नेदुरा निवासी पंचायत मित्र बिनय छोटक्के पंडित आदि लोगों ने सरकारी नाली पर किया अवैध कब्जा,पहले धीरे धीरे काट ली सरकारी नाली की पटरी और अब बची हुई पटरी पर लगा दिए पेड़1
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- Post by TIME NEWS 9 INDIA1