उन्नाव की जनता से जुड़ा बड़ा सवाल… 📍 उन्नाव के नवाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के चमरौली स्थित इंडियन बैंक की शाखा में वर्षों से कार्यरत एक महिला कर्मचारी पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि खाता धारकों के साथ आए दिन अभद्र व्यवहार किया जाता है। ग्रामीण, बुजुर्ग और महिलाएं जब अपनी मेहनत की कमाई निकालने या खाते से संबंधित कार्य के लिए बैंक पहुंचते हैं, तो उन्हें सम्मान के बजाय तिरस्कार का सामना करना पड़ता है। सवाल बड़ा है… क्या बैंक में ग्राहक सम्मान केवल कागज़ों तक सीमित है? क्या उच्च अधिकारी इन शिकायतों से अनजान हैं या जानबूझकर चुप्पी साधे हुए हैं? आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है उस कर्मचारी को, जो वर्षों से एक ही शाखा में तैनात है और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही? और अब सबसे बड़ा सवाल — आखिर महिला कर्मचारी का अभी तक तबादला क्यों नहीं हुआ? क्या स्थानांतरण नीति केवल दिखावे के लिए है? क्या नियम आम कर्मचारियों पर लागू होते हैं और कुछ लोगों पर नहीं? ग्रामीणों का कहना है कि कई बार मौखिक शिकायत की गई, लेकिन परिणाम शून्य रहा। बैंक जैसे संस्थान, जहां आम जनता अपना विश्वास और पूंजी दोनों सौंपती है, वहां यदि व्यव
उन्नाव की जनता से जुड़ा बड़ा सवाल… 📍 उन्नाव के नवाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के चमरौली स्थित इंडियन बैंक की शाखा में वर्षों से कार्यरत एक महिला कर्मचारी पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि खाता धारकों के साथ आए दिन अभद्र व्यवहार किया जाता है। ग्रामीण, बुजुर्ग और महिलाएं जब अपनी मेहनत की कमाई निकालने या खाते से संबंधित कार्य के लिए बैंक पहुंचते हैं, तो उन्हें सम्मान के बजाय तिरस्कार का सामना करना पड़ता है। सवाल बड़ा है… क्या बैंक में ग्राहक सम्मान केवल कागज़ों तक सीमित है? क्या उच्च अधिकारी इन शिकायतों से अनजान हैं या जानबूझकर चुप्पी साधे हुए हैं? आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है उस कर्मचारी को, जो वर्षों से एक ही शाखा में तैनात है और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही? और अब सबसे बड़ा सवाल — आखिर महिला कर्मचारी का अभी तक तबादला क्यों नहीं हुआ? क्या स्थानांतरण नीति केवल दिखावे के लिए है? क्या नियम आम कर्मचारियों पर लागू होते हैं और कुछ लोगों पर नहीं? ग्रामीणों का कहना है कि कई बार मौखिक शिकायत की गई, लेकिन परिणाम शून्य रहा। बैंक जैसे संस्थान, जहां आम जनता अपना विश्वास और पूंजी दोनों सौंपती है, वहां यदि व्यव
- *➡️अनाथ बिटिया के कन्यादान में बना सहारा! श्री सेवार्थ फाउंडेशन ने निभाया मानवता का फर्ज़!...* *➡️जहाँ माँ-बाप नहीं, वहाँ सेवार्थ” — उन्नाव में सेवा का संकल्प बना बेटियों की ताकत!...* *➡️समाज सेवा का दमदार संदेश! अनाथ बेटी के विवाह में आगे आया श्री सेवार्थ फाउंडेशन!...* co-editor Shyam Ji Gupta 87389463331
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- आज जनपद उन्नाव शहर में लगा भीतर जम जम ने मचाया तहलका थाना दही क्षेत्रमौरंग डंपर के एक्सीडेंट के बाद लगा भीषण जामथाना दही से अचलगंज बाईपास उन्नाव के आगे गहरा तक लगा भीषण जाम1
- उन्नाव जनपद में समाज सेविका डॉ सुषमा सिंह ने गरीब और असहाय लोगों को कंबल व राहत खाद सामग्री की वितरित1
- कानपुर नगर, पनकी क्षेत्र स्थित नारायणा अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान 37 वर्षीय महिला की मौत से हड़कंप मच गया, मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात संभालते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। मूल रूप से शिवली क्षेत्र के मैथा गांव निवासी अतुल शुक्ला अपनी पत्नी नीलम शुक्ला के साथ 15 फरवरी को रिश्तेदारी में रूमईपुर गए थे, देर शाम घर लौटते समय रास्ते में उनकी बाइक फिसल गई, जिससे नीलम गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें उपचार के लिए पनकी स्थित नारायणा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने पैर के ऑपरेशन की बात कही, परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने ऑपरेशन का खर्च करीब 20 हजार रुपये बताया और 10 हजार रुपये अग्रिम जमा करा लिए। बुधवार शाम ऑपरेशन के दौरान अचानक महिला की मौत की सूचना दे दी गई, इसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान महिला को अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी जान चली गई, प्रबंधन ने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार करते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। पनकी थाना प्रभारी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया गया। मामले की जांच की जा रही है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी..??1
- Post by Anoop Nishad Kanpur1
- खबरों के अनुसार , डोरंडा में एक मर्सिडीज-बेंज कार ने एक बाइकर को टक्कर मार दी। जब घायल युवक ने मुआवजे की मांग की, जिसके बाद ग़ुस्साए चालक ने पीड़ित को कई किलोमीटर तक घसीटता रहा। सबसे चौंकाने वाली बात क्या है? युवक पूरी घटना के दौरान कार के बोनट से चिपका रहा और अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करता रहा, जबकि वाहन लगातार रफ्तार से भागता रहा। कार एक वकील चला रहा था - एक ऐसा व्यक्ति जिसका काम कानून का पालन करना होता है, न कि उसे रौंदना।1
- *➡️उन्नाव में सख्त एक्शन! होमगार्ड कार्यालय पर कमांडेंट का धावा, लापरवाही पर सीधी नजर!...* *➡️निरीक्षण से मचा हड़कंप! उन्नाव होमगार्ड दफ्तर में रिकॉर्ड की गहन जांच, उत्कृष्ट कार्य पर सम्मान!...* *➡️कमांडेंट का कड़ा संदेश! उन्नाव होमगार्ड में अनुशासन और पारदर्शिता पर जोरदार प्रहार!...* co-editor Shyam Ji Gupta 87389463331