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पर्ची लिखने की परंपरा पण्डोखर सरकार के दरबार से ही शुरू हुई है। अगर कोई इस विधा को चुनौती देता है, तो वह सन 2000 से पहले की अपनी कोई ऐसी तस्वीर दिखाए, जिसमें वह पर्चा लिखते हुए नजर आ रहा हो।
Surendra sharma
पर्ची लिखने की परंपरा पण्डोखर सरकार के दरबार से ही शुरू हुई है। अगर कोई इस विधा को चुनौती देता है, तो वह सन 2000 से पहले की अपनी कोई ऐसी तस्वीर दिखाए, जिसमें वह पर्चा लिखते हुए नजर आ रहा हो।
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- घर में सो रहे नेताजी को उठाया,फिर जुए के केस में करदी FIR दतिया/इंदरगढ़। वीडियो मे साफ देखा जा सकता है कि किस अबस्था मे भाजपा नेता सुरेंद्र चौहान को पुलिस ने रात को सोते समय घर से उठाया...फिर थाने ले जाकर करदी FIR... ये कहां तक न्यायसंगत है दरोगा जी...??? वीडियो में दिखाई दे रहा है कि रात के समय एक व्यक्ति को उसके घर/ठिकाने से बाहर लाया जाता है। वीडियो में संबंधित व्यक्ति पुलिस कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताता हुआ नजर आ रहा है और कथित तौर पर यह आरोप लगा रहा है कि उसे घर पर सोते समय उठाया गया तथा बाद में जुए के मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। ❓ उठ रहे गंभीर सवाल?? जुए के मामले में पुलिस के पास क्या साक्ष्य थे? यदि व्यक्ति के आरोप गलत हैं तो पुलिस का पक्ष क्या है? वीडियो ने पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता और कथित झूठे प्रकरण को लेकर कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं... हालांकि कल देर शाम पुलिस कप्तान दतिया ने लांच थाना प्रभारी खान को लाइन हाजिर कर दिया है....1
- कांग्रेस ने आदिवासियों को लेकर एस डी एम डबरा को दिया ज्ञापन1
- जनपद पंचायत के सदस्यों ने किया एसडीम कार्यालय में होनी वाली मीटिंग का बहिष्कार , सीईओ पर लगे भेदभाव करने के आरोप डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश जनपद पंचायत के सदस्यों ने किया एसडीम कार्यालय में होनी वाली मीटिंग का बहिष्कार डबरा जनपद पंचायत के 10 सदस्य आज एसडीएम द्वारा ली जा रही मीटिंग में नहीं पहुंचे , जिससे एसडीएम ने उन्हें बुलाकर चर्चा की । जनपद सदस्यों ने CEO पर आरोप लगाया है कि इनके द्वारा हमारे वार्डों में किसी भी प्रकार का काम नहीं कराया गया है और ना ही स्वीकृत किए गए हैं जबकि और वार्डों में कई विकास कार्य हो चुके हैं जिसकी वजह से हम अपने क्षेत्र में नहीं जा पा रहे हैं । जिसे लेकर आज एसडीएम महोदया को ज्ञापन दिया है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि इसकी जांच कराई जाएगी और नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी ।4
- बहु व नाती ने किया मेरी मां पर जुल्म दतिया sp से बोला बेबस बेटा @datia @spdatia #datia #datiadilse #datia #datia #दतिया बहु व नाती ने किया मेरी मां पर जुल्म दतिया sp से बोला बेबस बेटा @datia @spdatia #datia #datiadilse #datia #datia #दतिया1
- ग्वालियर-झांसी हाईवे पर करीब 10 फीट लंबा अजगर, वाहन चालकों में दहशत दतिया के ग्वालियर-झांसी हाईवे पर अब्बास के ढाबे के सामने करीब 10 फीट लंबा अजगर बीच सड़क पर पहुंच गया। अजगर के सड़क पर होने से वाहन चालकों और राहगीरों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि समय रहते अजगर को नहीं पकड़ा गया तो वह किसी वाहन की चपेट में आकर घायल या मृत हो सकता है। वहीं, सड़क से हटने के बाद अजगर आसपास की कॉलोनी में घुसकर लोगों के लिए खतरा बन सकता है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से जल्द मौके पर पहुंचकर अजगर को सुरक्षित पकड़ने की मांग की है।1
- *सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस* *दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार* सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? *डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी* परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। *विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल* सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी? मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।1
- आज धरने में हुईं जेन जी 2क़ी एंट्री, चुनावी नेताओं के खतरे क़ी घंटी ना बन जाये, डबरा नगर पालिका भवन के बाहर धरना स्थल पर युवाओ ने अपना समर्थन दिया1
- स्लग: डबरा में सहेली ने नशीला पदार्थ खिलाकर की चोरी की कोशिश एंकर: डबरा में भरोसे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बचपन की सहेली बनकर घर में आई महिला ने कथित तौर पर कोल्डड्रिंक और लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर परिवार को खिला दिया। परिवार के लोग बेहोश हुए तो महिला ने जेवर चोरी करने की कोशिश की, लेकिन बेटी की आंख खुलने पर वह रंगे हाथों पकड़ी गई। VO: मामला जेल रोड स्थित काली माता मंदिर के पास का है। फरियादिया उर्मिला बघेल की बचपन की सहेली भगवती चौहान घर में रहने आई थी। आरोप है कि उसने स्प्राईट और बूंदी के लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर परिवार को खिलाया, जिसके बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इसी दौरान महिला जेवर चोरी करने लगी, तभी बेटी पूजा की नींद खुल गई और उसने शोर मचा दिया। परिजनों ने महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।4