इंदौर के बिजलपुर क्षेत्र में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है, जहाँ 75 वर्षीय द्रोपती बाई को कागजों में मृत दिखाकर उनकी 100 करोड़ रुपये की जमीन हड़प ली गई। पुलिस ने इस मामले में कुल 14 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। शिकायतकर्ता द्रोपती बाई ने पुलिस को बताया कि पति रणछोड़ की मृत्यु के बाद जमीन उनके नाम दर्ज हुई थी। उनकी अनपढ़ता का लाभ उठाते हुए, ससुराल पक्ष के लोगों ने सरकारी कार्यवाही का बहाना बनाकर कई दस्तावेजों पर उनके अंगूठे लगवा लिए। इसके बाद, उन्हें घर से निकाल दिया गया और गाँव का मकान भी बेच दिया गया। जब द्रोपती बाई अपनी बेटी के पास रहने लगीं और दस्तावेजों की जाँच की गई, तो यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि राजस्व रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शाकर एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किया गया था। इसी फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर उनकी जमीन का नामांतरण करके उसे अन्य लोगों को बेच दिया गया। एसडीएम राऊ की जाँच में भी इस फर्जीवाड़े के संकेत मिलने के बाद यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया। जाँच के बाद डीसीपी के निर्देश पर राजेंद्र नगर पुलिस ने कैलाश चौधरी, शंकर चौधरी, जगदीश चौधरी, प्रकाश चौधरी, विष्णु चौधरी, शांतिलाल चौधरी, रंजन चौधरी, सदन चौधरी, पवित्र चौधरी, पार्वती चौधरी, लखन चौधरी, मनोज चौधरी और रामू सहित कुल 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जाँच कर रही है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र किसने, किस आधार पर और किस विभाग से बनवाया था। इंदौर के एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के अनुसार, इस जाँच में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।
इंदौर के बिजलपुर क्षेत्र में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है, जहाँ 75 वर्षीय द्रोपती बाई को कागजों में मृत दिखाकर उनकी 100 करोड़ रुपये की जमीन हड़प ली गई। पुलिस ने इस मामले में कुल 14 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। शिकायतकर्ता द्रोपती बाई ने पुलिस को बताया कि पति रणछोड़ की मृत्यु के बाद जमीन उनके नाम दर्ज हुई थी। उनकी अनपढ़ता का लाभ उठाते हुए, ससुराल पक्ष के लोगों ने सरकारी कार्यवाही का बहाना बनाकर कई दस्तावेजों पर उनके अंगूठे लगवा लिए। इसके बाद, उन्हें घर से निकाल दिया गया और गाँव का मकान भी बेच दिया गया। जब द्रोपती बाई अपनी बेटी के पास रहने लगीं और दस्तावेजों की जाँच की गई, तो यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि राजस्व रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शाकर एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किया गया था। इसी फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर उनकी जमीन का नामांतरण करके उसे अन्य लोगों को बेच दिया गया। एसडीएम राऊ की जाँच में भी इस फर्जीवाड़े के संकेत मिलने के बाद यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया। जाँच के बाद डीसीपी के निर्देश पर राजेंद्र नगर पुलिस ने कैलाश चौधरी, शंकर चौधरी, जगदीश चौधरी, प्रकाश चौधरी, विष्णु चौधरी, शांतिलाल चौधरी, रंजन चौधरी, सदन चौधरी, पवित्र चौधरी, पार्वती चौधरी, लखन चौधरी, मनोज चौधरी और रामू सहित कुल 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जाँच कर रही है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र किसने, किस आधार पर और किस विभाग से बनवाया था। इंदौर के एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के अनुसार, इस जाँच में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।
- एक अवसर पर समाजवादी पार्टी से जुड़े पत्रकार सुरेश सूरजवानी ने एक सुंदर गीत प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति के लिए उपस्थित सभी लोगों ने उनका आभार व्यक्त किया।1
- दिल्ली पुलिस ने छत्रपति शिवाजी महाराज जी की किताब फेंक दी और कुछ छात्रों के साथ मारपीट की। इस घटना को लेकर फाउंडर अभिजीत दिल्ली पुलिस के तत्काल निलंबन की मांग उठा रहे हैं।1
- बदलते पर्यावरण, बढ़ते तापमान और घटते हरित क्षेत्र के बीच, इंदौर जिले का ग्राम सनावदिया पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा है। गांव के कोटवार देवेंद्र सोलंकी ने अपने निजी प्रयासों और प्रकृति के प्रति समर्पण से एक सुंदर फलोद्यान विकसित किया है, जो न केवल हरियाली का संदेश दे रहा है, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की राह भी दिखा रहा है। इस बगीचे में आम, अमरूद, केला, कटहल, नींबू, आँवला सहित विभिन्न प्रकार के फलदार और छायादार पौधे लगाए गए हैं, जिनकी नियमित देखभाल ने यह साबित किया है कि इच्छाशक्ति और लगन से किया गया छोटा प्रयास भी पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन सकता है, जिससे यह ग्रामीणों, युवाओं और किसानों के लिए सीख का केंद्र बन गया है। इसी क्रम में, ग्राम पंचायत के उप सरपंच प्रकाश रावलिया ने अपने जन्मदिवस पर "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत इस बगीचे में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने जोर दिया कि जन्मदिन जैसे विशेष अवसरों को केवल उत्सव तक सीमित न रखकर समाज और प्रकृति के लिए समर्पित करना चाहिए, जिससे हर व्यक्ति द्वारा अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने से आने वाले वर्षों में गांव, शहर और पूरा प्रदेश हराभरा बन सकता है। समाजसेवी सुरेश यादव ने पर्यावरण संरक्षण को प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बताते हुए ग्रामीणों से आह्वान किया कि प्रत्येक परिवार वर्ष में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसे वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखे, क्योंकि पेड़ केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ भविष्य की भी रक्षा करते हैं। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को बागवानी के आर्थिक महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि पारंपरिक खेती के साथ फलोद्यान विकसित करने से किसानों को वर्षों तक अतिरिक्त और स्थायी आय प्राप्त हो सकती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत और इंदौर प्रशासन बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कोटवार देवेंद्र सोलंकी के इस सराहनीय प्रयास की खुले मन से प्रशंसा करते हुए इसे समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने वाला एक सशक्त अभियान बताया, जिससे गांव के अनेक लोग अब अपने खेतों और घरों के आसपास पौधारोपण के लिए प्रेरित हो रहे हैं। उप सरपंच प्रकाश रावलिया, समाजसेवी सुरेश यादव, कल्याण धाकड़, सुनील यादव दूधिया सहित अनेक गणमान्य नागरिकों और ग्रामीणों ने पौधारोपण कर हरियाली बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण तैयार करने का संकल्प लिया। ग्राम सनावदिया की यह पहल आज पूरे इंदौर जिले के लिए प्रेरणा बन रही है, और ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे हरित अभियान से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ेगी, जलवायु संतुलन मजबूत होगा और मध्य प्रदेश हरियाली के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।1
- Available for Sale Locality : Indore Ujjain road Property Type : Residential Plot इंदौर उज्जैन रोड पर अब आपके बजट में रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्लॉट उपलब्ध है अब दे अपने सपनों को उड़ान और बनाए अपने सपनों का घर लेने के लिए संपर्क करें 9516 9003692
- इंदौर में एक बड़े खुलासे के तहत, बुरहानपुर के अरशद खान नामक व्यक्ति को बजरंग दल ने पकड़ा है। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति 'अश्विन शर्मा' का नाम धारण कर युवतियों से दोस्ती कर रहा था। बजरंग दल ने ही इस पूरी घटना का खुलासा करते हुए अरशद खान को दबोचा है।1
- इंदौर स्थित द्वारकापुरी पुलिस थाने से एक आरोपी हथकड़ी खोलकर फरार हो गया।1
- बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड, जिसकी वारदात शिलांग में हुई थी, एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि राजा रघुवंशी की हत्या ऊंची पहाड़ी से धक्का देकर की गई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हाल ही में सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद मृतक का परिवार लगातार इसका विरोध कर रहा था। अब परिजनों ने बताया है कि शिलांग सरकार इस जमानत आदेश को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रही है, जिसका वे स्वागत करते हैं। राजा रघुवंशी की मां ने भावुक होकर कहा कि उनके बेटे को खोने का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था कि हत्या की आरोपी को जमानत मिल गई। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी का अदालत से मुस्कुराते हुए बाहर आना पूरे परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक था। वहीं, राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने इंदौर से बताया कि परिवार शिलांग सरकार के इस फैसले का आभार व्यक्त करता है। उन्हें पूरा विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट में न्याय मिलेगा और दोषियों को उनके अपराध की सजा मिलेगी। परिवार ने भरोसा जताया है कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा और वे अंतिम सांस तक कानूनी लड़ाई लड़ते रहेंगे।1
- इंदौर में एक लिफ्ट कंपनी के नाम पर ₹6 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सुभाष सोनी नाम के एक व्यक्ति ने लसूड़िया थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने छह महीने पहले अपने घर में 'ए के ओ एन लिफ्ट कंपनी' के कथित मालिक शैलेंद्र राजावत से लिफ्ट लगवाई थी। इसके लिए सुभाष सोनी ने राजावत को ₹6 लाख का भुगतान किया था, लेकिन आरोप है कि राजावत ने लिफ्ट में नकली सामान लगाया। शिकायत के अनुसार, यह लिफ्ट हर दूसरे दिन खराब हो जाती है। जब भी लिफ्ट खराब होती है और शैलेंद्र राजावत को फोन किया जाता है, तो वह एक व्यक्ति को भेज देते हैं, जो केवल दस मिनट में ही वापस चला जाता है। इस स्थिति से परेशान होकर सुभाष सोनी ने अब लसूड़िया थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही इंदौर कमिश्नर श्री संतोष सिंह जी और उपभोक्ता केंद्र पर भी शैलेंद्र राजावत के खिलाफ शिकायत करेंगे और इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम की घोर लापरवाही के चलते एक भीषण हादसा हो गया है, जहाँ एक थार गाड़ी नाले में गिर गई। इस दुर्घटना में गाड़ी में सवार एक 11 महीने की मासूम बच्ची की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। बताया गया है कि गाड़ी में बच्ची के साथ उसकी माँ और नानी भी मौजूद थीं, और वे परिवार की एक बहन को छोड़ने जा रहे थे। यह हादसा आज सुबह पानी भरे नाले पर बेरीकेड न होने के कारण हुआ। आश्चर्यजनक रूप से, दुर्घटना होने के बाद आज सुबह ही उस स्थान पर बेरीकेड लगाए गए। इस घटना के बाद भाजपा सरकार के राज्य में हो रही ऐसी घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, कि आखिर इस तरह की लापरवाही पर नियंत्रण कब होगा।1