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खींवसर पुलिस थाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी को लूंगी पहने हुए थाने पहुंचे पीड़ितों को धमकाते हुए देखा जा सकता है। यह घटना खींवसर विधायक डांगा के बनियान वाले वीडियो के वायरल होने के बाद सामने आई है, जिसने एक बार फिर इलाके में चर्चा छेड़ दी है। इस वायरल वीडियो पर नागौर पुलिस ने अपनी सफाई दी है। पुलिस के अनुसार, यह वीडियो सुबह 6 बजे का है जब संबंधित पुलिसकर्मी लूंगी पहनकर नहाने के लिए जा रहा था। उसी समय, कुछ लोग थाने पहुंच गए और तुरंत मेडिकल करवाने की मांग करने लगे, जिसके बाद यह घटनाक्रम वीडियो में कैद हो गया।
Gordhan ram
खींवसर पुलिस थाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी को लूंगी पहने हुए थाने पहुंचे पीड़ितों को धमकाते हुए देखा जा सकता है। यह घटना खींवसर विधायक डांगा के बनियान वाले वीडियो के वायरल होने के बाद सामने आई है, जिसने एक बार फिर इलाके में चर्चा छेड़ दी है। इस वायरल वीडियो पर नागौर पुलिस ने अपनी सफाई दी है। पुलिस के अनुसार, यह वीडियो सुबह 6 बजे का है जब संबंधित पुलिसकर्मी लूंगी पहनकर नहाने के लिए जा रहा था। उसी समय, कुछ लोग थाने पहुंच गए और तुरंत मेडिकल करवाने की मांग करने लगे, जिसके बाद यह घटनाक्रम वीडियो में कैद हो गया।
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- नागौर कोतवाली पुलिस टीम ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए परीक्षा के दौरान डीजे बजाकर ध्वनि प्रदूषण करने और आमजन को परेशान करने वाले एक पिकअप वाहन को जब्त किया है। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशा राम चौधरी के निर्देशों और वृत्ताधिकारी जतिन जैन के निकटतम पर्यवेक्षण में थानाधिकारी वेदपाल शिवराण के नेतृत्व में की गई। पुलिस को गश्त के दौरान सउनि कैलाश दान को डीडवाना बाईपास फाटक के आसपास एक व्यक्ति द्वारा जोर-जोर से डीजे बजाकर परेशान करने की सूचना मिली थी। इस पर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पिकअप वाहन नम्बर आरजे-21 जीई 0160 मय डीजे साउण्ड को जब्त कर लिया। वाहन को धारा 207 एमवी एक्ट के तहत जब्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, यह डीजे 05 जुलाई 2026 को नागौर कस्बे में परीक्षा के दौरान जोर-जोर से बजाया जा रहा था, जिससे आमजन को परेशानी हो रही थी। अग्रिम कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग को सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे डीजे साउण्ड का उपयोग न करें, अन्यथा नियमानुसार विधि सम्मत कार्यवाही की जाएगी।2
- जोधपुर के पाबूपुरा इलाके में पहली बारिश ने ऐसे हालात पैदा कर दिए कि सड़कें पूरी तरह से पानी में डूब गईं और कई मकानों के नीचे की स्थिति भी चिंताजनक हो गई। स्थानीय लोगों के लगातार प्रशासन को सूचित करने के बावजूद, स्थिति में कोई सुधार देखने को नहीं मिला, जिससे यहाँ की गलियों में जलभराव के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, नरेंद्र, बादल, करण, सोनू और उनके साथियों सहित कई युवाओं ने सामूहिक रूप से अपनी आवाज़ उठाई। उन्होंने प्रशासन के समक्ष संबंधित अधिकारियों से पानी निकासी की उचित व्यवस्था के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। युवाओं का मानना है कि इस समस्या का समाधान बेहद ज़रूरी है ताकि स्थानीय निवासी बिना किसी बाधा के अपनी रोज़मर्रा की गतिविधियों को जारी रख सकें। इन युवाओं ने इस उम्मीद के साथ यह कदम उठाया है कि प्रशासन जल्द से जल्द उनकी मदद करेगा और पानी निकालने का प्रबंध करेगा, जिससे उनके क्षेत्र की स्थिति में सुधार आ सके।1
- जोधपुर में 06 जुलाई 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट का पुराना कचहरी परिसर वर्षा के पानी से पूरी तरह जलमग्न हो गया। परिसर में पानी भर जाने के कारण आम जनता को कोर्ट परिसर के अंदर आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।1
- राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिसके परिणामस्वरूप तेज़ बारिश हो रही है। इस बारिश के चलते शहर की सड़कों पर जलभराव और भारी ट्रैफिक की समस्या सामने आई है, जहाँ वाहन बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं। स्थिति यह है कि मौके पर एम्बुलेंस भी मौजूद है, जिससे लोगों में चिंता का माहौल है; हालांकि, अभी तक किसी बड़ी दुर्घटना की कोई सूचना नहीं है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतें और जब तक कोई आवश्यक कार्य न हो, तब तक घर से बाहर न निकलें। प्रशासन इस पूरी स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और आगे की हर अपडेट के लिए जुड़े रहने का आग्रह किया गया है।2
- रियान बड़ी क्षेत्र में राजस्व विभाग ने जड़ाऊ मार्ग पर स्थित सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटा दिया है। यह कार्रवाई भू-अभिलेख निरीक्षक रणजीत सिंह चौहान, भू-अभिलेख निरीक्षक चेना राम और पटवारी समय सिंह मीणा की मौजूदगी में जेसीबी मशीन की सहायता से की गई। प्रशासन को सरकारी भूमि पर लंबे समय से किए गए अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के बाद राजस्व विभाग ने मौके पर पहुंचकर भूमि का निरीक्षण किया और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया। जेसीबी मशीन का उपयोग कर भूमि पर बने अस्थायी निर्माणों और अन्य अवैध कब्जों को ध्वस्त किया गया, जिससे सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गई। इस कार्रवाई के दौरान, राजस्व विभाग के अधिकारियों ने संबंधित लोगों को सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जा न करने की सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ भी एकत्रित हो गई थी, जिसे प्रशासनिक टीम ने शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाया। अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता है, और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। राजस्व विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण न करें। साथ ही, यदि कहीं अवैध कब्जे की जानकारी हो तो उसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने दोहराया कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और सरकारी भूमि को सुरक्षित रखने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण भी किए जाएंगे।1
- पानी की गंभीर समस्या के बीच जनता की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है। एक गांव के बुजुर्ग ने जानकारी दी है कि एक विधायक जी ने उनसे कहा कि नहर का पानी पीने से महिलाएं भाग जाएंगी।1
- नागौर पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए दिए गए निर्देशों की पालना में एक बड़ी कार्रवाई की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नागौर, आशा राम चौधरी (आर.पी.एस.) द्वारा जारी निर्देशों के तहत तथा वृत्ताधिकारी, वृत्त नागौर, जतिन जैन (आई.पी.एस.) के निकट पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई हुई। इस अभियान में पुलिस थाना सदर नागौर के थानाधिकारी, निरीक्षक सुरेश कसवा मय टीम और उप-निरीक्षक मुकेश कुमार मय डी.एस.टी. टीम नागौर शामिल थे। दिनांक 05 जुलाई 2026 की रात्रि में जोधपुर रोड, नागौर से अवैध बजरी से भरे हुए 04 डम्परों को जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षा के लिए खड़ा करवाया गया है। इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई हेतु खनिज विभाग नागौर और परिवहन विभाग नागौर को सूचित कर दिया गया है।2
- देवकरण जाजड़ा की मौत के मामले में प्रशासन के साथ अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। इस गतिरोध के चलते जेएलएन अस्पताल के बाहर प्रदर्शनकारियों का धरना लगातार जारी है।1