भागलपुर जिला के सन्हौला प्रखंड अंतर्गत माधोपुर बथानी पंचायत स्थित मध्य विद्यालय डोभी के प्रधानाध्यापक पर ग्रामीण और छात्र-छात्राएं गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मीडिया से बात करते हुए विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में न तो समय पर घंटी के अनुसार पढ़ाई होती है और न ही पर्याप्त शिक्षक हैं। शिक्षकों की कमी के बहाने अन्य शिक्षक भी बच्चों को पढ़ाते नहीं हैं। इसके साथ ही, मध्यान भोजन भी मेनू के हिसाब से समय पर नहीं मिलता। पूर्व में प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा की गई जांच में भी विद्यालय के चावल में कीड़े पाए गए थे। उस समय मिली हिदायत के बाद प्रधानाध्यापक ने चावल को सुरक्षित रखने के लिए कई कोठियों की व्यवस्था की थी, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इन कोठियों के चावल में भी अभी तक कीड़े मिल रहे हैं। यह स्थिति मध्यान भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है, जहाँ कभी कीड़े वाला भोजन मिलता है तो कभी समुचित खाना ही नहीं। इन आरोपों के बीच, पुर पंचायत के लिए ग्रामीण विकास विभाग की ओर से सोशल ऑडिट के लिए आई महिलाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऑडिट के लिए उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय डोभी में ही संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और सहायक शिक्षकों को बुलाकर जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जबकि महिलाओं ने खुद बताया कि वे अभी तक केवल पाँच विद्यालयों का ही दौरा कर पाई हैं। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि सोशल ऑडिट में महिलाओं द्वारा सही जानकारी नहीं दी जा रही है। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि जब सोशल ऑडिट में गलत रिपोर्ट जाएगी, तो विभाग विद्यालय की स्थितियों में सुधार कैसे ला पाएगा और लोगों की शिकायतें सरकार तक कैसे पहुँचेंगी, जब जांच के लिए आई महिला पदाधिकारी स्कूल-स्कूल जाकर ऑडिट करने के बजाय एक ही जगह बैठकर जांच निपटा रही हैं।
भागलपुर जिला के सन्हौला प्रखंड अंतर्गत माधोपुर बथानी पंचायत स्थित मध्य विद्यालय डोभी के प्रधानाध्यापक पर ग्रामीण और छात्र-छात्राएं गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मीडिया से बात करते हुए विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में न तो समय पर घंटी के अनुसार पढ़ाई होती है और न ही पर्याप्त शिक्षक हैं। शिक्षकों की कमी के बहाने अन्य शिक्षक भी बच्चों को पढ़ाते नहीं हैं। इसके साथ ही, मध्यान भोजन भी मेनू के हिसाब से समय पर नहीं मिलता। पूर्व में प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा की गई जांच में भी विद्यालय के चावल में कीड़े पाए गए थे। उस समय मिली हिदायत के बाद प्रधानाध्यापक ने चावल को सुरक्षित रखने के लिए कई कोठियों की व्यवस्था की थी, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इन कोठियों के चावल में भी अभी तक कीड़े मिल रहे हैं। यह स्थिति मध्यान भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है, जहाँ कभी कीड़े वाला भोजन मिलता है तो कभी समुचित खाना ही नहीं। इन आरोपों के बीच, पुर पंचायत के लिए ग्रामीण विकास विभाग की ओर से सोशल ऑडिट के लिए आई महिलाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऑडिट के लिए उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय डोभी में ही संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और सहायक शिक्षकों को बुलाकर जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जबकि महिलाओं ने खुद बताया कि वे अभी तक केवल पाँच विद्यालयों का ही दौरा कर पाई हैं। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि सोशल ऑडिट में महिलाओं द्वारा सही जानकारी नहीं दी जा रही है। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि जब सोशल ऑडिट में गलत रिपोर्ट जाएगी, तो विभाग विद्यालय की स्थितियों में सुधार कैसे ला पाएगा और लोगों की शिकायतें सरकार तक कैसे पहुँचेंगी, जब जांच के लिए आई महिला पदाधिकारी स्कूल-स्कूल जाकर ऑडिट करने के बजाय एक ही जगह बैठकर जांच निपटा रही हैं।
- भागलपुर जिला के कहलगांव अनुमंडल अंतर्गत कलगीगंज में मंडल पदाधिकारी कहलगांव के निर्देशन पर दो पक्षों के बीच की विवादित भूमि की नापी और सीमांकन का कार्य दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र पुलिस बल की उपस्थिति में शुरू किया गया। दंडाधिकारी के तौर पर नगर पंचायत कहलगांव के स्वच्छता पदाधिकारी राहुल कुमार मौके पर उपस्थित रहे। शुक्रवार को संध्या 5:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, विवादित जमीन की नापी कर सीमांकन करना था, लेकिन दूसरे पक्ष की ओर से लगातार बढ़ते जा रहे विवाद के कारण विशेष तौर पर पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र पुलिस बल की नियुक्ति की गई थी। इसके बावजूद भी जमीन की पूरी नापी संपन्न नहीं हो पाई।1
- हैकर्स अब WhatsApp खातों को हैक करने के लिए नई तरकीबों का इस्तेमाल कर रहे हैं। 'मगही शेर अभिषेक रंजन' नामक पेज ने जनता से सच की आवाज बनने का आग्रह करते हुए अपने पेज को फॉलो करने की अपील की है।1
- मनीष कश्यप इथेनॉल के मुद्दे पर भड़क उठे हैं। उन्होंने इस विषय को लेकर नितिन गडकरी से कई तीखे सवाल किए हैं।1
- भागलपुर जिले के कहलगांव में एक पति के मजदूरी करने के लिए जाने के बाद उसकी पत्नी अपने तीन बच्चों को लेकर लापता हो गई है।1
- भागलपुर के कहलगांव स्थित शिवनारायणपुर के किसान त्रिलोकी ने पहली बार मखाना की खेती की है, जिससे वे अत्यंत प्रसन्न हैं। उन्होंने उन्नत बीज उपलब्ध कराने के लिए भागलपुर के कृषि विभाग और बिहार सरकार के कृषि मंत्री का विशेष आभार व्यक्त किया है। यह खेती इस वजह से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार में मखाना की खेती और उसका उत्पादन उन्नतिशील माना जाता है। बिहार का स्वादिष्ट मखाना विदेशों में भी काफी मांग में रहता है।1
- बांका जिले के धोरैया प्रखंड में स्थित बैजनाथपुर पुल पर शुक्रवार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, एक बाइक सवार अचानक सड़क पर मुंह के बल गिर पड़ा, जिससे उसके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की सूचना पर घायल व्यक्ति को धोरैया अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में जान गंवाने वाले बाइक सवार की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।1