SDOT संसद प्रदर्शन सूचकांक में गोपालगंज के सांसद देश में चौथे स्थान पर डेटा आधारित मूल्यांकन में डॉ. आलोक कुमार सुमन शीर्ष सांसदों में शामिल फोटो गोपालगंज। जिले के लिए गर्व का विषय है। कि जिले के सांसद डॉ आलोक कुमार सुमन को देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सांसदों में शामिल किया गया है। SDOT (Social Democratic Observation Team) द्वारा जारी “संसद प्रदर्शन सूचकांक” में डॉ. आलोक कुमार सुमन ने देशभर में चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह सूचकांक सांसदों के कार्यों का विश्लेषण आधिकारिक संसदीय रिकॉर्ड्स के आधार पर करता है। जिसमें उपस्थिति, प्रश्न पूछना, बहसों में भागीदारी, संसदीय जांच, समितियों में योगदान और जनहित से जुड़ी पहल जैसे ठोस मानकों को शामिल किया गया है। विदित हो की डॉ. आलोक कुमार सुमन का जीवन संघर्ष और सेवा का प्रतीक रहा है। गरीबी में जन्म लेकर, स्कूल की फीस चुकाने के लिए बाल मजदूरी करने वाले डॉ. सुमन ने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त की और आगे चलकर बिहार चिकित्सा सेवाओं में उप निदेशक के पद से सेवानिवृत्त होकर प्रसिद्ध सर्जन बने। चिकित्सा सेवा के बाद उन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया। सांसद के रूप में डॉ. आलोक कुमार सुमन ने संसद में निरंतर उपस्थिति, जनहित से जुड़े मुद्दों पर सवाल, और नीतिगत बहसों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से गोपालगंज और बिहार की आवाज को मजबूती से उठाया है। SDOT की रिपोर्ट में उन्हें एक डेटा-आधारित, कर्मठ और ज़मीन से जुड़े सांसद के रूप में चिन्हित किया गया है। SDOT के अनुसार, यह सूचकांक इस बात को रेखांकित करता है कि संसद में वास्तविक योगदान शोर से नहीं, बल्कि निरंतर कार्य, जवाबदेही और भागीदारी से पहचाना जाता है।डॉ. आलोक कुमार सुमन ने इस उपलब्धि को गोपालगंज की जनता के विश्वास और सहयोग को समर्पित करते हुए कहा कि वे आगे भी पूरे समर्पण के साथ क्षेत्र और देश के हित में कार्य करते रहेंगे। SDOT संसद प्रदर्शन सूचकांक लोकतांत्रिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो यह दिखाता है कि संसद में वास्तव में कौन काम करता है। ज़िलेवासियों में चर्चा है कि सांसद का हर सत्र में उपस्थित रहना, हर मुद्दे पर सक्रिय होना, उनके काम के प्रति ईमानदारी को दर्शाता है—और जनता इसे गर्व के रूप में देखती है। लोगों का कहना है कि उनके सांसद दिखावे से ज़्यादा ज़िम्मेदारी को प्राथमिकता देते हैं।निजी कार्यक्रमों में कम दिखते हैं, क्योंकि संसद में उपस्थिति और जनहित का काम उनके लिए पहले आता है।ज़िलें के सांसद डॉक्टर आलोक कुमार सुमन के भारत के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सांसदों मे शामिल होने पर ज़िलें के बुद्धिजीवी वर्ग ने कहा की शादी समारोह या निजी कार्यकर्मों में कम दिखना उदासीनता नहीं, बल्कि संसद के प्रति उनकी प्राथमिकता और ज़िम्मेदारी को दर्शाता है।ज़िलेवासियों का मानना है कि यही वजह है कि वे संसद के हर सत्र में उपस्थित रहते हैं और गोपालगंज की आवाज़ कभी गायब नहीं होती....
SDOT संसद प्रदर्शन सूचकांक में गोपालगंज के सांसद देश में चौथे स्थान पर डेटा आधारित मूल्यांकन में डॉ. आलोक कुमार सुमन शीर्ष सांसदों में शामिल फोटो गोपालगंज। जिले के लिए गर्व का विषय है। कि जिले के सांसद डॉ आलोक कुमार सुमन को देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सांसदों में शामिल किया गया है। SDOT (Social Democratic Observation Team) द्वारा जारी “संसद प्रदर्शन सूचकांक” में डॉ. आलोक कुमार सुमन ने देशभर में चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह सूचकांक सांसदों के कार्यों का विश्लेषण आधिकारिक संसदीय रिकॉर्ड्स के आधार पर करता है। जिसमें उपस्थिति, प्रश्न पूछना, बहसों में भागीदारी, संसदीय जांच, समितियों में योगदान और जनहित से जुड़ी पहल जैसे ठोस मानकों को शामिल किया गया है। विदित हो की डॉ. आलोक कुमार सुमन का जीवन संघर्ष और सेवा का प्रतीक रहा है। गरीबी में जन्म लेकर, स्कूल की फीस चुकाने के लिए बाल मजदूरी करने वाले डॉ. सुमन ने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त की और आगे चलकर बिहार चिकित्सा सेवाओं में उप निदेशक के पद से सेवानिवृत्त होकर प्रसिद्ध सर्जन बने। चिकित्सा सेवा के बाद उन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया। सांसद के रूप में डॉ. आलोक कुमार सुमन ने संसद में निरंतर उपस्थिति, जनहित से जुड़े मुद्दों पर सवाल, और नीतिगत बहसों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से गोपालगंज और बिहार की आवाज को मजबूती से उठाया है। SDOT की रिपोर्ट में उन्हें एक डेटा-आधारित, कर्मठ और ज़मीन से जुड़े सांसद के रूप में चिन्हित किया गया है। SDOT के अनुसार, यह सूचकांक इस बात को रेखांकित करता है कि संसद में वास्तविक योगदान शोर से नहीं, बल्कि निरंतर कार्य, जवाबदेही और भागीदारी से पहचाना जाता है।डॉ. आलोक कुमार सुमन ने इस उपलब्धि को गोपालगंज की जनता के विश्वास और सहयोग को समर्पित करते हुए कहा कि वे आगे भी पूरे समर्पण के साथ क्षेत्र और देश के हित में कार्य करते रहेंगे। SDOT संसद प्रदर्शन सूचकांक लोकतांत्रिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो यह दिखाता है कि संसद में वास्तव में कौन काम करता है। ज़िलेवासियों में चर्चा है कि सांसद का हर सत्र में उपस्थित रहना, हर मुद्दे पर सक्रिय होना, उनके काम के प्रति ईमानदारी को दर्शाता है—और जनता इसे गर्व के रूप में देखती है। लोगों का कहना है कि उनके सांसद दिखावे से ज़्यादा ज़िम्मेदारी को प्राथमिकता देते हैं।निजी कार्यक्रमों में कम दिखते हैं, क्योंकि संसद में उपस्थिति और जनहित का काम उनके लिए पहले आता है।ज़िलें के सांसद डॉक्टर आलोक कुमार सुमन के भारत के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सांसदों मे शामिल होने पर ज़िलें के बुद्धिजीवी वर्ग ने कहा की शादी समारोह या निजी कार्यकर्मों में कम दिखना उदासीनता नहीं, बल्कि संसद के प्रति उनकी प्राथमिकता और ज़िम्मेदारी को दर्शाता है।ज़िलेवासियों का मानना है कि यही वजह है कि वे संसद के हर सत्र में उपस्थित रहते हैं और गोपालगंज की आवाज़ कभी गायब नहीं होती....
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- ब्रेकिंग न्यूज : गोपालगंज के कुचायकोट थाना क्षेत्र के खजूरी गांव में छेड़खानी का विरोध करने पर हुई मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल बीए की छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। युवती की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और शव को कुचायकोट थाना के मुख्य गेट पर रखकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की गई। मृतका की पहचान खजुरी गांव निवासी शत्रुघ्न प्रसाद की 18 वर्षीय पुत्री रागिनी कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, 1 जनवरी को रागिनी खेत में साग तोड़ने गई थी। इसी दौरान गांव के ही युवक राजकुमार ने उसके साथ छेडखानी की। जब रागिनी ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने अभद्रता किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद रागिनी ने अपने परिजनों को बताया। इसके बाद परिजन आरोपी के घर शिकायत करने पहुंचे, जहां आरोपी राजकुमार और उसके परिजनों ने उनके साथ मारपीट शूरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षो के बीच जमकर मारपीट हो गर्ई। इस दौरान रागिनी, मां, भाई और पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। मारपीट में रागिनी और उसकी मां को गंभीर चोटें आर्ई थीं रागिनी की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गर्ई। वहीं उसकी मां का डलाज गोरखपर में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। परिजनों ने बताया कि रागिनी बीए की छात्रा थी। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। कुचायकोट थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मॉडल अस्पताल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, घटना को लेकर दोनों पक्षों से मिले आवेदन के आधार पर पहले ही दोनों पक्षों से एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब छात्रा की मौत के बाद मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई की जाएगी...1
- जिला जनसंपर्क कार्यालय, पश्चिम चम्पारण, बेतिया। प्रेस विज्ञप्ति (संख्या - 01) 16 January. माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की पश्चिम चम्पारण जिले में आयोजित समृद्धि यात्रा कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात जिला पदाधिकारी श्री तरण जोत सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया प्रतिनिधियों को यात्रा से जुड़े प्रमुख विंदुओं एवं मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। 16.01.2026.1