अशोकनगर जिले के जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र में आगामी राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान (28 से 30 जून 2026) को सफलतापूर्वक संचालित करने के उद्देश्य से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलका त्रिवेदी के निर्देशन में जिला नियमित टीकाकरण (RI) टीम द्वारा संपन्न कराया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले की लगभग 80 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 80 सहायिकाओं ने भाग लिया। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जयकृत सिंह राजपूत ने पल्स पोलियो अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 28 से 30 जून तक घर-घर और बूथ स्तर पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाते समय किन-किन बिंदुओं का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने अभियान के महत्व, लक्ष्य और कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला, साथ ही सभी प्रतिभागियों को उनकी जिम्मेदारियों, बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान आईएफएम राकेश बैरागी ने पोलियो रोग, उसके दुष्प्रभावों और अभियान की आवश्यकता के संबंध में जानकारी दी, वहीं के.पी. साहू (डीवीएस) ने वैक्सीन के सुरक्षित भंडारण, कोल्ड चेन प्रबंधन एवं वैक्सीन हैंडलिंग की जानकारी प्रदान की। पंकज शर्मा (वीसीसीएम) ने समुदाय में जनजागरूकता बढ़ाने और अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में मार्गदर्शन दिया। महिला बाल विकास से सुपरवाइजर प्रियंका पंवार और आरआईडीएम प्रियंका सोनी भी इस प्रशिक्षण में उपस्थित रहीं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से अपील की है कि वे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं और यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक 0 से 5 वर्ष तक के बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाई जाए।
अशोकनगर जिले के जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र में आगामी राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान (28 से 30 जून 2026) को सफलतापूर्वक संचालित करने के उद्देश्य से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलका त्रिवेदी के निर्देशन में जिला नियमित टीकाकरण (RI) टीम द्वारा संपन्न कराया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले की लगभग 80 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 80 सहायिकाओं ने भाग लिया। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जयकृत सिंह राजपूत ने पल्स पोलियो अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 28 से 30 जून तक घर-घर और बूथ स्तर पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाते समय किन-किन बिंदुओं का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने अभियान के महत्व, लक्ष्य और कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला, साथ ही सभी प्रतिभागियों को उनकी जिम्मेदारियों, बच्चों
तक पहुंच सुनिश्चित करने और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान आईएफएम राकेश बैरागी ने पोलियो रोग, उसके दुष्प्रभावों और अभियान की आवश्यकता के संबंध में जानकारी दी, वहीं के.पी. साहू (डीवीएस) ने वैक्सीन के सुरक्षित भंडारण, कोल्ड चेन प्रबंधन एवं वैक्सीन हैंडलिंग की जानकारी प्रदान की। पंकज शर्मा (वीसीसीएम) ने समुदाय में जनजागरूकता बढ़ाने और अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में मार्गदर्शन दिया। महिला बाल विकास से सुपरवाइजर प्रियंका पंवार और आरआईडीएम प्रियंका सोनी भी इस प्रशिक्षण में उपस्थित रहीं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से अपील की है कि वे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं और यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक 0 से 5 वर्ष तक के बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाई जाए।
- बीना में रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बेघर हुए परिवार अब अपने पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। सागर गेट से कादंबरी वाटिका तक रेल पटरी किनारे हटाए गए अतिक्रमण से प्रभावित इन परिवारों ने गांधी तिराहा पर धरना शुरू कर दिया है। इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है, जिस पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए संज्ञान लिया है। यह आंदोलन परिवारों द्वारा आवास की आस में किया जा रहा है।1
- एक परीक्षा छूटने का दर्द वही समझ सकता है जिसने अपने सपनों के लिए वर्षों तक संघर्ष किया हो, और बेटियों की आँखों में आए आँसू इस व्यवस्था की सबसे बड़ी नाकामी को दर्शाते हैं। हाल ही में, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, हैदराबाद, राजस्थान, तेलंगाना और विदिशा में Re-NEET परीक्षा देने पहुँचीं तीन बेटियों के साथ ऐसा ही हुआ, जहाँ 'चन्द्र मिनट लेट' की लापरवाही ने उनके सपनों के दरवाज़े बंद कर दिए। इस घटना ने कई स्थानों पर सिस्टम की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पोस्ट में साफ तौर पर यह भी पूछा गया है कि क्या राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और हैदराबाद यूनिवर्सिटी में परीक्षा के नाम पर महज़ मज़ाक चल रहा है।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड की दुखद घटना के मद्देनजर, सीएम योगी ने अपना निर्धारित दौरा रद्द कर दिया है। वह तत्काल वापस लखनऊ पहुंचे और इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।2
- अशोकनगर में उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर और बिजली दरों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, उन्होंने कलेक्ट्रेट तक एक रैली निकाली, जिसमें उन्होंने संबंधित नीति को वापस लेने की मांग की।1
- झाँसी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुई कुर्सी फेंकने की घटना अब चर्चा का मुख्य विषय बन गई है। इस घटना के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई और इसके पीछे क्या कारण थे। जनता के बीच यह चर्चा व्यापक रूप से चल रही है कि यदि किसी जनप्रतिनिधि को मंच पर उचित स्थान नहीं मिला, तो क्या इस तरह की प्रतिक्रिया उचित मानी जा सकती है। इसके साथ ही, कई लोग यह भी पूछ रहे हैं कि संबंधित जनप्रतिनिधि ने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र और जनता के लिए कौन-कौन से उल्लेखनीय कार्य किए हैं। प्रयागराज से लेकर ललितपुर तक के क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले इस जनप्रतिनिधि की आम जनता के बीच कितनी पहचान है और उन्होंने जनहित के मुद्दों पर कितनी सक्रियता दिखाई है, यह प्रश्न भी अब सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह माँग उठ रही है कि जनप्रतिनिधि या उनके समर्थक जनता के सामने उनके कार्यों, उपलब्धियों और क्षेत्र में उनके योगदान की जानकारी प्रस्तुत करें। इससे लोगों को उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान का सही आकलन करने का अवसर मिल सकेगा। वहीं, कुछ लोगों ने संगठन और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि किसी स्तर पर पद और प्रभाव का गलत इस्तेमाल हो रहा है, तो इसकी गंभीरता से समीक्षा की जानी चाहिए। फिलहाल, इस घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है और लोग पूरे मामले पर स्पष्ट जानकारी सामने आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।2
- राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा ने जनगणना 2027 के पहले चरण में ओबीसी वर्ग के आंकड़े अलग से दर्ज न किए जाने के विरोध में तहसील कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है। मोर्चा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में चल रही हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया में परिवार की श्रेणी दर्ज करने के लिए केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और 'अन्य' के विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में ओबीसी वर्ग के लिए अलग से कोई विकल्प नहीं रखा गया है, जिसके कारण उनके आंकड़े अलग से दर्ज नहीं हो पाएंगे। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने इस पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है, जिससे ओबीसी जातिगत गणना को लेकर विरोध और बढ़ गया है।1
- विदिशा शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कई इलाकों में लोगों के घरों तक पहुँच रहे नलों के पानी में मृत कीड़े निकल रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि नलों से आने वाला पानी सिर्फ गंदा और बदबूदार ही नहीं, बल्कि इसमें मृत कीड़े भी दिखाई दे रहे हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इन गंभीर शिकायतों के बाद पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई दिनों से नलों में गंदा पानी आ रहा है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। पानी में मृत कीड़े मिलने की शिकायतों के लगातार बढ़ने के बाद नगर पालिका हरकत में आई। सीएमओ दुर्गेश ठाकुर ने बताया कि शिकायत वाले क्षेत्रों से पानी के सैंपल जाँच के लिए भेजे गए हैं और दो पानी की टंकियों की तत्काल सफाई कराई गई है। नगर पालिका अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किस कारण से पानी में मृत कीड़े पहुँच रहे हैं, वहीं वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पानी की गुणवत्ता की भी जाँच कराई जा रही है।4