उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ कुरारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेतवा नदी पर बन रहे कंडौर-मोराकांदर पुल पर रात के समय एक भीषण हादसा हो गया। मौसम विभाग द्वारा आंधी-पानी का अलर्ट जारी होने के बावजूद पुल का निर्माण कार्य रात में भी लगातार जारी था। इसी दौरान अचानक आए तेज आंधी-तूफान के कारण निर्माणाधीन पुल की सटरिंग पूरी तरह ढह गई। सटरिंग गिरने के साथ ही पुल की भारी-भरकम स्लैब और कोठी भी नीचे आ गिरी, जिससे वहाँ काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस दर्दनाक हादसे में 6 लोगों की मौके पर ही मौत होने की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे के नीचे अभी भी कई अन्य मजदूरों के दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम, सीओ व कई थानों की पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुँच गई। राहत और बचाव कार्य को तेज करने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी काम पर लगाया गया है, और मलबे को हटाने के लिए कई जेसीबी मशीनें लगातार कार्यरत हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे के पूरी तरह साफ होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हमीरपुर के जिलाधिकारी (DM) अभिषेक गोयल और एडीजी ज्योति नारायण ने घटनास्थल पर राहत कार्य का जायजा लेते हुए बताया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुँचाना है, जिसके लिए रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। वहीं, भाजपा की जिला अध्यक्ष शकुंतला निषाद ने भी मौके पर पहुँचकर पीड़ित परिवारों को ढाँढस बंधाया और सरकार की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमीरपुर में हुए इस हादसे का तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को ₹5-5 लाख रुपये और घायलों के इलाज के लिए ₹50-50 हजार रुपये की त्वरित आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी करने और घायलों को तत्काल मुफ्त व उच्च स्तरीय इलाज मुहैया कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन अब इस बात की भी जाँच कर सकता है कि आंधी-तूफान के आधिकारिक अलर्ट के बावजूद रात के समय निर्माण कार्य क्यों जारी रखा गया था।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ कुरारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेतवा नदी पर बन रहे कंडौर-मोराकांदर पुल पर रात के समय एक भीषण हादसा हो गया। मौसम विभाग द्वारा आंधी-पानी का अलर्ट जारी होने के बावजूद पुल का निर्माण कार्य रात में भी लगातार जारी था। इसी दौरान अचानक आए तेज आंधी-तूफान के कारण निर्माणाधीन पुल की सटरिंग पूरी तरह ढह गई। सटरिंग गिरने के साथ ही पुल की भारी-भरकम स्लैब और कोठी भी नीचे आ गिरी, जिससे वहाँ काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस दर्दनाक हादसे में 6 लोगों की मौके पर ही मौत होने की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे के नीचे अभी भी कई अन्य मजदूरों के दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया और मामले
की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम, सीओ व कई थानों की पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुँच गई। राहत और बचाव कार्य को तेज करने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी काम पर लगाया गया है, और मलबे को हटाने के लिए कई जेसीबी मशीनें लगातार कार्यरत हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे के पूरी तरह साफ होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हमीरपुर के जिलाधिकारी (DM) अभिषेक गोयल और एडीजी ज्योति नारायण ने घटनास्थल पर राहत कार्य का जायजा लेते हुए बताया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुँचाना है, जिसके लिए रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। वहीं, भाजपा की जिला अध्यक्ष शकुंतला निषाद ने भी मौके पर पहुँचकर
पीड़ित परिवारों को ढाँढस बंधाया और सरकार की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमीरपुर में हुए इस हादसे का तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को ₹5-5 लाख रुपये और घायलों के इलाज के लिए ₹50-50 हजार रुपये की त्वरित आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी करने और घायलों को तत्काल मुफ्त व उच्च स्तरीय इलाज मुहैया कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन अब इस बात की भी जाँच कर सकता है कि आंधी-तूफान के आधिकारिक अलर्ट के बावजूद रात के समय निर्माण कार्य क्यों जारी रखा गया था।
- घाटमपुर क्षेत्र की एक पुरानी मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय विधायक सरोज कुरील ने घाटमपुर चीनी मिल को फिर से शुरू करने के प्रयासों में तेजी ला दी है। उन्होंने इस संबंध में प्रमुख सचिव, औद्योगिक विकास से व्यक्तिगत मुलाकात कर मिल के दोबारा संचालन पर विस्तार से चर्चा की और शासन स्तर पर दबाव बढ़ाया। विधायक कुरील ने प्रमुख सचिव को घाटमपुर क्षेत्र की जमीनी हकीकत से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र कभी गन्ना बेल्ट के रूप में जाना जाता था और आज भी बड़ी संख्या में किसान गन्ना उगाते हैं। मिल बंद होने के कारण किसानों को गन्ने का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। इसके साथ ही, मिल के बंद होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर काफी कम हो गए हैं, जिससे युवाओं का बड़े पैमाने पर पलायन बढ़ा है। छोटे व्यापारी और मजदूर परिवार भी इस स्थिति से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, और मिल बंद होने का क्षेत्र की समग्र अर्थव्यवस्था पर गहरा नकारात्मक असर पड़ा है। सरोज कुरील ने जोर देकर कहा कि मिल के संबंध में कोई भी सर्वेक्षण केवल लखनऊ या कानपुर में बैठकर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि अधिकारी स्वयं क्षेत्र में आकर किसानों और व्यापारियों से सीधे बात करें और वास्तविक स्थिति का आकलन करें, क्योंकि घाटमपुर आज भी गन्ना खेती के लिए एक मजबूत आधार है। विधायक ने आरोप लगाया कि यह मिल पिछली सपा-बसपा सरकारों के 'किसान विरोधी' फैसलों के कारण बंद हुई थी, जिसका खामियाजा किसान और युवा आज भी भुगत रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह किसानों के हित में एक ठोस निर्णय लेकर मिल को दोबारा चालू करे। क्षेत्रीय जनता और किसान संगठनों ने विधायक सरोज कुरील के इन सक्रिय प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उनके लगातार संघर्ष के परिणामस्वरूप जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और घाटमपुर चीनी मिल का पुनः संचालन संभव हो पाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात स्थित फतेहपुर मुशांगन से मोहम्मद अनीश कुरैशी ने यह सवाल उठाया है कि 'कौन जनबरी के कितने दाँत होते हैं?'1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जुरिया गांव निवासी किसान बालकराम की रेलवे ट्रैक पार करते समय तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, बालकराम पुत्र केसे लाल अपनी खेती से जुड़े कार्य के सिलसिले में खानपुर चैन गांव जा रहे थे। उन्होंने वहां कुछ जमीन बटाई पर दे रखी थी और फसल की तौल कराने के लिए घर से निकले थे। बताया गया कि जैसे ही वह दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना को देखकर आसपास मौजूद ग्रामीण दहल उठे और उन्होंने तुरंत पुलिस व परिजनों को सूचना दी। रेलवे प्रशासन से मेमो मिलने के बाद झींझक चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। उपनिरीक्षक बृजमोहन सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। कुछ ही देर में मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए, और शव की पहचान होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मृतक की पत्नी जय देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि बेटे सानू और सनी गहरे सदमे में हैं। गांव के लोगों की आंखें भी इस दर्दनाक हादसे को देखकर नम हो गईं। झींझक चौकी इंचार्ज उमेश शर्मा ने शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।1
- राजधानी दिल्ली के कंझावला में एक भीड़ ने 25-वर्षीय एक हिन्दू युवक की कथित तौर पर हत्या कर दी है। पीड़ित पर एक घर में चोरी का इल्ज़ाम लगाया गया था, लेकिन लोगों का आरोप है कि युवक को 'मुस्लिम समझकर' बुरी तरह से मारा गया और उस पर चोरी का झूठा आरोप लगाया गया था।1
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफ़नी ट्रंप और उनके पति माइकल बुलोस हाल ही में उत्तर प्रदेश के आगरा पहुंचे, जहाँ उन्होंने दुनिया की सबसे मशहूर ऐतिहासिक इमारतों में से एक ताजमहल का दीदार किया। ताजमहल पहुँचने पर इस दंपति ने खूबसूरत स्मारक को करीब से देखा और इसकी अनुपम वास्तुकला की जमकर तारीफ की। इस हाई-प्रोफाइल दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए थे। टिफ़नी ट्रंप और माइकल बुलोस के आगमन की खबर मिलते ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला, और कई लोगों ने इस खास अवसर की तस्वीरें और वीडियो अपने कैमरों में कैद किए। यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ताजमहल को भारत की पहचान माना जाता है और यह हर साल लाखों विदेशी पर्यटकों को आगरा आकर्षित करता है। ट्रंप परिवार के सदस्य के इस दौरे ने एक बार फिर ताजमहल को अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है। फिलहाल, इस यादगार विजिट की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रही हैं।1
- जनपद हमीरपुर में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई, जिसके चलते लालपुरा थाना क्षेत्र में बेतवा नदी पर परसनी और कुरारा कंदौर गांव के बीच निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में छह मजदूरों, लोकेन्द्र (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र चौहान (34) और राजेश पाल (42) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अवधेश निषाद, कल्लू यादव और राजेश निषाद गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि पुल का निर्माण कार्य दो शिफ्टों में चल रहा था और आंधी-तूफान के बीच स्लैब ढहने के समय दूसरी शिफ्ट के मजदूर ऊपर काम कर रहे थे, जबकि पहली शिफ्ट के कुछ मजदूर नीचे आराम कर रहे थे या ऊपरी हिस्से पर सो रहे थे, जिससे वे मलबे में दब गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया है, वहीं लालपुरा थाना प्रभारी राजेश कुमार सरोज ने बताया कि मलबा हटाने का काम जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य व्यक्ति मलबे में दबा न हो। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य को तेजी से संचालित करने के निर्देश भी दिए हैं।1